Submit your post

Follow Us

जानिए कौन हैं वो तीन लोग जिन्हें शाहीन बाग प्रोटेस्टर्स से बात करने की जिम्मेदारी मिली है

दिल्ली के शाहीन बाग में संशोधित नागरिकता कानून (CAA)के विरोध में 2 महीने से प्रदर्शन हो रहा है. इस वजह से मुख्य सड़क बंद है. रास्ता खुलाने का मामला सुप्रीम कोर्ट गया. कोर्ट ने रास्ता बंद होने पर नाराजगी जताई. मामले का हल निकालने के लिए उसने तीन वार्ताकार नियुक्त किए. सीनियर वकील संजय हेगड़े, साधना रामचंद्रन और पूर्व नौकरशाह वजाहत हबीबुल्लाह को. प्रदर्शनकारियों से बात करने और दूसरी जगह शिफ्ट होने के लिए राजी करने का जिम्मा दिया. जानते हैं कौन हैं ये लोग-

संजय हेगड़े: सीनियर वकील हैं. काफी समय से सुप्रीम कोर्ट में वकालत कर रहे हैं. हेगड़े ने मुंबई के केसी लॉ कॉलेज से ग्रेजुएशन किया है. इन्होंने 1989 में करियर शुरू किया था. हेगड़े ने कई बड़े-बड़े केस लड़े हैं. 1996 से 2004 तक ये भारत सरकार के वकीलों के पैनल में शामिल थे. सरकार की ओर से अंतरराष्ट्रीय कोर्ट में भी केस लड़ चुके हैं. पिछले साल अक्टूबर में सोशल मीडिया साइट टि्वटर से भिड़ गए थे. हेगड़े ने हिटलर की नाजी पार्टी का विरोध दर्शाती फोटो लगाई थी. इस पर टि्वटर ने उनका अकाउंट सस्पेंड कर दिया. संजय हेगड़े ने इसे अभिव्यक्ति की आजादी का उल्लंघन बताते हुए टि्वटर को लीगल नोटिस भेज दिया था.

संजय हेगड़े (दाएं) ने शाहीन बाग पहुंचकर प्रदर्शनकारियों से बात की. (PTI)
संजय हेगड़े (दाएं) ने शाहीन बाग पहुंचकर प्रदर्शनकारियों से बात की. (PTI)

कुछ समय बाद हिंदी कवि गोरख पांडे की कविता पोस्ट करने पर भी उनका अकाउंट सस्पेंड कर दिया गया. उनका अकाउंट अभी भी सस्पेंड है. पिछले कुछ समय में उन्होंने कई मामलों जैसे मॉब लिंचिंग, असम एनआरसी, मुंबई के आरे फॉरेस्ट में पेड़ों की कटाई में सरकार को कोर्ट में घेरा है.

2015 से वे सेंटर फॉर सोशल जस्टिस नाम के एनजीओ के मुख्य वकीलों में से एक हैं. यह एनजीओ 2002 के गुजरात दंगों के शिकार लोगों के लिए ज्यादा मुआवजे की मांग कर रहा है. 2016 में सुप्रीम कोर्ट ने 2012 के निर्भया गैंगरेप और हत्या मामले में हेगड़े को अमिकस क्यूरी यानी एक तरह से कोर्ट का सलाहकार नियुक्त किया था.

वे टीवी डिबेटों के प्रमुख चेहरे हैं और अखबारों में उनके कॉलम भी छपते रहे हैं.

साधना रामचंद्रन को मध्यस्थता का काफी अनुभव है. (PTI)
साधना रामचंद्रन को मध्यस्थता का काफी अनुभव है. (PTI)

साधना रामचंद्रन: ये भी सुप्रीम कोर्ट की सीनियर वकील हैं. उन्हें मध्यस्थता का काफी अनुभव है. 1978 से वह सुप्रीम कोर्ट में वकालत कर रही हैं. वह दिल्ली हाई कोर्ट में मध्यस्थता और समाधान सेंटर की सचिव भी रही हैं. वह अभी माध्यम इंटरनेशनल नाम के संगठन की सीनियर वाइस प्रेसीडेंट हैं. इस संगठन का मकसद मध्यस्थता मुहैया कराना है.

वजाहत हबीबुल्लाह पूर्व नौकरशाह हैं. (PTI)
वजाहत हबीबुल्लाह पूर्व नौकरशाह हैं और कई बड़े पदों पर रहे हैं.  (PTI)

वजाहत हबीबुल्लाह: ये देश के पहले मुख्य सूचना आयुक्त रहे हैं. साथ ही राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग के चेयरपर्सन भी रहे हैं. मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले वजाहत हबीबुल्लाह 1968 बैच के आईएएस अफसर हैं. वे अगस्त 2005 में रिटायर हो गए थे. 1991 से 1993 के दौरान वे जम्मू कश्मीर के आठ जिलों के संभागीय आयुक्त भी रहे हैं. पिछले साल अगस्त में अनुच्छेद 370 को हटाने पर हबीबुल्लाह ने केंद्र सरकार के फैसले की आलोचना की थी.

वजाहत के पिता मेजर जनरल इब्राहिम हबीबुल्लाह महाराष्ट्र के खड़कवासला में नेशनल डिफेंस एकेडमी यानी एनडीए के कमांडेंट रहे. वे भी सेना में जाना चाहते थे लेकिन अध्यापक के कहने पर सिविल सर्विसेज में गए. सिविल सर्विसेज की परीक्षा में उनकी 10वीं रैंक आई. उन्हें जम्मू कश्मीर बैच मिला. बाद में राजीव गांधी के प्रधानमंत्री कार्यकाल में वे पीएमओ में भी रहे.

संजय हेगड़े को कैसे चुना गया
सुप्रीम कोर्ट में 17 फरवरी को शाहीन बाग पर सुनवाई के दौरान जस्टिस संजय किशन कौल और जस्टिस के.एम. जोसेफ की बेंच ने आदेश लिखना शुरू किया. इस दौरान वार्ताकार नियुक्ति की बात कहते हुए जस्टिस संजय किशन कौल ने संजय हेगड़े का नाम पुकारा. उनसे पूछा गया कि क्या आप कोर्ट की मदद करेंगे? हेगड़े ने हामी भर दी. साथ ही कहा कि कोई रिटायर्ड जज हो तो आसानी होगी. उन्होंने एक साथी सहयोगी रखने की बात भी कही. इस पर कोर्ट ने संजय हेगड़े और वकील साधना रामचंद्रन को वार्ताकार नियुक्त किया.


Video: जामिया ने दिल्ली पुलिस की कार्रवाई से नुकसान की बात कह HRD से कितना हर्जाना मांगा?

लगातार लल्लनटॉप खबरों की सप्लाई के लिए फेसबुक पर लाइक करें

कौन हो तुम

YES Bank शुरू करने वाले राणा कपूर कौन हैं, जिन्होंने नोटबंदी को 'मास्टरस्ट्रोक' बताया था

यस बैंक डूब रहा है.

सात साल पहले केजरीवाल ने वो बात कही थी जो आज वो ख़ुद नहीं सुनना चाहते

बरसों पुरानी इस बात की वजह से सोशल मीडिया पर घेर लिए गए हैं.

क्या भारत सरकार से पूछे बिना पाकिस्तान चली गई इंडियन कबड्डी टीम?

अब ढेरों खेल-तमाशा हो रहा है.

बजट का कितना ज्ञान है, ये क्विज़ खेलकर चेक कर लो!

कितना नंबर पाया, बताते हुए जाना. #Budget2020

संविधान के कितने बड़े जानकार हैं आप?

ये क्विज़ जीत लिया तो आप जीनियस हुए.

क्रिकेट के पक्के वाले फैन हो तो इस क्विज़ को जीतकर बताओ

कित्ता नंबर मिला, सच-सच बताना.

सलमान खान के फैन, इधर आओ क्विज खेल के बताओ

क्विज में सही जवाब देने वाले के लिए एक खास इनाम है.

QUIZ: देश के सबसे महान स्पोर्टसमैन को कितना जानते हैं आप?

आज इस जादूगर की बरसी है.

चाचा शरद पवार ने ये बातें समझी होती तो शायद भतीजे अजित पवार धोखा नहीं देते

शुरुआत 2004 से हुई थी, 2019 आते-आते बात यहां तक पहुंच गई.

रिव्यू पिटीशन क्या होता है? कौन, क्यों, कब दाखिल कर सकता है?

अयोध्या पर फैसले के खिलाफ ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड रिव्यू पिटीशन दायर करने जा रहा है.