Submit your post

Follow Us

पैंडोरा पेपर्स लीक से अडाणी-अंबानी का क्या कनेक्शन है?

पैंडोरा पेपर्स (Pandora Papers) खुलासे में देश के दो बड़े उद्योगपति घरानों से जुड़े लोगों के नाम आ रहे हैं. पैंडोरा पेपर्स के खुलासे में अनिल अंबानी और गौतम अडाणी के बड़े भाई विनोद अडाणी का नाम आ रहा है. अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस ने खुलासा किया है कि अमीर भारतियों ने ‘टैक्स हेवेन’ माने जाने वाले ब्रिटिश वर्जिन आइलैंड्स में कंपनियां खोल कर मनी लॉन्ड्रिंग की और टैक्स “बचाया.” खुलासे के मुताबिक अनिल अंबानी और विनोद अडाणी ने ब्रिटिश वर्जिन आइलैंड्स और दूसरे टैक्स हेवेन में कपनियां खोलीं और इसमें करोड़ों रुपए का लेन-देन भी हुआ. आइए जानते हैं इन बिजनेसमैन और इनके पैंडोरा पेपर लीक के कनेक्शन के बारे में.

अनिल अंबानीः दिखाने को कड़के, विदेशों में तकरीबन 96 सौ करोड़ रुपए की कंपनी

फरवरी 2020. भारतीय बिजनेसमैन अनिल अंबानी ने लंदन की एक अदालत को बताया कि उनकी कुल आय शून्य है. माने वो हो गए हैं दिवालिया. दरअसल चीन के तीन सरकारी बैंकों ने उन पर मुकदमा किया था. उस वक्त अदालत ने अंबानी की विदेशी संपत्ति के बारे में सवाल पूछा था, क्योंकि उसके बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई थी. इसके तीन महीने बाद अदालत ने अनिल अंबानी को यह आदेश दिया था कि वो बैंकों को 716 मिलियन डॉलर यानी तकरीबन 3,150 करोड़ रुपए की रकम का भुगतान करें. लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया और कहा कि उनके पास विदेशों में न तो कोई संपत्ति है और न ही कहीं से कोई फायदा हो रहा है. पैंडोरा पेपर्स के खुलासे पर जाएं तो अनिल ने अदालत को जो बताया, उसका सच्चाई से कोई वास्ता नहीं था. क्योंकि उनके पास विदेशों में अकूत संपत्ति थी.

पैंडोरा पेपर्स की जांच में यह खुलासा हुआ है कि रिलायंस अनिल धीरूभाई अंबानी (ADA) ग्रुप के चेयरमैन अनिल अंबानी और उनके प्रतिनिधियों के पास जर्सी, ब्रिटिश वर्जिन आईलैंड्स और साइप्रस जैसी जगहों पर कम से कम 18 विदेशी कंपनियां हैं. इनकी स्थापना 2007 से 2010 के बीच हुई थी और इनमें से सात कंपनियों ने कम से कम 1.3 बिलियन डॉलर यानी तकरीबन 5,720 करोड़ का इनवेस्टमेंट और लोन लिया था. जर्सी में अनिल अंबानी के नाम पर तीन कंपनियां – बैटिस्ट अनलिमिटेड, रेडियम अनलिमिटेड और ह्यूई इनवेस्टमेंट अनलिमिटेड हैं. इन सभी को दिसंबर 2007 और जनवरी 2008 में बनाया गया था.

Anil Ambani
अनिल अंबानी के वकील का कहना है कि जो उनके क्लाइंट ने कुछ छुपाया नहीं है और नियमों का पालन किया है.

क्यों आया पैंडोरा लिस्ट में नाम?

इस पैसे को बहुत ही तकनीकी तरीके से छुपाया गया था. असल में बैटिस्ट अनलिमिटेड का मालिकाना हक रिलायंस इनोवेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड के पास है, जिसकी कमान अनिल अंबानी के मालिकाना हक वाले एडीए ग्रुप के पास है. ह्यूई इनवेस्टमेंट अनलिमिटेड का मालिकाना हक एएए एंटरप्राइस लिमिटेड के पास है (जिसे 2014 से रिलायंस इंसेप्टम प्राइवेट लिमिटेड कहा जाता है) जिसकी प्रमोटर कंपनी रिलायंस कैपिटल है.

रिकॉर्ड्स बताते हैं कि जनवरी 2008 में जर्सी में ही दो और कंपनियां गठित की गईं जिनके नाम- समरहिल लिमिटेड और डलविच लिमिटेड हैं. इनके मालिक का नाम अनूप दलाल है, जो कि अनिल अंबानी के प्रतिनिधि हैं. अनूप का रोल ये था कि वो अनिल अंबानी के प्रतिनिधि और सलाहकार के तौर पर निवेश के लिए ऑफशोर कंपनियां खड़ी करता था. अखबार में किए गए खुलासे के मुताबिक रिलायंस के लिए अनूप दलाल ने 9 कंपनियां बनाईं. इनमें से सात कंपनियों ने बैंकों से लोन लिए. इन लोन के लिए रिलायंस/अनिल अंबानी ने गारंटी दी. जब ये लोन मिल गया तो मिली हुई रकम को दूसरी कंपनियों में लोन के तौर पर घुमा दिया गया. ये कंपनियां भी किसी न किसी तरीके से अनिल अंबनी से ही जुड़ी हुई थीं.

मिसाल के तौर पर बैटिस्ट अनलिमिटेड और रेडियम अनलिमिटेड के रिकॉर्ड्स यह बताते हैं कि इन कंपनियों ने 500 मिलियन डॉलर यानी 2,250 करोड़ और 220 मिलियन डॉलर यानी तकरीबन 990 करोड़ का कर्ज आईसीआईसीआई से लिया था. इस रकम से एएए कॉरपोरेशन प्राइवेट लिमिटेड में निवेश किया गया जो कि अनिल अंबानी से जुड़ी मुंबई की एक रीयल एस्टेट कंपनी है.

इस बारे में जब अनिल अंबानी से अखबार ने संपर्क किया तो उनके वकील ने कहा,

“हमारे क्लाइंट ने कानूनन वो हर जानकारी दी है जो उन्हें देनी चाहिए. लंदन के कोर्ट में भी हर तरह से सोच-समझकर जानकारी दी गई है. रिलायंस इंडस्ट्रीज पूरी दुनिया में बिजनेस करती है. ऐसे में कई जगहों पर कंपनियां स्थापित की जाती हैं.”

विनोद अडाणी: गौतम अडाणी के भाई, जिनका नाम पनामा पेपर लीक में भी आया था

विनोद अडाणी का नाम पिछले तकरीबन 7 दिन में 2 लिस्ट में दिखा. पहली लिस्ट तेजी से पैसा कमाने वाली की और दूसरी पैंडोरा पेपर में ब्रिटिश वर्जिन आइलैंड्स में कंपनी को खोलने वालों की लिस्ट में. विनोद अडाणी देश के धनकुबेर गौतम अडाणी के सगे बड़े भाई हैं. ताजा आंकड़ों के मुताबिक साल 2020 में गौतम अडाणी की संपत्ति 32 अरब डॉलर तकरीबन 2400 करोड़ रुपए तक पहुंच गई. वहीं, गौतम अडाणी के भाई विनोद की संपत्ति 128 फीसदी बढ़कर 9.8 अरब डॉलर तकरीबन 728 करोड़ रुपए हो गई. विनोद अडाणी ने अमेरिका से इंजीनियरिंग में मास्टर्स की डिग्री ली है. इकॉनमिक टाइम्स के मुताबिक विनोद अडाणी ने अपने पिता से प्रेरित होकर 1976 में मुंबई के भिवंडी में वीआर टेक्सटाइल के नाम से बिजनेस शुरू किया था. 90 के दशक में वो सिंगापुर चले गए. यहां उन्होंने अपना बिजनेस बढ़ाया और कुछ साल बाद दुबई का रुख किया. फिलहाल भारतवंशी विनोद अडाणी साइप्रस के नागरिक हैं. लेकिन रहते दुबई में हैं.

Vinod Adani Pandora Papers Leak
बिजनेसमैन गौतम अडाणी के बड़े भाई विनोद अडाणी का नाम भी पैंडोरा पेपर्स में सामने आया है.
(फोटो-विनोद अडाणी की फेसबुक वॉल से)

क्यों आया पैंडोरा लिस्ट में नाम?

विनोद अडाणी ने ब्रिटिश वर्जिन आइलैंड्स में 3 साल पहले एक कंपनी खोली थी. हालांकि अब उनका कहना है कि वो इस कंपनी को बंद कर चुके हैं. रिकॉर्ड के मुताबिक विनोद शांति लाल अडाणी ने साल 2018 में हिबिस्कस आरई होल्डिंग्स लिमिटेड नाम से ब्रिटिश वर्जिन आइलैंड्स में एक कंपनी खोली थी. वो इस कंपनी के अकेले शेयर होल्डर थे और उनके पास ही कंपनी के सभी 50 हजार शेयर थे. वो मई 2018 तक इस कंपनी के डायरेक्टर भी थे.

कंपनी बनाते समय विनोद ने कहा था कि कंपनी का काम दुनिया भर के बाजार में ट्रेडिंग और सर्विस देना है. उस वक्त कंपनी की कुल संपत्ति 10 से 15 मिलियन डॉलर यानी 80 से 100 करोड़ रुपए थी. रिकॉर्ड बताते हैं कि विनोद अडाणी की कंपनी हिबिस्कस आरई होल्डिंग्स के लिए ब्रिटिश वर्जिन आइलैंड्स में एजेंट के तौर पर ट्राइडेंट ट्रस्ट कंपनी काम करती थी. ट्राइडेंट ट्रस्ट कंपनी ने ही हिबिस्कस आरई होल्डिंग्स के लिए रडिस्टर्ड पता उपलब्ध कराया था. इस ट्रस्ट के इंफॉर्मेशन फॉर्म पर भी विनोद अडाणी के हस्ताक्षर हैं.

ऐसा पहली बार नहीं है कि विनोद अडाणी का नाम टैक्स हैवन में निवेश के मामले में सामने आया है. इससे पहले पनामा पेपर लीक में भी उनका नाम आया था. द इंडियन एक्सप्रेस ने 2016 में रिपोर्ट किया था कि बहामास में 4 जनवरी, 1994 को बनाई कंपनी में उनका नाम शामिल था. इसके कुछ महीने बाद ही अडाणी ग्रुप की फ्लैगशिप कंपनी अडाणी एक्सपोर्ट का गठन हुआ था.

जब विनोद अडाणी से इंडियन एक्सप्रेस ने संपर्क किया तो उन्होंने बताया कि

“हिबिस्कस रीयल एस्टेट एक कंपनी है जो ब्रिटिश वर्जिन आइलैंड्स में रजिस्टर्ड थी. मैं ही इसका मालिक हूं. इसका उद्देश्य मेरे दुबई के रीयल एस्टेट को मैनेज करना था. फिलहाल ये कंपनी बंद हो चुकी है और इसकी संपत्ति शून्य है. मैं पिछले तकरीबन 25 साल से विदेश में हूं. जो भी हुआ है वो सब नियम-कायदों में रहते हुए किया गया है.”

क्या है पैंडोरा पेपर्स?

लगभग 12 मिलियन यानी 1 करोड़ 20 लाख लीक दस्तावेजों की जांच पर आधारित पैंडोरा पेपर्स यह खुलासा करता है कि कैसे दुनिया के कई अमीर और शक्तिशाली लोग अपनी संपत्ति छिपा रहे हैं. इस सूची में 380 भारतीयों के नाम भी हैं. अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस ने इस सूची में से 60 प्रमुख कंपनियों और लोगों के नाम की पुष्टि की है. 117 देशों में 600 से अधिक पत्रकारों ने पैंडोरा पेपर्स के दस्तावेजों की महीनों तक जांच की है. पेंडोरा पेपर्स खुलासे में इंटरनेशनल कंसोर्टियम ऑफ इंवेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट्स (ICIJ) ने ऑफशोर कंपनी खोलने में मदद करने वाली 14 सर्विस प्रोवाइडर कंपनियों से जुड़े सोर्स से दस्तावेज जुटाए हैं. पनामा पेपर्स नाम से हुए खुलासे के बाद अब पैंडोरा पेपर्स (Pandora Papers) दूसरा बड़ा खुलासा है.


वीडियो – अडाणी के मुंद्रा पोर्ट पर जांच एजेंसियों के महीने भर चले ऑपरेशन में क्या खुलासा हुआ?

लगातार लल्लनटॉप खबरों की सप्लाई के लिए फेसबुक पर लाइक करें

कौन हो तुम

कहानी 'मनी हाइस्ट' के 'बर्लिन' की, जिनका इंडियन देवी-देवताओं से ख़ास कनेक्शन है

कहानी 'मनी हाइस्ट' के 'बर्लिन' की, जिनका इंडियन देवी-देवताओं से ख़ास कनेक्शन है

'बर्लिन' की लोकप्रियता का आलम ये था कि पब्लिक डिमांड पर उन्हें मौत के बाद भी शो का हिस्सा बनाया गया.

10 साल पहले भी शाहरुख़ का समीर वानखेड़े से सामना हुआ था, समीर ने ठोका था तगड़ा जुर्माना

10 साल पहले भी शाहरुख़ का समीर वानखेड़े से सामना हुआ था, समीर ने ठोका था तगड़ा जुर्माना

जगह थी मुंबई एयरपोर्ट. अब दस साल बाद फिर से दोनों का नाम एक साथ सुर्ख़ियों में है.

'स्क्विड गेम' के प्लेयर नंबर 199 'अली' की कहानी, जिनके इंडियन होने ने सीरीज़ में एक्स्ट्रा मज़ा दिया

'स्क्विड गेम' के प्लेयर नंबर 199 'अली' की कहानी, जिनके इंडियन होने ने सीरीज़ में एक्स्ट्रा मज़ा दिया

अली का रोल करने वाले इंडियन एक्टर अनुपम त्रिपाठी का सलमान-शाहरुख़ कनेक्शन क्या है?

IPL का कित्ता ज्ञान है, ये क़्विज़ खेलकर चेक कल्लो!

IPL का कित्ता ज्ञान है, ये क़्विज़ खेलकर चेक कल्लो!

ईमानदारी से स्कोर भी बताते जाना. हम इंतज़ार करेंगे.

'मनी हाइस्ट' वाले प्रोफेसर की पूरी कहानी, जिनकी पत्नी ने कहा था, 'कभी फेमस नहीं हो पाओगे'

'मनी हाइस्ट' वाले प्रोफेसर की पूरी कहानी, जिनकी पत्नी ने कहा था, 'कभी फेमस नहीं हो पाओगे'

अलवारो मोर्टे ने वेटर तक का काम किया हुआ है. और एक वक्त तो ऐसा था कि बकौल उनके कैंसर से जान जाने वाली थी.

एक्टर शरत सक्सेना की कहानी, जिन्होंने 71 साल की उम्र में ज़बरदस्त बॉडी बनाकर सबको चौंका दिया

एक्टर शरत सक्सेना की कहानी, जिन्होंने 71 साल की उम्र में ज़बरदस्त बॉडी बनाकर सबको चौंका दिया

हीरो बनने आए शरत सक्सेना कैसे गुंडे का चमचा बनने पर मजबूर हुए?

'भीगे होंठ तेरे' वाले कुणाल गांजावाला आजकल कहाँ हैं?

'भीगे होंठ तेरे' वाले कुणाल गांजावाला आजकल कहाँ हैं?

एक वक़्त इंडस्ट्री में टॉप पर थे कुणाल और उनके गाने पार्टियों की जान हुआ करते थे.

राज कुंद्रा की पूरी कहानी, 18 की उम्र में शॉल बेचने से शुरुआत करने वाले राज यहां तक कैसे पहुंचे?

राज कुंद्रा की पूरी कहानी, 18 की उम्र में शॉल बेचने से शुरुआत करने वाले राज यहां तक कैसे पहुंचे?

IPL स्कैंडल, मॉडल्स के आरोप, अंडरवर्ल्ड कनेक्शंस के आरोप, एक्स वाइफ के इल्ज़ाम सब हैं इस कहानी में.

रिचर्ड ब्रैनसन: जिन्होंने पहले अंतरिक्ष के दर्शन करके जेफ बेजोस का मजा खराब कर दिया

रिचर्ड ब्रैनसन: जिन्होंने पहले अंतरिक्ष के दर्शन करके जेफ बेजोस का मजा खराब कर दिया

रिचर्ड ब्रेन्सन की कहानी, जहां भी गए तहलका मचा दिया.

'सिंघम' IPS से तमिलनाडु BJP के सबसे युवा अध्यक्ष बने अन्नामलाई की कहानी

'सिंघम' IPS से तमिलनाडु BJP के सबसे युवा अध्यक्ष बने अन्नामलाई की कहानी

पहला चुनाव हार गए थे, बीजेपी ने राज्य की जिम्मेदारी सौंपी है.