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कोरोना पर मोदी ने 15,000 करोड़ दिए, केरल CM ने 20,000 करोड़, दोनों में अंतर क्या है?

दुनिया कोरोना वायरस से जंग लड़ रही है. लॉकडाउन इसका सबसे कारगर उपाय बताया जा रहा है. भारत लॉकडाउन में है. 21 दिन के लिए. कोरोना के मरीजों के इलाज के लिए, देश के हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर को और मजबूत बनाने के लिए 15 हजार करोड़ रुपए का प्रावधान केंद्र सरकार ने किया है.

इस राशि से कोरोना से जुड़ी टेस्टिंग फेसिलिटीज़, पर्सनल प्रोटेक्टिव इक्विपमेंट्स, आइसोलेशन बेड्स, आईसीयू बेड्स, वेंटिलेटर्स और अन्य ज़रूरी साधनों की संख्या तेजी से बढ़ाई जाएगी.

सोशल मीडिया पर कोरोना वायरस से जंग के लिए इस राशि को बहुत कम बताया जा रहा है. इस पैसे की तुलना केरल के 20 हजार करोड़ के राहत पैकेज से हो रही है. कुछ ट्वीट देखिए.

क्यों हो रही है केरल से तुलना?

20 मार्च, 2020. केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने कोरोना से निपटने के लिए 20 हजार करोड़ रुपये के विशेष वित्तीय पैकेज की घोषणा की. इस पैकेज के मुताबिक,

# इस राहत पैकेज में से 2000 करोड़ रुपए से employment guarantee programme के तहत बकाया क्लियर करने की बात है.

# दो महीने की वेलफेयर पेंशन एडवांस दी जाएगी.

# 500 करोड़ रुपए मेडिकल इमरजेंसी के लिए हेल्थ पैकेज के तौर पर रखे गए हैं.

# इसी पैकेज से जनता को 1000 फूड स्टॉल्स में 20 रुपए के सस्ते रेट पर भोजन उपलब्ध करवाया जाएगा.

# 1000 करोड़ रुपए उन परिवारों के लिए हैं जिन्हें पेंशन या कोई और सरकारी मदद नहीं मिल रही.

इस राहत पैकेज से ज़्यादातर बकाया राशि क्लियर की जाएगी. सरकारी बिल और प्राइवेट भुगतान तक़रीबन सबकुछ क्लियर करने की बात मुख्यमंत्री ने कही थी.

तुलना क्यों सही नहीं है?

केरल सरकार ने कोरोना वायरस के चलते प्रभावित लोगों के लिए राहत पैकेज का ऐलान किया है. अब तक किसी भी राज्य ने इतने बड़े राहत पैकेज की घोषणा नहीं की है. केरल सरकार के इस फैसले की तारीफ होनी चाहिए. लेकिन पीएम मोदी का कहना है कि 15 हजार करोड़ मेडिकल सुविधाओं को और दुरुस्त करने पर खर्च किए जाएंगे.

यानी केंद्र सरकार ने कोरोना से लड़ने के लिए किसी राहत पैकेज की घोषणा नहीं की है, बल्कि पीएम मोदी ने जिस पैसे की बात की वो सिर्फ मेडिकल सुविधा बढ़ाने के लिए खर्च होगा. हो सकता है कि केंद्र सरकार बाद में राहत पैकेज की घोषणा करे.

बाकी राज्य क्या कर रहे हैं?.

#दिल्ली
– दिल्ली सरकार ने हाल ही में बजट पेश किया. इसमें 50 करोड़ रुपये का प्रावधान कोरोना से निपटने के लिए किया गया है.
– आम आदमी पार्टी की सरकार दिल्ली के 72 लाख लोगों को 7.5 किलो राशन मुफ़्त देगी.
– 8.5 लाख लोगों को पांच हज़ार रुपए पेंशन देगी.
– नाइट शेल्टरों में मुफ़्त खाने की व्यवस्था शुरू की गई है.
– सरकार ने कहा है कि लॉकडाउन के दौरान किसी कर्मचारी की सैलरी नहीं काटी जा सकती.
– सरकार ने अपने विभागों के कॉन्ट्रैक्ट और दैनिक मज़दूरी में काम करने वालों को भी बंद के दौरान पूरी सैलरी देने की बात कही है.
– कंस्ट्रक्शन मजदूरों के खाते में 5000 रुपए डालेगी सरकार.

#उत्तर प्रदेश
– 15 लाख दिहाड़ी मजदूरों और करीब 20 लाख 37 हजार ठेके पर काम करने वाले मजदूरों के खाते में एक-एक हजार रुपए डाला जाएगा.
– 1.65 करोड़ परिवारों को अनाज मुहैया कराया जाएगा, 20 किलो गेंहूं, 15 किलो चावल मुफ्त दिया जाएगा.
– जिनका रोजगार प्रभावित हो रहा, उन तक मदद पहुंचाई जाएगी.
– अप्रैल और मई, दोनों महीने की वृद्धावस्था पेंशन लोगों को अप्रैल में ही दे दी जाएगी.
– मनरेगा के श्रमिकों को तुरंत भुगतान होगा.

#बिहार
– राशन कार्ड वाले परिवारों को एक महीने का राशन
– राशन कार्ड वाले हर परिवार को 1000 रुपए कैश देने की भी घोषणा.
– पेंशनधारियों को तीन महीने की पेंशन एडवांस में दी जाएगी.
– पहली से 12वीं तक के छात्रों को 31 मार्च तक स्कॉलरशिप
– सभी डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ को एक महीने का बेसिक पे अलग से देने की घोषणा

#राजस्थान
– 2000 करोड़ रुपये का पैकेज देने की घोषणा
– 78 लाख सामाजिक पेंशन के लाभार्थियों को 2 महीने की पेंशन एक साथ देने का ऐलान.
– लॉकडाउन में रोजी-रोटी से वंचित लोगों को 1000 रुपये देने की घोषणा.

#पंजाब
– जरूरतमंदों को मुफ्त भोजन, आश्रय और दवाइयां उपलब्‍ध कराने का फैसला.
– इसके लिए 20 करोड़ रुपए जारी.
– रजिस्टर्ड मज़दूरों को 3000 रुपए की सहायता देने की घोषणा.
– केंद्र सरकार से राहत पैकेज की मांग.

#हरियाणा
– मुख्यमंत्री परिवार समृद्धि योजना के तहत 12 लाख़ से अधिक लोगों को 31 मार्च तक 2000 रुपये दिए जाएंगे.
– रजिस्टर्ड निर्माण मजदूरों को हर महीने 4500 रुपये दिए जाएंगे.
– बीपीएल परिवारों को भी हर महीने 4500 रुपये दिए जाएंगे.
– अप्रैल महीने का राशन फ्री मिलेगा.
– मजदूरों, रिक्शा चालकों, स्ट्रीट वेंडरों को जिलों में डीसी के पोर्टल पर पंजीकरण कराना होगा, उन्हें भी 4500 रुपये मिलेंगे.

#हिमाचल प्रदेश:
– राज्य सरकार ने 500 करोड़ रुपए के राहत पैकेज का ऐलान किया है.
– सरकार ने भवन और निर्माण कार्य बोर्ड में रजिस्टर्ड करीब डेढ़ लाख कामगारों को दो हजार रुपये देगी.

#तेलंगाना
– 3520 करोड़ रुपए की पैकेज की घोषणा.
– 8.8 करोड़ बीपीएल परिवारों को सहायता देने की तैयारी.

#आंध्र प्रदेश
– 1,500 करोड़ रुपए के राहत पैकेज का ऐलान.
– हर बीपीएल परिवार को 1000 रुपए कैश देने की घोषणा.
– दाल-चावल फ्री देने की घोषणा.

#असम
भारत से बाहर रह रहे अपने नागरिकों को एक बार में 2000 डॉलर (लगभग 1.5 लाख रुपए ) की मदद का ऐलान.

कोरोना वायरस से सबसे ज्यादा प्रभावित राज्य महाराष्ट्र की ओर से किसी तरह के पैकेज की घोषणा नहीं की गई है. हालांकि  राज्य सरकारों ने फौरी तौर पर ये इंतजाम किए हैं. सरकारों को भी पता है कि जब पूरा देश 21 दिन तक बंद रहेगा तो बहुत बड़ी आबादी प्रभावित होगी. पीएम मोदी ने भी जो ऐलान किए हैं वो मेडिकल सुविधाएं बढ़ाने के लिए हैं. आने वाले समय में देश में लॉकडाउन की वजह से अर्थव्यवस्था को जो नुकसान पहुंच रहा है. उसकी भरपाई के लिए केंद्र और राज्य सरकारों को अपने खजाने खोलने ही होंगे.


PM मोदी के लॉकडाउन के ऐलान के बाद सरकार ने क्या नियम कानून बनाए?

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