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वो स्टारकिड जिसने अपना डेब्यू हीरो बनकर किया लेकिन एक गूंगा साइडकिक बनकर रह गया

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जीतेंद्र बॉलीवुड के उन स्टार्स में से हैं, जिनके बारे में कहा जाता है कि उन्हें उनका ड्यू कभी नहीं मिला. वो खुद मानते हैं कि उन्हें आज तक किसी अवॉर्ड के लिए नॉमिनेट तक नहीं किया गया. उन्हें बॉलीवुड ने नाम भी दिया तो क्या ‘जंपिग जैक’. खैर, हम ज़्यादा डिटेलिंग में नहीं जाएंगे क्योंकि ये खबर जीतेंद्र और उनकी उपलब्धियों के बारे में बारे में बिलकुल नहीं है. आज बात हो रही है उनके औरस पुत्र तुषार कपूर की. तुषार साल 2000 के आसपास आई एक्टर्स की नई खेप से बिलॉन्ग करते हैं. लाइक्स ऑफ ऋतिक रौशन, अभिषेक बच्चन, करीना कपूर, ईशा देओल. हालांकि इस खेप का सर्वाइवल रेट काफी बुरा रहा. ऋतिक-करीना को छोड़कर कोई भी अपने लिए वो करियर नहीं बना पाया, जिसके बारे में आज 20 साल बाद भी बात की जा सके.

तुषार कपूर ने अपने करियर की शुरुआत काफी धाकड़ तरीके से की थी. लगा मार्केट में कोई ऐसा आया है, जो ऋतिक रौशन के नए-नए स्टारडम को चुनौती दे सकता है. लेकिन आज की तारीख में ऋतिक ने अपने लिए जिस तरह का आइलस्ट्रियस करियर बनाया है, उसके सामने तुषार कहीं नहीं टिकते. लेकिन ऐसा नहीं है कि वो मार्केट से गायब ही हो गए हों. हर कुछ साल में उनकी एक ‘गोलमाल’ सीरीज़ की फिल्म आ ही जाती है. और वो काफी पसंद की जाती है. तुषार ने अपने शुरुआती दिनों में जो किया, वो कुछ खास यादगार काम नहीं है. ये उन्हें भी पता है. उनकी लेगेसी ‘गोलमाल’ सीरीज़ है, जिसकी वजह से वो गाहे-बगाहे ही सही लेकिन याद किए जाते रहेंगे. 20 नवंबर को तुषार का बर्थडे होता है. फेसबुक वाला नहीं ओरिजिनल वाला. आज हम तुषार की उस जर्नी के बारे में जानेंगे, जिसे पूरा करने के बावजूद वो कहीं नहीं पहुंच पाए.

# पर्क्स ऑफ बींग अ स्टार किड

ऊपर वाली लाइन का मतलब है स्टार किड होने के फायदे. लेकिन पहले स्टार किड के बनने की कहानी जानते हैं. 1976 में जीतेंद्र अपनी फिल्म ‘दिलदार’ (जो 1977 में रिलीज़ हुई) की शूटिंग कर रहे थे. इसी दौरान उन्हें खबर मिली की उन्हें बेटा पैदा हुआ है. नाम क्या रखा गया, वो आपको पता है. शुरुआती पढ़ाई-लिखाई बॉम्बे स्कॉटिश स्कूल से हुई. इसी स्कूल में अभिषेक बच्चन और ऋतिक रौशन जैसे बाकी के स्टार किड्स भी पढ़ते थे. ऐसे कई सबूत मिले हैं, जिससे पता चलता है कि तुषार मैथ्स में अच्छे थे. क्लास में भी लगातार टॉप फाइव में रहते थे. स्कूलिंग वगैरह खत्म करने के बाद इन्हें बिज़नेस की पढ़ाई करने के लिए यूनिवर्सिटी ऑफ मिशिगन (अमेरिका में है) भेजा गया. वहां ये बीबीए (बैचेलर्स ऑफ बिज़नेस एडमिनिस्ट्रेशन) की पढ़ाई कर रहे थे. लेकिन वहां पढ़ते हुए उन्हें रियलाइज़ हुआ कि उनका इंट्रेस्ट बिज़नेस में तो नहीं है. वो फिल्म इंडस्ट्री जॉइन करना चाहते थे. लेकिन तब तक ये नहीं पता था कि फिल्मों में क्या करेंगे. इसी सोच के साथ इंडिया आए.

उस दौरान डेविड धवन सलमान खान और संजय दत्त के साथ ‘चल मेरे भाई’ बना रहे थे. तुषार ने डेविड को जॉइन कर लिया. बतौर असिस्टेंट डायरेक्टर. अभी असिस्टेंट डायरेक्टरी करते 4 महीने ही हुए थे कि इनकी मुलाकात (प्रोड्यूसर और जैकी भगनानी के पप्पा) वासु भगनानी से हो गई. वासु उन दिनों के एक फिल्म बना रहे थे. तुषार से मिलते ही उन्होंने ‘मुझे कुछ कहना है’ ऑफर कर दी. सबहेड का सार यही है. यूं ही किसी को कोई फिल्म प्रोड्यूसर मिलते ही अपनी फिल्म का हीरो नहीं चुन लेता. उसके लिए आपको जीतेंद्र का बेटा होना होता है. खैर, तुषार को लगा कि ऐसा मौका हाथ से जाने देना बेवकूफी होगी. इसलिए उन्होंने वो फिल्म साइन की और एक्टिंग सीखने लगे. रौशन तनेजा से लेकर महेंद्र वर्मा ने उन्हें एक्टिंग की ट्रेनिंग दी. वो फिल्म बनकर तैयार हुई और सबकी उम्मीदों से परे बड़ी हिट रही. साल की सबसे बड़ी सरप्राइज़ हिट.

फिल्म 'मुझे कुछ कहना है' के एक सीन में तुषार कपूर और करीना कपूर. तुषार के करियर की ये पहली फिल्म थी और करीना की दूसरी.
फिल्म ‘मुझे कुछ कहना है’ के एक सीन में तुषार कपूर और करीना कपूर. तुषार के करियर की ये पहली फिल्म थी और करीना की दूसरी.

# अमिताभ को पड़ने वाले थप्पड़ ने तुषार को सबसे बड़ी फिल्म दिला दी

तुषार ने अपने करियर की शुरुआत तो काफी धमाकेदार तरीके से की थी. लेकिन रिलीज़ होती फिल्में और बीतते समय के साथ उनकी पहली फिल्म को तुक्का माना गया, जो गलती से सही जगह फिट हो गया. आगे उन्होंने ‘क्या दिल ने कहा’, ‘जीना सिर्फ मेरे लिए’, ‘कुछ तो है’ और ‘शर्त’ जैसी फिल्मों में काम किया. लेकिन इनमें से कोई भी फिल्म जनता, क्रिटिक्स और तुषार की उम्मीदों पर खरी नहीं उतर पाई. लेकिन फिर भी तुषार को काम मिलना बंद नहीं हुआ था. 2004 में तुषार को उनके करियर की सबसे बड़ी फिल्म मिली. इसमें उन्हें अमिताभ बच्चन, अजय देवगन, अक्षय कुमार और ऐश्वर्या राय जैसे सुपरस्टार्स के साथ काम करने का मौका मिला. लेकिन उन्हें इस फिल्म के मिलने के पीछे बड़ा मज़ेदार किस्सा है.

बड़ी मानी हुई इंटरनेशनल सिनेमा वेबसाइट है आईएमडीबी (इंटरनेट मूवी डेटाबेस). इनके मुताबिक पहले इस फिल्म में अक्षय खन्ना काम करने वाले थे. लेकिन फिल्म में एक सीन था, जहां अक्षय खन्ना को अपने साथी से अमिताभ बच्चन को थप्पड़ मारने के लिए कहना था. अक्षय को लगा ये अमिताभ जैसे स्टार के लिए बड़ा डिसरेस्पेक्टफुल होगा. इसलिए उन्होंने ये फिल्म ही छोड़ दी. बाद में उस सब इंस्पेक्टर के रोल में तुषार कपूर ने अक्षय को रिप्लेस किया. लेकिन इस किस्से में एक दिक्कत है. यहां जो सीन अक्षय खन्ना के हिस्से बताया गया है, एक्चुअली फिल्म में वो अजय देवगन करते दिखाई देते हैं. ये बदलाव या तो अक्षय के फिल्म छोड़ने के बाद किया गया, या फिर आइएमडीबी ने मेजर गूफ अप किया है. हम फिल्म तो नहीं दिखा सकते लेकिन फिल्म ‘खाकी’ का ट्रेलर आप यहां देख सकते हैं:

# जिस फिल्म को फूहड़ बताया बाद में खुद वैसी ही फिल्म की

अपने करियर की शुरुआत में (टू बी वेरी प्रीसाइज़ मई, 2002) तुषार ने न्यूज़ वेबसाइट रेडिफ को इंटरव्यू दिया था. इसमें उन्होंने बताया था कि उन्हें ‘गॉदफादर’, ‘डर्टी रॉटेन स्काउंड्रेल’ और ‘टर्मिनेटर’ जैसी फिल्में पसंद हैं. बिना पूछे उन्होंने इसमें आगे जोड़ा-

Corny humour like American Pie bores me to death.

यानी

 ‘अमेरिकन पाई’ जैसी अजबोगरीब ह्यूमर वाली फिल्में मुझे हद से ज़्यादा बोर करती हैं.

‘अमेरिकन पाई’ टीन मूवी सीरीज़ है. इसे सेक्स कॉमेडी वाले जॉनर में बड़ी आसानी से रखा जा सकता है. इस सीरीज़ की यूएसपी ये थी कि इसकी हर फिल्म में न्यूड सीन्स ज़रूर होते थे. इसलिए ये यूथ के बीच काफी पॉपुलर थी. अब तुषार पर आते हैं. 2004 में आई ‘खाकी’ के बाद साइन की गई उनकी अगली फिल्म थी ‘क्या कूल हैं हम’. इंडिया की शुरुआती सेक्स कॉमेडी फिल्मों में से एक. इस फिल्म की रिलीज़ के बाद तुषार ने द टेलीग्राफ को एक इंटरव्यू दिया. यहां उन्होंने ‘क्या कूल है हम’ की तुलना ‘अमेरिकन पाई’ से करते हुए कहा-

”जो लोग अमेरिकन पाई जैसी फिल्में पसंद करते हैं, वो हमारी फिल्म के बारे में गलत बातें कर रहे हैं. ये बात मुझे बिलकुल समझ नहीं आती है.”

आपको यहां तुषार की बात समझ आ रही है क्या?

फिल्म 'क्या कूल हैं हम' के पोस्टर पर नेहा धूपिया, ईशा कोप्पिकर और रितेश देशमुख के साथ तुषार कपूर.
फिल्म ‘क्या कूल हैं हम’ के पोस्टर पर नेहा धूपिया, ईशा कोप्पिकर और रितेश देशमुख के साथ तुषार कपूर.

# जब तुषार अचानक से हॉलीवुड स्टार बन गए

‘क्या कूल हैं हम’ के बाद से लेकर तुषार ने अब तक 20 से ज़्यादा फिल्मों में काम किया है. गेस्ट अपीयरेंस मिलाकर. लेकिन ‘गोलमाल सीरीज़’ के अलावा सिर्फ तीन ही फिल्में ऐसी हैं, जिसे कॉन्टेंट और परफॉर्मेंस के लेवल पर अच्छी फिल्मों में गिना गया. ‘शूटआउट ऐट लोखंडवाला’ (2007), ‘शोर इन द सिटी’ और ‘द डर्टी पिक्चर’ (2011). ‘मुझे कुछ कहना है’ जैसे प्रॉमिसिंग डेब्यू से तुषार की करियर रूपी फ्लाइट जो बस टेक ऑफ ही हुई थी, वो बीच में ही क्रैश हो गई. और ये क्रैश कई ऐस्पायरिंग एक्टर्स और स्टारकिड्स के लिए क्रैश कोर्स जैसा है. खैर, अब सबहेड वाली बात पर आते हैं. कहा जाता है कि दुनिया एक जैसे दिखने वाले 7 लोग होते हैं. तुषार को अब सिर्फ पांच लोग ढूंढ़ने है, जो उनके जैसे दिखते हैं. क्योंकि उन्हें अपने जैसा दिखने वाला एक शख्स मिल चुका है.

बुझव्वल ज़्यादा हो गया. अब किस्सा सुन लीजिए. 2012 में तुषार तिरुपति बालाजी गए हुए थे. बालाजी से उनके परिवार का गहरा कनेक्शन रहा है. उनकी बहन एकता कपूर के प्रोडक्शन हाउस का नाम भी ‘बालाजी टेलीफिल्म्स’. तुषार बालाजी विज़िट करने के लिए आंध्र प्रदेश गए हुए थे. वहां अचानक उन्हें अपनी पीछे से किसी अंग्रेज़ की चिल्लाती हुई आवाज़ सुनाई पड़ी. उन्होंने पीछे मुड़कर देखा, तो उनके एक विदेशी टूरिस्ट फिलिप नाम से पुकार रहा था. हुआ ये था कि तुषार की शक्ल ‘सीएसआई’ (CSI), ‘सर्वाइवर्स’ और ’24’ जैसे हॉलीवुड प्रोजेक्ट्स में काम कर चुके एक्टर फिलिप रीज़ से मिलती है. अगर आपको यकीन नहीं है, तो नीचे लगी उन दोनों की तस्वीरें देखकर अंतर ढूंढ़ सकते हैं.

इन दो तस्वीरों में जो है, उस अनकैनी सिमिलैरिटी कहते हैं. क्लैरिटी के लिए बता दें कि फिलिप रीज़ दाहिनी वाली तस्वीर में हैं.
इन दो तस्वीरों में जो है, उस अनकैनी सिमिलैरिटी कहते हैं. क्लैरिटी के लिए बता दें कि फिलिप रीज़ दाहिनी वाली तस्वीर में हैं.

# तुषार के करियर में ‘गोलमाल है भाई सब गोलमाल है’

हमने इस आर्टिकल की शुरुआत में भी इस बात का ज़िक्र किया है कि तुषार कपूर को गोलमाल सीरीज़ में उनके गूंगे किरदार ‘लकी’ के लिए हमेशा याद किया जाएगा. हालांकि तुषार को अपने इस किरदार के पनपने के पीछे का किस्सा नहीं याद लेकिन लोगों को उनका ये किरदार याद है. दिक्कत क्या है कि जनता के पास और कोई चारा नहीं है. तुषार रेगुलर इंटरवल में फिल्मों में तो दिखाई देते रहते हैं लेकिन उनका कैरेक्टर ऐसा नहीं होता, जिसे नोटिस किया जा सके. कुल जमा उनके पास ‘गोलमाल’ ही है, जहां उन्हें अपना टैलेंट दिखाने का मौका मिलता है. अब वो फिल्मों से इतर वेब वर्ल्ड में भी हाथ आज़मा रहे हैं. कुछ ही दिन पहले उनकी वेब सीरीज़ ‘बू सबकी फटेगी’ आई थी, जो उनकी बहन एकता कपूर ने प्रोड्यूस किया था. इसी सीरीज़ से मल्लिका शेरावत ने भी अपना कमबैक किया था. लेकिन वो सीरीज़ कब आई और गई किसी को नहीं पता नहीं चला. लेकिन फिलहाल तुषार फिल्ममेकिंग के दूसरे पहलूओं पर काम करने पर फोकस कर रहे हैं. ‘गोलमाल रिटर्न्स’ से तुषार का एक म्यूट एक्ट आप यहां देख सकते हैं:

# पर्सनल फ्रंट

तुषार कपूर का नाम ईशा देओल से लेकर अमृता राव और राधिका आप्टे जैसी एक्ट्रेसेज के साथ जोड़ा जा चुका है. हम ये बात सिर्फ इसलिए कह रहे हैं क्योंकि पर्सनल रिलेशनशिप्स की बात हो रही है. हमारी मंशा यहां किसी भी तरह की अफवाहों को हवा देना बिलकुल नहीं है. तुषार ने अब तक शादी नहीं की है. लेकिन 2016 में सरोगेसी की मदद से वो एक बेटे के पिता बन चुके हैं. उनके बेटे का नाम है लक्ष्य कपूर.

बेटे लक्ष्य कपूर के साथ तुषार.
बेटे लक्ष्य कपूर के साथ तुषार.

तुषार ने एक्टिंग में मनचाही सफलता नहीं मिलने के बाद फिल्म प्रोडक्शन में हाथ डाला है. उन्होंने ‘तुषार एंटरटेनमेंट हाउस’ नाम का एक प्रोडक्शन हाउस शुरू किया है. इस प्रोडक्शन हाउस के तले बनने वाली पहली फिल्म है अक्षय कुमार और कियारा आडवानी स्टारर ‘लक्ष्मी बम’. साथ ही इस फिल्म में तुषार गौरव नाम का एक किरदार भी निभाने वाले हैं. तुषार की अपनी जर्नी चल रही है लेकिन उनके साथ हमारा सफर आज यहीं खत्म होता है.


वीडियो देखें: किमी काटकर, जिन्होंने अमिताभ बच्चन के साथ फिल्म कर ली तो फिल्म लाइन ही छोड़ दी

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