Submit your post

Follow Us

मुस्लिमों के साथ मारपीट, वीडियो बनाने और वायरल करने वालों पर कार्रवाई कब होगी?

नाम में क्या रखा है. अगर शेक्सपीयर आज ज़िंदा होते और भारत से आने वाली खबरों को देख रहे होते, तो रोमियो और जूलियट क्या, अपनी किसी त्रासदी में ये बात नहीं कहते. उन्हें मालूम होता कि नाम में ही तो सबकुछ रखा है. नाम में गड़बड़ हुई तो किराए पर घर नहीं मिलेगा. नाम में गड़बड़ हुई तो कोर्ट मैरिज करने के इच्छुक अदालत में पिट जाएंगे. और नाम में गड़बड़ हुई, तो रेहड़ी पटरी पर छोटी-मोटी दुकान चलाकर गुज़ारा करने वालों को तक बख्शा नहीं जाएगा. कोई मुहल्ले से भगा देगा. कोई दुकान के बोर्ड पर आपत्ति ले लेगा. कोई सामान फेंककर पीट भी देगा. सिर्फ इसलिए नाम में गड़बड़ है, नाम कहता है कि रेहड़ी वाला मुसलमान है. संविधान के अनुच्छेद 15 को ठेंगा दिखाते हुए पुलिस से लेकर पूरा तंत्र इस गड़बड़ में भागीदार बन जाता है. और हम देखते रह जाते हैं.

दी लल्लनटॉप उठाएगा यही सवाल, कि मध्यप्रदेश और उत्तर प्रदेश में क्यों पीटे जा रहे हैं मुसलमान? और कहां से आ रहा है वो दुस्साहस, कि इन घटनाओं का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर अपलोड किया जाता है. ट्विटर पर लानत मलानत होती है, फिर कहीं और से वैसा ही वीडियो आ जाता है.

कल देश में जनमाष्टमी मनाई गई. जनमाष्टमी के अगले दिन अमूमन अखबारों में सोशल मीडिया पर बच्चों की कान्हा वाले गेटअप में फोटो छपती हैं. और उनमें से हमें एक आध ऐसी फोटो भी दिख जाया करती हैं, जिसमें किसी बुर्के वाली महिला की गोद में कान्हा बना बच्चा हो. सालों से इस तरह की तस्वीरों को साझी संस्कृति के प्रतीक के रूप में हम देखते आए हैं. लेकिन अब मुमकिन है कि कान्हा बने किसी मुस्लिम बच्चे से आकर कोई आधारकार्ड मांग ले. आधार कार्ड ना हो तो उसकी पिटाई कर दे. इस बात पर भी पिटाई कर दे कि मुस्लिम होकर वो हिंदुओं का त्योहार क्यों मना रहा है. देश में अभी ये ही रिवायत चल रही है.

अब तो लगभग रोज़ ही ऐसे वीडियो आने लगे हैं जब किसी मुस्लिम के पास आधार कार्ड ना होने पर उसकी पिटाई कर दी जाती है, किसी ने अपने दुकान, ठेले का हिंदू नाम रख लिया तो उसकी पिटाई हो गई. किसी मुस्लिम की इस बात पर पिटाई कर दी जाती है कि वो हिंदुओं के गांव में सामान बेचने क्यों गया. एक ट्रेंड से चल पड़ा है जिसमें धर्म के तथाकथित रक्षक पिटाई करते हैं, उसका वीडियो बनाते हैं, और इस मैकेनिज्म का इस्तेमाल मशहूर होने के लिए करते हैं. कानून के लंबे हाथों का उन्हें कोई भय नहीं होता.

अब से 5-6 साल पहले गोहत्या या गो तस्करी को लेकर मॉब लिचिंग के वीडियो आते थे. गाय काटने के शक में ही मुस्लिमों को पीटने के कई मामले देश भर से आए थे. अब सामान बेचने वालों को नाम पूछकर पिटाई का ट्रेंड चल रहा है. अगस्त महीने में ही आपको कम से कम 10 ऐसी घटनाएं मिल जाएंगी. ज्यादा मामले मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश से आ रहे हैं. हफ्ते भर में आए ऐसे कुछ वीडियोज़ की एक एक करके बात करते हैं.

धार में गोलगप्पे वाले को धमकाया

धार जिले के खाचरौदा गांव में इलियास नाम का युवक पानी पूरी बेच रहा था. ठेले पर सांवरिया नाम का बोर्ड लगा रखा था. कुछ लोग ठेले पर आकर धमकाते हैं. धर्म छिपाने का आरोप लगाते हैं. कह रहे हैं कि मुस्लिम होकर सांवरिया नाम क्यों लिख रहे हैं. ये भी कह रहे हैं कि सांवरिया नाम देखकर हम यहां पानी पूरी खा लेते तो हमारा धर्म भ्रष्ट हो जाता है. वीडियो लंबा है और भी कई बातें कही गई हैं. जैसे तुम लव जेहाद फैला रहे हो, देश का नाम खराब कर रखा है वगैरह वगैरह.

Sanwaria
वायरल वीडियो में दिख रहा है कि गोलगप्पे वाले को धमकाते हुए लोग क्या-क्या कह रहे हैं. (फोटो वीडियो स्क्रीनशॉट)

आखिर में पानी पूरी बेचने वाले इलियास को सांवरिया लिखा बोर्ड हटाना पड़ता है. इस मामले में अब तक किसी पर कार्रवाई की खबर नहीं है. पुलिस कह रही है कि मामले की जांच चल रही है, जांच में जो साक्ष्य आएंगे, उस आधार पर कार्रवाई होगी. यानी जिन्होंने धमका कर ठेले से बोर्ड हटवाया, पुलिस उनको आरोपी नहीं मान रही है. वैसे मध्य प्रदेश में तो ये भी मुमकिन है कि आरोपियों के बजाय पानी पूरी वाले कि ही कोई गलती निकल जाए, जाए और उस पर केस दर्ज हो जाए. अब मुझे नहीं मालूम कि देश का कौनसा कानून ये कहता है कि आप किसी खास धर्म से हैं तो आपके कारोबार का नाम भी उसी धर्म पर हो. और क्यों किसी को लगता है कि मुस्लिम के ठेले से पानी पूरी खा लेंगे उनका धर्म भ्रष्ट हो जाएगा.

देवास में बिस्कुट बेचने वाले को पीटा

इसी तरह का एक और मामला मध्य प्रदेश के देवास से आया. देवास में आमला ताज गांव के रहने जहीर मंसूरी मोटरसाईकिल पर गांव गांव घूमकर बिस्कुट जैसी छोटी-मोटी चीज़ें बेचा करते थे. सालों ये ही उनकी आमदनी का ज़रिया रहा है. 26 अगस्त को वो घर से निकलकर बोरली गांव पहुंचे तो कुछ लोगों ने उनसे आधार कार्ड मांगा. ज़हीर के पास आधार कार्ड नहीं था. इस बात पर कथित रूप से डंडों और बेल्ट से पीटा. ये भी धमकी दी गई कि दोबारा गांव में घुसने पर जान से मार देंगे. इस मामले में केस दर्ज हुआ. लेकिन किसी की गिरफ्तारी की खबर नहीं है. हमने सरकारी वेबसाइट्स से नंबर लेकर एसपी से मामले का अपडेट लेने की कोशिश की ले. लेकिन नंबर लगा ही नहीं. तो किसी को गिरफ्तार किया है या नहीं, हमें नहीं मालूम.

सोचकर देखिए कि कहीं रास्ते से जा रहे हैं, बाज़ार में हैं, वहां आपको रोककर कोई आपसे आधारकार्ड पूछता है. वो ना पुलिस वाला है, ना कोई सरकारी मुलाजिम है. फिर भी आपसे आधार कार्ड पूछता है, और ना होने पर अपराधी जैसा महसूस करता है. जाहिर है आपको बुरा लगेगा. ये मध्य प्रदेश में कुछ संगठनों इस तरह से मुस्लिमों को प्रताड़ित करना अपना कर्त्तव्य सा समझते हैं. कानून उन्हें रोकने में कहीं बीच में नहीं आता.

इंदौर में चूड़ी वाले के साथ हुई थी मारपीट

अब मध्य प्रदेश के उस मामले की बात करते हैं जहां पिटाई खाने वाला पीड़ित ही कुछ घंटों बाद आरोपी बन जाता है, जेल चला जाता है. हफ्तेभर पहले इंदौर में चूड़ी बेचने वाले मुस्लिम युवक तस्लीम को पीटने का वीडियो वायरल हुआ था. 22 अगस्त की घटना है ये. हमारे क्षेत्र में कभी मत आना. किसी भी हिंदू को दिख मत जाना. कम से कम एक-एक तो सब मारो. इस तरह की बातें वीडियो में सुनी जा सकती हैं. मारने के लिए दूसरे लोगों को न्योता दे रहा शख्स ये भी कह रहा है कि कम से कम उस चक्कर में ही मार दो कि बंबई बाज़ार का बदला ले रहे हो.’ इंदौर के बंबई बाज़ार में 14 अगस्त को दो गुटों में मारपीट हो गई थी. उसका बदला लेने की बात यहां हो रही थी.

Indore Narottam Mishra Bangle Seller Beaten Viral Video
मुसलमान चूड़ीवाले तस्लीम (राइट) की पिटाई का वीडियो वायरल हुआ. पुलिस हरकत में आई लेकिन इस बीच प्रदेश के गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा (लेफ्ट) ने तस्लीम को ही मामले में आरोपी बता दिया. अब पीड़ित तस्लीम पर गंभीर मामले में एफआईआर दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया है.

वीडियो वायरल हुआ तो सोशल मीडिया पर सरकार की खूब लानत मलानत हुई. पीड़ित ने भी पीटने वालों के खिलाफ केस दर्ज करवाया. अगले दिन यानी 23 अगस्त की दोपहर पुलिस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि तीन लोग पीटते हुए दिखे रहे हैं. पुलिस ने लोगों को हिरासत में लेने की बात भी कहती है. दोपहर में मध्य प्रदेश के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा का बयान आता है. वो कहते हैं कि ”जिसको पीटा गया है, उसके पास दो आधार कार्ड मिले हैं. और सावन के महीने में बेटियों, बहुओं को चूड़ियां पहनाते हैं तो वहां से विवाद शुरू हुआ था.” ये सब होने के बाद 23 अगस्त की शाम को ही एक मुख्य आरोपी की नाबालिग बेटी की तरफ से FIR करवाई जाती है. आरोप ये कि चूड़ी पहनाने वाले ने उसका हाथ गलत तरीके से छुआ था. इसके बाद इस मामले में पिटाई खाने वाला तस्लीम आरोपी बन जाता है. उस पर पोस्को लगाकर गिरफ्तार कर लिया जाता है.

और सुनिए. तस्लीम की पिटाई के खिलाफ मुस्लिम समुदाय की तरफ से थाने के बाहर प्रदर्शन किया गया था. उनमें से चार लोगों को इंदौर पुलिस ने गिरफ्तार किया है. पाकिस्तान वाला लिंक खोज लिया गया है. सूबे के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा है कि गिरफ्तार आरोपी अल्तमस खान के फोन में आपत्तिजनक सामग्री मिली है. उसके पाकिस्तान से लिंक हैं. हालांकि ना तो पुलिस ने ही और ना ही गृह मंत्री ने ये बताया है कि ये अल्तमस के पास क्या आपत्तिजनक सामग्री मिली है. और उसके पाकिस्तान के साथ किस तरह के लिंक हैं. इन चार मुस्लिम युवकों को IPC की धारा 153 A यानी दो समुदायों में दुश्मनी बढ़ाने के मामले में गिरफ्तार किया गया है.

शुरू में ये ऐसा लग रहा था कि मुस्लिम होने की वजह से चूड़ी वाले से एक पुरानी घटना का बदला का बदला लिया जा रहा था. लेकिन फिर गृह मंत्री के बयान आते हैं, गृह मंत्री भी पिटाई के आरोपों पर कुछ नहीं बोलते हैं, आधार कार्ड के आधार पर दोष चूड़ी वाले का मान लिया जाता है. और पूरा मामला पलट जाता है. इस पूरी घटना में साफ दिखता है कि गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा भी एक समुदाय का ही पक्ष ले रहे हैं.

उज्जैन में कबाड़ी को पीटा गया था

ये इंदौर की घटना थी, अब उज्जैन चलते हैं. “हमारे गांव में से कमाकर कैसे ले जाते हो. हमारे गांव में किसको पूछकर घुसे. जय श्री राम बोलो.” इस तरह की चीज़ें वीडियो में साफ सुनाई दे रही हैं. उज्जैन के झारडा थाना इलाके के सेंकली गांव का वीडियो है. 44 साल के अब्दुल राशिद गांवों से कबाड़ खरीदकर शहर में बेचते हैं. सालों से ये काम करते आए हैं.

इसी तरह वो पिछले शनिवार को भी सेंकली गांव कबाड़ खरीदने गए थे. लेकिन बाइक सवार दो लड़के आए और फिर जो किया वो वीडियो में दिख ही रहा है. अब्दुल राशिद को जयश्री राम का नारा लगाकर जान छुड़वानी पड़ी. पीड़ित ने शुरू में ये अपमान सह कर चुपचाप घर आ गए थे. केस दर्ज कराने की हिम्मत नहीं हुई. लेकिन वीडियो वायरल हुआ तो फिर अब्दुल राशिद ने केस दर्ज कराया. FIR दर्ज होने के बाद कमल सिंह और ईश्वर सिंह नाम के दो अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया है. कितने दिन जेल में रहेंगे, पता नहीं. छूट कर आएंगे तो समाज का ग्रैंड वेलकम मिलेगा. सियासत में तरक्की मिलेगी. ऐसा हमने पहले कई बार देखा है.

Ujjain
उज्जैन का वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल है. वीडियो का स्क्रीनशॉर्ट

ऐसे मामलों में मध्य प्रदेश के साथ कदम से कदम मिलाकर चल रहा है यूपी. यूपी से भी ऐसी घटनाएं आती ही रहती हैं. मथुरा का एक वीडियो सामने आया है जिसमें डोसा बेचने वाले के ठेले पर नाम के बोर्ड को कुछ लोग तोड़ रहे हैं. बोर्ड तोड़ने वाले अंतर्राष्ट्रीय हिंदू परिषद नाम के संगठन से जुड़े बताए गए. कह रहे हैं कि श्रीनाथ जी के नाम से बोर्ड नहीं लगा सकते, अल्लाह के नाम से लगाओ. इन लोगों को दिक्कत ये थी कि डोसा बेचने वाले का नाम इरफान है, यानी वो मुस्लिम है और उसने श्रीनाथ जी डोसा कॉर्नर नाम से अपने स्टॉल का नाम रखा था.

इन तथाकथित हिंदू धर्म रक्षकों के धमकाने के बाद इरफान ने श्रीनाथ जी डोसा कॉर्नर नाम हटाकर अमेरिकन डोसा कॉर्नर कर लिया. ये मामला 18 अगस्त का है. तब इस मामले में पुलिस केस भी नहीं हुआ था. लेकिन 2-3 दिन पहले वीडियो वायरल हुआ, तब इस मामले की चर्चा हुई. इसके बाद डोसा बेचने वाले ने पुलिस में शिकायत दी. कुछ अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज हुआ. ये आरोपी अब भी अज्ञात ही बने हुए हैं. आज जानकारी मिली की पुलिस ने इस मामले में एक को गिरफ्तार किया है.

खोजने पर ऐसे और भी मामले मिल जाएंगे. यूपी या एमपी से ही ऐसे ज्यादा मामले आते हैं. एक महीने में 10-12 ऐसी घटनाएं होने को अपवाद नहीं मान सकते. ये ट्रेंड बढ़ रहा है. तथाकथित हिंदू धर्म रक्षक मुस्लिमों को सेकेंड क्लास नागरिक की तरफ महसूस करवा रहे हैं. और धर्म के नाम पर गुंडई करने वालों को कानून भी नहीं रोक पा रहा है.

कब रुकेंगी ऐसी घटनाएं?

यूपी और एमपी दोनों ही राज्यों में हाल ही में कथित लव जेहाद पर एंटी कंवर्ज़न कानून लाए गए. धर्म परिवर्तन को लेकर सरकार को महसूस हुआ कि मौजूदा कानून पर्याप्त नहीं हैं, इसलिए नए कानून लाए गए. देश के इतिहास में कभी दलितों के खिलाफ अपराध सामान्य कानूनों से नहीं रुक सके, तो खास कानून लाया गया. अब अगर मुस्लिमों को इस तरह से निशाना बनाया जा रहा है, और मौजूदा कानूनों से ये नहीं रुक रहा है, तो ये अपराध रोकने के लिए खास कानून क्यों नहीं लाया जाना चाहिए.

आपको याद होगा, 2011 में तब की यूपीए सरकार ने प्रीवेंशन ऑफ कम्यूनल वायलेंस बिल यानी सांप्रदायिक हिंसा रोकथाम बिल लेकर आई थी. सोनिया गांधी की अध्यक्षता वाली राष्ट्रीय सलाहकार परिषद ने इस बिल का ड्राफ्ट तैयार किया था. बिल में अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा की रोकथाम के प्रावधान थे. इसमें ये भी व्यवस्था थी कि अगर किसी पर हिंसा का आरोप लगता है, तो सबूत आरोप लगाने वाले को नहीं देने थे, आरोपी को ही साबित करना था कि वो निर्दोष है. इसी तरह राज्यों में सांप्रदायिकों हिंसा रोकने में केंद्र के दखल की बात थी. इस बिल पर खूब विवाद हुआ. बीजेपी ने इसे कानून कानून और हिंदुओं के खिलाफ बताया था. कई गैर-बीजेपी राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने भी बिल का समर्थन नहीं किया. और फिर सरकार को ये बिल वापस लेना पड़ा था.

हम ये तो नहीं कहते है कि बिल्कुल वैसा ही कोई कानून देश में लाया जाना चाहिए. लेकिन मुस्लिमों के खिलाफ हिंसा रोकने को लेकर कानून पर विमर्श नहीं होना चाहिए. मुस्लिम भी इस देश में बाकी समुदायों के बराबर के नागरिक हैं. फिर धर्म पूछकर उनके खिलाफ हिंसा क्यों होनी चाहिए. ये रोकने की जिम्मेदारी हमारी सरकारों की है.

देश भर की बड़ी खबरें-

1. पहली सुर्खी बनाई सुप्रीम कोर्ट ने. इतिहास में पहली बार एक साथ नौ जजों ने शपथ ली. पहली बार इस समारोह का सीधा प्रसारण हुआ. शपथ कार्यक्रम भी पहली बार सुप्रीम कोर्ट के ऑडिटोरियम में आयोजित हुआ. और इसी के साथ सुप्रीम कोर्ट को उसके इतिहास में पहली बार चार महिला जज मिलीं. मुख्य न्यायाधीश एनवी रमन्ना ने इन जजों को शपथ दिलाई-

जस्टिस अभय श्रीनिवास ओका
जस्टिस विक्रम नाथ
जस्टिस जेके माहेश्वरी
जस्टिस हिमा कोहली
जस्टिस बीवी नागरत्ना
जस्टिस सीटी रविकुमार
जस्टिस एम एम सुंदरेश
जस्टिस बेला त्रिवेदी
और जस्टिस पीएस नरसिम्हा

जस्टिस विक्रम नाथ, जस्टिस नागरत्ना और जस्टिस नरसिम्हा भारत के मुख्य न्यायाधीश के पद तक पहुंच सकते हैं. अगर ऐसा होता है तो जस्टिस नागरत्ना भारत की पहली महिला मुख्य न्यायाधीश होंगी. वैसे इस खबर के साथ हम एक खबर और नत्थी करके आपको बताना चाहते हैं. खबर है कि भारत सरकार ने हाईकोर्ट में जजों की नियुक्ति के लिए सुप्रीम कोर्ट की सिफारिशों में से 14 नाम वापस भेज दिए हैं. सरकार चाहती है कि अदालत इनपर पुनर्विचार करें. इनमें से एक नाम की सिफारिश जुलाई 2019 में की गई थी.

2. दूसरी सुर्खी अफगानिस्तान से. सोमवार की रात अमेरिका ने अफगानिस्तान से सैनिक निकाल लिए हैं. इस तरह से 20 बाद अमेरिका का अफगानिस्तान से एक्ज़िट हो गया है और अब काबुल एयरपोर्ट भी तालिबान के कब्जे में है. आज खबर आई कि भारत ने अब तालिबान से आधिकारिक बातचीत की है. क़तर में भारत के राजदूत दीपक मित्तल ने तालिबान के नेता मोहम्मद अब्बास स्तनेकज़ई से मुलाकात की है. दोहा में भारतीय दूतावास में ये मुलाकात हुई है. भारत के विदेश मंत्रालय की तरफ से इस मुलाकात की जानकारी दी गई है. विदेश मंत्रालय ने बताया कि तालिबान की रिक्वेस्ट पर ये बैठक हुई है. इसमें सेफ्टी, सिक्योरिटी और बचे हुए भारतीयों को अफगानिस्तान से निकालने पर बात हुई. कल मिलाकर भारत ने तालिबान से राब्ता कायम करना शुरू कर दिया है.


 

वीडियो- दी लल्लनटॉप शो: तालिबान से दोस्ती कर अफगानिस्तान में चीन क्या बड़ा फायदा उठाने की फिराक में है?

लगातार लल्लनटॉप खबरों की सप्लाई के लिए फेसबुक पर लाइक करें

कौन हो तुम

'स्क्विड गेम' के प्लेयर नंबर 199 'अली' की कहानी, जिनके इंडियन होने ने सीरीज़ में एक्स्ट्रा मज़ा दिया

'स्क्विड गेम' के प्लेयर नंबर 199 'अली' की कहानी, जिनके इंडियन होने ने सीरीज़ में एक्स्ट्रा मज़ा दिया

अली का रोल करने वाले इंडियन एक्टर अनुपम त्रिपाठी का सलमान-शाहरुख़ कनेक्शन क्या है?

IPL का कित्ता ज्ञान है, ये क़्विज़ खेलकर चेक कल्लो!

IPL का कित्ता ज्ञान है, ये क़्विज़ खेलकर चेक कल्लो!

ईमानदारी से स्कोर भी बताते जाना. हम इंतज़ार करेंगे.

'मनी हाइस्ट' वाले प्रोफेसर की पूरी कहानी, जिनकी पत्नी ने कहा था, 'कभी फेमस नहीं हो पाओगे'

'मनी हाइस्ट' वाले प्रोफेसर की पूरी कहानी, जिनकी पत्नी ने कहा था, 'कभी फेमस नहीं हो पाओगे'

अलवारो मोर्टे ने वेटर तक का काम किया हुआ है. और एक वक्त तो ऐसा था कि बकौल उनके कैंसर से जान जाने वाली थी.

एक्टर शरत सक्सेना की कहानी, जिन्होंने 71 साल की उम्र में ज़बरदस्त बॉडी बनाकर सबको चौंका दिया

एक्टर शरत सक्सेना की कहानी, जिन्होंने 71 साल की उम्र में ज़बरदस्त बॉडी बनाकर सबको चौंका दिया

हीरो बनने आए शरत सक्सेना कैसे गुंडे का चमचा बनने पर मजबूर हुए?

'भीगे होंठ तेरे' वाले कुणाल गांजावाला आजकल कहाँ हैं?

'भीगे होंठ तेरे' वाले कुणाल गांजावाला आजकल कहाँ हैं?

एक वक़्त इंडस्ट्री में टॉप पर थे कुणाल और उनके गाने पार्टियों की जान हुआ करते थे.

राज कुंद्रा की पूरी कहानी, 18 की उम्र में शॉल बेचने से शुरुआत करने वाले राज यहां तक कैसे पहुंचे?

राज कुंद्रा की पूरी कहानी, 18 की उम्र में शॉल बेचने से शुरुआत करने वाले राज यहां तक कैसे पहुंचे?

IPL स्कैंडल, मॉडल्स के आरोप, अंडरवर्ल्ड कनेक्शंस के आरोप, एक्स वाइफ के इल्ज़ाम सब हैं इस कहानी में.

रिचर्ड ब्रैनसन: जिन्होंने पहले अंतरिक्ष के दर्शन करके जेफ बेजोस का मजा खराब कर दिया

रिचर्ड ब्रैनसन: जिन्होंने पहले अंतरिक्ष के दर्शन करके जेफ बेजोस का मजा खराब कर दिया

रिचर्ड ब्रेन्सन की कहानी, जहां भी गए तहलका मचा दिया.

'सिंघम' IPS से तमिलनाडु BJP के सबसे युवा अध्यक्ष बने अन्नामलाई की कहानी

'सिंघम' IPS से तमिलनाडु BJP के सबसे युवा अध्यक्ष बने अन्नामलाई की कहानी

पहला चुनाव हार गए थे, बीजेपी ने राज्य की जिम्मेदारी सौंपी है.

'तड़प-तड़प के' जैसा प्रेमियों का ब्रेकअप एंथम देने वाले सिंगर के के आजकल कहां हैं?

'तड़प-तड़प के' जैसा प्रेमियों का ब्रेकअप एंथम देने वाले सिंगर के के आजकल कहां हैं?

उनके गाए 'पल' गाने के बगैर आज भी किसी कॉलेज का फेयरवेल पूरा नहीं होता.

कर लिया योगा? अब क्विज खेलने से होगा

कर लिया योगा? अब क्विज खेलने से होगा

आन्हां, ऐसे नहीं कि योग बस किए, दिखाना पड़ेगा कि बुद्धिबल कित्ता बढ़ा.