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पीएम मोदी और एक महिला मंत्री को लेकर घटिया बात करने वाले को कांग्रेस क्यों फॉलो करती है?

अपन माथ के टेटर ककरो नइ देखाई छै.

ये एक मैथिली कहावत है. इसका मतलब है कि इंसान को अपने माथे पर लगी चोट खुद दिखाई नहीं देती. यानी कि अपने दोष इंसान खुद नहीं देख पाता. ये बात कांग्रेस पर लागू होती है. कांग्रेस के ट्विटर हैंडल पर जाइए. यहां सबसे ऊपर आपको 30 जून का उनका एक ट्वीट नजर आएगा. इसमें लिखा है-

ऑनलाइन ट्रोलिंग करने वालों से थककर, कांग्रेस सोशल मीडिया टीम की महिलाओं (और कुछ पुरुषों) ने इस सोशल मीडिया दिवस पर एक विडियो बनाया है. इसमें उन्होंने मिलकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपील की है. विडियो जरूर देखिए.

30 जून के अपने इस ट्वीट को कांग्रेस ने अपने पेज पर पिन किया हुआ है. ताकि ये ट्वीट सबसे ऊपर दिखाई दे.
30 जून के अपने इस ट्वीट को कांग्रेस ने अपने पेज पर पिन किया हुआ है. ताकि ये ट्वीट सबसे ऊपर दिखाई दे.

कांग्रेस का दोहरापन
विडियो में कई लड़कियों और कुछ लड़के अंग्रेजी में एक गाना गाते हैं. गाने में कुछ ऐसा है कि जब भी मैं फेसबुक पर लॉग इन करती हूं, तो संघी ट्रोल आ जाते हैं. वो गंदी-गंदी बातें करते हैं. जहर उगलते हैं. मेरी मां का बलात्कार करने की धमकी देते हैं. ट्रोल करते हैं. इसमें आगे एक लाइन है. कि ट्रोलिंग के मामले में इन लोगों ने मास्टरी हासिल कर ली है. और ये ट्रोलर्स बड़े खुशनसीब हैं क्योंकि खुद मोदी जी उन्हें फॉलो करते हैं. आगे PM मोदी से अपील की गई है. कि वो सच्चे प्रधानमंत्री बनें और उन ट्रोल्स को अनफॉलो करें.

ये तो थी दूसरों को उपदेश देने की बात. अब जानिए कि कांग्रेस क्या कर रही है. एक ट्विटर यूजर है. नाम है- पब्लिक प्रॉसिक्यूटर. इसके ट्वीट पढ़िए. हद कीचड़ चीजें लिखता है. मां-बहन की गालियां. एक से एक टुच्ची बात. PM मोदी और केंद्रीय कैबिनेट में एक महिला मंत्री इसके ‘पसंदीदा टॉपिक’ हैं. इसकी पूरी वॉल एक से एक घटिया बातों से भरी पड़ी है. इसने न अपना सही नाम लिखा हुआ है और न अपनी कोई तस्वीर ही लगाई हुई है. फर्जी अकाउंट बनाकर राजनैतिक विरोध के नाम पर अपनी कुंठा निकालता है ये आदमी. उसने न केवल महिला मंत्री के बारे में ओछी बातें लिखीं, बल्कि अरुण जेटली की मां को निशाना बनाते हुए भी अश्लील ट्वीट किया. जनाब ‘पब्लिक प्रॉसिक्यूटर’ की इस कहानी का हाई पॉइंट ये है कि उसे कांग्रेस अपने आधिकारिक ट्विटर अकाउंट से फॉलो करती है. अच्छा, इस ‘पब्लिक प्रॉसिक्यूटर’ शब्द का क्या मतलब हुआ? सरकारी वकील जानते हैं. जो किसी केस में सरकार की तरफ से लड़ता है. उसी को कहते हैं पब्लिक प्रॉसिक्यूटर.

इस आदमी ने न तो अपना सही नाम लिखा हुआ है और न ही अपनी कोई तस्वीर ही लगाई है. फर्जी नाम और सांकेतिक तस्वीर लगाकर ये इंसान एक से एक घटिया बातें लिखता है. कांग्रेस इसे फॉलो करती है. ये तो वो हाल हुआ कि ट्रोल्स अगर समर्थक हों, तो प्यारे लगते हैं. सारी दिक्कत विरोधी ट्रोल्स से होती है.
इस आदमी ने न तो अपना सही नाम लिखा हुआ है और न ही अपनी कोई तस्वीर ही लगाई है. फर्जी नाम और सांकेतिक तस्वीर लगाकर ये इंसान एक से एक घटिया बातें लिखता है. कांग्रेस इसे फॉलो करती है. ये तो वो हाल हुआ कि ट्रोल्स अगर समर्थक हों, तो प्यारे लगते हैं. सारी दिक्कत विरोधी ट्रोल्स से होती है.

 

इस आदमी ने न तो अपना सही नाम लिखा हुआ है और न ही अपनी कोई तस्वीर ही लगाई है. फर्जी नाम और सांकेतिक तस्वीर लगाकर ये इंसान एक से एक घटिया बातें लिखता है. कांग्रेस इसे फॉलो करती है. ये तो वो हाल हुआ कि ट्रोल्स अगर समर्थक हों, तो प्यारे लगते हैं. सारी दिक्कत विरोधी ट्रोल्स से होती है.

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कांग्रेस बताए, विरोधी पार्टी की महिलाओं की इज्जत नहीं होती?
कांग्रेस को बताना चाहिए. कि क्या उसकी नजर में मोदी सरकार की महिला मंत्री महिला नहीं हैं? क्या उनके बारे में घटिया और छिछली बातें करना चलता है? बस इसलिए कि वो विरोधी पार्टी में हैं? राजनीति में हैं? इसलिए मोदी सरकार की महिला मंत्री के बारे में गंदी बातें लिखना, उनका चरित्रहन करना चलता है? लेकिन बाकी मौकों पर महिलाओं के सम्मान की दुहाई देनी होती है. कांग्रेस अपने ऑफिशल ट्विटर हैंडल से एक ऐसे इंसान को फॉलो करती है, जो नरेंद्र मोदी की उनकी एक महिला मंत्री के साथ ‘अवैध संबंधों’ की बेहूदी कहानी गढ़ता है. इसके बारे में बार-बार दो-कौड़ी की बातें लिखता है. उन्हें भद्दी-भद्दी गालियां देता है. इस बात की क्या सफाई हो सकती है कांग्रेस नेताओं के पास? या खुद राहुल गांधी के पास? वो अपनी छवि एक सभ्य, साफ-सुथरी राजनीति करने वाले नेता की बनाना चाहते हैं. ऐसे घटिया लोगों को मंजूरी देना, उन्हें समर्थन देना, उन्हें बढ़ावा देना क्या इस छवि के मुताबिक है? ‘पब्लिक प्रॉसिक्यूटर’ नाम के इस फर्जी अकाउंट से इतनी घटिया बातें ट्वीट की जाती हैं कि पढ़कर घिन आ जाए. ऐसे इंसान को फॉलो करने में कांग्रेस को शर्म नहीं आती? क्या हक है उसे बीजेपी या मोदी या फिर किसी और की आलोचना का? सवाल करने का या शिकायत करने का?

कांग्रेस को शिकायत है कि पीएम मोदी कई ट्रोलर्स को फॉलो करते हैं. मगर कांग्रेस को ये शिकायत क्यों हो? वो खुद भी तो गंदगी उगलने वालों को सपोर्ट करती है. उन्हें फॉलो करती है.
कांग्रेस को शिकायत है कि पीएम मोदी कई सारे ट्रोलर्स को फॉलो करते हैं. मगर कांग्रेस को ये शिकायत क्यों हो? वो खुद भी तो गंदगी उगलने वालों को सपोर्ट करती है. उन्हें फॉलो करती है.

एक से एक घटिया ट्वीट हैं, मिसाल देखिए
हम आपको घटियापन का सैंपल दिखाते हैं. नीचे हम कुछ ट्वीट के स्क्रीनशॉट दे रहे हैं. स्क्रीनशॉट इसलिए कि अगर आलोचना के बाद ये अकाउंट डिलीट कर दिया जाता है या फिर कांग्रेस इसे अनफॉलो कर देती है, तब भी उनके दोहरेपन का सबूत दर्ज रहे. नीचे कुछ स्क्रीनशॉट्स हैं. हमने महिला मंत्री का नाम ब्लर कर दिया है. चूंकि उनका नाम लेकर बेहद घटिया बातें लिखी हैं. आपको ये घटिया ट्वीट इसलिए दिखा रहे हैं कि हम चाहते हैं कि आप ये गंदगी देखें और इसकी थू-थू हो.

ये महिला मंत्री इस ट्रोलर के खास निशाने पर हैं. उनके बारे में बार-बार भद्दी और अश्लील बातें लिखी गई हैं. सोशल मीडिया पर आपको बहुत सारे लोग ऐसी भद्दी बातें लिखते हुए दिख जाएंगे. 
ये महिला मंत्री इस ट्रोलर के खास निशाने पर हैं. उनके बारे में बार-बार भद्दी और अश्लील बातें लिखी गई हैं. सोशल मीडिया पर आपको बहुत सारे लोग ऐसी भद्दी बातें लिखते हुए दिख जाएंगे.

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इसी हैंडल पर हमें और भी कई बेहद आपत्तिजनक ट्वीट्स मिले. कुछ तो हम डिस्क्लेमर के साथ भी आपको यहां नहीं पढ़ा सकते. सबमें एक बात कॉमन. प्रधानमंत्री मोदी और महिला मंत्री को लेकर घटिया बातें. घटियापन भी एक ही तरह का, सेक्शुअल.

कबीर का दोहा है. कांग्रेस पर बिल्कुल फिट बैठ रहा है-

बुरा जो देखन मैं चला, बुरा न मिलियां कोई
जो दिल ढूंढ़ा आपणा, मुझसे बुरा न कोई. 

‘इसमें मुझसे बुरा न कोई’ वाले हिस्से में बस इतना बदलाव होगा कि कांग्रेस और बीजेपी, दोनों इस मामले में एक जैसे हैं. राजनैतिक विरोध में तमीज और सभ्यता भूल जाते हैं. बस उंगली उठाते वक्त अच्छा-बुरा, सही-गलत याद आता है. जबकि खुद भी वही गंदगी दिखाते हैं, जिसके लिए विपक्षियों को गरियाते हैं.


हमारे एक पाठक हैं. ठाकुर सिंह. उनका शुक्रिया. ट्विटर पर टैग करके उन्होंने हमें ‘पब्लिक प्रॉसिक्यूटर’ के बारे में बताया. हम अपने पाठकों से अपील करते हैं. कि अगर उन्हें भी ऐसी ही कोई चीज दिखे, तो हमें बताएं. वो हमें lallantopmail@gmail.com पर मेल कर सकते हैं. या हमें हमारे फेसबुक पर मेसेज कर सकते हैं. या फिर हमें टैग कर सकते हैं.

एक पाठक ने हमें ट्विटर पर टैग करके हमें ये दिखाया. हमने देखा. पाया कि बात तो सच्ची है. आप 'पब्लिक प्रॉसिक्यूटर' का ट्वीट देखिए. इस ओछे इंसान के लिए बलात्कार कितनी हल्की बात है.
एक पाठक ने हमें ट्विटर पर टैग करके हमें ये दिखाया. हमने देखा. पाया कि बात तो सच्ची है. आप ‘पब्लिक प्रॉसिक्यूटर’ का ट्वीट देखिए. इस ओछे इंसान के लिए बलात्कार कितनी हल्की बात है.

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