Submit your post

Follow Us

लखीमपुर केस : तो इसलिए CM योगी को खुद के पुराने वीडियो देखने चाहिए

पहला बयान

हम तय कर चुके हैं कि अपराध के लिए उत्तर प्रदेश में कोई जगह नहीं होगी. अपराधी के लिए कोई जगह नहीं होगी और अपराधी के संरक्षणदाता के लिए भी प्रदेश में कोई जगह नहीं होगी. बहुत सख्ती के साथ हम निपटेंगे. पूरी निर्ममता के साथ निपटेंगे ऐसे तत्वों से. और यह तय है अगर किसी ने किसी गरीब, किसी निरीह, कमजोर, किसी व्यापारी का उत्पीड़न किया तो उसको अपने भविष्य के बारे में खुद सोचना होगा.

दूसरा बयान

मुझे एक बात बताइए जो अपराधी सरेआम किसी पुलिसकर्मी को गोली मार दे रहा है, मुझे लगता है उसकी पूजा तो नहीं ही होनी चाहिए.और किसी को भी नहीं करनी चाहिए. जीने का अधिकार प्रत्येक व्यक्ति को है, लेकिन किसी को भी अधिकार नहीं कि वह दूसरे के जीने के अधिकार को छीन ले. और अगर कोई छीनता है तो मुझे लगता है कि उसके साथ वैसे ही व्यवहार किया जाना चाहिए.

तीसरा बयान

उत्तर प्रदेश के अंदर अपराधियों और माफियाओं के लिए कोई जगह नहीं है. कोई जगह नहीं होगी. कानून अपने तरीके से इनसे निपटने का काम करेगा. अगर किसी ने किसी गरीब, किसी मजबूर किसी नागरिक किसी किसान, किसी व्यापारी का अपहरण या उससे जबरन वसूलने का काम किया तो फिर तय कर ले कि उनको कहां रहना है. उत्तर प्रदेश में हमलोग इसकी कोई छूट नहीं दे सकते.

योगी आदित्यनाथ के कई बयान आपको मिल जाएंगे, जिनके आधार पर उन्होंने छवि गढ़ी कि अपराधियों को लेकर वो बहुत सख्त हैं. लेकिन अब शायद वो भूल गए हैं कि वो कभी सख्त हुआ करते थे, या कम से कम ऐसा दावा किया करते थे. लगता है कि योगी आदित्यनाथ को अपने पुराने बयान खुद खोजकर सुनने चाहिए. ताकि वो अपनी सख्ती याद कर सकें. और उसी सख्ती से पुलिस को आदेश दें कि हत्या के मुकदमे में नामजद आरोपी की गिरफ्तारी करे.

लखीमपुर खीरी में किसानों की मौत मामले में अजय मिश्रा टेनी के बेटे आशीष मिश्रा ऊर्फ मोनू का नाम FIR में दर्ज है. किसानों की मौत रविवार को हुई थी. FIR सोमवार को लिखी गई. आशीष मिश्रा का नाम FIR में दर्ज हुआ. इसके बावजूद पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी नहीं की. आशीष मिश्रा आराम से बैठकर टीवी चैनलों पर मीडिया को इंटरव्यू देता रहा. पुलिस पूछताछ तक के लिए नहीं गई. सुप्रीम कोर्ट ने स्वत संज्ञान लेकर गुरुवार को यूपी सरकार से जवाब मांगा तब जाकर कहीं यूपी पुलिस की तरफ से आशीष मिश्रा को समन भेजा गया. गौर कीजिए, हत्या के आरोपी को उत्तर प्रदेश की सख्त छवि वाली पुलिस नोटिस भेजकर कह रही है कि आप हमारे पास आइए. पुलिस जनता से साक्ष्य मांग रही है और इसलिए उत्तर प्रदेश की सरकार और उत्तर प्रदेश की पुलिस पर सवाल उठ रहे हैं. और सवाल सिर्फ विपक्षी ही नहीं उठा रहे हैं, सुप्रीम कोर्ट ने आज गंभीर सवाल उठाए हैं.

Lakhimpur Kheri Ajay Mishra Ashish Mishra
लखीमपुर खीरी में हुई हिंसा के मामले में केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा टेनी के बेटे के आशीष मिश्रा (राइट) पर आरोप है कि उन्होंने कार से किसानों को कुचल दिया. (फोटो पीटीआई/एएनआई)

मुख्य न्यायाधीश एनवी रमणा, जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस हिमा कोहली की पीठ ने इस मामले की सुनवाई की. यूपी सरकार की वकील गरिमा प्रसाद थीं, लेकिन उन्होंने कोर्ट में बताया कि उनकी तरफ से वरिष्ठ वकील हरीश साल्वे पेश होंगे. इसलिए हरीश साल्वे ने यूपी सरकार का पक्ष रखा. यूपी सरकार की तरफ से आज कोर्ट में स्टेट्स रिपोर्ट दायर की गई. क्या बताया यूपी सरकार ने. कहा कि घटना के अगले दिन यानी 4 अक्टूबर को पहली FIR रिपोर्ट दर्ज कर ली गई थी. चार लोगों की हत्या के मामले में आशीष मिश्रा के खिलाफ FIR थी. FIR के तीन दिन बाद आरोपी को समन भेजा. और 8 अक्टूबर की सुबह 10 बजे तक पेश होने को कहा. पुलिस ने बताया कि जांच में 6 और आरोपियों के नाम सामने आए हैं. जिनमें से 3 की मौत हो गई है. और 2 को गिरफ्तार कर लिया है. इसके अलावा यूपी सरकार ने बताया है कि जांच के लिए SIT गठित की है और न्यायिक जांच के लिए भी कमेटी बनाई है.

Crpc
पुलिस की ओर से चस्पा पहला नोटिस

ये बातें लिखित में यूपी सरकार ने कोर्ट में दी, जिस पर सुनवाई शुरू हुई. सुनवाई के दौरान क्या क्या बातें कोर्ट में कहीं गई, इसकी डिटेल हमें लाइव लॉ पोर्टल से मिली. कोर्ट की टिप्पणियां आपको जरूर देखनी चाहिए.

बेच के सामने यूपी सरकार के वकील हरीश साल्वे ने कहा कि हमने आरोपी को पेश होने का नोटिस दिया है. चीफ जस्टिस ने पीछा-

पेश होने का अनुरोध करने की क्या जरूरत थी. सुप्रीम कोर्ट ने पूछा कि 302 के गंभीर इल्जाम होते हैं तो आरोपी के साथ क्या किया जाता है? क्या उसे नोटिस भेजकर कहते हैं कृपया आइए और हमें बताइए?

वकील हरीश साल्वे ने कहा कि अभियुक्त आशीष मिश्रा को नोटिस भेजा गया है वो आज आने वाला था. लेकिन उसने कल सुबह तक का टाइम मांगा है. हमने उसे कल शनिवार सुबह 11 बजे तक की मोहलत दी है. और अगर वो कल पेश नहीं होता है तो कानून अपना काम करेगा.

चीफ जस्टिस ने कहा कि हम उम्मीद करते हैं कि यह एक जिम्मेदार सरकार होगी. हत्या और बंदूक की गोली से चोट के गंभीर आरोप हैं..

– साल्वे ने कहा कि उन्होंने यह बात पुलिस से पूछी थी और उन्हें बताया गया था कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में गोली लगने का कोई निशान नहीं है, हालांकि फायरिंग का आरोप लगा था.

सीजेआई ने कहा – पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में बंदूक की गोली की चोट नहीं दिखाई दे रही है … क्या यह एक कारण है. मानी जज पूछ रहे थे क्या इसी वजह से गिरफ्तारी नहीं हुई.

CJI ने ये भी पूछा कि अगर आरोपी कोई आम आदमी हो तो क्या यही रवैया रहेगा.

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि इस बात के सारे सबूत हैं कि मशीनरी ने Fake Encounter के आरोपियों को बचाया. (फोटो- PTI)
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि इस बात के सारे सबूत हैं कि मशीनरी ने Fake Encounter के आरोपियों को बचाया. (फोटो- PTI)

कोर्ट ये भी पूछा कि क्या राज्य सरकार ने CBI जांच की सिफारिश की है?

जवाब में वकील साल्वे ने कहा- नहीं. आप दशहरा छुट्टी तक प्रतीक्षा कीजिए. उसके बाद ज़रूरी लगे तो सीबीआई को जांच सौंपी दीजिए.

जवाब में जज ने कहा- हम आपका आदर करते हैं. इसलिए टिप्पणी नहीं कर रहे हैं. CBI भी कोई हल नहीं है. आप जानते हैं क्यों? हमें कोई और तरीका देखना होगा.

कोर्ट ने सरकार की बनाई SIT पर भी सवाल उठाए. कहा कि टीम में सभी अधिकारी स्थानीय हैं.

आखिर में बेंच ने कहा कि हम राज्य के द्वारा उठाए गए कदमों से संतुष्ट नहीं हैं. कोर्ट ने अगली सुनवाई की तारीख रखी है 20 अक्टूबर.

अब राज्य की सरकार कोर्ट में कह रही है कि वो तत्परता से कार्रवाई में लगे हैं. लेकिन आपको आरोपी अजय मिश्रा के पिता और गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा का बयान भी सुनना चाहिए. वो कह रहे हैं कि पुलिस वाले हमें नोटिस देकर ही नहीं गए, बाहर चस्पा कर चले गए. सुनिए

नोटिस देकर पुलिस आरोपी मोनू का इंतजार कर रही है, खबरें ये भी आईं कि आरोपी नेपाल भाग गया. हालांकि मंत्री अजय मिश्रा ने बताया कि वो कहीं नहीं गए हैं, घर में आराम कर रहे हैं. इन्होंने आरोपी बेटे के साथ पत्रकारों को चाय की दावत भी दे दी. कहा,

पूरी तरह से सारे साक्ष्य हमारे पास हैं. सारे साक्ष्यों को संकलित कर लिया है. हमारे बेटे की जहां तक बात है वो कहीं नहीं गए, सैयपुरा कोठी के अपने आवास पर वो उपस्थित हैं. अभी भी उपस्थित हैं अगर आप सबको विश्वास ना हो तो लखीमपुर चलो सबको चाय पिलवाते हैं. आज उनका कुछ स्वास्थ्य गड़बड़ था, उन्होंने लिखकर के भेजा है. लिखित रूप से कहा है कि मैं अपना सबूत पेश करना चाहता हूं.

अब आप विडंबना देखिए. पुलिस ने माना है कि 7 आरोपी हैं. मुख्य आरोपी मोनू मिश्रा और 6 अन्य आरोपी. जिनमें से 3 आरोपियों की मौत हो गई है. और 2 आरोपियों को पुलिस ने बिना समन भेजे गिरफ्तार कर लिया है. और मुख्य आरोपी को गिरफ्तार करने के लिए पुलिस को समन भेजना पड़ रहा है. नोटिस पर भी आरोपी पुलिस के पास नहीं पहुंचता है तो और मोहतल दी जाती है. पुलिस उसे गिरफ्तार करने की हिम्मत नहीं करती है. सवाल है कि क्या आरोपी को केंद्रीय मंत्री होने का फायदा मिल रहा है. नोटिस के बाद भी आरोपी हाजिर नहीं होता है, और पुलिस इंतजार करती है. आरोपी ने अपराध क्या है या नहीं ये बाद की बात है, जांच का मामला है. लेकिन जैसे बाकी मामलों में यूपी पुलिस फुर्ति से गिरफ्तारियां करती है, इस मामले में क्यों नहीं हो रही है. ये सवाल तब तक पूछे जाएंगे जब कि आरोपी मोनू मिश्रा को गिरफ्तार नहीं कर लिया जाता.


दी लल्लनटॉप शो: आशीष मिश्रा को गिरफ्तार ना करने के लिए कोर्ट में यूपी सरकार ने क्या तर्क दिए?

लगातार लल्लनटॉप खबरों की सप्लाई के लिए फेसबुक पर लाइक करें

कौन हो तुम

10 साल पहले भी शाहरुख़ का समीर वानखेड़े से सामना हुआ था, समीर ने ठोका था तगड़ा जुर्माना

10 साल पहले भी शाहरुख़ का समीर वानखेड़े से सामना हुआ था, समीर ने ठोका था तगड़ा जुर्माना

जगह थी मुंबई एयरपोर्ट. अब दस साल बाद फिर से दोनों का नाम एक साथ सुर्ख़ियों में है.

'स्क्विड गेम' के प्लेयर नंबर 199 'अली' की कहानी, जिनके इंडियन होने ने सीरीज़ में एक्स्ट्रा मज़ा दिया

'स्क्विड गेम' के प्लेयर नंबर 199 'अली' की कहानी, जिनके इंडियन होने ने सीरीज़ में एक्स्ट्रा मज़ा दिया

अली का रोल करने वाले इंडियन एक्टर अनुपम त्रिपाठी का सलमान-शाहरुख़ कनेक्शन क्या है?

IPL का कित्ता ज्ञान है, ये क़्विज़ खेलकर चेक कल्लो!

IPL का कित्ता ज्ञान है, ये क़्विज़ खेलकर चेक कल्लो!

ईमानदारी से स्कोर भी बताते जाना. हम इंतज़ार करेंगे.

'मनी हाइस्ट' वाले प्रोफेसर की पूरी कहानी, जिनकी पत्नी ने कहा था, 'कभी फेमस नहीं हो पाओगे'

'मनी हाइस्ट' वाले प्रोफेसर की पूरी कहानी, जिनकी पत्नी ने कहा था, 'कभी फेमस नहीं हो पाओगे'

अलवारो मोर्टे ने वेटर तक का काम किया हुआ है. और एक वक्त तो ऐसा था कि बकौल उनके कैंसर से जान जाने वाली थी.

एक्टर शरत सक्सेना की कहानी, जिन्होंने 71 साल की उम्र में ज़बरदस्त बॉडी बनाकर सबको चौंका दिया

एक्टर शरत सक्सेना की कहानी, जिन्होंने 71 साल की उम्र में ज़बरदस्त बॉडी बनाकर सबको चौंका दिया

हीरो बनने आए शरत सक्सेना कैसे गुंडे का चमचा बनने पर मजबूर हुए?

'भीगे होंठ तेरे' वाले कुणाल गांजावाला आजकल कहाँ हैं?

'भीगे होंठ तेरे' वाले कुणाल गांजावाला आजकल कहाँ हैं?

एक वक़्त इंडस्ट्री में टॉप पर थे कुणाल और उनके गाने पार्टियों की जान हुआ करते थे.

राज कुंद्रा की पूरी कहानी, 18 की उम्र में शॉल बेचने से शुरुआत करने वाले राज यहां तक कैसे पहुंचे?

राज कुंद्रा की पूरी कहानी, 18 की उम्र में शॉल बेचने से शुरुआत करने वाले राज यहां तक कैसे पहुंचे?

IPL स्कैंडल, मॉडल्स के आरोप, अंडरवर्ल्ड कनेक्शंस के आरोप, एक्स वाइफ के इल्ज़ाम सब हैं इस कहानी में.

रिचर्ड ब्रैनसन: जिन्होंने पहले अंतरिक्ष के दर्शन करके जेफ बेजोस का मजा खराब कर दिया

रिचर्ड ब्रैनसन: जिन्होंने पहले अंतरिक्ष के दर्शन करके जेफ बेजोस का मजा खराब कर दिया

रिचर्ड ब्रेन्सन की कहानी, जहां भी गए तहलका मचा दिया.

'सिंघम' IPS से तमिलनाडु BJP के सबसे युवा अध्यक्ष बने अन्नामलाई की कहानी

'सिंघम' IPS से तमिलनाडु BJP के सबसे युवा अध्यक्ष बने अन्नामलाई की कहानी

पहला चुनाव हार गए थे, बीजेपी ने राज्य की जिम्मेदारी सौंपी है.

'तड़प-तड़प के' जैसा प्रेमियों का ब्रेकअप एंथम देने वाले सिंगर के के आजकल कहां हैं?

'तड़प-तड़प के' जैसा प्रेमियों का ब्रेकअप एंथम देने वाले सिंगर के के आजकल कहां हैं?

उनके गाए 'पल' गाने के बगैर आज भी किसी कॉलेज का फेयरवेल पूरा नहीं होता.