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भाजपा के दूरदर्शी नेता मोदी-शाह नहीं, यूपी के ये विधायक हैं

उत्तर प्रदेश का एक शहर चंदौली. स्कूल. हरी घास का मैदान. ढेर सारे बच्चे. पीठ पर बस्ता. एक क्लास का सीन. बच्चे भरे हुए हैं. जितनी बेंचें हैं, उससे कहीं ज़्यादा बच्चे बैठे हैं. टीचर क्लास में हैं. बच्चे मुस्कुरा रहे हैं. हल्ला-हपाड़ा चल रहा है.

यहां किसी ख़ुशहाल फ़िल्म का स्क्रीनप्ले नहीं लिखा जा रहा. लेकिन आपके दिमाग़ में कुछ ख़ुशहाल से सीन ज़रूर आ रहे होंगे. और उसका लब्बोलुआब ये होगा कि ‘स्कूल ख़ुश है’ ‘बच्चे ख़ुश हैं’ ‘देश ख़ुश है’. लेकिन आप मुझे छूटते ही गरियाएंगे कि अगर सब इतने ही ख़ुश हैं तो ख़ुशी दिखाई काहे नहीं देती बे! अखबार, टीवी सब हत्याओं से क्यों भरे रहते हैं? इसका जवाब आगे है.

चंदौली के सैयदराजा नाम की जगह है नेशनल इण्टर कॉलेज. यहां बाक़ी दिन क्लास चले ना चले. लेकिन 16 जुलाई के दिन क्लास भरी हुई थी. क्योंकि विधायक जी आए थे. विधायक सुशील सिंह. चंदौली से भाजपा विधायक हैं. कॉलेज में साफ़ शौचालय से लेकर बढ़िया लाइब्रेरी तक हज़ार मुद्दे होंगे जिसके लिए बच्चे विधायक जी की राह ताकते हों. लेकिन 16 जुलाई को विधायक जी पहुंचे सदस्यता अभियान लेकर. काहे की सदस्यता? भाजपा की सदस्यता.

भाजपा अपना सदस्यता अभियान चला रही है पूरे भारत में. इसलिए योगी सरकार ने भी अपने विधायकों के पेंच टाइट किए हुए हैं. भारी संख्या में सदस्य बनाने का दबाव है विधायकों पर. चंदौली विधायक सुशील सिंह पर भी होगा.

# तो किया क्या विधायक जी ने?

सदस्य बनाया. बच्चों को भाजपा की सदस्यता दिलाई. सुविधाओं के लिए इंतज़ार करते इतने सारे बच्चे और कहां मिलते. विधायक जी इसीलिए तो विधायक जी हैं क्योंकि उनमें ‘वो’ बात है. दूरदर्शिता का X फैक्टर. भविष्य टटोल लेने का सिक्स्थ सेंस. विधायक सुशील सिंह ने वो कर दिखाया है जो योगी और मोदी भी करने में चूक गए.

दिन रात पार्टी के बारे में सोचने वाले भी नहीं सोच पाए कि बच्चे ही भविष्य हैं. और सरकार को बच्चे मिलते हैं सरकारी स्कूल में. पार्टी का भविष्य देखना है कि नहीं. तो विधायक जी चलते स्कूल में गए. बच्चों को भाजपा का का गमछा ओढ़ाया. सदस्य बनाया. और बाक़ायदा एक घंटे तक ज्ञान भी दिया. बताया कि ‘कैसे मोदी जी ने देश की दशा बदल दी है.’

ये सब सुनते हुए बच्चे अपने स्कूल की दशा भी देख रहे होंगे. और सोच रहे होंगे कि मेरा स्कूल भी तो उसी देश में है जिसकी बात विधायक जी कर रहे हैं. लेकिन अपने स्कूल की दशा तो बदली नहीं. फिर सोचा होगा कि देश बदलने के बड़े काम में छोटे-छोटे स्कूल रह ही जाते होंगे. जब विधायक जी ने गले में गमछा डाल कर बताया है तो सच ही होगा.

ये सब शांति से हो जाता. लेकिन लोकल अखबारों ने मामला उठा दिया.

# विधायक जी की भी सुनो

विधायक जी को लग गया कि मामला गड़बड़ा गया है. छक्का मारने को बल्ला भांजा. विकेट के पीछे लपक लिए गए. लपका मीडिया ने. तब विधायक जी के बोल बदल गए. जिन विधायक सुशील सिंह का वीडियो है बाक़ायदा सदस्यता दिलाते हुए बच्चों को. वीडियो में भरी हुई क्लास में पूछ रहे हैं कि ‘कोई बच तो नहीं गया सदस्य बनने से?’

बाक़ायदा एक बच्चे ने हाथ उठाया. जिसके गले में भाजपा गमछा नहीं था. वो आकर सदस्यता लेता है. लेट आया होगा बालक. बाक़ी बच्चों को विधायक जी वीडियो में ज्ञान दे रहे हैं. कह रहे हैं भाजपा के बारे में आप सबको पता ही होगा. देश-प्रदेश में हमारी सरकार है.

अब जब मामला मीडिया में आया तो विधायक सुशील सिंह ने ले लिया यू टर्न. कहने लगे

जैसा मामला बताया जा रहा है वैसा नहीं है. मैं विद्यालय गया था. लेकिन छुट्टी के बाद गया था. बच्चों को लाइब्रेरी चाहिए थी. उन्होंने मुझे बुलाया था. इसलिए मैं गया था.

जब लल्लनटॉप ने विधायक सुशील सिंह से उनके तीन नंबरों पर संपर्क करने की कोशिश की तो एक पर उनके किसी साथी ने बताया कि नेता जी क्षेत्र में गए हैं. बाक़ी दोनों नंबर स्विच ऑफ़ थे.

# प्रशासन का क्या कहना है

हमने ज़िला विद्यालय निरीक्षक से बात करने का प्रयास किया. उन्होंने कहा मैं अभी व्यस्त हूं. बाद में बात करता हूं. चुनाव ड्यूटी पर हूं. शाम को ख़ाली होऊंगा.

जब शाम को फोन लगाया तो वो भी विधायक बन चुके थे. मतलब उनका भी नंबर ऑफ़ आने लगा.

# बच्चों ने सच बताया

हालांकि तस्वीरें और वीडियो से सब साफ़ है. क्या हुआ, कैसे हुआ. लेकिन फिर भी बच्चों से जब अलग से पूछा गया तो उन्होंने बताया

विधायक जी दोपहर में आए थे. सबको भाजपा का सदस्य बनाए. रसीद नहीं दिए. सिर्फ़ गले में भाजपा का पट्टा डाले (सच में बच्चे ने भाजपा का पट्टा ही कहा)

# लेकिन सच्चाई सबके सामने है

विधायक जी सच नहीं बोलेंगे. माफ़ी नहीं मांगेंगे. इस तरह की ट्रेनिंग का कोई कोर्स नेतागिरी में होता नहीं है. बच्चों ने बताया कि गले में भाजपा का पट्टा डाल गए. ये पढ़कर कितनी शर्मसारी होती है. जो मोदी और योगी नहीं ताड़ पाए वो विधायक सुशील सिंह ताड़ गए. बालक देश का भविष्य हैं. बालिकाएं भी. स्कूल भी. और विधायक जी ने बिना ज़्यादा दिमाग़ लगाए भविष्य को सदस्य बना लिया भाजपा का. बधाई हो विधायक जी. लेकिन एक क़दम पीछे हैं आप. ऐसा कीजिए कि अस्पतालों में जाइए. तुरंत पैदा हुए बच्चों की सदस्यता पर्ची काट दीजिए. इसी बहाने विधायक के हाथों नामकरण भी हो जाएगा.


वीडियो देखें:

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