Submit your post

Follow Us

पार्थिव को हमेशा याद रखेंगे सिडनी, लाहौर, रावलपिंडी!

17 साल की उम्र में जब पार्थिव पटेल ने अपना डेब्यू किया तो उन्हें देखकर बहुतों ने कहा ये बच्चा तो 17 का भी नहीं लगता. लेकिन इस प्लेयर ने अपने खेल से विरोधी टीमों को ये बता दिया कि इस भोली सूरत पर मत जाना. क्योंकि खेल तो अभी शुरू हुआ है.

साल 2002 में अजय रात्रा को चोट लगी तो तुरंत पार्थिव पटेल को इंग्लैंड के लिए तैयार किया गया. वैसे तो 2002 में ही पार्थिव ने न्यूज़ीलैंड में खेले गए अंडर-19 विश्वकप में भारतीय टीम की कप्तानी की थी. लेकिन टीम जीत नहीं सकी इसलिए उनके नाम की चर्चा बहुत ज्यादा नहीं हुई.

2002 में डेब्यू के बाद वो वेस्टइंडीज़, न्यूज़ीलैंड और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ घर में और विदेश में खूब खेले. उन्हें 2002 से 2004 तक भारतीय टीम में कई मौके मिले. लेकिन उनका बल्ला अब तक कुछ खास नहीं कर पाया. फिर आया सिडनी टेस्ट और उनके खेल ने रफ्तार पकड़ी. इसके बाद तो उनका बल्ला रावलपिंडी से लाहौर तक गरजा.

आइये इंटरनेशनल क्रिकेट में पार्थिव की खास पारियों पर एक नज़र डालते हैं:

पहला नंबर, साल 2004. सिडनी टेस्ट:

विश्वकप की हार के बाद भारतीय टीम सौरव गांगुली की कप्तानी में ऑस्ट्रेलिया दौरे पर थी. टीम ने ब्रिस्बेन में ड्रॉ खेला. लेकिन सीरीज़ के दूसरे टेस्ट में शानदार जीत दर्ज कर ली. 2001 की ऐतिहासिक जीत के बाद भारतीय टीम का आत्मविश्वास सातवें आसमान पर था.

लेकिन ऑस्ट्रेलिया ने मेलबर्न टेस्ट जीतकर सीरीज़ में शानदार वापसी की. सीरीज़ 1-1 पर खड़ी थी और आखिरी टेस्ट जीतने वाली टीम सीरीज़ जीतती. सिडनी में दोनों टीमें पहुंच गई. लेकिन भारत उस दिन अलग ही फॉर्म में था. सहवाग, आकाश चोपड़ा ने टीम को अच्छी शुरुआत दिलाई. इसके बाद सचिन ने दोहरा शतक ठोक दिया. साथ ही वीवीएस लक्ष्मण की शानदार पारी ने भी भारत को बड़े स्कोर की तरफ बढ़ाया.

अब सातवें नंबर पर बल्लेबाज़ी करने उतरे पार्थिव पटेल. सामने ब्रेट ली, गिलेस्पी, ब्रैकन जैसे गेंदबाज़ों का पेस अटैक. अब तक दो साल का वक्त बीतने को था लेकिन बल्ले से कोई अर्धशतक भी नहीं निकला था. पार्थिव ने इस दिन ठान लिया, आज कुछ कर दिखाना है.

उन्होंने टेस्ट मैच में ताबड़तोड़ बैटिंग शुरू कर दी. ऑस्ट्रेलिया के धांसू पेस अटैक के सामने 50 गेंदों में उन्होंने 11 चौके लगा दिए. पार्थिव ने उस दिन 62 रन की शानदार पारी खेली. उनकी इस पारी से आखिर में भारत 700 रनों के पार पहुंचने में कामयाब रहा. ये टेस्ट बाद में ड्रॉ पर खत्म हुआ लेकिन पार्थिव ने अपनी खास पहचान ज़रूर बना ली.

अगला नंबर, साल 2004. लाहौर टेस्ट:

साल 2004 में भारतीय टीम पाकिस्तान दौरे पर गई. तीन मैचों की सीरीज़ का पहला मैच जीतकर भारत 1-0 से आगे था. लेकिन लाहौर में होने वाले दूसरे टेस्ट के लिए उमर गुल ने कुछ खास तैयारी की थी. वो गेंद लेकर उतरे और भारतीय टीम को ढेर कर दिया. युवराज ने सेंचुरी बनाई लेकिन टीम इंडिया पहले बैटिंग करते हुए 287 रन पर ऑल-आउट हो गई.

पाकिस्तान ने जवाब में 489 रन बनाए और भारत फंस गया. पाकिस्तान की 202 रन की बढ़त के आगे भारतीय टीम प्रेशर में आ गई. सहवाग को छोड़ सचिन, द्रविड़, लक्ष्मण सब एक-एक कर 105 रन तक पवेलियन लौट गए. भारत पर पारी की हार का खतरा मंडराने लगा.

अब मैदान पर उतरे पार्थिव. उन्होंने पाकिस्तानी पेस अटैक को पाकिस्तान में ही परेशान करने का मन बना लिया. पार्थिव ने शानदार तरीके से बल्लेबाज़ी की और बढ़िया टेम्परामेंट दिखाया. उन्होंने शोएब अख्तर, उमर गुल, मोहम्मद सामी और दानिश कनेरिया वाले बोलिंग अटैक को जमकर थकाया. वीरेंद्र सहवाग ने भी 160 के स्कोर पर अपना विकेट गंवा दिया. लेकिन पटेल जमे रहे और अपना विकेट नहीं दिया. उन्होंने 172 मिनट यानी लगभग आधे दिन बल्लेबाज़ी की और 107 गेंदों का सामना किया. जिसमें उनके नाम 10 चौकों के साथ 62 रन की पारी आई.

भारत इस मैच को बचा नहीं सका लेकिन इस लड़के ने पाकिस्तान में जाकर पाकिस्तानी पेस अटैक की नाक में दम कर दिया.

Parthiv Patel New
सबसे कम उम्र वाले विकेटकीपर पार्थिव पटेल. फोटो: Getty

तीसरा नंबर, साल 2004, रावलपिंडी टेस्ट:

सीरीज़ का तीसरा और निर्णायक टेस्ट खेला जा रहा था. भारत ने पहली पारी में पाकिस्तान को 224 रन पर समेट दिया. रावलपिंडी एक्सप्रेस के नाम से मशहूर शोएब अख्तर के घर में भारतीय गेंदबाज़ी ने सोए शोएब को जगा दिया. शोएब ने आते ही पहली गेंद पर सहवाग को वापस पवेलियन भेज दिया. शोएब की 150 की रफ्तार की गेंदें आने लगीं. भारत पर दबाव बन गया. वीरेंद्र सहवाग जैसे खतरनाक बल्लेबाज़ को पहली गेंद पर इस तरह से वापस भेजना भारतीय खिलाड़ियों में खौफ भरने जैसा था.

18 साल का एक छोटे से कद का बच्चा नॉन स्ट्राइकिंग एंड पर खड़ा होकर ये सब देख रहा था. इस लड़के को अकसर नंबर सात या आठ पर खिलाया जाता था. लेकिन इस बार उसे पारी शुरू करने भेज दिया था. लेकिन इस लड़के ने बिना डरे शोएब की गेंदों का सामना किया. ये बच्चा था पार्थिव पटेल. राहुल द्रविड़ उसका साथ देने आए.

इसके बाद पार्थिव पटेल ने राहुल द्रविड़ के साथ मिलकर सीरीज़ का आखिरी मैच तय करने वाली वो साझेदारी की जिसके बाद सीरीज़ भारत के खाते में आना तय हो गई. दोनों ने 0 के स्कोर पर पहला विकेट गिरने के बाद दूसरे विकेट के लिए 129 रन की पार्टनरशिप की. इस पार्टनिरशिप ने नई गेंद को पुराना किया और पाकिस्तानी तेज़ गेंदबाज़ों को बेअसर.

पार्थिव 203 मिनट और 141 गेंदों में 69 रन बनाकर आउट हो गए. उनकी इस साझेदारी ने नींव तैयार की. जिसके बाद भारत ने बोर्ड पर 600 रन लगाए और भारत ने इस टेस्ट को पारी और 131 रनों से जीत लिया. क्रिकेट इतिहास में पाकिस्तान में भारत की ये पहली और इकलौती टेस्ट सीरीज़ जीत भी है.

चौथी पारी, साल 2011, चेस्टर ली स्ट्रीट वनडे:

साल 2004 के बाद पूरे छह साल बाद पार्थिव की टीम में वापसी हुई. 2011 में इंग्लैंड दौरे पर गई भारत की वनडे टीम में पार्थिव ने एक और बेहतरीन पारी खेली. सीरीज़ के पहले वनडे में उन्हें खिलाया और पारी ओपन करवा दी. पार्थिव ने पारी शुरू करते ही ताबड़तोड़ बैटिंग शुरू कर दी. उस मैच में 107 गेंदों में पार्थिव ने 95 रनों की ताबड़तोड़ पारी खेली. और जब वो आउट हुए तो टीम के 190 रन में से 95 उनके थे. मैच में पहले विकेट के लिए उन्होने अजिंक्ये रहाणे के साथ 82 रन जोड़े. इसके बाद विराट कोहली के साथ 103 रन की पार्टनिरशिप की.

उस मैच में पार्थिव की पारी से भारत ने 274 रन बनाए. लेकिन बारिश की वजह से बाद में ये मैच रद्द हो गया. भारत के लिए वनडे क्रिकेट में ये स्कोर पार्थिव का हाइएस्ट स्कोर भी रहा. उन्होंने जेम्स एंडरसन, स्टुअर्ट ब्रॉड जैसे दिग्गज गेंदबाज़ों के खिलाफ ये पारी खेली थी.

आज पार्थिव पटेल का जन्मदिन है.


IND-AUS: बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी पर क्या बोले हार्दिक पांड्या? 

लगातार लल्लनटॉप खबरों की सप्लाई के लिए फेसबुक पर लाइक करें

कौन हो तुम

अनुपम खेर को ट्विटर और वॉट्सऐप वीडियो के अलावा भी ध्यान से देखा है तो ये क्विज खेलो

अनुपम खेर को ट्विटर और वॉट्सऐप वीडियो के अलावा भी ध्यान से देखा है तो ये क्विज खेलो

चेक करो अनुपम खेर पर अपना ज्ञान.

कहानी राहुल वैद्य की, जो हमेशा जीत से एक बिलांग पीछे रह जाते हैं

कहानी राहुल वैद्य की, जो हमेशा जीत से एक बिलांग पीछे रह जाते हैं

'इंडियन आइडल' से लेकर 'बिग बॉस' तक सोलह साल हो गए लेकिन किस्मत नहीं बदली.

गायों के बारे में कितना जानते हैं आप? ज़रा देखें तो...

गायों के बारे में कितना जानते हैं आप? ज़रा देखें तो...

कितने नंबर आए बताते जाइएगा.

संविधान के कितने बड़े जानकार हैं आप?

संविधान के कितने बड़े जानकार हैं आप?

ये क्विज़ जीत लिया तो आप जीनियस हुए.

आप अपने देश की सेना को कितना जानते हैं?

आप अपने देश की सेना को कितना जानते हैं?

कितना स्कोर रहा ये बता दीजिएगा.

जानते हो ऋतिक रोशन की पहली कमाई कितनी थी?

जानते हो ऋतिक रोशन की पहली कमाई कितनी थी?

सलमान ने ऐसा क्या कह दिया था, जिससे ऋतिक हो गए थे नाराज़? क्विज़ खेल लो. जान लो.

सलमान खान के फैन, इधर आओ क्विज खेल के बताओ

सलमान खान के फैन, इधर आओ क्विज खेल के बताओ

क्विज में सही जवाब देने वाले के लिए एक खास इनाम है.

किसान दिवस पर किसानी से जुड़े इन सवालों पर अपनी जनरल नॉलेज चेक कर लें

किसान दिवस पर किसानी से जुड़े इन सवालों पर अपनी जनरल नॉलेज चेक कर लें

कितने नंबर आए, ये बताते हुए जाइएगा.

इन नौ सवालों का जवाब दे दिया, तब मानेंगे आप ऐश्वर्या के सच्चे फैन हैं

इन नौ सवालों का जवाब दे दिया, तब मानेंगे आप ऐश्वर्या के सच्चे फैन हैं

कुछ ऐसी बातें, जो शायद आप नहीं जानते होंगे.

क्विज़: नुसरत फतेह अली खान को दिल से सुना है, तो इन सवालों का जवाब दो

क्विज़: नुसरत फतेह अली खान को दिल से सुना है, तो इन सवालों का जवाब दो

आज बड्डे है.