Submit your post

Follow Us

बीजेपी गुजरात में जीते या हारे, नरेंद्र मोदी ये रिकॉर्ड ज़रूर बना लेंगे

5
शेयर्स

गुजरात में इस बार होने वाला विधानसभा चुनाव कई मायनों में खास है. पहला तो यही है कि 2002 के बाद ये पहली बार हो रहा है, जब बीजेपी बिना मोदी के चुनावी मैदान में उतर रही है. दूसरा ये भी है कि कांग्रेस इस बार मजबूत स्थिति में दिख रही है, लेकिन उससे भी मजेदार ये है कि इस बार पहली बार ऐसा होने जा रहा है, जब गुजरात के विधानसभा चुनाव में कोई प्रधानमंत्री वोट डालेगा.

मोरारजी देसाई के धरने के बाद गुजरात में चुनाव हुए थे. चिमनभाई (बाएं) पहले जनता मोर्चा और फिर कांग्रेस के साथ चले गए.
मोरारजी देसाई के धरने के बाद गुजरात में चुनाव हुए थे. चिमनभाई (बाएं) पहले जनता मोर्चा और फिर कांग्रेस के साथ चले गए.

दरअसल नरेंद्र मोदी से पहले मोराराजी देसाई पहले ऐसे प्रधानमंत्री थे, जो गुजरात से थे. अप्रैल 1975 में मोरारजी देसाई ने गुजरात में चुनाव की मांग को लेकर चार दिनों तक धरना दिया था. केंद्र की इंदिरा सरकार ने मोरारजी की मांगें मान लीं और चुनाव की घोषणा कर दी. 10 जून 1975 को गुजरात में चुनाव हुए, जिसके नतीजे 12 जून को आए. रिजल्ट में जनसंघ, स्वतंत्र पार्टी, प्रजा सोशलिस्ट पार्टी और कांग्रेस (ओ) को 88 सीटें मिलीं, जिन्होंने जनता मोर्चा बनाकर चुनाव लड़ा था. गुजरात के एक और कद्दावर नेता चिमन भाई पटेल ने किसान मजदूर पक्ष के नाम पर चुनाव लड़ा था, जिसे 12 सीटें मिली. जनता मोर्चा और किसान मजदूर पक्ष ने मिलकर सरकार बना ली और बाबू भाई जसभाई पटेल मुख्यमंत्री बन गए.

Babu bhai madhav singh
चिमनभाई के पाला बदलने के बाद माधव सिंह सोलंकी (बाएं) मुख्यमंंत्री बन गए. दोबारा पाला बदला तो फिर बाबू भाई मुख्यमंत्री  बन गए.

सरकार चलती रही, लेकिन दिसंबर 1976 तक चिमनभाई पटेल ने पाला बदल लिया और कांग्रेस के साथ चले गए. नतीजा हुआ कि कांग्रेस के माधव सिंह सोलंकी गुजरात के नए मुख्यमंत्री बन गए. आपातकाल हटने के बाद जब 1977 में केंद्र में मोरारजी देसाई के नेतृत्व में जनता पार्टी की सरकार बनी, तो चिमनभाई पटेल ने एक बार फिर पाला बदल लिया. नतीजा हुआ कि एक बार फिर बाबू भाई जसभाई पटेल गुजरात के मुख्यमंत्री बन गए. इस सरकार का कार्यकाल जून 1980 में पूरा होना था, लेकिन जब 1979 में जनता पार्टी की सरकार चली गई और इंदिरा गांधी एक बार फिर प्रधानमंत्री बन गईं, तो उन्होंने जनवरी में ही गुजरात सरकार को बर्खास्त कर दिया. इस तरह से गुजरात विधासभा में चुनाव से पहले ही मोरारजी देसाई प्रधानमंत्री नहीं रहे और गुजरात के चुनाव में कोई प्रधानमंत्री वोट नहीं दे सका.

उपप्रधानमंत्री ने की है वोटिंग

Adwani
लालकृष्ण आडवाणी ने बतौर उपप्रधानमंंत्री 2002 के विधानसभा चुनाव में वोट डाला था.

भले ही गुजरात विधानसभा चुनाव में प्रधानमंत्री ने वोट न डाला हो, लेकिन उपप्रधानमंत्री ने चुनाव में वोट दिया है. लालकृष्ण आडवाणी गांधीनगर से सांसद थे. केंद्र की वाजपेयी सरकार में लालकृष्ण आडवाणी उपप्रधानमंत्री थे. गुजरात में जब 2002 में विधानसभा चुनाव हुए तो आडवाणी शाहपुर के खानपुर से वोटर थे. 2002 के चुनाव में उन्होंने बतौर उपप्रधानमंत्री वोट डाला था. अब इस बार चुनाव में नरेंद्र मोदी वोट डालने जा रहे हैं, जो प्रधानमंत्री हैं.

गुजरात पहुंची लल्लनटॉप की टीम के सरपंच से सुनें पूरा किस्सा


गुजरात चुनाव में द लल्लटॉप से जुड़ने के लिए देखें ये वीडियो

ये भी पढ़ें:

मोदी और राहुल, जिसके पास भी ये सर्टिफिकेट होगा, वो गुजरात चुनाव जीत जाएगा!

अई शाब्बाश! गुजरात में भी यूपी-बिहार की तरह लात-जूते चलने लगे हैं

गोधरा कांड में 450 मुसलमान बच्चों की जान बचाने वाले IPS राहुल शर्मा, हरा पाएंगे बीजेपी को?

गुजरात चुनाव: जानिए बीजेपी की पहली लिस्ट में किसे टिकट मिला है

माना कि गुजरात चुनाव हैं, पर इस बच्चे को तो बख्श देते

लगातार लल्लनटॉप खबरों की सप्लाई के लिए फेसबुक पर लाइक करें

कौन हो तुम

QUIZ: देश के सबसे महान स्पोर्टसमैन को कितना जानते हैं आप?

आज इस जादूगर की बरसी है.

संविधान के कितने बड़े जानकार हैं आप?

ये क्विज़ जीत लिया तो आप जीनियस हुए.

चाचा शरद पवार ने ये बातें समझी होती तो शायद भतीजे अजित पवार धोखा नहीं देते

शुरुआत 2004 से हुई थी, 2019 आते-आते बात यहां तक पहुंच गई.

रिव्यू पिटीशन क्या होता है? कौन, क्यों, कब दाखिल कर सकता है?

अयोध्या पर फैसले के खिलाफ ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड रिव्यू पिटीशन दायर करने जा रहा है.

इन नौ सवालों का जवाब दे दिया, तब मानेंगे आप ऐश्वर्या के सच्चे फैन हैं

कुछ ऐसी बातें, जो शायद आप नहीं जानते होंगे.

अमिताभ बच्चन तो ठीक हैं, दादा साहेब फाल्के के बारे में कितना जानते हो?

खुद पर है विश्वास तो आ जाओ मैदान में.

‘ताई तो कहती है, ऐसी लंबी-लंबी अंगुलियां चुडै़ल की होती हैं’

एक कहानी रोज़ में आज पढ़िए शिवानी की चन्नी.

मोदी जी का बड्डे मना लिया? अब क्विज़ खेलकर देखो कितना जानते हो उनको

मितरों! अच्छे नंबर चइये कि नइ चइये?

कॉन्ट्रोवर्सियल पेंटर एमएफ हुसैन के बारे में कितना जानते हैं आप, ये क्विज खेलकर बताइये

एमएफ हुसैन की पेंटिंग और विवाद के बारे में तो गूगल करके आपने खूब जान लिया. अब ज़रा यहां कलाकारी दिखाइए.

इस क्विज़ में परफेक्ट हो गए, तो कभी चालान नहीं कटेगा

बस 15 सवाल हैं मित्रों!