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ब्राज़ील का वो राष्ट्रपति, जो तानाशाहों का फैन है और महिलाओं को 'वेश्या' कहता है

Never miss a good crisis. 

– एक कहावत

किसी ‘अच्छे’ संकट का फायदा उठाकर कोई सत्ता के शीर्ष तक भी पहुंच सकता है.

ब्राज़ील. साउथ अमेरिका महाद्वीप का देश. एरिया के हिसाब से दुनिया का पांचवां और जनसंख्या के हिसाब से छठा सबसे बड़ा देश. कार्निवल, सांबा, फुटबॉल और अमेज़न के जंगलों वाला ब्राज़ील. 1964 में ये देश आर्थिक तंगी से जूझ रहा था. तब के राष्ट्रपति जोआ गुला को लेकर लोग गुस्से में थे. 1 अप्रैल को तख्तापलट हुआ. सेना ने लेफ्ट सरकार को उखाड़ फेंका और तब आया हिंसा, सेंसरशिप, टॉर्चर का दौर, जिसे अगले 21 साल तक चलना था.

ब्राज़ील साउथ अमेरिका महाद्वीप का सबसे बड़ा देश है. साउथ अमेरिका महाद्वीप पर ब्राज़ील की लोकेशन. फोटो: Google Maps
ब्राज़ील साउथ अमेरिका महाद्वीप का सबसे बड़ा देश है. साउथ अमेरिका महाद्वीप पर ब्राज़ील की लोकेशन. फोटो: Google Maps

इतने बरस की सैन्य तानाशाही के बाद 1985 में इस देश में लोकतंत्र उगा. इसे ‘न्यू रिपब्लिक’ कहा गया. इसी दौरान सेना का एक कैप्टन चर्चा में आया. उसने सेना में रहते हुए 1986 में ‘वेजा’ मैगज़ीन को इंटरव्यू दिया. सेना में कम वेतन को लेकर उसने सवाल उठाए. कई ‘भीतरी राज़’ बताए. कहा कि हाईकमान लोगों को बजट कम होने की वजह से निकाल रहा है. अगले साल इसी मैगज़ीन ने एक स्टोरी छापी, जिसने कैप्टन पर आरोप लगाए कि उसने रियो डी जेनेरियो में मिलिट्री यूनिट पर बम प्लांट करवाए. इसे कैप्टन ने ‘फैंटेसी’ बताया. बाद में सेना के एक ब्यूरो ने कैप्टन को दोषी पाया. कैप्टन 15 दिनों के लिए हिरासत में रहा. मामला सुप्रीम मिलिट्री कोर्ट गया. सबूतों के अभाव में उसे बरी कर दिया गया. बाद में कैप्टन ने सेना छोड़ दी और 1989 में राजनीति में एंट्री ली.

सेना का ये पूर्व कैप्टन आज ब्राज़ील का राष्ट्रपति है. जायेर बोल्सोनारो. 21 साल की इस सैन्य तानाशाही को ब्राज़ील का ‘स्वर्णिम युग’ बताने वाले बोल्सोनारो. 26 जनवरी को रिपब्लिक डे प्रोग्राम में हिस्सा लेने भारत आ रहे हैं. मेहमान बनकर.

#ट्रंप ऑफ ट्रॉपिक्स

बोल्सोनारो. एक शख्स, जिसके आगे ‘विवादित’ शब्द जुड़ा हुआ है. अपनी बातों और हरकतों की वजह से. धुर दक्षिणपंथी बोल्सोनारो महिला विरोधी, रेसिस्ट, होमोफोबिक बयान दे चुके हैं. उनकी इस ‘कमाई’ की वजह से उन्हें कई लोग Trump of Tropics भी कहते हैं. क्यों? ब्राज़ील से ट्रॉपिक ऑफ कैप्रिकॉर्न (मकर रेखा) गुज़रती है.

7 अक्टूबर, 2018 को दो दशकों से ज़्यादा समय से सत्ता में बैठी लेफ्ट की वर्कर्स पार्टी को हराकर बोल्सोनारो सत्ता में आए. उन्होंने फर्नांडो हद्दाद को हराया और 1 जनवरी, 2019 को पद संभाला. बोल्सोनारो को 55.1 फीसदी वोट मिले. राष्ट्रपति चुने जाने तक वो कंजर्वेटिव सोशल लिबरल पार्टी से जुड़े थे. बाद में ‘एलायंस फॉर ब्राज़ील’ नाम से अलग पार्टी बना ली. इससे पहले कई पार्टियां बदल चुके थे. अपने चुनावी कैंपेन के दौरान वो लेफ्ट से जुड़े लोगों को ‘रेड्स’ और ‘आतंकी’ बुलाते थे. लेफ्ट शासन के दौरान बढ़े ड्रग गैंगवार, भ्रष्टाचार और हत्याओं को उन्होंने मुद्दा बनाया और एक ‘अच्छे संकट’ का फायदा उठाकर सत्ता तक पहुंचे. उन्होंने नागरिकों को हथियार रखने का खुलकर समर्थन किया और कहा कि ह्यूमन राइट्स सिर्फ अपराधियों, बलात्कारियों, किडनैपर्स और भ्रष्टाचारियों की रक्षा करते हैं.

दुनियाभर में हावी हो रहे दक्षिणपंथ के तमाम लक्षण उनमें और उनकी पार्टी में भी दिखाई देते हैं. जैसे- फेक न्यूज़. उनकी पार्टी पर आरोप लगे कि चुनाव प्रचार के दौरान फेक न्यूज़ का सहारा लिया गया. उनके बेटे ने एक ट्वीट किया था, जिसमें चुनाव की मशीन बोल्सोनारो के प्रतिद्वंद्वी फर्नांडो हद्दाद को चुनती हुई दिखायी दे रही थी. बाद में इसे फेक पाया गया. प्रचार के दौरान उन्होंने खु़द को एक राष्ट्रवादी, आउटसाइडर और पारिवारिक मूल्यों के हितैषी की तरह प्रोजेक्ट किया. ट्रंप की तर्ज पर उन्होंने ‘ब्राज़ील फर्स्ट’ का नारा दिया और प्रचार में सोशल मीडिया का जमकर इस्तेमाल किया.

ब्रासिलिया में हुए 11वें BRICS समिट में पीएम मोदी ने जायेर को मुख्य अतिथि के रूप में रिपब्लिक डे पर बुलाने की बात कही. जायेर ने उनका निमंत्रण स्वीकार भी कर लिया. फोटो: ANI
ब्राजीलिया में हुए 11वें BRICS समिट में पीएम मोदी ने जायेर को मुख्य अतिथि के रूप में रिपब्लिक डे पर बुलाने की बात कही. जायेर ने उनका निमंत्रण स्वीकार भी कर लिया. फोटो: ANI

#बोल्सोनारो के रेडिकल विचार

बोल्सोनारो रेडिकल खयालों वाले हैं. उन्हें धुर दक्षिणपंथी कहा जाता है, लेकिन वो ख़ुद को ‘सिर्फ’ दक्षिणपंथी कहते हैं. सेम सेक्स मैरिज, होमोसेक्सुएलिटी, अबॉर्शन, लिबरलाइजेशन, पर्यावरण से जुड़े रेगुलेशन, शरणार्थियों और सेक्युलरिज्म के कट्टर विरोधी हैं. हालांकि बोल्सोनारो इस बात से इनकार करते हैं कि वो होमोफोबिक और मिसोजिनिस्ट हैं. उनके इस ‘दावे’ को इन बयानों से मैच किया जा सकता है:

#होमोसेक्सुअलिटी पर 

एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा था,

किसी पिता को गे बेटा होने पर गर्व नहीं होता. ब्राज़ील में कोई अभी इसके लिए तैयार नहीं है. जब आपका बेटा गे होने लगे और उसके व्यवहार में परिवर्तन आने लगे, आप उसे थप्पड़ मारिए. मैं एक गे बेटे से प्यार नहीं कर सकता. इससे अच्छा मैं एक्सीडेंट में मरना पसंद करूंगा.

अगर मेरी बिल्डिंग में कोई गे कपल रहने आएगा, तो उसकी कीमत घट जाएगी. अगर वो आस-पास हाथ पकड़कर चलें, एक दूसरे को चूमें, तो उसकी कीमत गिर जाएगी. कोई भी इस डर के मारे ये इसलिए नहीं कहता कि कहीं उसे होमोफोब (समलैंगिकों से घृणा करने वाला) का तमगा न मिल जाए.

एक रिपोर्टर से उन्होंने कहा- तुम बुरी तरह होमोसेक्सुअल दिखते हो.

#रेसिज़्म

उनसे एक सवाल किया गया कि अगर आपके बेटे को एक ब्लैक लड़की से प्यार हो जाए तो? इस पर उन्होंने जवाब दिया कि ऐसा होने की संभावना ही नहीं है, क्योंकि उसकी (बेटे की) परवरिश अच्छी हुई है.

बोल्सोनारो ने अपनी कैबिनेट में 7 रिटायर्ड मिलिटरी अफसरों को जगह दी है. फोटो: ANI
बोल्सोनारो ने अपनी कैबिनेट में 7 रिटायर्ड मिलिटरी अफसरों को जगह दी है. फोटो: ANI

#सेक्युलरिज़्म 

एक कार्यक्रम में बोल्सोनारो ने कहा था :

ईश्वर सबसे ऊपर है. धर्मनिरपेक्ष राज्य का कोई इतिहास नहीं रहा है. ये एक ईसाई राज्य है. जो इसके खिलाफ हैं, वो  इसे छोड़कर जा सकते हैं. अल्पसंख्यकों को बहुसंख्यकों के सामने झुकना ही होगा.

#महिलाओं पर

बोल्सोनारो ने कहा कि वे टॉर्चर के समर्थन में हैं. एक महिला सांसद से उनकी झड़प हो गई. बोल्सोनारो ने तब बेहूदी बात कही,

मैं तुम्हारा रेप नहीं करूंगा, क्योंकि तुम इस लायक नहीं हो. तुम बदसूरत हो.

इस पर महिला ने जवाब दिया, ‘मुझे उम्मीद है, तुम ऐसा न करो, क्योंकि मैं तुम्हें थप्पड़ मार दूंगी.’

इस पर बोल्सोनारो का जवाब आया,

मारो थप्पड़. मैं भी थप्पड़ मारूंगा. तुम वेश्या हो.

महिलाओं की मैटरनिटी लीव पर बोल्सोनारो बोले,

ब्राज़ील में बिजनेस की दुनिया का हाल देखकर मुझे दुःख होता है, क्योंकि इतने सारे लेबर लॉज़ वाले इस देश में बॉस होना एक दुर्भाग्य है. एक पुरुष और एक जवान महिला के बीच अगर चुनना हो, तो व्यवसायी क्या सोचेगा? इस औरत की उंगली पर तो अंगूठी है (यानी इसकी सगाई हो गई है), जल्द ही प्रेगनेंट हो जाएगी, फिर छह महीने की मैटरनिटी लीव पर चली जाएगी. इन सबके पैसे कौन देगा? जिसका बिजनेस है वो. अंत में पैसा सोशल सिक्योरिटी से कट जाएगा, लेकिन काम का फ्लो तो टूट गया ना! और जब वो वापस आएगी, तो एक महीने की छुट्टी भी लेगी. आखिर में एक साल में सिर्फ पांच महीने काम करेगी.

अप्रैल, 2017 में उन्होंने कहा कि उनके चार बेटे और एक बेटी हैं और उनके ‘एक कमज़ोर क्षण’ की वजह से बेटी पैदा हो गई.

बोल्सोनारो के इन विचारों को लेकर विरोध भी हुआ. तमाम महिलाएं सड़कों पर उतरीं. सड़कों पर लोगों ने Ele não के नारे लगाए, जिसका मतलब होता है, ‘वो नहीं.’ 6 सितंबर, 2018 को चुनावी अभियान के दौरान उनके पेट पर चाकू मार दिया गया. बाद में पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया, जिसे एक लेफ्ट पार्टी से जुड़ा हुआ बताया गया.

सड़कों पर उतरी महिलाएं.
सड़कों पर उतरी महिलाएं.

#बंदूकों और हिंसा की वकालत

बोल्सोनारो गन कंट्रोल कानूनों के ख़िलाफ़ हैं. सत्ता में आने के बाद उन्होंने ऐलान किया कि वो पुलिस को अपराधियों को मारने की ज़्यादा आज़ादी और नागरिकों को हथियार रखने की छूट दे रहे हैं. ब्राज़ील में फिलहाल मौत की सज़ा पर रोक है. बोल्सोनारो मौत की सज़ा की वकालत करते हैं.

उन्होंने कहा,

एक गन हमारी ज़्यादा रक्षा करती है. हमारी स्वतंत्रता की रक्षा करती है. अगर कोई आपके घर में गन के साथ घुसता है और आपको पता नहीं है कि उसे शूट करें या नहीं, तो आप मर गए. आपको शूट करना ही होगा. इस अपराधी को समझना होगा कि अगर वो प्राइवेट प्रॉपर्टी में घुसता है, तो उसके परिणाम भुगतेगा.

2018 के अपने चुनावी प्रचार में उन्होंने कहा कि ब्राज़ील को बदलने का एक ही रास्ता है कि तीस हज़ार लोगों को मार दिया जाए. इसकी शुरुआत फर्नांडो कारदोसो (तत्कालीन राष्ट्रपति) से हो.

#तानाशाहों के फैन और ‘हिटलर’ होने के आरोप

बोल्सोनारो कई तानाशाहों के भी प्रशंसक रहे हैं. चिली में ऑगस्तो पिनोशे के शासन में 3,000 लोग मारे गए थे. बोल्सोनारो ने कहा कि पिनोशे को और लोगों को मारना चाहिए था. 2018 के अपने चुनावी प्रचार में उन्होंने कहा कि ब्राज़ील को बदलने का एक ही रास्ता है कि तीस हज़ार लोगों को मार दिया जाए. इसकी शुरुआत फर्नांडो कारदोसो (तत्कालीन राष्ट्रपति) से हो.

विपक्षी बोल्सोनारो पर तानाशाही का आरोप लगाते हैं और उन्हें हिटलर बताते हैं. कुछ दिनों पहले बोल्सोनारो को अपने संस्कृति मंत्री रॉबर्टो अलविम को दबाव में हटाना पड़ा. अलविम ने ब्राज़ीलियन आर्ट को लेकर एक नाज़ी स्पीच छापी थी.

#शिक्षा व्यवस्था, प्रेस और मीडिया पर 

एक रिपोर्ट के मुताबिक, बोल्सोनारो को कई पत्रकारों और मीडिया पर हमले का ज़िम्मेदार भी बताया गया. बोल्सोनारो ने जनवरी की शुरुआत में कहा कि स्कूली बच्चों की किताबों में बहुत ज़्यादा कंटेंट है. इसे कम किए जाने की ज़रूरत है. साथ ही जोड़ा कि 2021 तक सारी किताबें हमारी होंगी और उनके ऊपर ब्राज़ील का झंडा और एंथम होगा. उन्होंने दावा किया कि ब्राज़ील की शिक्षा व्यवस्था में बैठे मूर्ख बच्चों के बीच जेंडर की विचारधारा फैला रहे हैं, जिसमें लड़कों को स्कर्ट पहनने को कहा जाता है. इसके अलावा उन्होंने स्कूलों में ‘गे किट’ शब्द का इस्तेमाल किया.

ब्राज़ील का झंडा
ब्राज़ील का झंडा

#अमेज़न के जंगलों की आग

ब्राजील में दुनिया के सबसे बड़े जंगल हैं, जिन्हें अमेजन बेसिन कहते हैं. 2019 में यहां सबसे भीषण आग लगी. बोल्सोनारो ने कहा कि मीडिया इसे बढ़ा-चढ़ाकर पेश कर रहा है. इसके पीछे उन्होंने लियोनार्डो डीकैप्रियो के एनजीओ का हाथ बताया और कहा कि ब्राज़ील अपने पर्यावरण को लेकर गंभीर है. हालांकि कहा गया कि बोल्सोनारो जलवायु परिवर्तन के दावों को ख़ारिज करते हैं. उनकी सरकार के विदेश मंत्री ने इसे ‘मार्क्सवादियों’ का एक प्लॉट बताया. यहां तक कि बोल्सोनारो ने यूएन की क्लाइमेट चेंज कॉन्फ्रेंस को होस्ट करने से मना कर दिया था.


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