Submit your post

Follow Us

क्या कॉमेडी हैः ये एक्टर बोलता है तो नहीं चलता और गूंगा रहे तो हिट!

एक लड़का है. गूंगा-बहरा. पढ़ाई में फिसड्डी है लेकिन क्रिकेट ठीक-ठाक खेल लेता है. बाप ऐसा मिला है जो क्रिकेट का नाम सुनते ही लाल कपड़ा देखे सांड की तरह भड़क जाता है. मां और बहन सपोर्ट करती है लेकिन उनकी सुनता कौन है? बड़ी मुश्किल से एक जगह सीखने का मौक़ा मिला तो रसूखदारों की साज़िश के चलते बाहर निकाल दिया गया. अब करें तो करें क्या?

इत्तेफाक से एक रिटायर्ड क्रिकेटर से टकरा गया है. वो भी इतना सनकी है कि तौबा भली! दारू पी के खेतों में लोट लगाए रहता है. उससे मोटिवेट होने से पहले उसे मोटिवेट करना ज़रूरी है. जैसे-तैसे अपने टैलेंट का यकीन दिलाकर उससे क्रिकेट के गुर सीखने का जुगाड़ करा लिया. फिर क्या था! तमाम अड़चनों और विपरीत परिस्थितियों पर विजय पाते हुए वो अपने उस सपने को हासिल कर लेता है जिसके लिए जी रहा होता है. भारतीय क्रिकेट टीम की नीली जर्सी में खुद को खेलते हुए देखना.

ये कहानी है एक फिल्म की. इकबाल. इसमें गूंगे-बहरे लड़के का शानदार किरदार निभाने वाले बंदे का नाम था श्रेयस तलपदे. एक वर्सेटाइल अभिनेता. कॉमेडी और सीरियस दोनों तरह के रोल एक समान शिद्दत से निभाने वाला कलाकार. श्रेयस का जन्म 27 जनवरी 1976 को मुंबई में हुआ. असल मराठी मुलगे श्रेयस ने अपने करियर की शुरुआत स्टेज शोज और मराठी सीरियल्स में काम करते हुए की.

उस वक़्त अधिकारी ब्रदर्स मराठी टेलीविज़न में बहुत बड़ा नाम थे. उनका एक सीरियल था ‘दामिनी’. प्रतीक्षा लोणकर इसमें मुख्य लीड में थीं. बहुत पॉपुलर था ये सीरियल उस वक़्त. इसमें श्रेयस का निभाया ‘तेजस’ नाम का किरदार बहुत पसंद किया गया था उन दिनों. उस किरदार ने ही उनके एक्टिंग करियर का बेस बनाया. आगे चलकर उन्हें प्रतीक्षा लोणकर के साथ फिर से काम करने का मौका तब मिला, जब प्रतीक्षा ने ‘इकबाल’ में उनकी मां का रोल किया.

हिंदी फिल्मों में उनकी पहली झलक 2002 में विपुल शाह की थ्रिलर फिल्म ‘आंखें’ में मिली जिसमें उन्होंने एक चायवाले लड़के का किरदार निभाया था.

shreyas
फिल्म ‘आंखें’ में चायवाले के किरदार में श्रेयस.

उसके बाद तीन साल तक वो इक्का-दुक्का हिंदी फिल्मों में नज़र आए और एकाध मराठी फिल्म की. उनके करियर ने असली उड़ान तब भरी जब नागेश कुकुनूर जैसे मंझे हुए निर्देशक ने उन्हें ‘इकबाल’ जैसी फिल्म दी. इस फिल्म को क्या क्रिटिक्स, क्या दर्शक सबका प्यार मिला. एक गूंगे-बहरे लड़के की जिंदादिली को उन्होंने इतनी सहजता से परदे पर उतारा कि लोग चमत्कृत रह गए. आज भी ‘इकबाल’ देखना ज़हन को फ्रेश कर देता है. ‘इकबाल’ के लिए उन्हें बेस्ट एक्टर का ज़ी सिने क्रिटिक्स अवॉर्ड भी मिला था उस साल.

iqbal

नागेश कुकुनूर और श्रेयस की जुगलबंदी से निकला हुआ दूसरा हीरा था 2006 में आई फिल्म ‘डोर’.

एक महिला जिसके पति को क़त्ल के इल्ज़ाम में फांसी हुई है, वो उसके क्षमादान के लिए मकतूल की बीवी को ढूंढने निकली है. इस सफ़र में उसका साथी है एक बहरूपिया. तरह-तरह की मिमिक्री करता, छोटी-मोटी चोरियां बिना शर्मिंदा हुए अंजाम देता एक जॉली गुड सा आदमी. इस किरदार से एक बार फिर साबित हुआ कि श्रेयस कैमरे के आगे बेइंतेहा सहज लगने वाले कुछ ख़ास अभिनेताओं में से एक हैं.

श्रेयस ने बहुत सी कॉमेडी फिल्मों में भी काम किया. उनकी कॉमिक टाइमिंग को बहुत पसंद किया गया. ‘गोलमाल रिटर्न्स’, ‘गोलमाल 3’, ‘आगे से राइट’, ‘हाउसफुल 2’ जैसी फिल्मों में उनके कॉमिक एक्ट की बहुत तारीफ़ हुई. उनकी एक और फिल्म का ज़िक्र किए बगैर ये सब अधूरा होगा. श्याम बेनेगल की पॉलिटिकल सटायर ‘वेलकम टू सज्जनपुर’.

‘वेलकम टू सज्जनपुर’ में श्रेयस ने महादेव नाम के बेरोजगार ग्रेजुएट का किरदार किया था, जो पोस्ट-ऑफिस के बाहर अनपढ़ लोगों के लिए ख़त लिखने का काम करता है. जबकि सपना उसका नॉवेल राइटर बनने का है. गांव की जनता की विविधता से दो-चार होता, रूरल भारत की राजनीति का चाहे-अनचाहे हिस्सा बनता महादेव कैसे अपने स्वभाव की जिंदादिली से माहौल को खुशनुमा बनाए रखता है ये देखने लायक है. बड़े शहर में काम करते अपने पति को ख़त लिखवाने आती कमला से मन ही मन प्यार कर बैठा महादेव, अपनी मासूम जलन के मारे जो लिखवाने को कहा जाता है उससे ऐन उलट लिखता है. फिर भी कामयाब नहीं होता.

welcome-to-sajjanpur-11_1454933696_725x725

ये फिल्म श्रेयस के करियर में बेहद उंचा मुकाम पाए है. श्रेयस ने ‘ओम शांति ओम’ में शाहरुख़ खान के साथ भी काम किया और ख़ास बात ये कि इतने बड़े स्टार के साथ स्क्रीन शेयर करते हुए भी खुद को नोटिस करवाने में कामयाब रहे.

हम उनके कामयाब करियर के लिए दुआ करते हैं और उम्मीद करते हैं कि वो आगे भी हमें अपने एक्टिंग टैलेंट से चमत्कृत करते रहेंगे.

 


ये भी पढ़िएः

वो ठीक से देख नहीं सकता, सुन नहीं सकता, फिल्म में अदाकारी कर रहा है

2017 की 15 फिल्में जो सबसे ज्यादा तृप्त करेंगी!

येसुदास को पद्म विभूषण देने की घोषणा, इन 18 गानों और बातों में जानिए उनको

लगातार लल्लनटॉप खबरों की सप्लाई के लिए फेसबुक पर लाइक करें

कौन हो तुम

जिन मीम्स को सोशल मीडिया पर शेयर कर चौड़े होते हैं, उनका इतिहास तो जान लीजिए

जिन मीम्स को सोशल मीडिया पर शेयर कर चौड़े होते हैं, उनका इतिहास तो जान लीजिए

कौन सा था वो पहला मीम जो इत्तेफाक से दुनिया में आया?

पार्टियों को चुनाव निशान के आधार पर पहचानते हैं आप?

पार्टियों को चुनाव निशान के आधार पर पहचानते हैं आप?

चुनावी माहौल में क्विज़ खेलिए और बताइए कितना स्कोर हुआ.

लगातार दो फिफ्टी मारने वाले कोहली ने अब कहां झंडे गाड़ दिए?

लगातार दो फिफ्टी मारने वाले कोहली ने अब कहां झंडे गाड़ दिए?

राहुल के साथ यहां भी गड़बड़ हो गई.

रोहित शेट्टी के ऊपर ऐसी कड़क Quiz और कहां पाओगे?

रोहित शेट्टी के ऊपर ऐसी कड़क Quiz और कहां पाओगे?

14 मार्च को बड्डे होता है. ये तो सब जानते हैं, और क्या जानते हो आके बताओ. अरे आओ तो.

आमिर पर अगर ये क्विज़ नहीं खेला तो दोगुना लगान देना पड़ेगा

आमिर पर अगर ये क्विज़ नहीं खेला तो दोगुना लगान देना पड़ेगा

म्हारा आमिर, सारुक-सलमान से कम है के?

परफेक्शनिस्ट आमिर पर क्विज़ खेलो और साबित करो कितने जाबड़ फैन हो

परफेक्शनिस्ट आमिर पर क्विज़ खेलो और साबित करो कितने जाबड़ फैन हो

आज आमिर खान का हैप्पी बड्डे है. कित्ता मालूम है उनके बारे में?

अनुपम खेर को ट्विटर और वॉट्सऐप वीडियो के अलावा भी ध्यान से देखा है तो ये क्विज खेलो

अनुपम खेर को ट्विटर और वॉट्सऐप वीडियो के अलावा भी ध्यान से देखा है तो ये क्विज खेलो

चेक करो अनुपम खेर पर अपना ज्ञान.

कहानी राहुल वैद्य की, जो हमेशा जीत से एक बिलांग पीछे रह जाते हैं

कहानी राहुल वैद्य की, जो हमेशा जीत से एक बिलांग पीछे रह जाते हैं

'इंडियन आइडल' से लेकर 'बिग बॉस' तक सोलह साल हो गए लेकिन किस्मत नहीं बदली.

गायों के बारे में कितना जानते हैं आप? ज़रा देखें तो...

गायों के बारे में कितना जानते हैं आप? ज़रा देखें तो...

कितने नंबर आए बताते जाइएगा.

संविधान के कितने बड़े जानकार हैं आप?

संविधान के कितने बड़े जानकार हैं आप?

ये क्विज़ जीत लिया तो आप जीनियस हुए.