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'जूडी': वो महान एक्ट्रेस जिसे भूख लगने पर खाना नहीं गोलियां खिलाई जाती थीं

हमारी 'ऑस्कर वाली फ़िल्में' (2020) सीरीज़ में तीसरी फ़िल्म है डायरेक्टर रूपर्ट गूल्ड की 'जूडी'.

“आप मुझे भूलोगे तो नहीं? नहीं न?
मुझसे वादा करो कि नहीं भूलोगे.”

– लंदन में एक कॉन्सर्ट में अपने अंतिम परफॉर्मेंस के बाद एक्ट्रेस, सिंगर जूडी गारलैंड श्रोताओं को देखकर ये पूछती हैं. उन्होंने अपनी सारी जिंदगी शो-बिज़ को दे दी. पर्सनल लाइफ, आज़ादी, बच्चे, परिवार, स्वास्थ्य सबकुछ. अब एक ही चीज बची है जो मिलनी ही चाहिए. कद्रदानों की स्मृति में जगह और प्यार. जो मिलती भी है. अंत में तालियों की गड़गड़ाहट के बीच, भीड़ में से कोई फैन चिल्लाता है – आई लव यू जूडी. तो जूडी जवाब देती हैं – मैं भी आप सबसे प्यार करती हूं. इस पूरे शहर से. और उनसे वादा लेती हैं कि कभी भूल न जाना.

1968 का साल है. जूडी नाम की एक्ट्रेस और सिंगर लंदन आती है. यहां के टॉक ऑफ द टाउन कैबरे क्लब में परफॉर्म करने. पांच हफ्ते के लिए.

जूडी ने सारी ज़िंदगी हॉलीवुड को दे दी. इसके बाद भी अमेरिका में उसे ऑफर आने बंद हो गए हैं. ब्रिटेन में अभी भी सच्चे फैन मौजूद हैं जो फिदा हैं. मसलन, एक गे कपल जो उसे लंदन की सड़कों पर मिलता है. अपने घर ले जाता है. साथ में खाना खाते हैं, गाते हैं, बातें करते हैं, रोते हैं, अपनापन जोड़ते हैं.

ब्रिटेन आने के पीछे जूडी का मकसद है पैसे कमाना ताकि उससे अपने दोनों बच्चों की जिम्मेदारी उठा सके. उनके साथ समय बिता सके. जो अभी उसके तीसरे तलाकशुदा पति के साथ हैं.

Oscars 2020 Series Lallantop Judy

लेकिन लाइफ टफ है. जूडी के पास ढंग का मैनेजर नहीं है. वो बीमार भी है. शराब पीती है. नशीली दवाएं लेती है. बर्ताव चिड़चिड़ा हो गया है. अनुशासन नहीं रहा. न रिहर्सल करने का, न परफॉर्मेंस पर टाइम पर पहुंचने का. मैनेजमेंट से लड़ाई होती है. कभी श्रोताओं से टकराव होता है. इन स्थितियों में क्या उसे कोई राहत देने वाला साथी मिलता है और ये टुअर उसके लिए कैसा साबित होता है ये आगे दिखता है.

कहानी फ्लैशबैक में भी जाती है. ग्लैमर इंडस्ट्री में उसका शुरुआती दौर दिखता है. जहां सारी चमक, मनोरंजन और पवित्रता के आभास के पीछे कुरूपता छुपी होती है.

टीन एज में जब जूडी बाकी लड़कियों की तरह तैरना चाहती है, फिल्म देखने जाना चाहती है, मन का खाना चाहती है, तब हर हसरत कुचल दी जाती है. ‘द विज़र्ड ऑफ ऑज़’ की शूटिंग के दौरान एमजीएम स्टूडियो का मैनेजर लुई बी. मेयर कहता है – लोगों को सपने दो. तुम्हारी आवाज़ सबसे ख़ास है, ऐसी किसी के पास नहीं. शादी, घर, बच्चे ये सब व्यर्थ हैं. काम करो, 20 साल की होने से पहले लाखों डॉलर कमा लोगी. कम उम्र लड़की की थी तब, इन बातों की काट नहीं थी उसके बाद. क्षणिक बगावतें कर देती थी लेकिन होता वही था जो स्टूडियो चाहता था. उससे लगातार काम करवाया जाता था. डायट करवाई जाती. भूख लगने पर गोलियां दी जाती थीं ताकि खाना खाने का समय बचे. अपने सुविधा से सुलाना हो तो फिर गोलियां. जूडी को ड्रग्स पर निर्भर यहीं से बनाया गया.

फिल्म में एक सीन भी है जहां उम्र के आखिरी पड़ाव में जूडी एक केक का टुकड़ा खाने से पहले कई देर रुकी रहती है. शो-बिज़ में मन का खाने को लेकर ऐसा फोबिया और वंचना रही है. खाने के बाद वो खुश होती है, उसके स्वाद की तारीफ करते जाती है.

Oscars 2020 Judy Best Actress Renee Zellweger Scene Eating Cake
फिर वो कहती है – “शायद मैं भूखी ही थी.” कितनी बड़ी बात. (फोटोः पाथे)

कलाकार वर्ग में इस फिल्म को लेकर विशेष आकर्षण है तो दो कारणों से. पहला है रेने जे़लवेगर का हैरान करने वाला अभिनय. जिसे लूज़ली मैथड एक्टिंग या बॉडी एक्टिंग की संज्ञा दी जा सकती है. लेकिन वो अंदरूनी अभिनय भी है. एक्टिंग की इस एलीट रेंज को अधिकर पुरुष एक्टर्स से ही जोड़ दिया गया है. जैसे – डेनियल डे लुइस या क्रिश्चन बेल या फिर वाकीन फीनिक्स. एक्ट्रेसेज़ द्वितीयक ही रहती हैं चाहे बेस्ट एक्ट्रेस का ऑस्कर ही क्यों न जीत रही हों.

दूसरी बात है इस फिल्म का एक हॉलीवुड लैजेंड की लाइफ पर बेस्ड होना. जूडी गारलैंड अमेरिकी पॉपुलर कल्चर का बहुत बड़ा चेहरा हैं. 1940 में उन्हें ‘द विज़र्ड ऑफ द ऑज़’ में एक्टिंग के लिए जुवेनाइल ऑस्कर भी मिला. उसी फिल्म में उन्होंने ‘ओवर द रेनबो’ गाना भी गाया था जिसे अनगिनत सम्मान मिले. 2017 में इसे लाइब्रेरी ऑफ कांग्रेस में शामिल करते हुए – सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और कलात्मक महत्व का म्यूज़िक बताया गया. इस गाने की एक मेडली हवाई के सिंगर और एक्टिविस्ट इज़रायल कामाकाविवो-ओले ने 1989 में गाई जिसे रोती आंखों से बार-बार सुना जा सकता है.

जूडी की 1969 में मृत्यु हो गई. अनजाने में दवा के ओवरडोज़ के कारण. उसके 50 साल बाद उनकी कहानी को फिर से कहा गया है. वो सिर्फ 47 की थी. ये फिल्म उनकी मौत से एक साल पहले का समय दिखाती है.

इस मूवी को रूपर्ट गूल्ड ने डायरेक्ट किया है. मूल रूप से वो इंग्लिश थियेटर से आते हैं. जूडी भी एक स्टेज प्ले ‘एंड ऑफ रेनबो’ से एडेप्टेड है. करीब 24 साल से रूपर्ट प्ले डायरेक्ट कर रहे हैं. टीवी के लिए दो-तीन फिल्में बनाई हैं. सिनेमाघर के लिए पहली फिल्म 2015 में बनाई थी – ट्रू स्टोरी. वो एक जर्नलिस्ट की कहानी थी जो एक ऐसे आदमी से मिलने जेल जाता है जो अपने बीवी बच्चों के क़त्ल के आरोप में बंद है और बाद में ख़ुद को उलझाने वाली स्थिति में पाता है. ‘जूडी’ रूपर्ट की दूसरी फीचर है.

फिल्म में लीड रोल रेने ज़ेलवेगर ने किया है. वो बड़ी समर्थ एक्ट्रेस हैं. अधिकतर दर्शकों ने उन्हें ज़रूर कई फिल्मों में देखा होगा. जैसे टॉम क्रूज़ के साथ ‘जैरी मैग्वायर’ में या फिर जिम कैरी के साथ ‘मी माईसेल्फ एंड आइरीन’ में. या फिर रसेल क्रो के साथ ‘सिंडरेला मैन’ में. उनका काम हमेशा ही देखने लायक होता है. 2004 में उन्होंने वॉर मूवी ‘कोल्ड माउंटेन’ के लिए बेस्ट सपोर्टिंग एक्ट्रेस का ऑस्कर भी जीता. अब ‘जूडी’ के साथ वे बेस्ट एक्ट्रेस का ऑस्कर जीती हैं.

2020 के ऑस्कर में ‘जूडी’:
2 नॉमिनेशन मिले. 1 जीता.

बेस्ट एक्ट्रेस – रेने ज़ेलवेगर
मेकअप और हेयरस्टाइलिंग – जैरेमी वुडहैड

2020 की ऑस्कर सीरीज़ की अन्य फ़िल्मों के बारे में पढ़ें:
Parasite – 2020 के ऑस्कर में सबको तहस नहस करने वाली छोटी सी फ़िल्म
1917 – इस ऑस्कर की सबसे तगड़ी फ़िल्म जिसे देखते हुए मुंह खुला का खुला रह जाता है
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