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दिल्ली पुलिस के सामने 'धमकी' देने वाले कपिल मिश्रा का ज़ाफराबाद हिंसा में क्या रोल है?

BJP के नेता कपिल मिश्रा. 2020 विधानसभा चुनाव में हाथ आजमाया. हार गए. लेकिन कहा था कि CAA के खिलाफ प्रदर्शनकारियों का विरोध करते रहेंगे. अब वे दिल्ली के मौजपुर-जाफराबाद पहुंचे. भाषण दिया. उसके बाद हिंसा हुई. दोनों ओर से पत्थर चले और अब तक चल रहे हैं. पुलिस स्थिति काबू में करने की कोशिश कर रही है. और BJP नेता कपिल मिश्रा की है बात. कहा जा रहा कि अगर जाफराबाद नहीं गए होते, तो शायद ये हालात न पैदा हुए होते.

“दिल्ली में दूसरा शाहीन बाग़ नहीं बनने देंगे. एक-एक करके सड़कों, गलियों , बाजारों, मुहल्लों को खोने के लिए तैयार रहिए. चुप रहिए, जब तक आपके दरवाजे तक न आ जाएं, चुप रहिए.”

BJP नेता कपिल मिश्रा की ट्वीट के शब्द हैं ये. दिल्ली के मौजपुर-ज़ाफराबाद के इलाके में नागरिकता संशोधन क़ानून के विरोध में प्रदर्शन के लिए सड़क घेरी गई थी. मंच बनाया जा रहा था. कपिल मिश्रा का इशारा था कि ये भीड़ सबकुछ बंद कर देगी.

इसके बाद कपिल मिश्रा का एक और ट्वीट था. कहा कि ये है भजनपुरा चांद बाग रोड – अभी अभी ये सड़क भी बंद कर दी है मुस्लिम भीड़ ने. उधर से जाफराबाद बंद, इधर से चांद बाग बंद. यानी दिल्ली के जमनापार में रहने वाले लगभग 35 लाख लोग अब कैद में हैं, ना कोई आ सकता, ना जा सकता है.

लेकिन इन दोनों के बीच कपिल मिश्रा का एक और ट्वीट था. कपिल मिश्रा ने ये ट्वीट 23 फरवरी को दोपहर 1:22 मिनट पर किया. लोगों से जुटने की अपील की. ठीक तीन बजे. पुकार – “जाफराबाद के जवाब में’.

ध्यान रहे कपिल मिश्रा बीते एक दो दिनों से लगातार जाफराबाद में नागरिकता संशोधन क़ानून को लेकर हुए प्रदर्शन के बारे में ट्वीट कर रहे थे. खबर है कि इन दौरान मौजपुर-जाफराबाद इलाके में भीड़ जुटने लगी थी. ऐसे लोगों की, जो नागरिकता संशोधन क़ानून का समर्थन कर रहे थे.

23 फरवरी को दोपहर को तीन बजते-बजते जाफराबाद में CAA के समर्थकों और विरोधियों की भारी भीड़ जमा हो गई. कपिल मिश्रा पहुंच चुके थे. 3:56 मिनट पर ट्वीट किया कि सड़कों पर बीवियां बिठाने से CAA वापस नहीं होगा.

कपिल मिश्रा CAA के समर्थकों के साथ बैठ गए. प्रदर्शन और नारेबाज़ी की. तख्ती उठी. दिल्ली पुलिस की टीम तैनात थी. सभी आला अधिकारी मौके पर थे. कपिल मिश्रा एक अल्टीमेटम या धमकी के साथ विदा हो गए. कह गए कि दिल्ली पुलिस को तीन दिन का अल्टीमेटम. जाफराबाद और चांद बाग की सड़कें खाली करवाइए, इसके बाद हमें मत समझाइएगा, हम आपकी भी नहीं सुनेंगे, सिर्फ तीन दिन.

इस वीडियो में प्रदर्शनकारियों पर सवाल उठाते हुए कपिल मिश्रा कह रहे हैं,

“ये लोग चाहते हैं कि दिल्ली में आग लगी रहे. इसीलिए इन्होंने रास्ते बंद किए. इसीलिए ये दंगे जैसा माहौल बना रहे हैं. हमारी तरफ से एक भी पत्थर नहीं चला है. एसीपी साहब हमारे सामने खड़े हैं. मैं आप सबकी ओर से ये बात कह रहा हूं कि ट्रम्प के जाने तक तो हम शान्ति से जा रहे हैं. लेकिन उसके बाद हम आपकी भी नहीं सुनेंगे अगर रास्ते नहीं खाली हुए तो. आपसे विनती है कि रास्ते खाली करवाएं.”

शाम के लगभग 4:30 बजे. कपिल मिश्रा मौजपुर ज़ाफराबाद इलाके से चले गए. ‘इंडियन एक्सप्रेस’ में छपी खबर की मानें, तो इस घटना के कुछ ही देर बाद हिंसा शुरू हुई. दोनों ही ओर से पत्थर चलाये जाने की खबर चली. पुलिस ने कार्रवाई शुरू की. आंसू गैस के गोले दागे. खबर की मानें, तो इस समय घटनास्थल पर 500 से ज्यादा लोग थे. खबर में ये भी लिखा गया कि कुछ पुलिसकर्मी भी CAA समर्थकों की ओर से पत्थर चलाते हुए देखे गए. इस बारे में जब पुलिस से सवाल किए गए, तो भी कोई जवाब नहीं.

इसके बाद शाम 5:40 पर कुछ देर के लिए हिंसा रुकी. 10 मिनट बाद हिंसा फिर से भड़की. इस बार मौजपुर-बाबरपुर स्टेशन के करीब. ज़ाफराबाद और मौजपुर-बाबरपुर मेट्रो स्टेशन के सभी गेट बंद कर दिए गए. शाम 6:30 के आसपास हिंसा को रोकने में सफलता मिली. लेकिन सोशल मीडिया में चल रही खबरों की मानें, तो देर रात तक तनाव जैसी स्थिति रही.

रात दो बजे का एक वीडियो सामने आया. इस वीडियो में मौजपुर इलाके में ट्रक से भरकर पत्थर सड़क पर उड़ेला गया. एक तरफ सड़क पर पत्थर गिराए जा रहे थे, और लोग नारे लगा रहे थे कि मोदी तुम संघर्ष करो, हम तुम्हारे साथ हैं.

इसके अलावा ये भी बातें सोशल मीडिया पर चलीं कि रात-बिरात कई मौकों पर पत्थर चले. क़ानून के समर्थकों की ओर से क़ानून का विरोध कर रहे लोगों की ओर. उनके घरों की ओर.

जिस समय ये खबर लिखी जा रही है, उस समय भी दिल्ली के मौजपुर-जाफराबाद इलाके में फिर से दोनों पक्षों की ओर से पत्थरबाज़ी हो रही है. एक शख्स ने भीड़ पर गोली भी चलाई है. और इधर कपिल मिश्रा के खिलाफ साम्प्रदायिक हिंसा भड़काने के लिए शिकायत भी दर्ज की गयी है. शिकायतकर्ता वकील हैं, जिनके नाम हैं रुखसार अहमद, मोहम्मद दानिश, नदीम उजमा, अकरम, मोहम्मद जाकिर और वसीम खान.

‘अमर उजाला’ में छपी खबर की मानें, तो शिकायत में कहा गया है कि कपिल मिश्रा ने लोगों को सुनियोजित तरीके से भड़काने के लिए बाकायदे ट्वीट किया. इसके बाद मौजपुर चौक पर भीड़ जमा हुई. देखते ही देखते हालात बेकाबू हो गए. कहा गया है कि कपिल मिश्रा के ट्वीट के बाद ही वहां लोग जमा हुए और इलाके में तनाव पैदा हुआ. उसके बाद कपिल मिश्रा ने लोगों को सीएए का विरोध करने वालों के खिलाफ भड़काया. इसके बाद लोगों ने पथराव शुरू कर दिया. मांग की गई है कि कपिल मिश्रा के खिलाफ दंगा भड़काने और शांति भंग करने का मामला दर्ज किया जाए और जांच की जाए.


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