Submit your post

Follow Us

जेल में रहने वाले हज़ारों कैदी कोरोना से कैसे लड़ रहे हैं?

गुजरात का सूरत. करीब दो दिन पहले की बात है. पुलिस ने हेल्थ वर्कर्स पर थूकने के आरोप में छह लोगों को गिरफ्तार किया. कोर्ट में पेश करने से पहले सभी का कोरोना टेस्ट कराने सिविल अस्पताल ले गई. डॉक्टर्स ने कहा कि कोई लक्षण नहीं है, इसलिए टेस्ट नहीं होगा. बिना जांच के ही पुलिस आरोपियों को जेल लेकर गई, जेल प्रशासन ने बिना कोरोना रिपोर्ट के आरोपियों को रखने से मना कर दिया. फिर पुलिस उन्हें कोर्ट लेकर गई, बताया कि डॉक्टर बिना लक्षण के टेस्ट नहीं कर रहे और जेल रिपोर्ट के बिना आरोपियों को रख नहीं रहे. कोर्ट ने लिखित आदेश दिया, आरोपियों का टेस्ट कराने का. उसके बाद सिविल अस्पताल के डॉक्टर्स ने टेस्ट किया. छह में से एक आरोपी कोरोना पॉज़िटिव निकली.

मध्य प्रदेश का इंदौर. रेड ज़ोन बना हुआ है. यहां की सेंट्रल जेल भी कोरोना से अछूती नहीं है. कैदियों और स्टाफ को मिलाकर अब तक 38 कन्फर्म मामले आ चुके हैं. इनमें 30 कैदी और आठ स्टाफ वाले हैं. पहला केस 12 अप्रैल के आस-पास आया था. टाटपट्टी बाखल इलाके में डॉक्टर्स पर पथराव करने का एक आरोपी सबसे पहले कोरोना पॉज़िटिव आया था. फिर उसकी बैरक में बंद बाकी सभी कैदियों का टेस्ट हुआ, तो पता चला कि 30 पॉज़िटिव हो चुके हैं. हालांकि, इस केस के पहले ही जेल से करीब 700 कैदी पैरोल और ज़मानत पर बाहर जा चुके थे.

मुंबई की ऑर्थर रोड जेल. अब तक 158 कैदी और स्टाफ के 26 लोग कोरोना की चपेट में आ चुके हैं. यानी टोटल 184 लोग. 12 मई को महाराष्ट्र सरकार ने एक सर्कुलर जारी किया. कहा कि राज्य की सभी जेलों में बंद कैदियों में से आधों को इमरजेंसी पैरोल या ज़मानत पर रिलीज़ किया जाए. राज्य की 60 जेलों में करीब 35,239 कैदी बंद हैं. आधे के हिसाब से करीब 17,000 को रिलीज़ करने की प्लानिंग है. 14 मई तक 7,000 को रिलीज़ किया जा चुका है.

Jail Prisoners Life 8
नोएडा की एक जेल में एंट्री गेट पर एक डिस्इन्फेक्टेड टनल बनाई गई, ताकि कोरोना को फैलने से रोका जा सके. (फोटो क्रेडिट- PTI)

इसी तरह यूपी के आगरा सेंट्रल जेल में 10 पॉज़िटिव केस आ चुके हैं. दिल्ली की रोहिणी जेल में एक पॉज़िटिव केस आया है. इनके अलावा भी कई और मामले हैं. चूंकि हमारी जेलों में क्षमता से कहीं ज्यादा लोग रह रहे हैं. ऐसे में वहां कोरोना के फैलने का खतरा काफी ज्यादा है. मार्च में सुप्रीम कोर्ट ने कहा था,

‘ये कड़वा सच है कि हमारी जेलों में क्षमता से ज्यादा लोग हैं. इसलिए कैदियों के लिए सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना काफी मुश्किल है.’

सुप्रीम कोर्ट ने राज्यों से कहा था कि वो जेल की भीड़ कम करने के लिए कुछ कैदियों को पैरोल और ज़मानत पर रिलीज़ करने का सोचें. इसके बाद कई राज्यों ने इस तरफ कदम भी उठाए. महाराष्ट्र- मध्य प्रदेश ऐसे राज्यों में शामिल हैं.

Jail Prisoners Life 9
पटियाला जेल में मास्क सिलते कैदी. (फोटो क्रेडिट- PTI)

जेलों में कोरोना के मामले लगातार सामने आ रहे हैं. ऐसे में कैदियों की सुरक्षा के लिए क्या किया जा रहा है? ये जानने के लिए हमने इंदौर सेंट्रल जेल से जुड़े कुछ लोगों से बात की.

# जेल सुपरिटेंडेंट राकेश कुमार बांगरे

इन्होंने बताया कि जेल की क्षमता 1230 कैदियों को रखने की है. लेकिन लगभग 2800 कैदी रह रहे थे, इनमें से करीब 600 को परोल और ज़मानत दे दी गई. ये कदम जेल में कोरोना का फर्स्ट केस मिलने से पहले ही उठा लिया गया था. उन्होंने बताया कि तीन व्यवस्थाएं की गई हैं-

पहला- नए कैदियों को हम सेंट्रल जेल में नहीं लिया जा रहा. सभी को महू जेल ले जाया जा रहा है, जहां सबसे पहले उनका कोरोना टेस्ट होता है.

दूसरा- लॉकडाउन तोड़ने पर हिरासत में लिए गए लोगों के लिए वैष्णव विद्यापीठ महाविद्यालय में अस्थाई जेल बनाई गई है.

तीसरा- एक क्वारंटीन सेंटर बनाया गया है. इंदौर के असरावद खुर्द के एक कन्या छात्रावास में. करीब 250 कमरे हैं. यहां पर कम लक्षण वाले और कोरोना के संदिग्ध कैदियों को रखा जा रहा है. सुरक्षा कर्मी और डॉक्टर-नर्स की टीम भी वहां मौजूद रहती हैं.

उन्होंने बताया कि 30 में से 12 कैदी ठीक होकर वापस जेल आ चुके हैं. दो अभी MRTB अस्पताल में भर्ती हैं और 16 क्वारंटीन सेंटर में रह रहे हैं.

Jail Prisoners Life 7
फरीदाबाद के निमका जेल के कैदी मास्क सिलते हुए. (फोटो क्रेडिट- PTI)

सेंट्रल जेल में क्या हो रहा है?

राकेश खुद कहते हैं कि उनकी जेल में क्षमता से ज्यादा भीड़ है. ऐसे में बैरक में कैदियों के बीच सोशल डिस्टेंसिंग करना मुश्किल है. उन्होंने बताया,

‘ऐसे हालात से निपटने के लिए जो कैदियों का स्कूल, लाइब्रेरी, सांस्कृतिक भवन, सिलाई उद्योग और हेंडलूम कारखाना था, उन्हें खाली किया और उनमें कैदियों को रखना शुरू किया. सभी कैदियों को मास्क दिया, सैनिटाइज़र दिया, उनके बैरक, बाथरूम वगैरह की सफाई करवा रहे हैं. मेन गेट पर सैनिटाइज़ करने के लिए शावर लगा है. इसके अलावा हमारे सारे बैरक भी लॉकडाउन चल रहे हैं. एक के बाद एक आधे घंटे के लिए बैरक खोले जाते हैं, ताकि कैदी नहाना-धोना कर सकें. एक बंद होता है, तभी दूसरा बैरक खोलते हैं.’

टेलीफोन के लिए क्या?

राकेश ने बताया कि हर सर्कल (जेल में सर्कल होते हैं, इनके अंदर कई बैरक होते हैं.) में अलग टेलीफोन रखा है. जिस भी कैदी के घर से फोन आता है, वो पहले हाथ धोता है फिर फोन पर बात करता है. उसके बाद टेलीफोन को सैनिटाइज़ किया जाता है.

मेडिकल के लिए क्या?

राकेश ने बताया कि वो कैदियों की स्क्रीनिंग करवा रहे हैं. इसमें डिजिटल मशीन से एक्स-रे करवाया जा रहा है. ताकि पता चल सके कि फेफड़े स्वस्थ हैं कि नहीं. शासन ने जो काढ़ा मुहैया कराया है, वो कैदियों को सुबह-शाम दिया जा रहा है. जिंक और विटामिन सी की गोली, हल्दी वाला दूध भी कैदियों को दिया जा रहा है, गरम पानी दे रहे हैं.

Jail Prisoners Life 6
जबलपुर जेल में मास्क सिलती महिला कैदी. (फोटो क्रेडिट- PTI)

# मध्य प्रदेश के DG (महानिदेशक) जेल संजय चौधरी

इनसे भी ‘दी लल्लनटॉप’ ने बात की. इन्होंने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के ऑर्डर पर हर राज्य में एक कमिटी बनी है, हाई कोर्ट के सीनियर जज इसकी अध्यक्षता कर रहे हैं. आगे बताया,

‘मध्य प्रदेश की जेलों में करीब 28 हज़ार कैदियों को रखने की क्षमता है, लेकिन 45 हज़ार कैदी रह रहे थे. इसलिए कोर्ट के आदेश पर बनी कमिटी ने सबसे पहले 3000 कैदियों को 60 दिन की पैरोल और 3000 विचाराधीन कैदियों 45 दिन की ज़मानत पर छोड़ा. ये पहला कदम था. महत्वपूर्ण सेंट्रल और डिस्ट्रिक्ट जेलों में हमने आइसोलेशन वॉर्ड बनाया है. हमारी डॉक्टर की टीम बैरक के कैदियों को चेक करती है, जिनमें कोई लक्षण दिखते हैं उन्हें हम आइसोलेशन में डाल देते हैं. उसके बाद उनका ज़िला अस्पताल और जो भी कलेक्टर ने टीम बनाई है, उनसे चेकअप करवाते हैं.’

इंदौर की जेल पर DG ने कहा कि वहां बने क्वारंटीन सेंटर से कोरोना को रोकने में काफी मदद मिली है.

Jail Prisoners Life 5
भोपाल सेंट्रल जेल में कैदी मास्क सिलते हुए. (फोटो क्रेडिट- PTI)

# डॉक्टर अभिषेक, इंदौर सेंट्रल जेल के डॉक्टर.

इनका कहना है कि 10-12 दिन पहले ही वो इस जेल से जुड़े हैं. ये भी कहना है कि 24 घंटे उपलब्ध रहते हैं. कैदियों का चेकअप किया जा रहा है रेगुलर बेसिस पर. हालांकि, उन्होंने बाकी सभी सवालों के जवाब में इतना ही कहा कि इस बारे में जेल सुपरिटेंडेंट बताएंगे.

# दो कैदी जो परोल पर बाहर आए, वो क्या कहते हैं?

रिंकू और अजय (दोनों का बदला हुआ नाम) इंदौर सेंट्रल जेल में पहला केस मिलने के पहले ही बाहर आ गए थे. अजय कहते हैं,

‘पंखे कम हैं, रात भर मच्छर काटते हैं. हवा लेने और मच्छरों से बचने के लिए पंखे के नीचे हर कोई सोना चाहता है, इसलिए सट-सट कर सोना पड़ता है. हमारे सिर टकराते रहते हैं. 300 लोगों के बीच में 20 बाथरूम और टॉयलेट है, सुबह के वक्त बहुत भीड़ हो जाती है. डॉक्टर भी कैदियों की संख्या की तुलना में कम हैं.’

रिंकू बताते हैं,

‘जब कोरोना देश में फैलना शुरू हुआ था, तो हमें जेल प्रशासन ने मास्क दिए थे. लेकिन वो भी हर किसी को नहीं मिल पाए थे. दूर-दूर रहने की सलाह दी गई थी, जो काफी मुश्किल थी. इसलिए हमें पैरोल दे दी गई. जेल प्रशासन हमारे लिए करना चाहता है, लेकिन उनके हाथ में भी ज्यादा कुछ नहीं है क्योंकि जेल में भीड़ बहुत है. यही सबसे बड़ी दिक्कत है. खाना लेने जाओ, बाथरूम जाओ, मेडिकल वॉर्ड जाओ, हर जगह भीड़ है. ऐसे में कोरोना को जेल में फैलने से रोकना बड़ी चुनौती है.’

Jail Prisoners Life 4
बाएं से दाएं: कैदियों को मंगलौर जेल से चिकमंगलूर जेल ले जाती बस, तस्वीर चिकमंगलूर जेल के सामने की है. (फोटो क्रेडिट- PTI). मथुरा की जेल में मास्क सिलते कैदी. (फोटो क्रेडिट- PTI)

# जेल में उम्रकैद काट रहे कैदी का परिवार

हत्या के मामले में इंदौर सेंट्रल जेल में उम्र कैद काट रहे एक कैदी के बेटे से दी लल्लनटॉप की बात हुई. उन्होंने बताया,

‘फोन पर पापा से बात होती रहती है. जिस बैरक में वो रह रहे थे, वहीं से पहला कैदी निकला था. सभी का टेस्ट हुआ, पापा क्वारंटीन सेंटर में भी रहे, उनकी रिपोर्ट निगेटिव आई. फिर वो जेल में वापस चले गए. जहां वो अभी बैरक में नहीं रह रहे, बल्कि जेल के स्कूल, कारखाना जो खाली कराए गए हैं, वहां रह रहे हैं. वो कहते हैं कि जेल के अंदर लॉकडाउन का पूरा पालन कराने की कोशिश तो हो रही है, लेकिन जो काढ़ा और दूध देने की बात है, वो गलत है. वो नहीं दिया जाता. सफाई रखने की भी कोशिश हो रही है, लेकिन लोगों की भीड़ ज्यादा है, ये बड़ी मुसीबत है. मास्क दिए गए हैं, लेकिन हैंड सैनिटाइज़र नहीं मिले हैं.’

दिल्ली की जेलों का क्या हाल?

कोरोना को फैलने से रोकने के लिए उठाए गए कदमों की एक लिस्ट जारी हुई है. इससे पता चला है कि इन जेलों में से करीब 3500 कैदियों को पैरोल और ज़मानत पर छोड़ा गया है. जेल के अंदर संदिग्ध मामलों के लिए आइसोलेशन वॉर्ड्स बनाए हैं, नए कैदियों को बैरक में रखने से पहले 14 दिन अलग रखते हैं या फिर अगर उनमें कोई लक्षण दिखता है तो उनकी स्क्रीनिंग भी होती है.

Jail Prisoners Life 3
दिल्ली की जेलों के नियम, जो कोरोना के वक्त लागू किए गए हैं. फोटो क्रेडिट- अरविंद ओझा.

फैमिली विज़िट और कोर्ट में आरोपियों की पेशी पर रोक लगा दी गई है. जेल के अंदर आने वाला हर व्यक्ति, फिर चाहे वो मेडिकल स्टाफ ही क्यों न हो, उनकी स्क्रीनिंग हो रही है. जेल में बंद कैदियों की समय-समय पर स्क्रीनिंग हो रही है. जेल को सैनिटाइज़ रखने पर लगातार काम हो रहा है, कैदियों को लगातार कोरोना के प्रति जागरूक किया जा रहा है.

देखिये भारत में कोरोना कहां-कहां और कितना फैल गया है.


वीडियो देखें: मुंबई की आर्थर रोड जेल के बाद अब तिहाड़ जेल में भी कोरोना वायरस का खतरा!

लगातार लल्लनटॉप खबरों की सप्लाई के लिए फेसबुक पर लाइक करें

कौन हो तुम

'हिटमैन' रोहित शर्मा को आप कितना जानते हैं, ये क्विज़ खेलकर बताइए

आज 33 साल के हो गए हैं रोहित शर्मा.

क्विज़: खून में दौड़ती है देशभक्ति? तो जलियांवाला बाग के 10 सवालों के जवाब दो

जलियांवाला बाग कांड के बारे में अपनी जानकारी आप भी चेक कर लीजिए.

मधुबाला को खटका लगा हुआ था इस हीरोइन को दिलीप कुमार के साथ देखकर

एक्ट्रेस निम्मी के गुज़र जाने पर उनको याद करते हुए उनकी ज़िंदगी के कुछ किस्से

90000 डॉलर का कर्ज़ा उतारकर प्राइवेट जेट खरीद लिया था इस 'गैंबलर' ने

उस अमेरिकी सिंगर की अजीब दास्तां, जो बात करने के बजाए गाने में ज़्यादा कंफर्टेबल महसूस करता था

YES Bank शुरू करने वाले राणा कपूर कौन हैं, जिन्होंने नोटबंदी को 'मास्टरस्ट्रोक' बताया था

यस बैंक डूब रहा है.

सात साल पहले केजरीवाल ने वो बात कही थी जो आज वो ख़ुद नहीं सुनना चाहते

बरसों पुरानी इस बात की वजह से सोशल मीडिया पर घेर लिए गए हैं.

क्या भारत सरकार से पूछे बिना पाकिस्तान चली गई इंडियन कबड्डी टीम?

अब ढेरों खेल-तमाशा हो रहा है.

बजट का कितना ज्ञान है, ये क्विज़ खेलकर चेक कर लो!

कितना नंबर पाया, बताते हुए जाना. #Budget2020

संविधान के कितने बड़े जानकार हैं आप?

ये क्विज़ जीत लिया तो आप जीनियस हुए.

क्रिकेट के पक्के वाले फैन हो तो इस क्विज़ को जीतकर बताओ

कित्ता नंबर मिला, सच-सच बताना.