Submit your post

Follow Us

पता चल गया चांद पर पहुंचने के बाद चंद्रयान के साथ क्या हुआ?

7 तारीख की रात. हम सबकी नजर एक स्क्रीन पर थी. इसमें दो लाइन थीं. एक लाल. एक पीली. लाल लाइन मतलब, हमारा अनुमान, कि चंद्रयान 2 इस रास्ते से होता हुआ चंद्रमा की सतह पर सॉफ्ट लैंड करेगा. पीली लाइन मतलब सच्ची मुच्ची में चंद्रयान किस दिशा और रफ्तार से जा रहा था. इन दोनों को एक के ऊपर एक रहना था. यानी जैसा सोचा, असलियत में वैसा. तभी गिनती दुरुस्त होती और होती सॉफ्ट लैंडिंग.

मगर हुआ क्या. आखिरी कुछ सेकंड्स में. या कहें कि जब चंद्रमा की जमीन सिर्फ 2.1 किलोमीटर दूर थी. पीली लाइन लाल लाइन से दूर छिटकने लगी. चेहरे पीले पड़ने लगे. इसरो के सब वैज्ञानिकों के. हम सब देशवासियों के. कुछ मिनटों के इंतजार के बाद इसरो चेयरमैन के सिवन बोले, विक्रम लैंडर से संपर्क टूट गया है. डेटा आ रहा है, उसके हिसाब से आगे की बात बताएंगे.

सवाल 1 असल में हुआ क्या? लाइन क्यों भटकीं?

चंद्रयान का विक्रम लैंडर अपनी सॉफ्ट लैंडिंग के लिए लैंडिंग स्पॉट की तरफ बढ़ रहा था. इस दौरान कुछ मिनटों में उसकी स्पीड 6 किलोमीटर प्रति सेकंड से 7 किलोमीटर प्रति घंटा लाई जानी थी. विक्रम की स्पीड घटाने के लिए दो तरीके थे.

चंद्रयान 2 का रास्ता
चंद्रयान 2 का रास्ता

रफ ब्रेकिंग और फाइन ब्रेकिंग. जब विक्रम लैंडर ऊपरी कक्षा में था तो उसकी रफ ब्रेकिंग की गयी. यानी जोर से एकबारगी ब्रेक लगाना. चांद की सतह से लगभग 2.5 किलोमीटर पहले तक इसका इस्तेमाल किया गया.

फिर बारी आई फाइन ब्रेकिंग की. यानी हौले हौले ब्रेक लगाना. ताकि सोची हुई स्पीड मिल सके. ये पूरा काम महज 38 सेकंड में होना था. मगर इस फेज के शुरू होने के 400 मीटर के अंदर ही सिग्नल आने बंद हो गए. और रास्ता बदल गया.

सवाल 2 फिर विक्रम लैंडर का क्या हुआ?

दो चीजें हो सकती थीं. लैंडर क्रैश कर जाए. यानी एक्सिडेंट. धड़ाम से. सब टूटकर बिखर जाए. लैंडर रोवर बेकार. सिर्फ ऑर्बिटर के डेटा का इस्तेमाल.


दूसरा लैंडर क्रैश लैंडिंग कर जाए. यानी सतह तक पहुंचे. जैसे तय हुआ, यानी हौले से, वैसे नहीं. मगर धड़ाम से भी नहीं. बल्कि गुब्बारे के सहारे. गिरे, बाउंस करे. फिर गिरे और ऐसे धीमे धीमे स्थिर हो जाए. चंद्रयान 2 के साथ ये संभावना बहुत कम थी. इसे 60 मीटर से गिरने पर क्रैश लैंडिंग के लिए तैयार किया गया था. मगर विक्रम तो 2100 मीटर से गिरा.

तो फिर हुआ क्या?

कुछ अनुमान हैं और कुछ बयान.

सबसे पहले इसरो मुखिया सिवन का. वह बोले, हम हिम्मत नहीं हारे हैं. लैंडर से संपर्क करने की कोशिश कर रहे हैं. कैसे, उस ऑर्बिटर के सहारे, जो सफलतापूर्वक चंद्रमा की कक्षा में घूम रहा है. इसी से निकलकर विक्रम लैंडर चंद्रमा की सतह के लिए रवाना हुआ था. ऑर्बिटर में कैमरे लगे हुए हैं.इन कैमरों ने लैंडर की अनुमानित लोकेशन के आसपास की तस्वीरें खींची. इसरो स्टेशन ने इनका विश्लेषण किया. फिर जानकारी आई. कि चंद्रमा की सतह पर विक्रम लैंडर मौजूद है और इसके भीतर रखा प्रज्ञान रोवर अभी बाहर नहीं निकला है.


ये तो हुआ बयान. अब अनुमान. सूत्रों के हवाले से. इंडियन एक्सप्रेस अखबार के मुताबिक विक्रम लैंडर चांद की सतह पर टेढ़ा पड़ा है. ये टूटा नहीं है. चुनौती ये है कि इससे संपर्क स्थापित हो जाए. एक और अखबार न्यू इन्डियन एक्सप्रेस ने लिखा है कि लैंडर का एंटीना 180 डिग्री के एरिया में सिग्नल पकड़ता है. अगर ऑर्बिटर उस 180 डिग्री में हो, तो ही संपर्क हो पाएगा. और लैंडर टेढ़ा-मेढा पड़ा है तो बहुत मुश्किल है.

रोवर और लैंडर को अपना काम 14 दिन में पूरा करना था. इससे संपर्क की कोशिशें जारी हैं. ऑर्बिटर सफलतापूर्वक घूम रहा है. एक साल तक घूमेगा. डेटा भेजेगा. चंद्रमा की जमीन का. वहां मौजूद खनिजों का. मौसम के बदलाव इत्यादि का.


लल्लनटॉप वीडियो : इसरो चीफ के सिवन ने बताया, लैंडर विक्रम से 14 दिनों तक संपर्क बनाने की कोशिश करेंगे

लगातार लल्लनटॉप खबरों की सप्लाई के लिए फेसबुक पर लाइक करें

कौन हो तुम

क्या भारत सरकार से पूछे बिना पाकिस्तान चली गई इंडियन कबड्डी टीम?

अब ढेरों खेल-तमाशा हो रहा है.

बजट का कितना ज्ञान है, ये क्विज़ खेलकर चेक कर लो!

कितना नंबर पाया, बताते हुए जाना. #Budget2020

संविधान के कितने बड़े जानकार हैं आप?

ये क्विज़ जीत लिया तो आप जीनियस हुए.

क्रिकेट के पक्के वाले फैन हो तो इस क्विज़ को जीतकर बताओ

कित्ता नंबर मिला, सच-सच बताना.

सलमान खान के फैन, इधर आओ क्विज खेल के बताओ

क्विज में सही जवाब देने वाले के लिए एक खास इनाम है.

QUIZ: देश के सबसे महान स्पोर्टसमैन को कितना जानते हैं आप?

आज इस जादूगर की बरसी है.

चाचा शरद पवार ने ये बातें समझी होती तो शायद भतीजे अजित पवार धोखा नहीं देते

शुरुआत 2004 से हुई थी, 2019 आते-आते बात यहां तक पहुंच गई.

रिव्यू पिटीशन क्या होता है? कौन, क्यों, कब दाखिल कर सकता है?

अयोध्या पर फैसले के खिलाफ ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड रिव्यू पिटीशन दायर करने जा रहा है.

इन नौ सवालों का जवाब दे दिया, तब मानेंगे आप ऐश्वर्या के सच्चे फैन हैं

कुछ ऐसी बातें, जो शायद आप नहीं जानते होंगे.

अमिताभ बच्चन तो ठीक हैं, दादा साहेब फाल्के के बारे में कितना जानते हो?

खुद पर है विश्वास तो आ जाओ मैदान में.