Submit your post

Follow Us

जिस जिले से हिमाचल का निर्माता निकला, वही विकास में पीछे क्यों रह गया?

385
शेयर्स

90 साल के चेतराम बीजेपी कार्यकर्ताओं से ठसाठस भरी बस की सबसे अगली सीट पर बैठकर जनसभा में पहुंचे हैं. पूछा तो बताया कि उनके क्षेत्र में पीने के पानी की समस्या बहुत विकट है. सोचा था कि रैली में शायद कुछ समाधान निकल जाए. यहां यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की जनसभा थी. वो रेणुकाजी सीट के भाजपा उम्मीदवार बलवीर सिंह चौहार के प्रचार के लिए आए थे. मगर यहां तो सब जय श्रीराम और भारत माता की जय करके विरोधियों को गाली देते हुए निकल गए.

हिमाचल में बीजेपी प्रत्याशी का प्रचार करने पहुंचे यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ.(फोटो- रजत सैन/द लल्लनटॉप)
हिमाचल में बीजेपी प्रत्याशी का प्रचार करने पहुंचे यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ.(फोटो- रजत सैन/द लल्लनटॉप)

चेतराम साथ में आए अपने साथी को बार-बार कहते रहे कि बोल पानी की दिक्कत है. फिर निराश चेतराम बोले- “हमारा सिरमौर इन नेताओं के निक्कमेपन की वजह से ही पीछे रह गया. यहां के लोग तो खेतों से आज भी अपना पेट भर रहे हैं” और चल दिए. इस बुजुर्ग की ये बात दिमाग में लिए जब औरों से जानना चाहा तो यही बात निकली कि जिस जिले से हिमाचल का निर्माता निकला, वही विकास के मामले में पीछे रह गया. प्रदेश के पहले मुख्यमंत्री डॉ. यशवंत सिंह परमार का जन्म यहीं बागथन तहसील के चन्हालग गांव में हुआ था.

(फोटो- रजत सैन/दि लल्लनटॉप)
रेणुकाजी सीट पर योगी की जनसभा में पहुंची भीड़ में हर तबके के लोग नजर आए. (फोटो- रजत सैन/दि लल्लनटॉप)

परमार की विरासत को कोई आगे नहीं बढ़ा पाया 

यशवंत परमार के बाद कोई भी ऐसा नेता सिरमौर से नहीं हुआ जो यहां की समस्याओं और संभावनाओं की ओर शिमला या दिल्ली में बैठे हुकमरानों का ध्यान खींचता. रेणुकाजी मंदिर के पास एक जनरल स्टोर चला रहे 36 साल के नवीन शर्मा ने कहा- “हमें एक अदद नेता नहीं मिल पाया जिसका स्टेट कैबिनेट में दबदबा हो. वैसा ही दबदबा जैसा कांगड़ा के जीएस बाली का है, मंडी के कौल सिंह ठाकुर का है या फिर बिलासपुर के जेपी नड्डा का है. कांगड़ा के शांता कुमार और आनंद शर्मा तो बहुत-बहुत दूर की बात हैं.” बात साफ है कि जो भी नेता यहां राजनीति में हैं वो अपना राजनैतिक कद इतना बड़ा नहीं कर सके कि स्टेट पॉलिटिक्स में उनकी आवाज सुनी जाए. इनमें यशवंत परमार के बेटे कुश परमार, 30 साल तक कांग्रेस विधायक रहे प्रेम सिंह के बेटे विनय कुमार, श्यामा शर्मा और हर्षवर्धन चौहान के भी नाम शामिल हैं. मौजूदा परिस्थितियों में बीजेपी के नाहन से विधायक और उम्मीदवार राजीव बिंदल से थोड़ी उम्मीद जरूर है क्योंकि वो धूमल सरकार में स्वास्थ्य मंत्री रह चुके हैं और प्रेम कुमार धूमल के करीबियों में हैं. मगर इन पर भी रेणुका डैम प्रोजेक्ट से जुड़े कुछ भ्रष्टाचार के आरोप हैं.

पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के साथ यशवंत सिंह परमार. हिमाचल प्रदेश में डॉक्टर परमार के नाम की काफी अहमियत है.
पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के साथ यशवंत सिंह परमार.

एक आईआईएम के अलावा कुछ भी नहीं मिला

हिमाचल में लोगों का बड़ा तबका सरकारी नौकरियों पर निर्भर है. इस मामले में भी सिरमौर काफी पिछड़ जाता है. कारण ये कि प्रदेश के दूसरे हिस्सों के मुकाबले सिरमौर में शिक्षण संस्थान नहीं हैं. नाहन में बैंकिंग की तैयारी कर रहे 22 साल के संदीप कुमार ने बताया- “कभी भी इसे शिक्षण संस्थानों का सेंटर नहीं बनाया गया. आज जिस तरह सोलन, शिमला, कांगड़ा, बिलासपुर, हमीरपुर या फिर मंडी में बड़े शिक्षण संस्थान खुले हैं, उस तरीके से यहां कोई संस्थान नहीं खुला. जिन इलाकों में पहले से पर्याप्त संसाधन हैं, वहां और ज्यादा तरक्की देखने को मिलती है. जैसे कि बात आई कि एम्स कहां बनेगा, तो बिलासपुर को दे दिया. फिर बात आई कि सेंट्रल यूनिवर्सिटी कहां बनेगी, तो कांगड़ा को दे दी. ये देखने वाली बात है कि कांगड़ा में पहले ही शिक्षण संस्थानों की कमी नहीं थी. यहां पहले से एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी चलती है. सिरमौर को सिर्फ एक आईआईएम मिला है, जो पांवटा साहिब और नाहन के बीच में पड़ने वाली जगह धौला कुआं में बना है. आईआईएम एक ऐसा संस्थान है जो बेहद एलीट है और उस तक लोकल युवाओं की पहुंच भी बहुत कम होती है.”

सिरमौर को एकलौता आईआईएम ही मिला है, जिसका नाता सीधा हाई क्लास से है.
सिरमौर को एकलौता आईआईएम ही मिला है, जिसका नाता सीधा हाई क्लास से है.

यानी ये साफ है कि राजनैतिक रस्साकसी में सिरमौर कभी जीता ही नहीं. और जो भी प्रोजेक्ट यहां के लिए आए वो सिर्फ नाहन और पांवटा साहिब के 47 किलोमीटर के टुकड़े के बीच ही सीमित रहे. जबकि सिरमौर का 90 फीसदी बाकी इलाके हैं, जहां आज भी लोग अपने समय से 50 साल पहले की जिंदगी जी रहे हैं.

एशिया की सबसे बड़ी नेचुरल लेक को कब मिलेंगे पर्यटक?

टूरिज्म के हिसाब से भी सिरमौर ने खूब नजरअंदाजगी झेली है. जिले में पर्यटन के लिहाज से काफी ऑप्शन हैं. रेणुका झील को एशिया की सबसे बड़ी नेचुरल लेक का खिताब हासिल है तो यहां एशिया का सबसे बड़ा फोसिल पार्क है, जिसे सुकेतु फोसिल पार्क के नाम से जाना जाता है. ये झील सेंक्चुरी एरिया के बीच में है जहां कई जानवर थे और देश-विदेश से लोगों को आकर्षित करने का माद्दा रखती थी. मगर सरकारी लापरवाही और टूरिज्म डिपार्टमेंट के विजन में कमी के चलते धीरे-धीरे इसका नाश हो रहा है. इसके अलावा यहां शिमला की ऊंचाई से ज्यादा ऊंचा है चूरधार, जहां ट्रैकिंग और दूसरे एडवेंचर्स स्पोर्ट के लिए असीम संभावनाएं हैं, मगर कभी भी किसी ने ध्यान नहीं दिया. बात साफ है कि अगर सिरमौर में पर्यटन को बढ़ावा देने को कोई आगे आए तो यहां काफी संभावनाएं हैं.

(फोटो- रजत सैन/दि लल्लनटॉप)
इस रेणुका झील को एशिया की सबसे बड़ी नेचुरल लेक का खिताब मिला हुआ है. (फोटो- रजत सैन/दि लल्लनटॉप)

40 साल पहले जैसी इकॉनमी पर जिंदा है सिरमौर

यहां संयुक्त परिवारों का कॉन्सेप्ट अभी भी जिंदा है. लोग खेती और बागवानी पर डिपेंड करते हैं. आज से 40 साल पहले जैसी इकॉनमी थी परिवारों की, वो आज भी वैसी ही है. बस दिक्कतें थोड़ी बढ़ी हैं क्योंकि युवाओं का पलायन शहरों की तरफ खूब हुआ है. कोई पढ़ाई करने, तो कोई नौकरी करने के लिए शहरों में जाकर रहने लगा है. इसका खेती पर असर पड़ रहा है. अदरक, लहसुन और प्याज यहां खूब उगाया जाता है.

योगी की रैली में आए लोगों को को कोई मजबूत बात सुनने को नहीं मिली. (फोटो- रजत सैन/दि लल्लनटॉप)
योगी की रैली में आए लोगों को को कोई मजबूत बात सुनने को नहीं मिली. (फोटो- रजत सैन/दि लल्लनटॉप)

योगी की रैली में आए एक सरकारी स्कूल के हिंदी अध्यापक सुरेश कटोच ने कहा- “यहां के लोग अपने पहाड़ों को काटकर खेत बनाने और उसमें कुछ न कुछ उगाने में इतने व्यस्त रहते हैं कि उन्हें कम ही मतलब होता है नेताओं से और उनके वादों से. यही कारण भी है कि नेता सालों से कोई विकास का काम नहीं कर रहे हैं और जनता उन्हें ढो रही है.”


लल्लनटॉप वीडियो देखें – 

ये भी पढ़ें:

जब एक निर्दलीय विधायक ने बीजेपी-कांग्रेस दोनों को रुलाया

हिमाचल चुनाव: बड़ा अनोखा है इस कांग्रेसी बाप-बेटे की उम्र का गणित

गुजरात का वो मुख्यमंत्री जिसने इंदिरा गांधी से बगावत करके कुर्सी पर कब्ज़ा कर लिया था

 

लगातार लल्लनटॉप खबरों की सप्लाई के लिए फेसबुक पर लाइक करें

कौन हो तुम

क्विज़: खून में दौड़ती है देशभक्ति? तो जलियांवाला बाग के 10 सवालों के जवाब दो

इंग्लैंड के सबसे बड़े पादरी ने कहा वो शर्मिंदा हैं. जलियांवाला बाग कांड के बारे में अपनी जानकारी आप भी चेक कर लीजिए.

KBC क्विज़: इन 15 सवालों का जवाब देकर बना था पहला करोड़पति, तुम भी खेलकर देखो

आज से KBC ग्यारहवां सीज़न शुरू हो रहा है. अगर इन सारे सवालों के जवाब सही दिए तो खुद को करोड़पति मान सकते हो बिंदास!

क्विज: अरविंद केजरीवाल के बारे में कितना जानते हैं आप?

अरविंद केजरीवाल के बारे में जानते हो, तो ये क्विज खेलो.

क्विज: कौन था वह इकलौता पाकिस्तानी जिसे भारत रत्न मिला?

प्रणब मुखर्जी को मिला भारत रत्न, ये क्विज जीत गए तो आपके क्विज रत्न बन जाने की गारंटी है.

ये क्विज़ बताएगा कि संसद में जो भी होता है, उसके कितने जानकार हैं आप?

लोकसभा और राज्यसभा के बारे में अपनी जानकारी चेक कर लीजिए.

संजय दत्त के बारे में पता न हो, तो इस क्विज पर क्लिक न करना

बाबा के न सही मुन्ना भाई के तो फैन जरूर होगे. क्विज खेलो और स्कोर करो.

बजट के ऊपर ज्ञान बघारने का इससे चौंचक मौका और कहीं न मिलेगा!

Quiz खेलो, यहां बजट की स्पेलिंग में 'J' आता है या 'Z' जैसे सवाल नहीं हैं.

कर लिया योगा? अब क्विज खेलने से होगा

आन्हां, ऐसे नहीं कि योग बस किए, दिखाना पड़ेगा कि बुद्धिबल कित्ता बढ़ा.

रोहित शेट्टी के ऊपर ऐसी कड़क Quiz और कहां पाओगे?

14 मार्च को बड्डे होता है. ये तो सब जानते हैं, और क्या जानते हो आके बताओ. अरे आओ तो.

परफेक्शनिस्ट आमिर पर क्विज़ खेलो और साबित करो कितने जाबड़ फैन हो

आज आमिर खान का हैप्पी बड्डे है. कित्ता मालूम है उनके बारे में?