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दिल्ली दंगा: भड़काऊ वीडियो बनाने वाले को क्या पुलिस ने छोड़ दिया?

दिल्ली के उत्तर-पूर्वी हिस्से में हुए दंगों के कुछ वीडियो वायरल हो रहे हैं. ऐसा ही एक वीडियो कोमल नाम के शख़्स का है. इस वीडियो में कोमल आपत्तिजनक बातें बोल रहा है और कुछ लोग पत्थरबाज़ी करते दिख रहे हैं. ये वीडियो 24 फरवरी को भजनपुरा की मज़ार के पास की चौड़ी सड़क पर बनाया गया था.

26 फरवरी को भड़काऊ वीडियो बनाने वाला कोमल चांदबाग इलाके में था. वहां कुछ लोगों ने पकड़ लिया था. लेकिन बिना कोई चोट पहुंचाए पुलिस को सौंप दिया.

जानिए पूरा मामला क्या है

उत्तर-पूर्वी दिल्ली के कई इलाक़ों में 23 से 25 फरवरी की शाम तक दंगे हुए. 25 फरवरी की देर शाम तक हालात सुधरने लगे. 26 फरवरी की शाम, वायरल वीडियो में दिख रहा कोमल भजनपुरा से कुछ सौ मीटर दूर चांदबाग इलाके में पहुंचा. वीडियो वायरल हुआ था, इसलिए स्थानीय लोगों ने कोमल को पहचान लिया. लोग गुस्से में थे. कोमल को पीटने पर उतारू था. लेकिन चांदबाग में रहने वाले कुछ नौजवानों ने कोमल को भीड़ से बचा लिया. बचाने वालों में से एक परवेज़ (बदला हुआ नाम) ने हमें बताया-

‘ये बंदा शाम 6 बजे के आसपास चांदबाग आया था. इसका वीडियो वायरल हुआ था इसलिए लोग पहचानते थे. कहीं ये कोई नया हुड़दंग न करे, इसलिए इसे पहले ही पकड़ लिया गया.’

कोमल को पकड़ने वालों का दावा है कि उसे किसी भी तरह का नुकसान नहीं पहुंचाया गया है. वायरल हो रहे वीडियो में सुनाई दे रहा है-

‘देख ले, हमने अपनी जान पर खेलकर तुझे सेफ करा है, लेकिन तुम्हारे अंदर कोई इंसानियत नाम की चीज़ नहीं है.’

कोमल से पूछा जाता है कि वायरल वीडियो आपका ही था? कोमल हां में जवाब देता है.

कोमल को पकड़ने वाले अब्दुल (बदला हुआ नाम) ने बताया-

‘इसे बचाने के बाद हमने किसी को इसे छूने नहीं दिया. दयालपुर थाने में बताया. वहां से 8-10 पुलिसकर्मी और 50-60 पैरा मिलिट्री वाले आए और इसे ले गए.’

अब्दुल का दावा है,

‘पुलिस के पास जाते ही कोमल ने आपत्तिजनक बात कही. वो चेतावनी देता हुआ गया. बोलता कि पुलिस आ गई है अब तो मैं फ्री हूं.’

अब्दुल, परवेज़ के अलावा कई लोगों को शक था कि पुलिस ने कोमल पर न FIR की होगी, न वो जेल में होगा.

हमने इस घटनाक्रम की पुष्टि के लिए पुलिस से संपर्क किया था. SHO दयालपुर थाना से कई बार फोन पर संपर्क करने के बाद भी उन्होंने कोमल के बारे में पुष्टि नहीं की.

दयालपुर थाना. चांदबाग का इलाका इसी थाने में आता है. (तस्वीर- विपिन/दी लल्लनटॉप)
दयालपुर थाना. चांदबाग का इलाका इसी थाने में आता है. (तस्वीर- विपिन/दी लल्लनटॉप)

मामले की पुष्टि के लिए ‘दी लल्लनटॉप’ के रिपोर्टर विपिन, दयालपुर थाना गए. विपिन की मुलाक़ात वायरल वीडियो में दिख रहे कोमल से हुई. कोमल ने बताया कि वो उत्तर-पूर्वी दिल्ली से सटे उत्तर प्रदेश के लोनी का रहने वाला है.

कोमल ने माना कि 24 फरवरी को हुई हिंसा के दौरान उसने भड़काऊ बातें बोली हैं और 26 फरवरी की शाम उसे चांदबाग को कुछ नौजवानों ने भीड़ से बचाकर सुरक्षित पुलिस के हवाले किया था.

रिपोर्टर विपिन ने जब पुलिस से कोमल पर हुई कार्रवाई के बारे में जानना चाहा, तो पुलिस ने जानकारी देने से इनकार कर दिया. थाने में मौजूद पुलिस कर्मियों का कहना है कि उन्हें फिलहाल जानकारी साझा करने का आदेश नहीं है.

भजनपुरा की मजार के पास की सड़क पर आपत्तिजनक बातें कहता दिखा शख़्स कोमल पुलिस की गिरफ्त में है. उसे चांदबाग के कुछ नौजवानों ने भीड़ से बचाकर पुलिस के हवाले कर दिया था.

दिल्ली दंगों में 29 फरवरी, सुबह 11 बजे तक 42 लोगों की मौत हो चुकी है. पुलिस के मुताबिक, 123 FIR दर्ज की गई हैं. 630 लोगों को अरेस्ट किया जा चुका है.


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