Submit your post

Follow Us

कौन हैं वो 7 'नॉन मुस्लिम' क्रिकेटर जिन्हें पाकिस्तान ने क्रिकेट खेलने का मौका दिया?

साल 1932 में इंग्लैंड के साथ पहला टेस्ट खेलने वाली टीम में वज़ीर अली, नाज़ीर अली, ज़हांगीर खान और मोहम्मद निसार जैसे खिलाड़ी खेले. ये टीम पाकिस्तान की नहीं हिन्दुस्तान की थी. ये तब का हिन्दुस्तान था जब भारत-पाकिस्तान का बंटवारा नहीं हुआ था. साल 1947 में दोनों अलग मुल्क बने. इसके बाद भारत उस वक्त की ऑस्ट्रेलियन टीम जिसे ‘इनविनसिबल’ भी कहा जाता था. उसके खिलाफ 5 मैचों की सीरीज़ खेलने गया. इस भारतीय टीम में गुल मोहम्मद और जेनी ईरानी जैसे मुस्लमान खिलाड़ी शामिल थे.

1947 में दोनों मुल्कों की आज़ादी के बाद से भारत के लिए 296 क्रिकेटर्स खेले हैं. जिसमें से अब तक कुल 26 मुस्लिम और 50 से ज्यादा ‘नॉन हिन्दू’ क्रिकेटर्स भारत के लिए खेले हैं. अब इसके उलट पाकिस्तान को देख लेते हैं. पाकिस्तान के लिए 1952 से अब तक कुल 240 टेस्ट क्रिकेटर्स खेले हैं. जिनमें से ओवरऑल ‘नॉन मुस्लिम’ क्रिकेटर्स सिर्फ सात हैं. इन सात में से भी हिन्दू क्रिकेटर्स सिर्फ दो हैं.

वैसे तो भारत और पाकिस्तान की तुलना नहीं की जा सकती. क्योंकि भारत एक सेक्युलर देश है. जबकि पाकिस्तान खुद ही कहता है कि वो एक मुस्लिम राष्ट्र है. लेकिन फिर भी दोनों देशों की एशेज़ जितनी तगड़ी क्रिकेट राइवलरी और दोनों देशों के अल्पसंख्यकों की आबादी को देखते हुए ये तुलना की जा सकती है.

ये चर्चा इसलिए है क्योंकि पाकिस्तान के लिए लंबे वक्त तक खेले शोएब अख्तर ने ये बयान दिया है कि पाकिस्तान क्रिकेट टीम में हिन्दू होने की वजह से दानिश कनेरिया के साथ भेदभाव होता था. इस मामले पर दानिश कनेरिया ने भी कमेंट किया है. उन्होंने कहा है कि

‘शोएब क्रिकेट के एक लेजेंड हैं. उनके शब्द भी उनकी बोलिंग की तरह सटीक हैं. जब मैं खेल रहा था तब मेरे पास इन मामलों पर बोलने की हिम्मत नहीं थी. लेकिन अब जबकि शोएब भाई ने बोल दिया है, मैं भी बोलूंगा. उन्होंने, इंज़ी भाई (इंज़माम उल हक़), मोहम्मद यूसुफ और यूनुस खान ने हमेशा ही मेरा सपोर्ट किया था. जिन लोगों ने मुझे सपोर्ट नहीं किया, मैं जल्दी ही उनका नाम पब्लिक करूंगा. मैं खुद को भाग्यशाली और गौरवान्वित महसूस करता हूं कि मैं पाकिस्तान के लिए खेल पाया.’

दानिश कनेरिया साल 2000 से 2010 तक पाकिस्तान के लिए खेले. वो इस दौरान टेस्ट और वनडे दोनों टीमों के प्रमुख स्पिन गेंदबाज़ रहे.

दानिश के अलावा भी पाकिस्तान टीम में कई नॉन मुस्लिम खिलाड़ी खेले. आइये जानते हैं कि पाकिस्तान के लिए खेले इन नॉन मुस्लिम खिलाड़ियों का करियर कैसा और कितना लंबा रहा.

दानिश कनेरिया: जिस खिलाड़ी के धर्म को लेकर इन दिनों पाकिस्तानी क्रिकेट विवादों में हैं. उनका नाम है दानिश कनेरिया. दानिश पाकिस्तान की तरफ से खेलने वाले दूसरे हिंदू क्रिकेटर थे. उन्होंने साल 2000 में इंग्लैंड के खिलाफ अपना टेस्ट डेब्यू किया. जिसके बाद साल 2001 में इस स्पिनर को वनडे टीम में भी जगह मिल गई. लेकिन उनका सफलतम करियर टेस्ट क्रिकेट में ही आया.

Danish Kaneria 2
पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटर दानिश कनेरिया. फोटो: Reuters

दानिश ने पाकिस्तान के लिए कुल 61 टेस्ट खेले. जिसमें उन्होंने 261 विकेट अपने नाम किए. वो पाकिस्तान के क्रिकेट इतिहास में वसीम अकरम, वकार यूनिस और इमरान खान के बाद चौथे अधिक विकेट लेने वाले गेंदबाज़ हैं. जबकि सकलेन मुश्ताक, अब्दुल कादिर और मुश्ताक अहमद जैसे सभी स्पिनर्स को पीछे छोड़ते हुए वो पाकिस्तान के लिए अधिक विकेट लेने वाले स्पिनर भी हैं.

वहीं वनडे में दानिश ने 18 मैच खेले और 15 विकेट चटकाए. हालांकि साल 2010 के बाद उनका करियर फिक्सिंग की वजह से खत्म हो गया. इंग्लैंड और वेल्स क्रिकेट बोर्ड ने उन पर जानबूझकर अंडर परफॉर्म करने की वजह से 2012 में उन पर आजीवन बैन लगाया था. इस आरोप पर छह साल तक मुकारने के बाद कनेरिया ने साल 2018 में इस आरोप को स्वीकार किया था.

वालिस मथाएस: साल 1952 से टेस्ट क्रिकेट खेल रही पाकिस्तान टीम में पहले नॉन मुस्लिम क्रिकेटर रहे वालिस मथाएस. उनका जन्म कराची में हुआ. वो साल 1955 से 1962 तक पाकिस्तान टीम के लिए क्रिकेट खेले. उन्होंने अपने मुल्क के लिए कुल 21 टेस्ट खेले. जिसमें उन्होंने 783 रन बनाए. उनका बल्लेबाज़ी औसत 24 के आसपास का रहा. भले ही बल्ले से वो उतना कमाल का प्रदर्शन नहीं कर सके. लेकिन उन्हें उस टीम के कमाल के फील्डर्स में गिना जाता था. उन्होंने पाकिस्तान के लिए 22 कैच पकड़े.

साल 1958-59 में ढाका में वेस्टइंडीज़ के खिलाफ टीम की जीत में उन्होंने 65 और 45 रनों की अहम यादगार पारियां खेलीं थीं. उन्होंने अपने करियर में सिर्फ तीन अर्धशतक जमाए. जिनमें से दो तो उन्होंने वेस्टइंडीज़ के खिलाफ लगातार पारियों में बनाए.

डंकन शार्प: आज़ादी से पहले कराची में जन्मा ये क्रिकेटर एंग्लो पाकिस्तानी था. वो पाकिस्तान के लिए खेलने वाले ईसाई खिलाड़ियों में से एक थे. उन्होंने पाकिस्तान के लिए साल 1959 में कुल तीन टेस्ट खेले. जिसमें उन्होंने महज़ 134 रन बनाए. लेकिन अपने पहले टेस्ट में ही उन्होंने दोनों पारियों में 56 और 35 रनों की जुझारू पारी खेलकर टीम को हार से बचाने की कोशिश की. लेकिन इसके बावजूद ऑस्ट्रेलिया ने इस मैच को जीत लिया था.

इसके बाद टीम में ज्यादा मौके नहीं मिलने की वजह से वो ऑस्ट्रेलिया चले. जहां पर वो डॉमेस्टिक क्रिकेट में खेले. लेकिन बहुत ज़्यादा कामयाब नहीं हो सके.

एंटो डीसूज़ा: हिन्दुस्तान के गोवा में जन्मे एंटो डीसूज़ा ने साल 1959 में पाकिस्तान के लिए डेब्यू किया. इसी साल पाकिस्तान के लिए डेब्यू करने वाले दूसरे इसाई खिलाड़ी बने. डिसूज़ा 1959 से 1962 तक पाकिस्तान क्रिकेट में रहे. इस दौरान वो बल्ले से बहुत कुछ नहीं कर सके. उन्होंने पाकिस्तान के झंडे तले कुल 6 मैच खेले जिसमें सिर्फ 76 रन बनाए. इस दौरान उनका औसत 38 का रहा. हालांकि 6 टेस्ट मैचों में वो गेंद से कामयाब रहे. इस दौरान उन्होंने 17 विकेट अपने नाम किए थे.

डिसूज़ा के पिता आज़ादी के वक्त गोवा से पाकिस्तान शिफ्ट हो गए थे. जिसके बाद साल 1999 में डिसूज़ा पाकिस्तान छोड़कर परिवार के साथ कनाडा चले गए.

Anil Dalpat
पाकिस्तान क्रिकेट टीम के पहले हिन्दू क्रिकेटर अनिल दलपत. फोटो: Getty

अनिल दलपत: अब बात करते हैं पाकिस्तान के लिए खेलने वाले पहले हिंदू क्रिकेटर की. नाम है अनिल दलपत. दलपत को साल 1984 में पहली बार टीम में मौका मिला. और मौका भी ऐसा मिला कि उन्होंने एक साल में ही नौ टेस्ट मैच खेल लिए. विकेटकीपर बल्लेबाज़ के रूप में पाकिस्तान टीम में पहुंचे अनिल दलपत को वसीम बारी के टीम से हटने के बाद टीम में शामिल किया गया.

साल 1984 में इंग्लैंड के खिलाफ अपने डेब्यू मैच में ही उन्होंने अपनी कलात्मक विकेटकीपिंग से सबको प्रभावित कर दिया था. लेकिन राष्ट्रीय टीम में आने के बाद इस खिलाड़ी की बल्लेबाज़ी में वो बात नहीं दिखी. जिसके दम पर कोई खिलाड़ी लंबी रेस का घोड़ा माना जाता है.

उन्हें पाकिस्तान के लिए नौ बार मैदान पर उतरने के लिए मौका मिला. लेकिन वो इनमें सिर्फ 15 के औसत से एक अर्धशतक ही जमा पाए. हालांकि टीम से छुट्टी के बाद वो विवादों में भी फंसे. जब उन्होंने मौजूदा पाकिस्तानी पीएम और पूर्व पाकिस्तान कप्तान इमरान खान पर आरोप लगाए. दलपत ने उस समय कहा था कि उनका करियर इमरान खान की वजह से जल्दी खत्म हो गया.

सोहेल फज़ल: ऐसे ही क्रिकेटर आए साल 1989 में. नाम था सोहेल फज़ल. धर्म से सोहेल इसाई थे. उन्होंने पाकिस्तान के लिए सिर्फ दो वनडे मैच खेले. जिसमें उन्होंने 56 रन बनाए. साल 1989-90 में इस बल्लेबाज़ ने अपने करियर का बेस्ट स्कोर 32 रन भारत के खिलाफ ही किया. सोहेल ने उस पारी में तीन शानदार छक्के लगाए थे. जिसकी मदद से उनकी टीम भारत के खिलाफ 250 रनों के पार पहुंच पाया था.

रातोंरात ये खिलाड़ी कई पाकिस्तानी फैंस का फेवरेट भी बन गया था. इसके बाद उन्होंने वेस्टइंडीज़ के खिलाफ मिले मौके को भुनाया और 34 गेंदों में 24 रनों की पारी खेली. लेकिन फिर ये खिलाड़ी कहां गया. ये पाकिस्तानी फैंस को कभी पता नहीं चल पाया.

Mohammad Yousuf
पाकिस्तान क्रिकेट टीम के दिग्गज बल्लेबाज़ मोहम्मद यूसुफ. फोटो: Getty Images

मोहम्मद यूसुफ: पाकिस्तान क्रिकेट इतिहास का सबसे सफल नॉन मुस्लिम क्रिकेटर. या फिर यूं कहें कि उस समय का नॉन मुस्लिम क्रिकेटर. नाम है यूसुफ योहाना. ऐसा हम इसलिए कह रहे हैं क्योंकि साल 2005 में मोहम्मद यूसुफ ने धर्म परिवर्तन करके इस्लाम अपना लिया था. इसके बाद उन्होंने अपने नाम में भी बदलाव किया था.

यूसुफ पाकिस्तान की ओर से वनडे क्रिकेट में दूसरे सबसे अधिक और टेस्ट में चौथे सबसे अधिक रन बनाने वाले खिलाड़ी हैं. वनडे में उनके नाम 9720 रन हैं, जबकि टेस्ट में उनके नाम 7530 रन हैं.

यूसुफ ने साल 1998 में पाकिस्तान टीम के लिए अपना डेब्यू किया. जिसके बाद वो 2010 तक पाकिस्तान टीम का अहम हिस्सा रहे.


अपना 150वां टेस्ट खेलने उतरे जेम्स एंडरसन ने पहली ही गेंद पर रिकॉर्ड बना दिया

लगातार लल्लनटॉप खबरों की सप्लाई के लिए फेसबुक पर लाइक करें

कौन हो तुम

मधुबाला को खटका लगा हुआ था इस हीरोइन को दिलीप कुमार के साथ देखकर

एक्ट्रेस निम्मी के गुज़र जाने पर उनको याद करते हुए उनकी ज़िंदगी के कुछ किस्से

90000 डॉलर का कर्ज़ा उतारकर प्राइवेट जेट खरीद लिया था इस 'गैंबलर' ने

उस अमेरिकी सिंगर की अजीब दास्तां, जो बात करने के बजाए गाने में ज़्यादा कंफर्टेबल महसूस करता था

YES Bank शुरू करने वाले राणा कपूर कौन हैं, जिन्होंने नोटबंदी को 'मास्टरस्ट्रोक' बताया था

यस बैंक डूब रहा है.

सात साल पहले केजरीवाल ने वो बात कही थी जो आज वो ख़ुद नहीं सुनना चाहते

बरसों पुरानी इस बात की वजह से सोशल मीडिया पर घेर लिए गए हैं.

क्या भारत सरकार से पूछे बिना पाकिस्तान चली गई इंडियन कबड्डी टीम?

अब ढेरों खेल-तमाशा हो रहा है.

बजट का कितना ज्ञान है, ये क्विज़ खेलकर चेक कर लो!

कितना नंबर पाया, बताते हुए जाना. #Budget2020

संविधान के कितने बड़े जानकार हैं आप?

ये क्विज़ जीत लिया तो आप जीनियस हुए.

क्रिकेट के पक्के वाले फैन हो तो इस क्विज़ को जीतकर बताओ

कित्ता नंबर मिला, सच-सच बताना.

सलमान खान के फैन, इधर आओ क्विज खेल के बताओ

क्विज में सही जवाब देने वाले के लिए एक खास इनाम है.

QUIZ: देश के सबसे महान स्पोर्टसमैन को कितना जानते हैं आप?

आज इस जादूगर की बरसी है.