Submit your post

Follow Us

गांगुली और राहुल एंड राहुल के चलते हुआ टीम इंडिया का बुरा हाल?

केपटाउन के न्यूलैंड्स क्रिकेट मैदान पर हार के साथ ही भारतीय टीम की साउथ अफ्रीका दौरा खत्म हो गया. पहले टेस्ट में 2-1 से हार और अब वनडे में 3-0 से क्लीनस्वीप. इस हार के बाद टीम इंडिया पर काफी बातें हो रही हैं. ऐसे में हमने सोचा कि क्यों ना हम अपनी ओर से इस हार के कारणों को खोजने की कोशिश करें. और इस खोज की शुरुआत हुई तो हमारा ध्यान गया टीम इंडिया के साउथ अफ्रीका पहुंचने से पहले के एक विवाद पर.

जी हां, आप सही समझ रहे हैं. बात बोर्ड प्रेसिडेंट और पूर्व कप्तान के बीच हुए विवाद की ही हो रही है.

# कोहली-गांगुली विवाद

जैसा कि हम सब देख पा रहे हैं, भारतीय क्रिकेट टीम इस समय ट्रांजिशन के दौर में है. टीम में एकाएक इतने बदलाव हो गए हैं कि चीजें साफ उल्टी-पुल्टी दिख रही हैं. कोच और सपोर्ट स्टाफ गया, फिर T20 कप्तान ने कप्तानी छोड़ी. वनडे से कप्तान को हटा दिया गया. फिर BCCI अध्यक्ष, टीम इंडिया के कप्तान और चीफ सेलेक्टर्स के बीच बयानबाज़ी हो गई.

BCCI प्रेसिडेंट सौरव गांगुली ने दावा किया था कि विराट कोहली को T20 कप्तानी छोड़ने से रोकने की कोशिश की गई थी. जबकि विराट कोहली ने इस बयान का खंडन कर दिया. कोहली ने कहा कि किसी ने भी उन्हें कप्तानी छोड़ने से नहीं रोका था. और फिर चीफ सेलेक्टर ने सामने आकर कप्तान को झूठा बता दिया. और ये सारी चीज़ें साउथ अफ्रीका दौरे से ठीक पहले शुरू होकर टूर के बीच तक हुईं.

Virat Kohli India
विराट कोहली. फोटो: PTI

इस विवाद का असर टीम पर साफ दिखा. भारतीय टीम टेस्ट सीरीज हारी, वनडे सीरीज़ हारी और टीम में एकजुटता की कमी साफ दिखी. शायद इस विवाद के चलते ही भारतीय टीम किसी भी मैच में अपने चिर-परिचित जोश में नहीं दिखी.

# गलत टीम सेलेक्शन

क्या टीम इंडिया की इस बुरी गत में गलत टीम सेलेक्शन का भी रोल था? भई हमें तो लगता है. क्योंकि जब तीन वनडे में दो बार आपकी टीम टॉस जीते, अपनी मर्ज़ी से पहले या बाद में बैटिंग भी करे. तब भी नतीजे आपकी टीम के पक्ष में ना आएं तो सवाल उठेंगे ही. गलत टीम सेलेक्शन की बात इसलिए भी की जा रही है क्योंकि आपके पास पेस अटैक में जसप्रीत बुमराह के अलावा कौन था?

क्या भुवनेश्वर कुमार की फॉर्म साउथ अफ्रीका जाने लायक थी? इस सीरीज़ से पहले के फर्स्ट-क्लास मैचों को मिलाकर 10 मैच देखें तो उन्होंने महज़ छह विकेट चटकाए हैं.

इसके अलावा मिडल ऑर्डर भी पूरी तरह से फ्लॉप दिखा. ना तो श्रेयस अय्यर, ना ही वेंकटेश अय्यर और ना ही ऋषभ पंत बैट से टीम के काम आ सके. पंत ने फिर भी दूसरे वनडे में 85 रन की एक पारी खेली. लेकिन बाकी मिडल ऑर्डर कोई ऐसा काम नहीं कर सका, जिससे टीम की इज्जत बच पाती.

# राहुल की ओपनिंग की ज़िद

इस सवाल का जवाब तो कप्तान केएल राहुल खुद ही दे पाएंगे. केएल राहुल को देखकर साफ लग रहा था कि वो ओपनिंग की ज़िद पकड़कर बैठे हैं. तीन मैच की सीरीज़ में राहुल ने तीनों बार वनडे में पारी की शुरुआत की और 12, 55 और नौ के स्कोर बनाए. उनका बल्ला नहीं चल रहा था.

टीम के पास रुतुराज गायकवाड़ और वेंकटेश अय्यर जैसे ओपनर्स मौजूद थे फिर भी राहुल ही पारी शुरू करते रहे. जब राहुल को ही पारी शुरू करनी थी तो रुतुराज गायकवाड़ को टीम के साथ क्यों ढोया गया? वहीं वेंकटेश अय्यर को मिडल ऑर्डर में खिलाकर आपने टोटली वेस्ट किया ही.

Kl Rahul (2)
केएल राहुल. फोटो: PTI

अय्यर को छठे नंबर पर बैटिंग करवाई गई. हां ठीक है कि वो मध्यप्रदेश के लिए मिडल ऑर्डर में बैटिंग करते हैं. लेकिन जिस IPL के आधार पर आप उन्हें टीम में लाए. वहां उन्होंने ओपनिंग करते हुए ही कमाल किया था. IPL में अय्यर ने 10 मैच में 370 रन बनाए थे. ऐसे में बल्लेबाज़ की पोज़ीशन बदलकर उसे नीचे खिला देना कहां तक जायज है?

दूसरी तरफ थे रुतुराज गायकवाड़. इस बंदे ने CSK के लिए बैटिंग करते हुए IPL सीज़न 2020 और 2021 में कई मैच जिताए. IPL में रुतुराज ने 22 मैच में 839 रन बनाए. इस ओपनर को श्रीलंका में पारी शुरू करने का मौका मिला. वहां पर रुतुराज ने अटैकिंग बैटिंग भी की. लेकिन इसके बाद भी राहुल एंड राहुल ने ये नहीं सोचा कि रुतुराज से पारी शुरू करा ली जाए.

# बोलर्स का खराब प्रदर्शन

जब पूरी यूनिट का प्रदर्शन इतना खराब हो तो किसी एक को क्या ही कहें. टीम इंडिया के गेंदबाज़ों ने तीन मैच की सीरीज़ में कुल 148 ओवर गेंदबाज़ी की और महज़ 17 विकेट लेते हुए विरोधी टीम से कुल 871 रन खाए. गेंदबाज़ों के प्रदर्शन की बात करें तो पहले दो मैच में तो हमारे गेंदबाज़़ों को महज़ सात विकेट मिले. बुमराह ने तीन, अश्विन, चहल, शार्दुल ने एक विकेट अपने नाम किए.

तीसरे मैच में ज़रूर बुमराह, दीपक चाहर और खासकर प्रसिद्ध कृष्णा ने इस रिकॉर्ड को बेहतर करवाया. लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी.

Bumrah
जसप्रीत बुमराह. फोटो: PTI

साउथ अफ्रीका में हमारे गेंदबाज़ों को एक बार स्कोर बचाने का मौका भी मिला. लेकिन हमारी गेंदबाज़ी ये काम भी नहीं कर सकी. ना तो भुवनेश्वर, ना ही शार्दुल और ना ही अश्विन. कोई भी गेंदबाज़ एक भी मैच में इम्पैक्टफुल गेंदबाज़ी करने में कामयाब नहीं रहा.

# घटिया कप्तानी

राहुल द्रविड़, केएल राहुल की कप्तानी से संतुष्ट दिख रहे हैं. लेकिन हम राहुल की कप्तानी पर सवाल उठा रहे हैं. सवाल इसलिए नहीं कि राहुल कप्तानी नहीं कर सकते. ये सवाल इसलिए हैं कि राहुल इसके लिए तैयार नहीं थे. बोर्ड ने अपने ईगो के चलते विराट कोहली से एकाएक वनडे की कप्तानी ले ली. उनसे कप्तानी लेकर रोहित को कप्तान बनाया गया. लेकिन रोहित अभी इतने फिट नहीं दिखते कि वो तीनों फॉर्मेट में भारतीय टीम को निरंतर अपनी कप्तानी से फायदा दे पाएंगे. फिटनेस की वजह से ही उन्हें साउथ अफ्रीका दौरे से बाहर होना पड़ा.

आनन-फानन में साउथ अफ्रीका के खिलाफ़ राहुल को कप्तान बनाया गया. लेकिन तीनों मुकाबलों में जब टीम को क़रीबी फैसले लेने थे, तब राहुल की कप्तानी में वो दम नहीं दिखा. भारत ये तीनों जीत सकता था. लेकिन सही फैसलों की कमी टीम पर भारी पड़ गई. अक्सर क्रिकेट लेजेंड्स कहते हैं कि जीतना एक आदत होती है. भले ही विराट की कप्तानी में टीम ने विश्वकप नहीं जीता. लेकिन टीम को जीत की आदत थी. वो लगातार मुकाबले जीतती थी. अब इस बदली हुई कप्तानी और बदली हुई टीम को जीत की आदत कैसे लगेगी. ये देखना होगा.


वनडे सीरीज में साउथ अफ्रीका ने भारत को 3-0 से हराया, वामिका ट्विटर पर ट्रेंड हो गई 

लगातार लल्लनटॉप खबरों की सप्लाई के लिए फेसबुक पर लाइक करें

कौन हो तुम

धान खरीद के मुद्दे पर बीजेपी की नाक में दम करने वाले KCR की कहानी

धान खरीद के मुद्दे पर बीजेपी की नाक में दम करने वाले KCR की कहानी

KCR की बीजेपी से खुन्नस की वजह क्या है?

कौन हैं सीवान के खान ब्रदर्स, जिनसे शहाबुद्दीन की पत्नी को डर लगता है?

कौन हैं सीवान के खान ब्रदर्स, जिनसे शहाबुद्दीन की पत्नी को डर लगता है?

सीवान के खान बंधुओं की कहानी, जिन्हें शहाबुद्दीन जैसा दबदबा चाहिए था.

'द्रविड़ ने बहुत नाजुक शब्दों से मुझे धराशायी कर दिया था'

'द्रविड़ ने बहुत नाजुक शब्दों से मुझे धराशायी कर दिया था'

रामचंद्र गुहा की किताब 'क्रिकेट का कॉमनवेल्थ' के कुछ अंश.

पहले स्पाइडरमैन टोबी मैग्वायर की कहानी, जिनका सबसे हिट रोल उनके लिए शाप बन गया

पहले स्पाइडरमैन टोबी मैग्वायर की कहानी, जिनका सबसे हिट रोल उनके लिए शाप बन गया

शुद्ध और असली स्पाइडरमैन टोबी मैग्वायर करियर ग्राफ़ बाद में गिरता ही चला गया.

10 साल पहले भी शाहरुख़ का समीर वानखेड़े से सामना हुआ था, समीर ने ठोका था तगड़ा जुर्माना

10 साल पहले भी शाहरुख़ का समीर वानखेड़े से सामना हुआ था, समीर ने ठोका था तगड़ा जुर्माना

जगह थी मुंबई एयरपोर्ट. अब दस साल बाद फिर से दोनों का नाम एक साथ सुर्ख़ियों में है.

'स्क्विड गेम' के प्लेयर नंबर 199 'अली' की कहानी, जिनके इंडियन होने ने सीरीज़ में एक्स्ट्रा मज़ा दिया

'स्क्विड गेम' के प्लेयर नंबर 199 'अली' की कहानी, जिनके इंडियन होने ने सीरीज़ में एक्स्ट्रा मज़ा दिया

अली का रोल करने वाले इंडियन एक्टर अनुपम त्रिपाठी का सलमान-शाहरुख़ कनेक्शन क्या है?

IPL का कित्ता ज्ञान है, ये क़्विज़ खेलकर चेक कल्लो!

IPL का कित्ता ज्ञान है, ये क़्विज़ खेलकर चेक कल्लो!

ईमानदारी से स्कोर भी बताते जाना. हम इंतज़ार करेंगे.

'मनी हाइस्ट' वाले प्रोफेसर की पूरी कहानी, जिनकी पत्नी ने कहा था, 'कभी फेमस नहीं हो पाओगे'

'मनी हाइस्ट' वाले प्रोफेसर की पूरी कहानी, जिनकी पत्नी ने कहा था, 'कभी फेमस नहीं हो पाओगे'

अलवारो मोर्टे ने वेटर तक का काम किया हुआ है. और एक वक्त तो ऐसा था कि बकौल उनके कैंसर से जान जाने वाली थी.

एक्टर शरत सक्सेना की कहानी, जिन्होंने 71 साल की उम्र में ज़बरदस्त बॉडी बनाकर सबको चौंका दिया

एक्टर शरत सक्सेना की कहानी, जिन्होंने 71 साल की उम्र में ज़बरदस्त बॉडी बनाकर सबको चौंका दिया

हीरो बनने आए शरत सक्सेना कैसे गुंडे का चमचा बनने पर मजबूर हुए?

'भीगे होंठ तेरे' वाले कुणाल गांजावाला आजकल कहाँ हैं?

'भीगे होंठ तेरे' वाले कुणाल गांजावाला आजकल कहाँ हैं?

एक वक़्त इंडस्ट्री में टॉप पर थे कुणाल और उनके गाने पार्टियों की जान हुआ करते थे.