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क्या भारत सरकार से पूछे बिना पाकिस्तान चली गई इंडियन कबड्डी टीम?

भारत की नुमाइंदगी करने पाकिस्तान पहुंचे खिलाड़ी कुछ समझ नहीं पा रहे हैं. खेल है कबड्डी का. विश्व कबड्डी चैम्पियनशिप 2020. कहा जा रहा है कि भारत की टीम को सरकार से पाकिस्तान जाने की परमिशन नहीं मिली थी. अब टीम पसोपेश में है. खिलाड़ी कह रहे हैं कि उन्हें इस स्थिति का अंदाज़ा नहीं था, वे तो बस खेलने आ गए हैं.

मंत्रालय से लेकर खेल महासंघ तक कोई भी इन खिलाड़ियों के साथ नहीं है (तस्वीर PTI)
मंत्रालय से लेकर खेल महासंघ तक कोई भी इन खिलाड़ियों के साथ नहीं है (तस्वीर PTI)

# हो क्या रहा है?

खेल मंत्रालय और राष्ट्रीय महासंघ का अपना दावा है. इनका कहना है कि उन्होंने किसी भी एथलीट को पाकिस्तान जाने की मंज़ूरी नहीं दी. दूसरी ओर चैम्पियनशिप में हिस्सा लेने के लिए भारत से तक़रीबन 60 खिलाड़ी शनिवार 8 फरवरी को वाघा बार्डर के जरिये लाहौर पहुंचे. इस चैम्पियनशिप का आयोजन पहली बार पाकिस्तान में किया जा रहा है.

भारत की टीम के पाकिस्तान पहुंचने का पता तब चला, जब सोशल मीडिया पर टीम के लाहौर पहुंचने की तस्वीरें और वीडियो वायरल हुए.

# मंज़ूरी ही नहीं मिली

खेल मंत्रालय का कहना है कि किसी भी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में देश के प्रतिनिधित्व के लिए अनुमति अनिवार्य होती है. लेकिन मंत्रालय ने किसी भी एथलीट को टूर्नामेंट के लिए पाकिस्तान जाने की अनुमति नहीं दी है. विदेश मंत्रालय से भी अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट के लिए मंज़ूरी की जरूरत होती है. बताया जा रहा है कि टीम के पास विदेश मंत्रालय की भी मंज़ूरी नहीं है. ऐसे में टीम कैसे टूर्नामेंट खेलेगी, ये अब बड़ा सवाल है. टूर्नामेंट सोमवार, 10 फरवरी से लाहौर के पंजाब फुटबाल स्टेडियम में शुरू हुआ. कुछ मैच फैसलाबाद में भी खेले जाएंगे.

# कबड्डी महासंघ क्या बोलता है?

AKFI. Amature Kabaddi Fedretion of India ने भी मंज़ूरी न देने की बात कही है. AKFI के चेयरमैन रिटायर्ड जज एस.पी. गर्ग ने भी यही कहा कि राष्ट्रीय संस्था ने किसी भी टीम को मंजूरी नहीं दी है. उन्होंने कहा, ‘हमें पाकिस्तान जाने वाली किसी कबड्डी टीम के बारे में कोई सूचना नहीं है.’

यहां तक कि अब AKFI ने क़ानूनी कार्रवाई तक करने की बात कही है. AKFI का कहना है कि विदेशी प्रतियोगिताओं में भागीदारी की एक प्रक्रिया है. इस प्रक्रिया के तहत राष्ट्रीय महासंघ खेल मंत्रालय को सूचना देता है. इसके बाद राजनीतिक मंजूरी के लिए विदेश मंत्रालय और सुरक्षा मंजूरी के लिए गृह मंत्रालय को सूचना दी जाती है.

# और अब खेल मंत्रालय

खेल मंत्री किरन रिजिजू ने भी भारत सरकार का पक्ष साफ़ कर दिया है. उनका कहना है कि भारत सरकार ने किसी खिलाड़ी को पाकिस्तान जाने की मंज़ूरी नहीं दी थी. वीज़ा जारी करना भारत सरकार का अधिकार है और इस टीम की वीज़ा प्रक्रिया में खेल मंत्रालय की कोई भूमिका नहीं है. उन्होंने कहा कि वे कबड्डी फेडरेशन से भी बात करेंगे कि उनको टीम के पाकिस्तान जाने की सूचना थी या नहीं.

# पाकिस्तान की तरफ़ से स्वागत हुआ

पाकिस्तान पंजाब के खेल मंत्री ने टीम का स्वागत किया. स्पोर्ट मिनिस्टर राय तैमूर खान भट्टी ने लाहौर के होटल में भारतीय दल का स्वागत किया. पाकिस्तान कबड्डी महासंघ के अधिकारियों ने भारतीय खिलाड़ियों के वाघा बार्डर से पाकिस्तान पहुंचने के बाद फूलमाला पहनाकर उनका स्वागत किया, जिसके बाद उन्हें सुरक्षा घेरे में लाहौर होटल पहुंचाया गया.

कबड्डी वर्ल्ड कप का हमेशा से बड़ा नाम रहा है (तस्वीर PTI)
कबड्डी वर्ल्ड कप का हमेशा से बड़ा नाम रहा है (तस्वीर PTI)

# क्या है ये चैम्पियनशिप?

विश्व कबड्डी चैम्पियनशिप के पिछले छह चरण अब तक भारत में आयोजित हुए थे. भारत ने सभी छह चैम्पियनशिप जीती हैं. 2010, 2012, 2013 और 2014 में भारत ने पाकिस्तान को हराया था. इस बार पाकिस्तानी आयोजकों के हिसाब से कई देशों की टीमें इस चैम्पियनशिप में हिस्सा ले रही हैं. इनमें आस्ट्रेलिया, इंग्लैंड, जर्मनी, ईरान, अजरबैजान, सिएरा लियोन, कीनिया और कनाडा की टीमें शामिल हैं. विजेता टीम को एक करोड़ पाकिस्तानी रुपये और रनर-अप टीम को 75 लाख पाकिस्तानी रुपये की इनामी राशि मिलेगी.

# पाकिस्तान का पक्ष क्या है

पाकिस्तान कबड्डी फ़ेडरेशन के महासचिव मोहम्मद सरवर ने बिना इजाज़त भारतीय टीम के पहुंचने पर पाकिस्तानी मीडिया को जवाब दिया है. उनका कहना है कि इसमें पाकिस्तान कुछ नहीं कर सकता. ये भारत का अपना अंदरूनी मामला है, इसे उन्हें ही सुलझाने देना चाहिए. उन्होंने कहा कि ये टूर्नामेंट इंटरनेशनल कबड्डी फ़ेडरेशन से मान्यता प्राप्त है, इसलिए भारत को इसमें हिस्सेदारी से परहेज़ नहीं होना चाहिए.


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