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पुलवामा शहीदों के परिवार रिलायंस फाउंडेशन से क्यों नाराज हैं?

पुलवामा हमले को एक साल हो चुका है. 14 फरवरी, 2019 को एक आत्मघाती हमलावर ने विस्फोटकों से भरी कार को सीआरपीएफ के काफिले से भिड़ा दिया था. पाकिस्तान के आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने इसकी जिम्मेदारी ली थी.

शहीद जवानों के परिवारों की मदद के लिए कई हाथ आगे बढ़े थे. CRPF ने कहा था कि प्रत्येक परिवार को एक करोड़ रुपये तक की मदद दी जाएगी. सरकार ने शहीद के करीबी रिश्तेदार को सरकारी नौकरी देने का वादा भी किया था. कई NGOs ने भी मदद का ऐलान किया था. इंडिया टुडे ने पुलवामा हमले के एक साल के मौके पर शहीदों के परिवारों से बात की. और जाना कि क्या उन तक मदद पहुंची.

पुलवामा हमले में शहीदों के परिवार आज भी न्याय का इंतज़ार कर रहे हैं. शहीद रतन ठाकुर का परिवार जांच से ख़ुश नहीं है
पुलवामा हमले में शहीदों के परिवार आज भी न्याय का इंतज़ार कर रहे हैं. शहीद रतन ठाकुर का परिवार जांच से ख़ुश नहीं है

लगभग सभी परिवारों ने कहा कि सरकार ने जो वादे किए थे उन्हें पूरा किया है. इसमें मुआवजे की रकम देने के साथ ही सरकारी नौकरी भी दी गई. लेकिन बहुत से परिवारों ने एक शिकायत की. यह रिलायंस फाउंडेशन से जुड़ी हुई थी. रिलायंस फाउंडेशन ने शहीदों के बच्चों की पढ़ाई-लिखाई का खर्च उठाने का ऐलान किया था. काफी सारे शहीदों के परिवारों ने कहा कि उन्हें रिलायंस फाउंडेशन से मदद नहीं मिली.

रिलायंस फाउंडेशन.
रिलायंस फाउंडेशन.

रिलायंस फाउंडेशन ने क्या कहा था-
“हमारे प्यारे सैन्य बल की सेवा में सरकार अगर हमें कोई जिम्मेदारी देती है तो इसे हम अपना कर्तव्य मानेंगे. संपूर्ण रिलायंस परिवार जम्मू-कश्मीर में सीआरपीएफ के दस्ते पर हुए बर्बर आतंकवादी हमले में शहीद हुए 40 जवानों को लेकर गुस्से में पूरी तरह साझेदार है. वह शहीदों के बच्चों की शिक्षा और रोजगार का जिम्मा उठाने को तैयार है. वह पीड़ित परिवारों की आजीविका का इंतजाम करने की जिम्मेदारी भी लेगा. जरूरत पड़ने पर उसके अस्पताल घायल जवानों के इलाज के लिए तैयार हैं.’


शहीदों के परिवार ने क्या कहा
– बिहार के शहीद रतन ठाकुर के पिता ने India Today की टीम से कहा कि अंबानी (रिलायंस) फाउंडेशन ने जो वादा किया था, वह नहीं निभाया. बल्कि स्थानीय संगठनों और स्कूल ने जो वादा किया था वह निभा दिया.
– झारखंड के विजय सोरेंग भी पुलवामा हमले में शहीद हो गए थे. उनके पिता वृष सोरेंग ने बताया कि बच्चों को रिलायंस की तरफ से दी जाने वाली फ्री शिक्षा नहीं दी जा रही है.
– उत्तर प्रदेश के अवधेश यादव के पिता ने भी ऐसा ही कुछ कहा. उन्होंने कहा कि उनके पास किसी फाउंडेशन से फोन नहीं आया. वैसे उनका पोता अभी छोटा है और स्कूल नहीं जाता.
– उत्तर प्रदेश के आगरा के शहीद कौशल रावत के परिवार ने भी रिलायंस फाउंडेशन को घेरा. कौशल के चचेरे भाई सत्य प्रकाश रावत ने बताया कि रिलायंस फाउंडेशन ने शहीद के बच्चों के स्कूल फॉर्म भरवाए, उसके बाद कोई मदद नहीं मिली.

लेकिन महाराष्ट्र के शहीद संजय राजपूत की पत्नी ने कहा कि उन्हें रिलायंस फाउंडेशन से मदद मिली है. उन्होंने कहा कि फाउंडेशन ने शिक्षा की जो जिम्मेदारी ली है वह पूरी हो रही है.


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