Submit your post

Follow Us

कोरोना डायरीज : क्यूं 'काला हांडी' से रिपोर्ट किए बिना कोई पत्रकार, पत्रकार नहीं बनता?

विश्वास
विश्वास

नाम- विश्वास घुघे

काम- Rural Devolapment से M.A

पता- तेलंगाना

देश लॉक डाउन में है. दुनिया भी. और फोन ख़ूब आ रहे हैं. हर कोई बात करना चाहता है. लंबी बातें. क्योंकि किसी का टाइम पास नहीं हो रहा न. पब्लिक ट्रांसपोर्ट बंद हैं. घर का दरवाज़ा लक्ष्मण रेखा बन गया है. पीएम ने हाथ जोड़कर इसे पार करने से मना किया है. पूरे 21 दिन. और आप परेशान हैं. रियली?

अगर लोगों का आपस में ना मिल पाना लॉक डाउन है, अगर बाहर ना निकल पाना लॉक डाउन है और अगर मन के काम ना कर पाना लॉक डाउन है तो एक असली कहानी सुनिए. कहानी इसलिए, क्योंकि सुनने पर आपको यक़ीन नहीं होगा.

Corona Banner
कोरोना डायरीज़ की और भी ख़बरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें.

आपके इसी देश में एक राज्य है ओडिशा. वहां है डिस्ट्रिक्ट काला हांडी. अपने एक प्रोजेक्ट के लिए मैं काला हांडी गया था कुछ टाइम पहले. बहुत सुना था काला हांडी के बारे में. ये भी सुना था कि ये देश के उन इलाकों में से है जहां से रिपोर्ट किए बिना जर्नलिस्ट असल जर्नलिस्ट नहीं बनता. क्यों?

इसका जवाब मुझे काला हांडी पहुंचते ही मिल गया. 10 किलोमीटर भीतर जाना था. रिसीव करने पहुंचे प्रोफ़ेसर ने कहा ‘जिसे भी कॉल करना हो कर लो, फिर नहीं कर पाओगे’ क्यों? क्योंकि एक किलोमीटर बाद कच्चा रास्ता शुरू होता है और वहीं से मोबाइल नेटवर्क ख़त्म हो जाता है. वाइल्ड लाइफ़ सेंचुरी से होकर जाता रास्ता. तस्वीरों में देखा हुआ कोई भी जानवर कभी भी सामने आ सकता था. स्कूल में पढ़ाने का प्रोजेक्ट था. जब वहां गया तो दिमाग़ का फ्यूज उड़ गया.

बिजली नहीं थी. कभी पहुंची ही नहीं. पानी झरने का पीना था. सबसे बड़ा खेल था आसमान से गुजरते हवाई जहाज़ को तब तक देखना जब तक वो दिखना बंद नहीं हो जाता. आधे से ज़्यादा लोगों ने कभी ट्रेन देखी ही नहीं. शहर पहुंचने के लिए दिन की एक बस. किसी के पास मोबाइल नहीं. अगर फोन करना है तो 10 किलोमीटर ‘हैलो पॉइंट’ तक जाना होगा. पक्के रास्ते तक पहुंचने में पूरा दिन लग जाएगा. फिर वापस नहीं लौट सकते. क्योंकि शाम के बाद कोई भी जानवरों के आगे आना पसंद नहीं करता. तब जानवर शिकार पर निकले होते हैं. छोटी-मोटी बीमारियां वो घरेलू इलाज से ही ठीक कर लेते हैं. अस्पताल जाने का मतलब गुडबाय कहने जैसा होता है.

नेशनल लॉक डाउन से बहुत पहले भी ये आदिवासी महिलाएं बस गांव भर में ही निकल पाती थीं. आगे भी इतना ही निकलेंगी. (तस्वीर विश्वास घुघे)
नेशनल लॉक डाउन से बहुत पहले भी ये आदिवासी महिलाएं बस गांव भर में ही निकल पाती थीं. आगे भी इतना ही निकलेंगी. (तस्वीर विश्वास घुघे)

बुज़ुर्ग औरतें रात को खाने के बाद झुंड के झुंड बच्चों को कहानी सुनाती हैं. वो कहानियां जिन पर बच्चे विश्वास करते हैं. अगर सरकार से दूर-दूर तक कोई रिश्ता है तो नक्सली कभी भी आकर उठा ले जाएंगे. सरकारी लोगों का शिकार करना नक्सलियों की पहली पसंद होती है.

आपको तो मालूम है कि आज नहीं तो कल आपका लॉक डाउन ख़त्म हो जाएगा. पार्टी, डिस्को, मीटिंग सब शुरू हो जाएगा. लेकिन काला हांडी के किसी भी बच्चे से पूछिए. वो एक नेचुरल लॉक डाउन में पैदा हुआ था, और उसी में मरेगा.

और मज़े की बात मालूम है क्या है? वो लोग इसमें भी ख़ुश हैं. क्योंकि उनके लिए यही ख़ुशी है. जब मैं काला हांडी गया था तब लगता था कि वहीं खो जाऊंगा. लेकिन मैंने वहां ख़ुद को खोजा. काला हांडी में आपके पास सोचने का बहुत वक़्त होता है.

जंगल आस-पास बेशुमार हैं. वहां से लकड़ियां लाकर उन्हें बड़े बाज़ार में बेचने की तैयारी करती एक बूढ़ी महिला (तस्वीर विश्वास घुघे)
जंगल आस-पास बेशुमार हैं. वहां से लकड़ियां लाकर उन्हें बड़े बाज़ार में बेचने की तैयारी करती एक बूढ़ी महिला (तस्वीर विश्वास घुघे)

कोट –

हो सकता है देश इस लॉक डाउन से निकलने के बाद आदिवासियों के लिए थोड़ा सा सेंसेटिव हो जाए.


कोरोना डायरीज. अलग अलग लोगों की आपबीती. जगबीती. ताकि हम पढ़ें. संवेदनशील और समझदार हों. ये अकेले की लड़ाई नहीं है. इसलिए अनुभव साझा करना जरूरी है. आपका भी कोई खास एक्सपीरियंस है. तस्वीर या वीडियो है. तो हमें भेजें. corona.diaries.LT@gmail.com


 


ये वीडियो भी देखते जाइए:

कोरोना डायरीज: इस भारतीय लड़की ने बताया लंदन में कोरोना वायरस से कैसे निबटा जा रहा है?

लगातार लल्लनटॉप खबरों की सप्लाई के लिए फेसबुक पर लाइक करें

कौन हो तुम

विधायक विजय मिश्रा, जिन्हें यूपी पुलिस लाने लगी तो बेटियां बोलीं- गाड़ी नहीं पलटनी चाहिए

विधायक विजय मिश्रा, जिन्हें यूपी पुलिस लाने लगी तो बेटियां बोलीं- गाड़ी नहीं पलटनी चाहिए

चलिए, विधायक जी की कन्नी-काटी जानते हैं.

नेशनल हैंडलूम डे: और ये है चित्र देखो, साड़ी पहचानो वाली क्विज

नेशनल हैंडलूम डे: और ये है चित्र देखो, साड़ी पहचानो वाली क्विज

कभी सोचा नहीं होगा कि लल्लन साड़ियों पर भी क्विज बना सकता है. खेलो औऱ स्कोर करो.

सौरव गांगुली पर क्विज़!

सौरव गांगुली पर क्विज़!

सौरव गांगुली पर क्विज़. अपना ज्ञान यहां चेक कल्लो!

कॉन्ट्रोवर्सियल पेंटर एमएफ हुसैन के बारे में कितना जानते हैं आप, ये क्विज खेलकर बताइये

कॉन्ट्रोवर्सियल पेंटर एमएफ हुसैन के बारे में कितना जानते हैं आप, ये क्विज खेलकर बताइये

एमएफ हुसैन की पेंटिंग और विवाद के बारे में तो गूगल करके आपने खूब जान लिया. अब ज़रा यहां कलाकारी दिखाइए.

'हिटमैन' रोहित शर्मा को आप कितना जानते हैं, ये क्विज़ खेलकर बताइए

'हिटमैन' रोहित शर्मा को आप कितना जानते हैं, ये क्विज़ खेलकर बताइए

आज 33 साल के हो गए हैं रोहित शर्मा.

क्विज़: खून में दौड़ती है देशभक्ति? तो जलियांवाला बाग के 10 सवालों के जवाब दो

क्विज़: खून में दौड़ती है देशभक्ति? तो जलियांवाला बाग के 10 सवालों के जवाब दो

जलियांवाला बाग कांड के बारे में अपनी जानकारी आप भी चेक कर लीजिए.

बजट का कितना ज्ञान है, ये क्विज़ खेलकर चेक कर लो!

बजट का कितना ज्ञान है, ये क्विज़ खेलकर चेक कर लो!

कितना नंबर पाया, बताते हुए जाना. #Budget2020

संविधान के कितने बड़े जानकार हैं आप?

संविधान के कितने बड़े जानकार हैं आप?

ये क्विज़ जीत लिया तो आप जीनियस हुए.

क्रिकेट के पक्के वाले फैन हो तो इस क्विज़ को जीतकर बताओ

क्रिकेट के पक्के वाले फैन हो तो इस क्विज़ को जीतकर बताओ

कित्ता नंबर मिला, सच-सच बताना.

सलमान खान के फैन, इधर आओ क्विज खेल के बताओ

सलमान खान के फैन, इधर आओ क्विज खेल के बताओ

क्विज में सही जवाब देने वाले के लिए एक खास इनाम है.