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क्या कोरोना वायरस की वजह से पुरुष नपुंसक हो रहे हैं?

बस थोड़ा सा चलने पर हांफने लगता हूं.

यार कुछ नहीं करता, फिर भी बैठे-बैठे थकान महसूस होती है.

तनाव बढ़ गया है.

कोरोना से रिकवर होने वाले पुरुषों में ये शिकायत आम होती जा रही है. कोरोना के आफ्टर इफेक्ट के तौर पर. लेकिन इन्हीं सब लक्षणों के बीच एक और बात का दावा किया जा रहा है. कम से कम कुछ विदेशी रिसर्च को मानें, तो कोरोना संक्रमित पुरुषों को नपुंसकता का भी खतरा है. चौंककर फिर से पिछली लाइन पढ़ने की जरूरत नहीं. इंटरनेट पर ऐसे दावे किए जा रहे हैं. इससे जुड़ी कुछ स्टडी शेयर की जा रही हैं. जिसमें दावा किया गया है कि कोरोना से नपुंसकता यानी Erectile Dysfunction हो सकता है. अब ऐसे में इसको लेकर दिमाग में हजारों सवाल आना लाज़मी है. कि ये बात शुरू कहां से हुई? और क्या कोई आधार भी है या बिना सिर-पैर का मामला है? और अगर इस बात में अणु भर भी सच्चाई भी है, तो इसके क्या दुष्प्रभाव हो सकते हैं? इंटरनेट के पैनिक से दूर होकर ऐसे ही सवालों को लेकर हम गए एक्सपर्ट के पास. उन्होंने इनके क्या जवाब दिए, वही बताएंगे. लेकिन उससे पहले थोड़ा ब्रीफ़ में Erectile Dysfunction को समझना जरूरी है. जिसे शॉर्ट में ED भी कहा जाता है.

जब पुरुष का लिंग सेक्स के दौरान ठीक से परफॉर्म नहीं कर पाए. उसमें ज्यादा तनाव न आ पाए. वो इरेक्ट न हो सके. ऐसी कंडिशन को ED कहते हैं. इसके लिए आम बोलचाल की भाषा में नपुंसकता शब्द का इस्तेमाल भी किया जाता है. खासतौर पर किसी को नीचा दिखाने के लिए. ED का जितना हउवा हो रखा है, ये वैसी बीमारी नहीं. बड़ी कॉमन समस्या है. ज्यादातर मामलों में ED साइकोलॉजिकल कारणों से होता है. जब पुरुष सेक्स के दौरान अपने पार्टनर पर फोकस न करके, ये सोचता है कि उसका पीनस ठीक से इरेक्ट हो रहा है या नहीं. इसे परफॉरमेंस प्रेशर भी कहते हैं. खैर, समाज की इसे नीची नज़रों से देखने वाली मानसिकता पर हम कुछ ज्यादा नहीं बोलेंगे. आप एक्सपर्ट से ही जानिए कि कोरोना संक्रमण से ED के खतरे वाले दावों में कितनी सच्चाई है. हम ऐसे ही सवाल लेकर गए दिल्ली के मैक्स हॉस्पिटल के एंड्रोलॉजिस्ट (Andrologist) डॉ. अनुराग कुमार के पास. जानिए उन्होंने क्या कुछ बताया.

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डॉ. अनुराग कुमार, एंड्रोलॉजिस्ट, मैक्स हॉस्पिटल, दिल्ली

कोरोना संक्रमण की वजह से ED होने का खतरा है. ऐसे दावों की शुरुआत कहां से हुई?

‘सन 2020 में कुछ विदेशी स्टडी आई थीं. सबसे पहले इटली से. जिसने दावा किया कि कोरोना संक्रमण की वजह से ED हो सकता है. इसके बाद मार्च 2021 में इटली की यूनिवर्सिटी ऑफ रोम से एक स्टडी आई है. इस स्टडी ने एक हद तक साबित करने की कोशिश कि ED कोरोना वायरस का आफ्टर इफेक्ट है. रोम की स्टडी ने इसे जन जागरूकता के लिए इस्तेमाल किया. अपनी स्टडी को टाइटल दिया, Mask it up, to keep it up. यानी कि आप मास्क पहनों, वर्ना Erectile Dysfunction हो जाएगा.’

इंडिया में सेक्शुयल प्रॉब्लम्स को लेकर अभी भी जनता वोकल नहीं है. बात छेड़ते ही लोग झेंप जाते हैं. ऐसे में हमनें पूछा कि क्या इंडिया में भी इसके मामले आ रहे हैं. डॉ. अनुराग ने बताया कि कोरोना काल में उनके पास आने वाले ED के मामलों में लगातार बढ़ोतरी तो हो रही है. लेकिन अभी ये कहना मुश्किल है कि वो कोरोना संक्रमण से जुड़े हैं या नहीं. हालांकि, उनके मुताबिक इंडिया में इसपर स्टडी चल रही हैं. और आने वाले दिनों में ज्यादा स्पष्ट तरीके से बताया जा सकेगा.

Erectile Dysfunction
शर्म की वजह से लोग एडमिट नहीं करना चाहते कि वो ED से जूझ रहे हैं. फोटो – Medical News Today

डॉक्टर अनुराग ने आगे ये भी बताया कि इटली की स्टडी के आधार पर इसे कोरोना के आफ्टर इफेक्ट के तौर पर ही देखा जा सकता है. हालांकि, ये दावा भी अभी पूरी तरह सिद्ध नहीं हुआ है. तो क्या फिर ED को कोरोना के सिम्प्टम के रूप में देखा जा सकता है? जवाब है नहीं. डॉक्टर के मुताबिक ऐसा इसलिए क्योंकि कोई भी कोरोना का पेशेंट सामने नहीं आया है, जिसके शरीर में ये सिम्प्टम के रूप में पाया गया हो.

ऐसा हमने इसलिए पूछा क्योंकि Erectile Dysfunction को लेकर रोम से आई स्टडी में एक और बात कही गई थी. कि कोरोना संक्रमित पुरुषों में ED होने का खतरा 6 गुना बढ़ जाता है. वहीं जो पुरुष ED से जूझ रहे हैं, उन्हें कोरोना होने का खतरा पांच गुना ज्यादा बढ़ जाता है. इस पर डॉक्टर ने बताया,

ED एक वेसकुलर प्रक्रिया है. पीनस में ब्लड फ़्लो बढ़ना चाहिए, तभी इरेक्शन होता है. हम ये देखते हैं कि कोविड इंफेक्शन में ब्लड फ़्लो में खराबी आ जाती है. दूसरा हमें ये भी देखने को मिलता है कि ED उन लोगों में ज्यादा होता है, जिन्हें ओबेसिटी और हाइपरटेंशन की शिकायत हो. वो लोग जिन्हें कोमोरबिडिटी की शिकायत हो. ऐसे ही लोगों को कोरोना संक्रमण का खतरा भी सबसे ज्यादा होता है. ये तर्क दिया जा रहा है कि ED और कोरोना संक्रमण में कोमोरबिडिटी वाले लोग एक कॉमन फैक्टर हैं. चूंकि कोरोना भी ब्लड पर हमला करता है और इरेक्शन भी ब्लड फ़्लो की वजह से ही आता है. इसके अलावा ED साइकोलॉजिकल कारणों की वजह से भी देखने को मिलता है. जो कोरोना से रिकवर होते हैं, उन पर मानसिक प्रभाव बहुत होता है. वो एक स्ट्रेस से निकलते हैं. सेहत पर भी असर पड़ता है. तो ये कारण भी ED के लिए कंट्रिब्यूट कर सकते हैं.

बातचीत के दौरान डॉ. अनुराग ने एक और स्टडी का जिक्र किया. जो कुछ दिन पहले अमेरिका के मियामी से आई है. उनके मुताबिक ये स्टडी कोरोना से ED होने वाले दावे को मजबूती देती है. विशेषज्ञों ने ED के मरीजों के पीनस के टिशू को स्टडी किया. ये मरीज कई महीनों पहले कोरोना से रिकवर हो चुके थे. पाया कि उनके पीनस के टिशू में कोरोना वायरस के पार्टिकल मौजूद थे. साथ ही खून की नसों में पाए जाने वाले सेल्स में भी खराबी मिली. इस स्टडी के आधार पर ED को कोरोना संक्रमण के आफ्टर इफेक्ट के तौर पर देखा जा रहा है. हालांकि, डॉ. अनुराग के मुताबिक अभी इसके लिए और ज्यादा डाटा की जरूरत है. इस दिशा में और स्टडी की जानी है. जो पूरी तरह सिद्ध कर सके कि कोरोना संक्रमण से ED होने का खतरा है. सिर्फ संभावनाओं से तो साइंस का काम नहीं चलता.

आगे हमनें पूछा कि जैसे कुछ रिसर्चों के अनुसार ED कोरोना के आफ्टर इफेक्ट के रूप में उभरा है. वैसे ही क्या रिप्रोडक्टिव ऑर्गन को कोरोना से कोई और भी खतरा है? डॉ. अनुराग ने बताया कि उनके पास कुछ मरीज आए जिन्हें हर थोड़ी देर में पेशाब आने की शिकायत हो रही थी. उनकी कोरोना जांच की गई. सामने आया कि वो कोरोना पॉज़िटिव थे. हालांकि, उन्हें कोरोना के अन्य लक्ष्ण जैसे खांसी वगैरह नहीं थे. बुखार भी नहीं था. बस जल्दी-जल्दी पेशाब आने की शिकायत थी. अब इस बात पर भी जांच चल रही है कि क्या जल्दी-जल्दी पेशाब आना भी कोरोना का सिम्प्टम है, जो पहले नजरअंदाज हो गया हो.

कोरोना संक्रमण से शरीर पर होने वाले दुष्प्रभावों पर लगातार काम चल रहा है. इसलिए ED और इसके ताल्लुक को न तो पूरी तरह माना जा सकता है. न ही इसे नकारा जा सकता है. जैसे-जैसे इस दिशा में खोज बढ़ेगी, वैसे ही नए-नए निष्कर्ष निकलेंगे.

Ayushman Khurana In Shubh Mangal Savdhan
‘शुभ मंगल सावधान’ में आयुष्मान के किरदार की ‘वो’ वाली बीमारी ED ही थी. फोटो – यूट्यूब

2017 में आयुष्मान खुराना की फिल्म आई थी. ‘शुभ मंगल सावधान’. फिल्म का जिक्र क्यों किया, बताते हैं. यहां उनका किरदार Erectile Dysfunction से जूझ रहा था. खुलकर किसी से बात नहीं कर पा रहा था. एडमिट नहीं कर पा रहा था कि उसे ऐसी कोई समस्या है. डर था कि ऐसी बात बाहर आएगी तो मज़ाक बनेगा. लोग उसकी ‘मर्दानगी’ की खिल्ली उड़ाएंगे. आयुष्मान के किरदार का डर देश के लाखों-करोड़ों युवाओं का डर है. शर्म है. कि प्राइवेट पार्ट की किसी समस्या पर बात करेंगे तो मज़ाक का सब्जेक्ट बनकर रह जाएंगे. इसलिए जरूरत है ऐसी समस्या आने पर इसे आम बीमारी की तरह ट्रीट करना. हेल्प लेना. संबंधित डॉक्टर से बात करना. इसके इर्द-गिर्द बने हउवे में न फंसना. नीचे हम डॉ. अनुराग के डिटेल भी शेयर कर रहे हैं. अगर आप प्राइवेट पार्ट की किसी समस्या से जूझ रहे हैं. किसी से बात नहीं कर पा रहे. तो उनसे परामर्श ले सकते हैं.

डिटेल्स
डॉ. अनुराग कुमार
कंसलटेंट
युरोलॉजी & एंड्रोलॉजी
मैक्स हॉस्पिटल, दिल्ली
नंबर: 9999499679


वीडियो: मर्दानगी से ये कैसा प्रेम कि कोरोना वैक्सीन लगवाने में भी डर रहे लोग?

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