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CBSE इस बार 10वीं का एग्जाम नहीं लेगा तो इस बार बच्चों का रिजल्ट कैसे तैयार होगा?

कोरोना (corona) की दूसरी लहर से पैदा हुई भयानक परिस्थितियों को देखते हुए CBSE बोर्ड ने 10 वी के एग्जाम कैंसल करने और 12वीं के एग्ज़ाम पोस्टपोन करने का फैसला लिया. 14 अप्रैल को इसकी घोषणा खुद देश के शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने अपने ट्विटर अकाउंट से की.

इसके बाद स्टूडेंट्स और उनके अभिभावकों ने राहत की सांस ली लेकिन एक सवाल सबके मन में बना रहा. आखिर 10वीं के स्टूडेंट्स का असेसमेंट कैसे किया जाएगा. इसे लेकर भी सीबीएससी ने 1 मई को पॉलिसी जारी की. इसमें विस्तार से बताया गया है कि 10वीं के स्टूडेंट्स का असेसमेंट इस बार किस सिस्टम से किया जाएगा. आइए जानते हैं आपके मन में उठ रहे हर सवाल का जवाब.

इस बार असेसमेंट का बेसिक फंडा क्या है?

CBSE का कहना है कि वह चार मापदंडों को आधार बना कर किसी भी स्टूडेंट का असेसमेंट करना चाहती है. ये चार आधार हैं – विश्वसनीयता (relibility), निष्पक्षता (fairness), लचीलापन (flexibility)और वैधता (validity).

इन आधारों पर बोर्ड ने मार्क्स देने का यह तरीका चुना है.

# इंटरनल असेसमेंट के 20 नंबर – ये ज्यादातर स्कूलों ने पहले ही कर लिया है.

# यूनिट टेस्ट के 10 नंबर – पिछले यूनिट टेस्टों के मार्क्स.

# मिड टर्म एग्जाम के 30 नंबर – ये भी पहले लिए जा चुके हैं.

# प्री बोर्ड एग्जाम के 40 नंबर – मतलब बोर्ड की तैयारी के लिए पहले ही लिए गए एग्जाम के नंबर.

इस हिसाब से हर सब्जेक्ट का 100 नंबर का एग्जाम होगा. इंटरनल असेसमेंट की सीबीएससी की अपनी पॉलिसी है. इसके जरिए ही स्कूल हर स्टूडेंट का इंटरनल असेसमेंट सीबीएससी की वेबसाइट पर अपलोड कर देते हैं.

अगर मान लो किसी स्कूल में मिड टर्म या यूनिट टेस्ट का सिस्टम नहीं है या कोई स्टूडेंट पहले टेस्ट नहीं दे पाया तो क्या होगा?

यहां पर हर स्कूल की रिजल्ट कमेटी का रोल शुरू होता है. यह ‘रिजल्ट कमेटी’ हर स्कूल में बनाई जाएगी. इसमें छह मेंबर होंगे. एक प्रिंसिपल और पांच टीचर. इनमें एक मैथ्स, सोशल साइंस, साइंस और दो लैंग्वेज के टीचर होंगे. हम मेंबर को 1500 रुपए का फिक्स मानदेय दिया जाएगा.

अगर किसी बच्चे ने बीच में कोई टेस्ट या एग्जाम नहीं दिया है या स्कूल का सिस्टम कुछ अलग है तो यह कमेटी फैसला लेगी कि 80 नंबर का असेसमेंट कैसे किया जाए.

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जो बच्चे किसी कारणवश मिड टर्म या मंथली टेस्ट नहीं दे पाए उनका असेसमेंट स्कूल की रिजल्ट कमेटी करेगी. (प्रतीकात्मक तस्वीर)

हर स्कूल की पढ़ाई और संसाधन अलग-अलग हैं ऐसे में एक सिस्टम से असेसमेंट कैसे होगा? ऐसे तो बेकार स्कूल भी अपने बच्चों को भर-भर के मार्क्स दे देंगे.

CBSE का कहना है कि उसने इस बात का ध्यान रखा है. इससे वह एक इंटरनल मॉडरेशन के जरिए निपटेगी. हर स्कूल की पुरानी परफॉर्मेंस को ध्यान में रखा जाएगा. स्कूल के पिछले तीन सालों के 10वीं के एग्जाम के परफॉर्मेंस को ध्यान में रखा जाएगा. पिछले तीन सालों में स्कूल की जिस साल बेहतरीन परफॉर्मेंस रही होगी उसे बेस ईयर माना जाएगा.

इसे ऐसे समझते हैं. मान लीजिए कि 2017-18 में किसी स्कूल के बच्चों का एवरेज मार्क्स प्रतिशत 72 है और अगले साल 2018-19 में यह प्रतिशत 74 है. CBSE बोर्ड बेस ईयर के तौर पर साल 2018-19 की परफॉरमेंस का इस्तेमाल करेगा. ध्यान रखा जाएगा कि 2021 में सभी बच्चों को जो मार्क्स मिलेंगे उनका प्रतिशत इससे ज्यादा नहीं होना चाहिए. इसी तरह का सिस्टम हर सब्जेक्ट के लिए भी इस्तेमाल किया जाएगा. मतलब हर सब्जेक्ट में स्टूडेंट्स की परफॉरमेंस का भी औसत निकाला जाएगा और देखा जाएगा कि 2021 के रिजल्ट में उससे परफॉर्मेंस उससे ऊपर न चली जाए.

इस तरह से जब स्कूल किसी स्टूडेंट को नंबर देंगे तो बोर्ड यह ध्यान रखेगा कि स्कूल बढ़ा चढ़ा कर मार्क्स न देने पाएं. इसके लिए पिछले तीन सालों की बोर्ड परफॉर्मेंस से मिलान किया जाएगा. इस तरह से एक भरोसेमंद और मनमानी से मुक्त सिस्टम बनाने की कोशिश की गई है.

अगर कोई स्टूडेंट पास होने भर के मार्क्स न पा पाया तो क्या होगा?

पहले उसे ग्रेस मार्क्स देकर पास करने की कोशिश की जाएगी. अगर वह इससे भी पास नहीं हुआ तो उसे कंपार्टमेंट कैटेगिरी में डाला जाएगा. कंपार्टमेंट एग्जाम स्कूल ऑनलाइन या ऑफलाइन तरीके से लेगा. इसमें वैकल्पिक जवाबों वाले सवाल होंगे और इसका पेपर CBSE बोर्ड तैयार करेगा.

जब तक कंपार्टमेंट एग्जाम नहीं होगा तब तक स्टूडेंट क्या करेगा?

तब तक उसे 11वीं क्लास में एडमिशन दे दिया जाएगा. उसका फाइनल रिजल्ट आने पर आगे का फैसला लिया जाएगा.

10वीं के असेसमेंट से जुड़ी महत्वपूर्ण तारीखें जान लीजिए

5 मई तक हर स्कूल को रिजल्ट कमेटी बना लेनी हैं.

25 मई तक सभी स्कूल अपने रिजल्ट फाइनल कर लेने हैं.

5 जून तक सभी स्कूलों को रिजल्ट CBSE में सब्मिट कर देने हैं.

20 जून तक 10वीं का रिजल्ट आ जाएगा

हालांकि इस टाइट टाइमलाइन पर भी स्कूल सवाल उठा रहे हैं. उनका कहना है कि कोविड के बढ़ते केसेज की वजह से कई राज्य सख्त लॉकडाउन लगा चुके हैं या लगाने वाले हैं. ऐसे में स्कूल में कमेटियां कैसे मिल कर काम करेंगी. फिलहाल इस पर सीबीएससी तरफ से कोई सफाई नहीं आई है.

अगर आपके मन में सीबीएससी के 10वीं के एग्जाम को लेकर अब भी कोई सवाल है तो हमें कमेंट बॉक्स में बताएं. हम उसका भी जवाब देंगे.


वीडियो – कोरोना महामारी की वजह से NTA ने UGC NET के एग्जाम को स्थगित कर दिया

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