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एग्जाम के दो दिन पहले तक ICAI क्यों बदल रहा है छात्रों का एग्जाम सेंटर?

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ये वो हैशटैग हैं जो पिछले 15-20 दिनों से रह-रहकर सोशल मीडिया पर ट्रेंड कर रहे हैं. इन सब में जो कॉमन है वो है ICAI यानी इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया. ICAI ही वो संस्थान है जो CA यानी चार्टर्ड अकाउंटेंट्स के एग्जाम कराती है. तो हुआ ये है कि CA के एग्जाम होने थे मई में. लॉकडाउन की वजह से एक महीने पोस्टपोन करके एग्जाम जून में कर दिया गया. फिर जून से जुलाई और फिर बढ़ाकर 1 नवंबर कर दिया गया. यहां तक कोई दिक्कत नहीं थी. दिक्कत तब शुरू हुई जब तय समय पर एडमिट कार्ड नहीं आया. इसके बाद शुरू हुआ ढेर सारा कन्फ्यूजन और जब ICAI की तरफ से कोई जवाब नहीं मिला तो स्टूडेंट्स ने सोशल मीडिया पर हैशटैग चलाना शुरू कर दिया. क्या है इन स्टूडेंट्स की समस्या एक-एक करके समझते हैं.

एडमिट कार्ड और सेंटर्स

छात्रों का कहना है कि एग्जाम से 21 दिन पहले एडमिट कार्ड जारी कर दिया जाता है. लेकिन इस बार ऐसा नहीं किया गया. जिसकी वजह से छात्रों के बीच खबर चलने लगी कि एग्जाम फिर से टलेंगे. जब 21 दिन पहले यानी 10 अक्टूबर तक एडमिट कार्ड नहीं आए तो ये खबरें और तेज हो गईं. हालांकि सेंट्रल काउंसिल मेम्बर्स की ओर से 12 अक्टूबर को ट्वीट करके स्पष्ट किया गया कि एग्जाम तय समय पर ही होंगे. लेकिन अगले ही दिन यानी कि 13 अक्टूबर को फिर से नया शेड्यूल जारी कर दिया गया. अब एग्जाम की अगली तारीख मिली 21 नवंबर. बार-बार टल रहे एग्जाम और अनिश्चितता की वजह से कुछ छात्र सुप्रीम कोर्ट भी चले गए. जहां ICAI ने कहा कि इस बार 21 दिन पहले यानी कि 1 नवंबर तक एडमिट कार्ड जारी कर दिए जाएंगे. 1 नवंबर को एडमिट कार्ड जारी कर भी दिया गया. लेकिन इसके बाद समस्याएं कम होने की बजाय और बढ़ गईं. फाइनल्स के स्टूडेंट हरप्रीत बताते हैं,

1 नवंबर को एडमिट कार्ड आ गया था. इसके बाद से लगातार अपने एग्जाम सेंटर्स चेंज हो रहे हैं. जो भी एग्जामिनेशन सेंटर हमें अलॉट किया गया था उसे लगातार बदला जा रहा है. और ये मेल के जरिए किया जा रहा है. ऐसा आजतक कभी नहीं हुआ. एक-एक बच्चे को तीन-तीन चार-चार मेल आ चुके हैं. हमेशा ICAI के वेबसाइट पर ऑफिशियल नोटिफिकेशन आता है लेकिन इस बार ऐसा नहीं हो रहा है. हमें समझ नहीं आ रहा है कि फाइनल कौन सा सेंटर है जो एडमिट कार्ड पर लिखा है वो या फिर जो मेल पर आ रहा है वो, इसे लेकर काफी कन्फ्यूजन है. 17 नवंबर को इन्होंने एक नोटिफिकेशन में बताया कि ये 30 सेंटर हैं और सारे एग्जाम यहीं पर होंगे. लेकिन उसमें भी सारे सेंटर कवर नहीं हैं. दूसरी बात ये कि इस नोटिफिकेशन के आने के बाद भी लगातार सेंटर चेंज होने के मेल आ रहे हैं. दो दिन बचे हैं एग्जाम के और अभी भी एग्जाम को लेकर कुछ भी साफ नहीं है.

एग्जाम सेंटर चेंज होने को लेकर छात्रों के पास आया मेल (बाएं) और 19 नवंबर को ICAI की ओर से सेंटर चेंज होने के संबंध में जारी नोटिफिकेशन
एग्जाम सेंटर चेंज होने को लेकर छात्रों के पास आया मेल (बाएं) और 19 नवंबर को ICAI की ओर से सेंटर चेंज होने के संबंध में जारी नोटिफिकेशन

ICAI एग्जाम से दो दिन पहले तक सेंटर चेंज करने में लगा हुआ है. 17 नवंबर को जारी किए गए नोटिफिकेशन में ICAI ने कहा है कि अब कोई नया एडमिट कार्ड नहीं जारी किया जाएगा. नए सेंटर पर भी पुराना एडमिट कार्ड ही माना जाएगा. स्टूडेंट्स ICAI की वेबसाइट पर जाकर नए और पुराने एग्जाम सेंटर चेक कर सकते हैं. ICAI के स्पष्टीकरण के बावजूद छात्रों में कन्फ्यूजन की स्थिति बनी हुई है. क्योंकि सेंटर्स में बदलाव अब तक जारी है. इसके अलावा छात्रों की शिकायत ये भी है कि कई ऐसी जगहों पर भी सेंटर बना दिया गया है जो या तो निर्माणाधीन हैं या फिर खाली वर्कशॉप हैं.

सोशल मीडिया पर छात्रों ने दावा किया है कि इस तरह के भी सेंटर बनाए गए हैं.
सोशल मीडिया पर छात्रों ने दावा किया है कि इस तरह के भी सेंटर बनाए गए हैं.

कोरोना प्रोटोकॉल

कुछ छात्रों ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर आरोप लगाया कि ICAI केंद्र सरकार के दिशा-निर्देशों का उल्लंघन करते हुए परीक्षा आयोजित करा रहा है. याचिकाकर्ताओं का कहना था कि सरकार की ओर से परीक्षा हॉल में उम्मीदवारों के लिए एक सीमा निर्धारित की गई है. ICAI इसका उल्लंघन करता है. इसके अलावा ऐसे छात्र जिन्हें सेंटर पर पहुंचने के बाद कोरोना के लक्षण नजर आते हैं उनके लिए एक अलग से रूम की व्यवस्था की जाए. छात्रों का आरोप है कि कई सारे एग्जाम सेंटर कंटेनमेंट जोन में भी बना दिए गए हैं.

छात्रों ने ऑनलाइन एग्जाम कराने की मांग भी की. सुप्रीम कोर्ट में ICAI ने ऑनलाइन एग्जाम कराए जाने की मांग को खारिज कर दिया. ICAI ने कहा कि इस परीक्षा का अलग फॉर्मेट है इसलिए इसे ऑनलाइन नहीं कराया जा सकता. ICAI ने चार सेंटर्स को भी बंद करने की बात कही जो कंटेनमेंट जोन में आते थे. ICAI की ओर से पेश वकील ने सुप्रीम कोर्ट में कहा,

“हम गृह मंत्रालय के दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन कर रहे हैं. हम छात्रों को जोखिम में नहीं डालेंगे.”

ICAI ने अलग से आइसोलेशन रूम की मांग को भी ये कहते हुए अस्वीकार कर दिया कि ऐसा करना स्टूडेंट्स के और स्टाफ दोनों के हित में नहीं है. कोविड के लक्षणों वाले व्यक्ति को एग्जाम सेंटर में एंट्री नहीं दी जा सकती. 21 नवंबर से शुरू हो रही परीक्षा में 1085 सेंटर्स पर 4 लाख 71 हजार 619 स्टूडेंट्स हिस्सा लेंगे. ICAI का दावा है कि जिस दिन सबसे ज्यादा स्टूडेंट परीक्षा देंगे उस दिन इनकी संख्या 1 लाख 52 हजार के करीब होगी. और इस दिन एक सेंटर पर परीक्षा देने वाले छात्रों की जो औसत संख्या होगी वो 147 होगी.

7 नवंबर को ICAI ने ऑप्ट आउट को लेकर नोटिफिकेशन जारी किया.
7 नवंबर को ICAI ने ऑप्ट आउट को लेकर नोटिफिकेशन जारी किया.

ऑप्ट ऑउट का विकल्प

7 नवंबर को ICAI ने एक नोटिफिकेशन जारी किया. इस नोटिफिकेशन में ICAI ने स्टूडेंट्स को ऑप्ट आउट का ऑप्शन दिया. यानी ऐसे छात्र जो कोविड पॉजिटिव हैं, कोविड पॉजिटिव के संपर्क में आए हैं या फिर कंटेनमेंट जोन में हैं और एग्जाम नहीं दे सकते हैं उन्हें एक और मौका दिया जाएगा. छात्रों का आरोप है कि इस नोटिफिकेशन ने भी उलझनें खत्म करने की बजाय और बढ़ा दीं. हरप्रीत बताते हैं,

एग्जाम कैसे होंगे, प्रोसेस क्या है ये सब ICAI ने कुछ नहीं बताया. आठ पेपर होते हैं लेकिन अगर कोई ऑप्ट आउट कर लेता है तीन पेपर के बाद, उसे कोविड हो जाता है तो सारा एग्जाम फिर से देना होगा. दूसरा मसला ये कि जो इन्फेक्टेड है उसने तो ऑप्ट आउट कर लिया लेकिन जो और बच्चे हैं उसी सेंटर के, उसी क्लास रूम के उनका क्या होगा? क्या उन्हें भी खुद को आइसोलेट करना होगा या फिर उनका एग्जाम चलता रहेगा? इसका कोई जवाब नहीं.

19 नवंबर को ऑप्ट आउट को लेकर ICAI की ओर से जारी किया गया नोटिफिकेशन
19 नवंबर को ऑप्ट आउट को लेकर ICAI की ओर से जारी किया गया नोटिफिकेशन

लंबे समय से चले आ रहे कन्फ्यूजन को दूर करने के लिए एग्जाम से दो दिन पहले यानी कि 19 नवंबर को ICAI ने नोटिफिकेशन जारी किया है. इस नोटिफिकेशन में बताया गया है कि 21 जनवरी 2021 से ऑप्ट आउट करने वाले छात्रों का एग्जाम होगा. ICAI ने कहा है कि जब भी छात्रों को लगे वे एग्जाम छोड़ सकते हैं और जनवरी में होने वाले एग्जाम में हिस्सा ले सकते हैं. ऑप्ट आउट करने के लिए सेल्फ डिक्लरेशन के अलावा किसी भी डॉक्यूमेंट की जरूरत नहीं होगी.


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