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WC हार के बाद बांग्लादेश के खिलाफ इस मैच में भारत के टॉप-4 ने ठोके शतक

Rahul Dravid और Sachin Tendulkar, दो महान क्रिकेटर (ट्विटर से साभार)

साल 2007 में भारतीय क्रिकेट में दो बड़ी घटनाए हुईं. पहली, मार्च-अप्रेल के महीने में वेस्टइंडीज़ के देशों में वर्ल्डकप में भारत की बुरी तरह से हार. दूसरी, साल के आखिर में दक्षिण अफ्रीका में भारत की पहली T20 विश्वकप जीत.

इन खट्टी-मीठी यादों के बीच एक खास पल और आया. वो किसी टूर्नामेंट का तो नहीं था लेकिन एक खास टेस्ट मैच का ज़रूर था. वेस्टइंडीज़ में राहुल द्रविड़, सचिन तेंडुलकर, सौरव गांगुली, अनिल कुंबले, एमएस धोनी, ज़हीर खान वाली जो टीम हार आई थी. उसके ज़्यादातर खिलाड़ी बांग्लादेश खेलने गए.

ढाका टेस्ट में बना इतिहास

25 मई 2007. यानि आज की तारीख के दिन ढाका में सीरीज़ के दूसरे टेस्ट की शुरुआत हुई. इस मैच में भारतीय खिलाड़ियों ने, खासकर बल्लेबाज़ों ने ऐसा खेल दिखाया जो उससे पहले टेस्ट क्रिकेट में कभी नहीं दिखा था.

टेस्ट की पहली पारी में भारत के नंबर एक, नंबर दो, नंबर तीन और नंबर चार ने एक के बाद एक चार शतक बना दिए. बांग्लादेशी गेंदबाज़ तो मानो अपने घर में सिर्फ मैच देखने के लिए बुलाए गए थे. ये खास प्रदर्शन टेस्ट क्रिकेट में एक रिकॉर्ड है. पहली बार 144 सालों के टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में किसी टीम के टॉप चार बल्लेबाज़ों ने एक ही इनिंग में शतक बनाए.

इतनी कमाल की बैटिंग के बावजूद भारतीय पारी में एक खास रिकॉर्ड टूटने से रह गया. अगर द्रविड़ 408 के स्कोर पर आउट नहीं होते तो भारत ओपनिंग स्टैंड के लिए सबसे बड़ा टेस्ट स्कोर भी बना देता.

टेस्ट के पहले दिन वसीम जाफर और दिनेश कार्तिक की ओपनिंग जोड़ी ने 175 रन जोड़े. इसके बाद दिनेश कार्तिक रिटायर्ड हर्ट हो गए. कार्तिक के जाने के बाद राहुल द्रविड़ क्रीज़ पर आए. द्रविड़ और जाफर के बीच पार्टनरशिप हुई. लेकिन 281 के स्कोर तक जाफर भी क्रैम्पस की वजह से रिटायर्ड हर्ट होकर वापस चले गए.

भारतीय टीम अब भी 281/0 थी. फिर सचिन आए और पहले दिन का खेल खत्म होने तक द्रविड़ और सचिन ने कोई विकेट नहीं गिरने दिया. भारत ने पहले दिन का खेल 326/0 पर खत्म किया.

दूसरे दिन, सचिन और द्रविड़ ने 87 रन और जोड़े और 408 के स्कोर पर भारत ने राहुल द्रविड़ के रूप में अपना पहला विकेट खो दिया. अगर द्रविड़ और सचिन इस साझेदारी में छह रन और जोड़ देते तो वो ओपनिंग की सबसे बड़ी साझेदारी का रिकॉर्ड तोड़ देते. जो कि तब पंकज रॉय और वीनो मंकड़ के नाम था.

मैच में क्या हुआ

उस मैच में भारत ने पहले बैटिंग करते हुए तीन विकेट खोकर 610 रन बनाए. भारत के लिए दिनेश कार्तिक ने 129, वसीम जाफर ने 138, राहुल द्रविड़ ने 129 और सचिन तेंडुलकर ने 122 रन बनाए.

जवाब में बांग्लादेश की टीम बैटिंग के लिए उतरी और ज़हीर खान(5 विकेट) और कुंबले(3 विकेट) के करामाती स्पेल के आगे महज़ 118 रनों पर ढेर हो गई.

भारत को पहली पारी के आधार पर कुल 492 रनों की बढ़त मिली और बांग्लादेश को फॉलोऑन खेलना पड़ा. दूसरी पारी में बांग्लादेश के लिए मोहम्मद अशरफुल और मशरफे मुर्तज़ा ने कुछ फाइट ज़रूर की लेकिन पूरी टीम 253 रन बनाकर ऑल-आउट हो गई. भारत ने इस मैच को पारी और 239 रनों से जीत लिया.

कुछ लोगों ने बांग्लादेश के खिलाफ इस जीत को भी विश्वकप 2007 में बांग्लादेश से मिली हार का बदला बताया.

पृथ्वी शॉ डोप टेस्ट में फ़ेल होने पर अब क्या बोले? 

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