Submit your post

Follow Us

डियर धोनी फैन्स! आपके थला की महानता से इनकार नहीं, पर आप आंकड़ों से इतना डरते क्यों हैं?

‘संख्याएं ज्ञान की सर्वोच्च डिग्री हैं. यह अपने आप में ज्ञान ही है.’

मशहूर ग्रीक दार्शनिक प्लेतो ने यह लिखते/बोलते हुए कल्पना भी नहीं की होगी कि सुदूर भारत में बैठे कई लोग, सब नहीं, कई लोग भविष्य में उनकी इस बात की धज्जियां उड़ा देंगे. लेकिन ऐसा हो चुका है. पैदा होने से लेकर मरने तक नंबर्स में उलझा रहने वाला दो पैसे का ट्रोल भी चाहता है कि आप उसके पसंदीदा व्यक्ति के बारे में नंबर्स का ज़िक्र किए बिना बात करें.

और मजेदार बात ये है कि इस ट्रोल को हर चीज में नंबर्स चाहिए होते हैं. माइंड यू, हर चीज में. लेकिन अगर आप नंबर्स के साथ इसके पसंदीदा व्यक्ति के बारे में कुछ तथ्य सामने रखें, तो ये किलस जाता है. जैसे अभी पिछले ही हफ्ते मैंने एक ओपिनियन लिखा था. जाहिर है, न्यूज़ के साथ व्यूज देना भी मेरे काम का हिस्सा है. और मैं बस अपना काम कर रहा था. लेकिन सस्ते ट्रोल्स को मेरा ये काम पसंद नहीं आया.

Dhoni Fans Hate Stats?

क्योंकि मेरे इस काम में पब्लिक में पड़े आंकड़े थे. जिनमें उनके पसंदीदा क्रिकेट कप्तान की नाकामी दिख रही थी. जाहिर तौर पर महेंद्र सिंह धोनी भारत के महानतम क्रिकेट कप्तान हैं. इस बात से कोई भी इनकार नहीं कर सकता. धोनी तीनों ICC ट्रॉफीज जीतने वाले इकलौते कप्तान हैं. उनके अलावा कोई भी कप्तान भारत को दो अलग-अलग फॉर्मेट्स का वर्ल्ड कप नहीं जिता पाया है.

कमाल की बात पर गौर किया आपने? यहां भी नंबर्स की बात है. तीन ICC ट्रॉफीज, दो वर्ल्ड कप, इतने मैच जीते, इतने रन बनाए, इतने शिकार किए. नंबर्स की बात नहीं करेंगे तो जीवन के किसी भी क्षेत्र में कोई भी बात पूरी नहीं होगी. आप सुबह दूध लेने जाते हैं तो कहते हैं ना- आधा लीटर या एक लीटर या जैसी आपको जरूरत है, उतना दूध दे दीजिए. क्या आप ऐसे कह सकते हैं- दूध दे दीजिए? और दुकान वाला बिना कुछ पूछे दूध दे देगा? नहीं देगा. क्योंकि दूध की डिलिवरी से लेकर पैसे लेने तक नंबर्स का जिक्र आएगा ही.

और यही नंबर्स कहते हैं कि धोनी ने अपनी कप्तानी में 33 में से कुल 21 T20I मैच जीते हैं. यानी सिर्फ 12 मैच हारे हैं. अब ये 12 मैच कौन से थे? इनमें सात मैच सुपर-8 के थे, एक सेमी फाइनल और एक फाइनल. यानी 12 में से नौ बेहद जरूरी मैच हम धोनी की कप्तानी में ही हारे. जाहिर है ये रिकॉर्ड कहीं से भी इतने महान नहीं हैं कि इन्हें टी-20 वर्ल्ड कप में जीत की गारंटी मान लिया जाए.

‘इतनी गालियां पड़ीं कि आइंस्टाइन याद आ गए’

वापस विषय पर लौटें तो इस देश में ओपिनियन देने में कुछ नया नहीं है. किसी भी सभ्य समाज की तरह हमारे यहां भी लोगों के अलग-अलग ओपिनियन होते हैं और वो सब एकसाथ एक ही घर में रहते हैं. अपना ही उदाहरण दूं तो मेरे पिताजी का मानना है कि मेरी नौकरी वक्त की बर्बादी है. ना इसमें भविष्य है और ना पैसे, इसमें सिर्फ अथाह मेहनत है. और मैं उनसे एकदम अलग सोचते हुए इसी फील्ड में जमा हूं.

मेरे पास अपने तर्क हैं और उनके पास अपने. और चैतन्य समाज में तर्कों की जरूरत भी है. तर्क नहीं होंगे तो सब धान एक पसेरी अर्थात सबकुछ एक जैसा ही हो जाएगा. और ये होना तो सर्वथा गलत ही होगा, ये सभी जानते हैं. क्योंकि लंबे दाने वाले बासमती चावल को आप टूटे चावल के साथ नहीं रख सकते. दोनों का अपना महत्व है और इन्हें इस्तेमाल करने वालों के पास इन्हें चुनने की आज़ादी.

लेकिन ऐसा तो नहीं है ना कि टूटे चावल के चाहने वाले कभी बासमती चावल खाने वालों को दौड़ा लें? उन्हें गालियां दें, धमकाएं और असभ्य तरीके से शिकायतें करें? कई दिन तक, फेसबुक, ट्विटर, ईमेल जैसे तमाम माध्यमों पर गाली खाने के बाद मुझे अल्बर्ट आइंस्टीन का एक क़ोट याद आया. उन्होंने कहा था,

‘महान आत्माओं को हमेशा औसत दर्जे के लोगों के हिंसक विरोध का सामना करना पड़ा है. औसत दर्जे का दिमाग उस व्यक्ति को समझने में असमर्थ होता है जो परंपरागत पूर्वाग्रहों के आगे आंख मूंदकर झुकने से इनकार करता है, और इसके बजाय साहस और ईमानदारी से अपनी राय व्यक्त करने का विकल्प चुनता है.’

और यकीन मानिए, ये औसत दर्जे के ही लोग थे जिन्होंने मुझे इतनी गालियां दीं, इतने तरीकों से कोसा, मेरी नौकरी जाने की दुआ की, मेरे मरने की दुआएं मांगी… जो उनसे बन पड़ा सब किया, सिवाय फैक्ट्स पर सवाल उठाने के. और सवाल उठे तो भी कैसे उठे? IPL स्टैट्स देखे हैं? चंद पलों पहले मेरे सारे स्टैट्स को धता बताने वाली जनता चाहती थी कि मैं IPL के स्टैट्स देखूं.

# Dhoni IPL Stats

मैं देखकर आया. धोनी सबसे ज्यादा फाइनल हारने वाले कप्तान हैं. जबकि रोहित शर्मा के नाम पांच IPL खिताब हैं. यहां भी धोनी बेस्ट नहीं दिखे. एक बात साफ कर दूं कि मैं ये तुलना नहीं करना चाहता था. लेकिन लोगों के कहने पर मुझे मजबूर होकर ये करना पड़ा कि ऐसा तो नहीं कि मै गलत हूं. और देखिए, मैं यहां भी फैक्ट के अंदर हूं. फैक्ट से जुड़ी कोई गलती नहीं है.

और ये फैक्ट मेरे बनाए हुए नहीं हैं. ये पूरी तरह से सच हैं और सालों से पब्लिक डोमेन में पड़े हैं. मैंने तो बस इन्हें उठाकर वो गुब्बारा फोड़ने की कोशिश की, जिससे लटककर करोड़ों भारतीय T20 वर्ल्ड कप की ट्रॉफी उठाने UAE निकलने की फिराक में थे. और इस ईमानदार कोशिश में एक परसेंट भी दुराग्रह नहीं था.

इस ओपनियन में मैंने रवि शास्त्री और धोनी के बीच संभावित तकरार का ज़िक्र किया था. और मेरी जानकारी में सबसे पहले ये बात सुनील गावस्कर ने पब्लिक डोमेन में कही थी. बाद में कई अन्य लोगों ने भी इस पर सहमति जताई. अब अगर मेरा ओपिनियन सर्वकालिक महान ओपनर से मिलता है तो मेरी क्या गलती है? मैंने बस कयास लगाया और ये तो हमारी डेली लाइफ का हिस्सा है.

सोकर उठने से लेकर सोने तक हम कयास ही तो लगाते हैं. इतने बजे ऑफिस पहुंच जाएंगे, इतने बजे निकल लेंगे, फिर इतने बजे से मार्केट चले जाएं और इतने बजे सो जाएंगे. ये कयास ही तो है ना? और जाहिर तौर पर सालों से किसी चीज पर मेहनत कर रहे इंसान को अगर सफलता आने से पहले ही थोपा हुआ पार्टनर मिल जाए तो समस्या तो होनी ही है.

# Social Media Bulling and Abuse

अब बात एक जरूरी मुद्दे पर. ये आर्टिकल सोशल मीडिया पर बेतहाशा वायरल है. लोग इस पर खूब चर्चा कर रहे हैं. सिर्फ भारत नहीं विदेशों में बैठे थला फै़न्स भी स्टैट्स से इतर थला के क़िस्से सुना रहे. जाहिर है कि सच्चे स्टैट्स कटने नहीं हैं तो आप उन्हें ढकने की कोशिश करेंगे. और ये कोशिश करने के लिए इमोशंस से बड़ा हथियार क्या हो सकता है?

तो उन्होंने ऐसा ही किया. आंकड़ों की बात करने वालों को बहुत भला-बुरा कहते हुए धोनी के कुछ चुने हुए आंकड़े रखे. और फिर पूरी आंकड़ेबाजी को इस बात से नकार दिया कि धोनी का खेल आंकड़ों से नहीं तौला जा सकता. क्योंकि ही इज डिफरेंट. अब इनकी बात क्या ही करें, हमारी तो पूरे ओपिनियन का आधार ही आंकड़े थे.

लेकिन इनके बाद आए इनके और सस्ते वर्जन. इन्होंने क्या किया ये मैं पहले ही बता चुका हूं. शुरू में मैंने इन पर ध्यान नहीं दिया. लेकिन फिर सोचा कि इन्हें ऐसे खुला तो नहीं छोड़ सकते ना? इसलिए मैंने अथॉरिटीज और सोशल मीडिया कंपनियों के पास शिकायत भेजनी शुरू की. लेकिन सारे सबूतों के साथ की हुई शिकायतों पर भी अभी तक कोई एक्शन नहीं हुआ है.

अपनी छवि चमकाने के लिए नित नए मेमे ट्वीट करने वाली दिल्ली और यूपी पुलिस के पास एक जेनुइन धमकी पर एक्शन लेने का वक्त नहीं है. इस पूरे मसले की सबसे शर्मनाक बात ये है कि एक आजाद समाज में कोई तर्कों के साथ अपनी बात रखने के बदले गालियां और जान से मारे जाने की धमकियां सुन रहा है. और पूरा प्रशासन हाथ पर हाथ धरे बैठा है.

लेकिन प्रशासन और ट्रोल्स दोनों ही जान लें, मेरा की-बोर्ड (अब कलम से लिखते जो नहीं) किसी धमकी के आगे नहीं झुकेगा. और न ही इस बार ये सस्ते ट्रोल सस्ते में छूट पाएंगे.


T20 वर्ल्ड कप में धोनी की कप्तानी और बैटिंग के रिकॉर्ड क्या कहते हैं?

लगातार लल्लनटॉप खबरों की सप्लाई के लिए फेसबुक पर लाइक करें

कौन हो तुम

'मनी हाइस्ट' वाले प्रोफेसर की पूरी कहानी, जिनकी पत्नी ने कहा था, 'कभी फेमस नहीं हो पाओगे'

अलवारो मोर्टे ने वेटर तक का काम किया हुआ है. और एक वक्त तो ऐसा था कि बकौल उनके कैंसर से जान जाने वाली थी.

एक्टर शरत सक्सेना की कहानी, जिन्होंने 71 साल की उम्र में ज़बरदस्त बॉडी बनाकर सबको चौंका दिया

हीरो बनने आए शरत सक्सेना कैसे गुंडे का चमचा बनने पर मजबूर हुए?

'भीगे होंठ तेरे' वाले कुणाल गांजावाला आजकल कहाँ हैं?

एक वक़्त इंडस्ट्री में टॉप पर थे कुणाल और उनके गाने पार्टियों की जान हुआ करते थे.

राज कुंद्रा की पूरी कहानी, 18 की उम्र में शॉल बेचने से शुरुआत करने वाले राज यहां तक कैसे पहुंचे?

IPL स्कैंडल, मॉडल्स के आरोप, अंडरवर्ल्ड कनेक्शंस के आरोप, एक्स वाइफ के इल्ज़ाम सब हैं इस कहानी में.

रिचर्ड ब्रैनसन: जिन्होंने पहले अंतरिक्ष के दर्शन करके जेफ बेजोस का मजा खराब कर दिया

रिचर्ड ब्रेन्सन की कहानी, जहां भी गए तहलका मचा दिया.

'सिंघम' IPS से तमिलनाडु BJP के सबसे युवा अध्यक्ष बने अन्नामलाई की कहानी

पहला चुनाव हार गए थे, बीजेपी ने राज्य की जिम्मेदारी सौंपी है.

'तड़प-तड़प के' जैसा प्रेमियों का ब्रेकअप एंथम देने वाले सिंगर के के आजकल कहां हैं?

उनके गाए 'पल' गाने के बगैर आज भी किसी कॉलेज का फेयरवेल पूरा नहीं होता.

कर लिया योगा? अब क्विज खेलने से होगा

आन्हां, ऐसे नहीं कि योग बस किए, दिखाना पड़ेगा कि बुद्धिबल कित्ता बढ़ा.

तमिल जनता आखिर क्यों कर रही है 'फैमिली मैन-2' का विरोध, क्या है LTTE की पूरी कहानी?

जब ट्रेलर आया था, तबसे लगातार विरोध जारी है.

माधुरी से डायरेक्ट बोलो 'हम आपके हैं फैन'

आज जानते हो किसका हैप्पी बड्डे है? माधुरी दीक्षित का. अपन आपका फैन मीटर जांचेंगे. ये क्विज खेलो.