Submit your post

Follow Us

ममता बनर्जी ने झोले से इंसान की हड्डियां निकालकर प्रधानमंत्री की टेबल पर उलट दीं

9.30 K
शेयर्स

विजय त्रिवेदी की किताब ‘हार नहीं मानूंगा- एक अटल जीवन गाथा’. पूर्व पीएम और बीजेपी लीडर अटल बिहारी वाजपेयी के जिंदादिल किस्सों से भरी है ये किताब. इसे छापा है हार्पर कॉलिन्स ने. हम आपको इसी किताब से कुछ किस्से पढ़वा रहे हैं. आज पढ़िए वो किस्सा, जब ममता बनर्जी ने हड्डियां लेकर वाजपेयी की टेबल पर गिरा दीं. वजह आगे पढ़िए…


अटल ने मां के पैर छुए और ममता मान गईं

जयललिता के अलावा दूसरी महिला नेता तृणमूल कांग्रेस की ममता बनर्जी एनडीए सरकार के लिए ज़्यादातर वक्त सिरदर्द बनीं रहीं. कभी मंत्रालयों के बंटवारे को लेकर तो कभी मंत्रालयों में कामकाज के बंटवारे पर. वरिष्ठ पत्रकार उमेश उपाध्याय बताते हैं कि ममता जब रेलमंत्री थीं तो हर दिन कोई न कोई मुसीबत खड़ी हो जाती. एक बार पेट्रोल- डीजल के दामों में बढ़ोतरी को लेकर ममता नाराज़ हो गईं.

फोटो क्रेडिट: reuters
फोटो क्रेडिट: reuters

संकटमोचक जॉर्ज फर्नांडिस को ममता को मनाने के लिए कोलकाता भेजा गया. जॉर्ज शाम से पूरी रात तक इंतजार करते रहे, लेकिन ममता ने मुलाक़ात नहीं की. इसके बाद एक दिन अचानक प्रधानमंत्री वाजपेयी ममता दी के घर पहुंच गए. उस दिन ममता कोलकाता में नहीं थीं.

वाजपेयी ने ममता की मां के पैर छू लिए और उनकी मां से कहा, ‘आपकी बेटी बहुत शरारती है, बहुत तंग करती है.’

अटल बिहारी वाजपेयी पर विजय त्रिवेदी की किताब: हार नहीं मानूंगा - एक अटल गाथा
अटल बिहारी वाजपेयी पर विजय त्रिवेदी की किताब: हार नहीं मानूंगा – एक अटल जीवन गाथा

फिर क्या था. ममता दी का ग़ुस्सा मिनटों में उतर गया. वरिष्ठ पत्रकार और एसोसिएट संपादक गौतम लाहिड़ी बताते हैं कि नरसिम्हा राव सरकार के वक्त सीताराम केसरी कांग्रेस अध्यक्ष थे. ममता बनर्जी तब पश्चिम बंगाल कांग्रेस की अध्यक्ष बनना चाहती थीं, लेकिन चचा केसरी तैयार ही नहीं हुए. फिर 1996 में वाजपेयी की 13 दिन की सरकार के बाद जब देवेगौड़ा की सरकार बनी, उस वक्त जॉर्ज फर्नांडिस ममता के संपर्क में थे. ममता तब कांग्रेस की सांसद थीं. उन्होंने कांग्रेस सांसद के तौर पर देवेगौड़ा सरकार के ख़िलाफ अविश्‍‍वास प्रस्ताव रख दिया. बाद में कांग्रेस ने उस अविश्‍‍वास प्रस्ताव को वापस लिया, जिससे कांग्रेस की काफ़ी खिल्ली उड़ी.

जॉर्ज फर्नांडिस ममता बनर्जी को वाजपेयी से मिलाने ले गए, तब वाजपेयी ने ममता को कहा, ‘आप तो फ़ायरिंग लेडी हैं—यानी अग्नि गणना.’

सबसे पहले वाजपेयी ने ही ममता का नाम ‘अग्नि गणना’रखा. वाजपेयी की इस पहल से ममता और वाजपेयी के बीच रिश्‍‍ते अच्छे हो गए. बाद में जब ममता ने तृणमूल कांग्रेस बनाई, तो एनडीए से हाथ मिला लिया.

झोले में हड्डियां लेकर दिल्ली आईं ममता

गौतम लाहिड़ी बताते हैं कि जनवरी 2001 में पश्चिम बंगाल के हामिद नापुर के छोटा अंगाड़िया इलाके में हिंसा हो गईं. इसमें तृणमूल कांग्रेस के 11 समर्थक मारे गए थे. आरोप था कि सीपीएम के लोगों ने यह हिंसा की है. ममता बनर्जी बहुत ग़ुस्से में थीं. वे पश्चिम बंगाल में लेफ़्ट पार्टी की बुद्धदेब भट्टाचार्य की सरकार को बर्ख़ास्त करने की मांग कर रही थीं, लेकिन एनडीए सरकार में कोई सुनवाई नहीं हुई.

तत्कालीन रेलमंत्री ममता बनर्जी के साथ अटल बिहारी वाजपेयी. साल था 2000

ममता प्रधानमंत्री वाजपेयी से मिलने दिल्ली पहुंचीं और अपने झोले में से हडि्डयां और खोपड़ियां निकालने लगीं और एक-एक करके उन्हें वाजपेयी के सामने टेबल पर रखने लगीं तो वाजपेयी को यकायक समझ ही नहीं आया कि क्या हो रहा है. फिर वाजपेयी ने कहा कि ये तो वाकई गंभीर मामला है लेकिन राष्ट्रपति शासन लगाना तो गृह मंत्रालय का काम है, उनकी सिफ़ारिश पर ही तो कैबिनेट फ़ैसला करेगी, इसलिए आप आडवाणी जी से मिल लिए. फिर ममता गृहमंत्री आडवाणी से मिलीं. आडवाणी ने राष्ट्रपति शासन लगाने का भरोसा तो
नहीं दिया, लेकिन सीबीआई जांच के आदेश दे दिए.

atal_advani
फोटो क्रेडिट: AP

आडवाणी की दोस्ती के चलते नाराज रहीं ममता

ममता नाराज़ हो गईं. उन्हें लगा कि वाजपेयी तो तैयार हैं लेकिन आडवाणी तैयार नहीं हुए, क्योंकि उनकी पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री बुद्धदेब भट्टाचार्य से दोस्ती है. मुख्यमंत्री बुद्धदेब ने केन्द्र सरकार को चुनौती दी कि अगर पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति शासन लगाकर राज्य सरकार को बर्ख़ास्त करने की कोशिश की तो इसके गंभीर परिणाम होंगे. अगले कुछ महीनों में पश्चिम बंगाल में चुनाव होने वाले थे, ममता बनर्जी को लगने लगा कि बीजेपी के साथ रहकर चुनाव में जाने से राज्य में मुस्लिम वोटर को हासिल करना मुश्किल काम होगा .

एनडीए से गईं और फिर एनडीए में लौटीं

ममता दी सरकार से बाहर निकलने का बहाना खोज रहीं थीं और वह मिला 2001 के तहलका स्टिंग ऑपरेशन से. ममता ने तुरंत प्रधानमंत्री को चिट्ठी लिखते हुए कहा कि इस स्टिंग ऑपरेशन के बाद जॉर्ज फर्नांडिस को सरकार से और जया जेटली को पार्टी अध्यक्ष पद से इस्तीफ़ा देना चाहिए. अपनी चिट्ठी में ममता ने लिखा कि हम नहीं चाहते कि किसी भी वजह से और किसी कारण से प्रधानमंत्री की छवि को नुकसान पहुंचे. लेकिन जब उनकी मांग को प्रधानमंत्री ने मान लिया और 15 मार्च को जब जॉर्ज फर्नांडिस अपने इस्तीफ़े का ऐलान कर रहे थे, तब दूसरी तरफ़ एक प्रेस कॉन्फ़्रेंस में ममता बनर्जी और उनके सहयोगी मंत्री अजीत पांजा ने अपने इस्तीफ़े का ऐलान कर दिया और उनके 9 सांसदों ने सरकार से समर्थन वापसी का ऐलान किया.

जॉर्ज फर्नांडिस के साथ ममता बनर्जी
जॉर्ज फर्नांडिस के साथ ममता बनर्जी

 

ममता ने कहा कि अब हमें जॉर्ज के इस्तीफ़े से कोई फ़र्क नहीं पड़ता क्योंकि हमें लगता है कि इस स्टिंग ऑपरेशन से सरकार की छवि ख़राब हुई है. एनडीए से बाहर निकलने के कुछ दिनों बाद ही ममता बनर्जी ने पश्चिम बंगाल के चुनावों में उसी कांग्रेस के साथ तालमेल कर लिया, जिसे वे चार साल पहले 1997 में छोड़कर आईं थीं, लेकिन 2001 के विधानसभा चुनावों में ममता का मुख्यमंत्री बनने का सपना पूरा नहीं हो पाया.

294 सीटों वाली विधानसभा में लेफ़्ट गठबंधन को 196 सीटें मिलीं, जबकि ममता के गठबंधन को सिर्फ़ 98. उसमें तृणमूल के 60 विधायक चुन कर आए. चुनाव में हार के बाद ममता बनर्जी फिर से एनडीए में आने की कोशिश में लग गयीं, लेकिन बी जेपी की राज्य इकाई इसके ख़िलाफ़ थी . आख़िर में 2004 में ममता एनडीए का हिस्सा हो गयीं और कोयला मंत्री बनीं.


अटल बिहारी वाजपेयी के ये किस्से पढ़िए…

कुंभकरण के जागते ही वाजपेयी के गले लग गए आडवाणी

अटल बिहारी ने सुनाया मौलवी साब का अजीब किस्सा

नाबालिग इंदिरा को दोगुनी उम्र के प्रोफेसर ने किया था प्रपोज

नेहरू का मौत के बाद का राजनीतिक प्लान, जिसे तमिल नेता ने पूरा किया

खुद को ‘बदसूरत’ समझती थीं इंदिरा गांधी

लगातार लल्लनटॉप खबरों की सप्लाई के लिए फेसबुक पर लाइक करें

कौन हो तुम

KBC क्विज़: इन 15 सवालों का जवाब देकर बना था पहला करोड़पति, तुम भी खेलकर देखो

आज से KBC ग्यारहवां सीज़न शुरू हो रहा है. अगर इन सारे सवालों के जवाब सही दिए तो खुद को करोड़पति मान सकते हो बिंदास!

क्विज: अरविंद केजरीवाल के बारे में कितना जानते हैं आप?

अरविंद केजरीवाल के बारे में जानते हो, तो ये क्विज खेलो.

क्विज: कौन था वह इकलौता पाकिस्तानी जिसे भारत रत्न मिला?

प्रणब मुखर्जी को मिला भारत रत्न, ये क्विज जीत गए तो आपके क्विज रत्न बन जाने की गारंटी है.

ये क्विज़ बताएगा कि संसद में जो भी होता है, उसके कितने जानकार हैं आप?

लोकसभा और राज्यसभा के बारे में अपनी जानकारी चेक कर लीजिए.

संजय दत्त के बारे में पता न हो, तो इस क्विज पर क्लिक न करना

बाबा के न सही मुन्ना भाई के तो फैन जरूर होगे. क्विज खेलो और स्कोर करो.

बजट के ऊपर ज्ञान बघारने का इससे चौंचक मौका और कहीं न मिलेगा!

Quiz खेलो, यहां बजट की स्पेलिंग में 'J' आता है या 'Z' जैसे सवाल नहीं हैं.

कर लिया योगा? अब क्विज खेलने से होगा

आन्हां, ऐसे नहीं कि योग बस किए, दिखाना पड़ेगा कि बुद्धिबल कित्ता बढ़ा.

रोहित शेट्टी के ऊपर ऐसी कड़क Quiz और कहां पाओगे?

14 मार्च को बड्डे होता है. ये तो सब जानते हैं, और क्या जानते हो आके बताओ. अरे आओ तो.

परफेक्शनिस्ट आमिर पर क्विज़ खेलो और साबित करो कितने जाबड़ फैन हो

आज आमिर खान का हैप्पी बड्डे है. कित्ता मालूम है उनके बारे में?

चेक करो अनुपम खेर पर अपना ज्ञान और टॉलरेंस लेवल

अनुपम खेर को ट्विटर और व्हाट्सऐप वीडियो के अलावा भी ध्यान से देखा है तो ये क्विज खेलो.