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एसएन श्रीवास्तव तीन साल पहले कश्मीर में खूब चर्चा में थे, अब दिल्ली के पुलिस कमिश्नर बन गए हैं

पिछले कुछ दिनों से राजधानी दिल्ली का लॉ एंड ऑर्डर बार-बार गलत वजहों से सुर्खियों में रहा है. पुलिस-वकीलों का झगड़ा, जामिया और जेएनयू जैसे इंस्टीट्यूशंस में कॉन्ट्रोवर्सी और अब दिल्ली दंगा. दिल्ली नीड्स अ चेंज… और अब चेंज मिल गया है. दिल्ली को नए पुलिस कमिश्नर मिल गए हैं. नाम- एसएन श्रीवास्तव. पूरा नाम- सच्चिदानंद श्रीवास्तव. दर्जा- IPS का. बैच- 1985. कैडर- अरुणाचल-गोवा-मिज़ोरम एंड यूनियन टेरेटरीज़.

इनके आने, उनके जाने का क्या सीन रहा?

नहीं. अभी अमूल्य पटनायक दिल्ली के पुलिस कमिश्नर हैं. एक मार्च तक रहेंगे भी. ऐसा नहीं है कि उन्हें दिल्ली दंगे या किसी और वजह से हटाया जा रहा है. दरअसल पटनायक 29 फरवरी को रिटायर हो रहे हैं. उनका टर्म तो एक महीना पहले, जनवरी में ही खत्म हो रहा था. लेकिन फरवरी की शुरुआत में ही दिल्ली में विधानसभा चुनाव होने थे, इसलिए पटनायक को एक महीने का एक्सटेंशन मिल गया था.

माने नए कमिश्नर का आना तो पहले से ही तय था. एसएन श्रीवास्तव के नाम पर मुहर अब लगी है. नए कमिश्नर साब पहली तारीख से काम संभालेंगे. एक मार्च से. फिलहाल अगले आदेश तक वो पद पर रहेंगे.

एसएन श्रीवास्तव का कश्मीर वाला कनेक्शन

एसएन श्रीवास्तव 2016-17 से अभी तक सेंट्रल रिज़र्व पुलिस फोर्स (CRPF) जम्मू-कश्मीर में तैनात रहे हैं. अब गृह मंत्रालय ने उन्हें कहा है कि अपना काम हैंडओवर करके फौरन दिल्ली आ जाएं. CRPF ने श्रीवास्तव को रिलीज़ भी कर दिया है.

जम्मू-कश्मीर में एडीजी (सीआरपीएफ) रहते हुए श्रीवास्तव ने वहां लंबे वक्त तक टेंशन वाले माहौल में भी चीजों को सामान्य रखा. श्रीवास्तव के कश्मीर में रहते हुए ही बुरहान वानी की मौत वाला विवाद भी हुआ था, जिसकी वजह से माहौल बिगड़ा था. लेकिन उन्होंने इन सबके बीच अच्छा काम किया.

उनके इसी अनुभव को ध्यान में रखते हुए अब दिल्ली के तनाव भरे हालात के बीच उन्हें चार्ज दिया जा रहा है. खास बात कि ये ऐसा समय है, जब खुद दिल्ली पुलिस की विश्वसनीयता भी सवालों में घिर रही है.

IM को खत्म करने में भी रोल रहा

पाकिस्तान की मदद से पनपे आतंकी संगठन इंडियन मुजाहिदीन को खत्म करने में भी एसएन श्रीवास्तव का रोल रहा था. इस पूरी योजना में वे शामिल रहे थे. उनके बारे में कहा जाता है कि वे काम का ‘नॉन-नॉनसेंस अप्रोच’ पसंद करते हैं. यानी परफेक्शन के साथ काम, कोई चूक नहीं.

IPL स्पॉट फिक्सिंग केस सुलझाने में शामिल रहे

एसएन श्रीवास्तव के करियर के सबसे सफल समय में से एक वो रहा, जब दिल्ली पुलिस के साथ काम कर रहे थे. इस दौरान उन्होंने मुजाहिदीन को खत्म करने का प्लान तैयार किया.

एसएन श्रीवास्तव की एक और बड़ी पहचान IPL के हाई-प्रोफाइल स्पॉट फिक्सिंग केस को सुलझाने वाले ऑफिसर के तौर पर भी है. लेकिन एक बड़ा विवाद भी उनके नाम के साथ जुड़ा. कौन-सा विवाद?

लियाकत शाह की गिरफ्तारी वाला विवाद

एसएन श्रीवास्तव ने हिज़बुल मुजाहिदीन के आतंकवादी लियाकत अली शाह को गिरफ्तार किया था. लेकिन विवाद तब हो गया, जब आरोप लगा कि लियाकत तो सरेंडर करने आ रहा था. एनआईए को मामले की जांच का जिम्मा दिया गया. कहा गया कि इस पूरी गिरफ्तारी की जांच की जानी चाहिए. जांच जारी है.

Liyaqat
हिज़बुल मुजाहिदीन के लियाकत अली शाह गिरफ्तार होने के बाद. (फोटो- India Today)

एसएन श्रीवास्तव गोधरा केस-2002 और बिहार के चारा घोटाला-1997 की जांच में भी शामिल रहे हैं. वही चारा घोटाला, जिसमें बिहार के मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव को गिरफ्तार किया गया था.


हिंसा पर पुलिस को हड़काने वाले दिल्ली हाईकोर्ट के जज एस मुरलीधर का ट्रांसफर

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