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फेसबुक पर गदर काट चुकी किरण यादव की क्या है कहानी, जिन्हें जेल भेज दिया गया है

किरण यादव को धार्मिक भावनाएं आहत करने के आरोप में पुलिस ने गिरफ्तार करके जेल भेज दिया है.

किरण यादव. खुद को सोशल एक्टविस्ट कहती हैं. सोशल मीडिया, खासकर फेसबुक पर हल्ला काटती रहती हैं. उनके नाम पर कई पेज हैं, जिन्हें लाखों की संख्या में लोग फोलो करते हैं. ट्विटर पर भी किरण यादव नाम से हैंडल है, जिसे हजारों फोलोअर्स हैं. बिहार पुलिस ने किरण को गिरफ्तार कर लिया है. धार्मिक भावनाएं आहत करने के आरोप में. उनके खिलाफ 2 दिसंबर को केस दर्ज किया गया था.

इस मामले में पुलिस का बयान आया है. हाजीपुर सदर के SDPO ने बताया,

2 दिसंबर को एक वीडियो वायरल हुआ था. एक महिला हैं, जिन्होंने हिन्दू धर्म और देवी-देवताओं के प्रति कुछ अपशब्दों का प्रयोग किया था. कई तरह की बातें बोली थीं. अगड़ा-पिछड़ा मुस्लिम का भी नाम लिया. उसके बाद हिन्दू धर्म की अगड़ी जातियों को मुस्लिम से डरने की बात कही. इस तरह का धार्मिक उन्माद फैलाने का, जाति उन्माद फैलाने का प्रयास वीडियो में किया जा रहा है. धार्मिक और सांप्रदायिक दृष्टिकोण से हाजीपुर जिला बहुत संवेदनशील है. महिला द्वारा इस तरह का वीडियो वायरल करने और उन्माद फैलाने के मद्देनजर प्राथमिकी दर्ज की गई है. फुटेज के आधार पर पहचान करके महिला की गिरफ्तारी की गई है. किरण यादव थाना क्षेत्र चांदपुरा की रहने वाली है.

वहीं, सोशल मीडिया पर एक वीडियो तैर रहा है. वीडियो में पुलिस किरण यादव को गिरफ्तार करके ले जाती दिख रही है. जब किरण से सवाल किया जाता है कि आपकी गिरफ्तारी किस मामले में हुई है? तो वह कहती हैं,

अभी तक मुझे खुद नहीं पता कि किस मामले में गिरफ्तारी हुई है.

यह पूछने पर कि प्रकरण क्या था? वह कहती हैं,

मुझे तो कुछ पता ही नहीं है अभी तक तो.

फिर कहती हैं,

मुझे पता चला है कि राम के बारे में कुछ बोले हैं, इस पर है.

उन्होंने अपने बचाव में दलील दी कि फेसबुक की उनकी आईडी डिलीट कर दी गई. कहा,

वो आईडी है ही नहीं मेरे पास. फेसबुक पर पहले मैं जो भी पोस्ट करती थी, सभी लोग पढ़ते थे. लेकिन मेरी आईडी को डिलीट कर दिया गया. अभी जो मेरी आईडी है, उसके बारे में मुझे बताया जाएगा, तब तो कि आपने ये विवादित लिखा है. तब मैं जवाब दूंगी कि क्या लिखा, क्यों लिखा, कौन सी परिस्थिति में लिखा. लेकिन ये सब मुझे कुछ जानकारी नहीं है.

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पिछले दिनों किरण यादव का एक वीडियो वायरल हुआ था. इसमें वह राम, दशरथ और सीता के बारे में अभद्र भाषा का प्रयोग करती दिखी थीं. राजपूतों के खिलाफ भी अभद्र भाषा बोली थी.

किरण यादव की फाइल फोटो

इससे पहले भी विवादों में रही हैं

वैशाली जिले के रसलपुर हबीब गांव में एक लड़की गुलनाज को जलाकर मारने का मामला सामने आया था. छेड़छाड़ के विरोध में दबंगों ने लड़की को जला दिया था. बाद में उसने दम तोड़ दिया था. इस मामले में किरण यादव ने सोशल मीडिया के जरिए आवाज उठाई थी. वह गुलनाज और उसके परिवार से मिलने गई थीं. किरण यादव ने लड़की के घर जाकर फेसबुक लाइव किया था. मदद के लिए अकाउंट नंबर भी शेयर किया था. बाद में, किरण पर चंदा उगाही के आरोप लगे. कहा गया कि उन्होंने लोगों से पैसे लेकर लड़की के परिवार को नहीं दिए. तीन लाख की बात सामने आई. हालांकि किरण यादव का कहना है कि पहले उन्होंने लड़की की मां का अकाउंट शेयर किया था. लेकिन उन्होंने कहा कि हमारे अकाउंट में पैसा नहीं आ रहा है, तब मैंने अपना अकाउंट नंबर डाला था.

किरण यादव पर चंदे में घपला करने के आरोप भी लगे थे.

किरण का कहना है कि मेरे खाते में 29 हजार रुपए हैं. इनमें से दो हजार मेरे हैं, बाकी चंदे के पैसे हैं. ये पूछने पर कि उन्होंने लड़की के परिवार को चंदे में मिले पैसे क्यों नहीं दिए, इस पर उन्होंने कहा कि परिवार से मुलाकात नहीं हुई. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, किरण के खिलाफ इस मामले में शिकायत दर्ज कराई गई है.

फेसबुक पर लाखों फोलोवर्स हैं

किरण यादव वैशाली जिले के चांदपुरा की रहने वाली हैं. सोशल मीडिया पर पिछले दो साल में ही किरण यादव के लाखों की संख्या में फ़ॉलोअर्स बढ़े हैं. हालांकि उनका कहना है कि उनकी फेसबुक आईडी को डिलीट कर दिया गया. वैसे तो फेसबुक पर उनके नाम से कई पेज हैं जिन्हें उनके फैंस चलाते हैं. ऐसा ही एक फेसबुक पेज है जिसे 11 लाख से ज्यादा लोग फोलो करते हैं. इसकी प्रोफाइल में लिखा है कि ये पेज किरण के हार्ड कोर सपोर्टर ने बनाया है. स्टोरी लिखे जाने तक इस पेज पर आखिरी पोस्ट 13 दिसंबर को किया गया था, जिस पर लगभग एक हजार लोगों ने रिस्पॉन्स दिया, 120 कमेंट्स आए और 280 बार पोस्ट को शेयर किया गया. ये पेज एक्टिव है.

ट्विटर पर किरण यादव के नाम से एक हैंडल है. इसे 17 हजार से ज्यादा लोग फोलो करते हैं. किरण यादव की गिरफ्तारी के बाद इस पर कई पोस्ट डाले गए हैं.

किरण यादव पॉलिटिकल और सोशल मुद्दों पर मुखर होकर अपनी बात रखती हैं. इस चक्कर में कई बार भाषा की मर्यादा लांघ जाती हैं. अपशब्दों का इस्तेमाल करने लगती हैं. BJP, RSS और उससे जुड़े संगठनों के खिलाफ खुलकर बोलती हैं. अपनी पोस्ट में सरकार पर हमला करती हैं. हालांकि उनके किसी पार्टी से जुड़े होने की बात पता नहीं चली. जाति के मसले पर भी खुलकर लिखती बोलती हैं. ज्यादातर वीडियोज़ में खुद को एक घरेलू महिला के रूप में पेश करने की कोशिश करती हैं.

किरण यादव ने फेसबुक के अपने बायो में बताया था कि डीसी कॉलेज, हाजीपुर, वैशाली से उन्होंने पढ़ाई की है. S & S Infotech Solutions Pvt Ltd में काम किया है. ये कंपनी मुंबई की है. किरण यादव के पति फौज में थे. स्थानीय मीडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, उन्हें बर्खास्त कर दिया गया था.

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