Submit your post

Follow Us

मेरे स्ट्रगल को रोमांस के साथ मत पेश करो!

5
शेयर्स

होनी और अनहोनी की परवाह किसे है मेरी जां
हद से ज़्यादा ये ही होगा कि यहीं मर जायेंगे
हम मौत को सपना बता के उठ खड़े होंगे यहीं
और होनी को ठेंगा दिखा कर खिलखिलाते जायेंगे

होनी को सचमुच ठेंगा दिखा गर्त से निकल कर आज एक सितारा बन चुके हैं पीयूष मिश्रा. पीयूष खुद कहते हैं कि मैं अगर बम्बई आकर ऐक्टर नहीं बना होता तो कहीं शराब पीकर, खुद को लहू-लुहान कर मर गया होता.

piyush mishra
Piyush at the event

पीयूष मिश्रा जिन्हें आज लोग जानते हैं गुलाल के लिए, गैंग्स ऑफ़ वासेपुर के एकमात्र दिमाग खपाने वाले कैरेक्टर के लिए. पीयूष मिश्रा को प्यार मिला हुस्ना से. हुस्ना एमटीवी कोक स्टूडियो पे पहली बार पीयूष मिश्रा के साथ आया (आयी?) था. जिसे सुनते हुए खुद का गला भर जाता हुआ मालूम देता है.

लेकिन इन सबसे बिलकुल इतर है पीयूष मिश्रा की जर्नी. जर्नी वहां तक जहां आप इनसे मिलना चाहते हैं, इनके साथ सेल्फी खींचना चाहते हैं. पीयूष के मुताबिक अपने दिनों में ये एक पापी और नीच किस्म के इंसान हुआ करते थे. वहां से यहां तक का सफ़र अपने आप में कितना कुछ समेट के चल रहा होगा, इसका हम सभी सिर्फ अंदाज़ा ही लगा सकते हैं.

मोतीलाल कॉलेज, डेल्ही यूनिवर्सिटी का साउथ कैम्पस में मुझे मौका मिला मिलने का. केमिस्ट्री डिपार्टमेंट का एक छोटा सा इवेंट जिसमें बमुश्किल 60-70 स्टूडेंट्स शामिल थे, और उनके बीच थे पीयूष मिश्रा. हर कोई यही कह रहा कि इतने छोटे इवेंट में भी पीयूष मिश्रा चले आये? पीयूष ने इस बात का खुद ही जवाब भी दे दिया था – “मैं स्टूडेंट्स को कभी मना नहीं कर पाता और न ही उनके इवेंट्स में मैं पैसे लेता हूं.”
हमारे कुल्हाड़ी कुलदीप सरदार ने पीयूष से बातचीत की. और हम लाये हैं उस बातचीत के कुछ पार्ट्स आपके लिए.
Piyush Mishra
ये सवाल पूछने पर कि एनएसडी से निकले थियेटर में रमे पीयूष मिश्रा और अब उस पीयूष मिश्रा जिससे कि ऑटोग्राफ मांगा जाता है, में क्या अंतर आया है, उनमें एक अजब सा एक्साइटमेंट आ जाता है. वो शुरुआत करते हैं अपने साथ हमेशा रहने वाली हारमोनियम से. बताते हैं कि कोक स्टूडियो में इतनी साउंड इंजीनियरिंग और बाकी के तीम-झाम देखकर उनके हाथ पांव कैसे फूल गए थे. साथ ही अनुराग कश्यप के बारे में भी बताया. अनुराग जिन्हें पीयूष मिश्रा शायद सबसे ज़्यादा गरियाते, लतियाते हैं, पीयूष मिश्रा के सामने ही कुछ नहीं से बहुत कुछ बन गए.

पीयूष के गानों में सुनसान गली के नुक्कड़ पर कोई कुत्ता चीख-चीख कर रो रहा होता है, तो कभी लाशें ज़िन्दा हो जागने लगती हैं और मुर्दे अपनी जिंदगियां खोने लगते हैं. बॉलीवुड के गानों में अब तक सिर्फ़ लोग एक दूसरे को दिल ही दे पाते थे या शादी के दिन नज़दीक आने पर अपनी मंगेतर को पर्दा करने की सलाह दे रहे होते थे. ऐसे में अपने लिरिक्स से पीयूष एक एलियन बनकर आये. इस नए-पन पर उनके काफ़ी खालिस विचार थे. हर किसी की इमेजिनेशन से उल्टा, उन्होनें कहा कि अपने लिखने के पीछे वो ज़्यादा दिमाग नहीं खपाते.

फिल्मों में मोरालिटी पर बड़े ही स्पष्ट हैं पीयूष. पीयूष को फिल्मों में गाली-गलौज, सेक्स वगैरह कतई पसंद नहीं है. उनके हिसाब से फिल्में वो बननी चाहिए जो मां-बाप के साथ बेटे-बेटियां देख सकें.

पीयूष को करीब से जानने वाले ये जानते हैं कि कभी वो एक नास्तिक हुआ करते थे. जो उन्हें बहुत करीब से जानते हैं उन्हें मालूम है कि वो नास्तिक और लेफ्टिस्ट होने का सिर्फ़ ढोंग करते थे. पीयूष का भगवान में विश्वास है या नहीं, है तो क्यूं नहीं वो इनके कैरक्टर और गानों में दिखता है, और अगर नहीं है तो क्यूं नहीं. इन सब पर पीयूष-

पीयूष से हुस्ना के बारे में बात न की जाए तो मुलाक़ात बेकार ही है. लोगों को लगता है कि हुस्ना सचमुच की कोई लड़की थी पीयूष के जीवन में. लोग उनसे उसके हाल-चाल पूछते हैं. अब कहां है वो, पूछते हैं. हुस्ना की लाइफ स्टोरी सुनने में शायद सबसे ज़्यादा मज़ा आता है.


अपने फेवरेट स्टार से मिलो, चिकोलाइट मज़ा लो, नि:शुल्क! साहित्य आजतक के प्रोग्राम में

लल्लनटॉप कहानी लिखो और 1 लाख रुपए जीतो

लगातार लल्लनटॉप खबरों की सप्लाई के लिए फेसबुक पर लाइक करें

कौन हो तुम

QUIZ: देश के सबसे महान स्पोर्टसमैन को कितना जानते हैं आप?

आज इस जादूगर की बरसी है.

संविधान के कितने बड़े जानकार हैं आप?

ये क्विज़ जीत लिया तो आप जीनियस हुए.

चाचा शरद पवार ने ये बातें समझी होती तो शायद भतीजे अजित पवार धोखा नहीं देते

शुरुआत 2004 से हुई थी, 2019 आते-आते बात यहां तक पहुंच गई.

रिव्यू पिटीशन क्या होता है? कौन, क्यों, कब दाखिल कर सकता है?

अयोध्या पर फैसले के खिलाफ ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड रिव्यू पिटीशन दायर करने जा रहा है.

इन नौ सवालों का जवाब दे दिया, तब मानेंगे आप ऐश्वर्या के सच्चे फैन हैं

कुछ ऐसी बातें, जो शायद आप नहीं जानते होंगे.

अमिताभ बच्चन तो ठीक हैं, दादा साहेब फाल्के के बारे में कितना जानते हो?

खुद पर है विश्वास तो आ जाओ मैदान में.

‘ताई तो कहती है, ऐसी लंबी-लंबी अंगुलियां चुडै़ल की होती हैं’

एक कहानी रोज़ में आज पढ़िए शिवानी की चन्नी.

मोदी जी का बड्डे मना लिया? अब क्विज़ खेलकर देखो कितना जानते हो उनको

मितरों! अच्छे नंबर चइये कि नइ चइये?

कॉन्ट्रोवर्सियल पेंटर एमएफ हुसैन के बारे में कितना जानते हैं आप, ये क्विज खेलकर बताइये

एमएफ हुसैन की पेंटिंग और विवाद के बारे में तो गूगल करके आपने खूब जान लिया. अब ज़रा यहां कलाकारी दिखाइए.

इस क्विज़ में परफेक्ट हो गए, तो कभी चालान नहीं कटेगा

बस 15 सवाल हैं मित्रों!