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ओडिशा का ममिता मेहेर हत्याकांड, जिसमें बीजेडी सरकार के मंत्री का नाम उछला और बवाल मच गया

ओडिशा में ममिता मेहेर (सेंटर) नाम की टीचर 8 अक्टूबर को लापता हो गई. हत्या का आरोप स्कूल के मैनेजमेंट कमेटी के अध्यक्ष गोविंद साहू (लेफ्ट) पर है. उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है. इस घटना की आंच नवीन पटनायक सरकार पर भी आ रही है क्योंकि उनके मंत्री दिब्य शंकर मिश्रा (राइट) का कनेक्शन उस स्कूल से बताया जा रहा है जहां ममिता पढ़ाती थी. (फोटो-ट्विटर से)

ओडिशा में 24 साल की एक टीचर ममिता मेहेर की मौत का मामला अब तूल पकड़ चुका है. इसे लेकर पिछले कुछ दिनों से ट्विटर पर #JusticeForMamita ट्रेंड कर रहा है. पहले इस केस में आरोपी के तौर पर स्कूल के ही एक अधिकारी का नाम आया था, लेकिन अब ओडिशा के एक मंत्री के कनेक्शन की बात भी सामने आ रही है. मृतक टीचर के परिवार वाले उस स्कूल पर गंभीर आरोप लगा रहे हैं जहां ममिता मेहेर पढ़ाती थीं. आखिर क्या है पूरा मामला और इससे ओडिशा की राजनीति में क्यों भूचाल आ गया है, आइए जानते हैं.

क्या है पूरा मामला?

ओडिशा का बालांगिर जिला. यहां के तुरीकेला तहसील में रहती थीं 24 साल की ममिता मेहेर. वो कालाहंडी जिले के महालिंग इलाके में सनशाइन इंग्लिश मीडियम स्कूल में पढ़ाती थीं. ममिता पर अंग्रेजी पढ़ाने की जिम्मेदारी तो थी ही, साथ ही उन्हें स्कूल के गर्ल्स हॉस्टल का वार्डन भी बनाया गया था. पढ़ाने से लेकर बाकी सब ठीक चल रहा था. लेकिन बीती 8 अक्टूबर को अचानक ममिता मेहेर लापता हो गईं.

घरवालों को जब इस बात की खबर लगी तो उन्होंने गोविंद साहू के ऊपर गंभीर आरोप लगाए. गोविंद साहू, ममिता के स्कूल की मैनेजमेंट कमेटी का प्रेसिडेंट बताया गया है. परिवारवालों का आरोप है कि ममिता को साहू ने ही काम के सिलसिले में स्कूल बुलाया था. उन्हें कहा गया कि वो चंदोतारा नाम की जगह पर पहुंच जाएं. वहां उन्हें आरोपी गोविंद साहू ने अपनी कार में लिफ्ट दी. रिपोर्ट के मुताबिक ममिता बस में बैठ कर चंदोतारा तो पहुंचीं लेकिन उसके बाद लापता हो गईं. उनका मोबाइल भी स्विच ऑफ हो गया. उनकी मौत की खबर के बाद परिवार का आरोप ने लगाया कि गोविंद साहू स्कूल की महिला कर्मचारियों का यौन शोषण करता है. उन्हें शारीरिक संबंध बनाने पर मजबूर करता है. परिवार का दावा है कि हाल ही में ममिता ने साहू को चेताया था कि वो अपनी हरकतों से बाज आ जाए वरना वो पूरे मामले का भंडाफोड़ कर देंगी.

इन आरोपों के साथ ममिता के परिवार ने पुलिस में मामला दर्ज कराया है. पुलिस ने साहू को पूछताछ के लिए हिरासत में ले लिया. उसे तीतलगढ़ पुलिस बैरक में रखा गया है. तब तक ममिता के बारे में कुछ साफ नहीं हो पा रहा था. पुलिस ये भी नहीं जान पा रही थी कि वो जिंदा भी हैं कि नहीं. उसे पीड़िता का कोई सुराग नहीं मिल रहा था.

इस दौरान गोविंद साहू ने पुलिस को चकमा दे दिया. 17 अक्टूबर की रात साहू पुलिस कस्टडी में था. उसने बाथरूम जाने की बात कही. इजाजत दी गई. फिर उसने हाथ धोने की बात कही. वो भी करने दिया गया. बस, वो ऐसा हाथ धोने गया कि वापस ही नहीं आया. गोविंद साहू रात के अंधेरे में रफू-चक्कर हो गया. ये पता चला तो मामले पर फिर बवाल शुरू हुआ.

पुलिस की दो तरफा किरकिरी हो रही थी. एक तो वो ममिता का पता नहीं लगा पा रही थी, दूसरे आरोपी भी फरार हो गया था. साहू के फरार होने की घटना पर एक्शन लेते हुए बालांगिर के एसपी कौशलकर नितिन दागुडु ने तीन कांस्टेबल को सस्पेंड कर दिया.

इस बीच एक ऑडियो क्लिप सामने आई. इसमें दो लोग बात करते सुनाई दे रहे हैं. इसमें कथित तौर पर ममिता का एक सहकर्मी और उनका भाई बात कर रहे हैं. क्लिप में ममिता का सहकर्मी उसके भाई को बता रहा है कि किस तरह से साहू महिला कर्मचारियों के शोषण में शामिल है. वो ये भी बता रहा है कि ममिता को उनके गायब होने से एक दिन पहले किसी आधिकारिक मीटिंग के लिए बुलाया गया था.

पुलिस और सरकार पर लग रहे गंभीर आरोप

मंगलवार 19 अक्टूबर. महालिंग आचलिक कॉलेज परिसर में स्टेडियम कॉम्प्लेक्स बनाने का काम चल रहा था. इस दौरान वहां एक युवती का अधजला शव बरामद हुआ. उसके पास से चेन, पायल और पर्स बरामद हुए. इनके आधार पर ममिता के परिवारवालों ने शव की पहचान की. इसके कुछ घंटों बाद पुलिस ने फरार आरोपी गोविंद साहू को बालांगिर जिले के बुढ़ीपदर गांव के एक गन्ना खेत से गिरफ्तार कर लिया.

इस दौरान मृतका के परिजन मामले में ढिलाई बरतने के आरोप लगाते रहे. इसमें विपक्षी दल बीजेपी भी शामिल हो गई. ममिता के भाई बंटी ने पुलिस पर आरोप लगाया है कि गोविंद साहू स्कूल में एक सेक्स रैकेट चला रहा था जिसका ममिता विरोध कर रही थीं और खुलासा करने की चेतावनी दी थी. बंटी का कहना है कि इसकी पूरी संभावना है कि साहू ने ही उनकी बहन का अपहरण कर उन्हें मार दिया हो. इस मामले पर अंग्रेजी अखबार द न्यू इंडियन एक्सप्रेस से बात करते हुए डीआईजी नॉर्थ रेंज दीपक कुमार ने बताया,

“हमारे पास गोविंद साहू के खिलाफ पुख्ता सबूत हैं और उससे पूछताछ जारी है. इस पूछताछ में पूरी घटना की कड़ियों को जोड़ने को लेकर जानकारी जुटाई जाएगी.”

इस पूरे प्रकरण ने ओडिशा की बीजेडी सरकार को असहज कर दिया है. उसके एक मंत्री का नाम आरोपी गोविंद साहू को संरक्षण देने के लिए सामने आया है. इस मिनिस्टर का नाम है दिब्य शंकर मिश्रा. उनकी गोविंद साहू के साथ कई तस्वीरें सामने आई हैं. खबरों के मुताबिक, दिब्य शंकर मिश्रा ने उस स्कूल के एक कार्यक्रम में भी हिस्सा लिया था जहां का ये पूरा वाकया है. सिर्फ मिश्रा ही नहीं राज्य सरकार के दूसरे मंत्री भी इस स्कूल के कार्यक्रमों में शामिल होते रहे हैं. इनमें कानून मंत्री प्रताप जेना, पर्यटन मंत्री ज्योति प्रकाश पाणिग्रही और दूसरे नेता शामिल हैं. विपक्षी पार्टियों ने इस मामले को लेकर सरकार पर हमला बोला है. कांग्रेस के विधायक संतोष सिंह सलूजा ने मिनिस्टर दिब्य शंकर मिश्रा के इस्तीफे की मांग कर डाली. वहीं बीजेपी के प्रदेश उपाध्यक्ष बिजयंत जे पांडा ने ट्वीट किया,

“पिछले 12 सालों में सरकार की आपराधिकता के चलते ओडिशा में महिलाओं के खिलाफ अपराधों में काफी बढ़ोतरी हुई है. अब फिर एक मंत्री का नाम उस मामले में आ रहा है जहां महिला स्कूल टीचर की हत्या हुई और बच्चियों का कथित तौर पर शोषण किया जा रहा था. क्या इसे नेशनल मीडिया कवर करेगा?”

 

वहीं बीजेपी महिला मोर्चा ने ट्वीट किया,

“ओडिशा से फिर हैरान करने वाली घटना सामने आई है. भ्रष्ट बीजेडी नेताओं और अपराधियों के गठजोड़ का नतीजा है कि ममिता मेहेर नाम की युवा महिला की हत्या हो गई है. उसने सेक्स रैकेट के खिलाफ आवाज़ उठाई. ओडिशा में महिलाओं के खिलाफ अपराध बढ़ रहा है और सत्ताधारी पार्टी इससे पल्ला झाड़ रही है.”

केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने भी मामले में ट्वीट किया. इसमें उन्होंने लिखा,

“ओडिशा जैसे राज्य में महिला अपराध और उत्पीड़न की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं. ये कोई आम अपराध नहीं है. चीफ मिनिस्टर को मामले की गंभीरता का संज्ञान लेते हुए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त एक्शन लेना चाहिए.”

 

साफ है विपक्षी पार्टियों ने बीजू जनता दल की सरकार और सीएम नवीन पटनायक के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. प्रदर्शन भी हो रहे हैं. हालांकि अभी सरकार की तरफ से मंत्री दिब्य शंकर मिश्रा के खिलाफ कोई एक्शन लिया गया है. फिलहाल पुलिस ने मृतका की पहचान की पुष्टि के लिए डीएनए टेस्ट के लिए सैंपल लैब भेज दिए हैं. आगे इस मामले में क्या होता है इसकी जानकारी हम आप तक लाते रहेंगे.

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