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'पीके' और 'शोले' जैसी ब्लॉकबस्टर्स को इस भोजपुरी फिल्म ने पीछे छोड़ दिया है

पीके के एक दृश्य में आमिर खान और बिदेसिया के एक दृश्य में हीरो सुजीत कुमार

ये फिल्म 1963 में रिलीज हुई थी. नाम था ‘बिदेसिया.’ बहुत सारी हिंदी फिल्मों में काम करने वाले सुजीत कुमार इसमें हीरो थे. डायरेक्टर थे एस. एन. त्रिपाठी. ब्लैक एंड वाइट ज़माने की इस भोजपुरी फिल्म में कोई अश्लीलता या हिंसा नहीं है. बल्कि प्यार, मिठास और मानवता की बात है. इसके एक गाने में सलमान खान की सोतैली मां हैलेन भी डांस करते हुए नजर आती हैं. हिंदी फिल्मों के जाने-माने विलेन जीवन ने भी इसमें काम किया है. गाने बहुत अच्छे हैं जिन्हें मन्ना डे, महेंद्र कपूर और गीता दत्त ने गाया है.

‘बिदेसिया’ की कहानी में हमारे समाज की सच्चाई है. भेदभाव, अमीरी-गरीबी और छुआछूत की थीम्स हैं. हम देखते हैं कि कैसे एक ठाकुर परिवार का लड़का एक ‘नीची’ जाति की लड़की से प्यार करता है. और अपने प्यार के लिए अपनी बिरादरी के खिलाफ जाता है. इस फिल्म के आखिर में भिखारी ठाकुर भी दिखते हैं जिन्हें भोजपुरी का शेक्सपीयर कहा जाता है, हालांकि ये तुलना गलत है – भिखारी ठाकुर अपने आप में मुकम्मल हैं.

फिल्म के गाने ‘हमें दुनिया करेला बदनाम’ में हैलेन:

अच्छे सोशल मैसेज वाली इस फिल्म ने दुनिया के सबसे बड़े मूवी डाटा प्लेटफॉर्म आईएमडीबी (इंटरनेट मूवी डाटा बेस) पर बड़ी-बड़ी हिंदी फिल्मों को पीछे छोड़ दिया है. लेकिन ऐसा एक टेक्नीकल वजह से है. असल में ऐसा नहीं है. इस प्लेटफॉर्म पर जिस आधार पर ये रेटिंग दी गई है उससे ऐसा हुआ है कि ‘बिदेसिया’ को अमिताभ बच्चन, सलमान खान, आमिर और  शाहरुख की फिल्मों से ज्यादा 8.4 की जोरदार रेटिंग मिली है. ये रेटिंग 10 अंकों में से मिलती है. लेकिन यहां पेंच ये है कि इस मूवी को स्टार रेटिंग सिर्फ आठ लोगों ने दी है और उनकी एवरेज से रेटिंग इतनी ऊपर है. नहीं तो इससे नीचे रह गई फिल्मों को हजारों-लाखों लोगों ने रेट किया है और उनके औसत से उनकी रेटिंग निकली है जो काफी ज्यादा है.

लेकिन इसी बहाने ‘बिदेसिया’ जैसी अच्छी फिल्म इतने वक्त बाद हमारी चर्चा में शामिल हुई और देखने के लिए हमें एक रेफरेंस मिल गया.

बिदेसिया फिल्म की आईएमडीबी रेटिंग

बॉलीवुड की इन फिल्मों को यहां अच्छी रेटिंग मिली है:

#1. शोलेः धर्मेंद्र और अमिताभ बच्चन स्टारर ये फिल्म 1975 में आई थी और इसे इंडियन सिनेमा की क्लासिक माना जाता है. हर पीढ़ी के दर्शकों पर इसने असर छोड़ा है. जय-वीरू की दोस्ती, गब्बर के डायलॉग, बसंती का तांगा, वीरू का ड्रामा. डायरेक्टर रमेश सिप्पी की इस फिल्म को 8.3 की रेटिंग मिली है.

#2. मदर इंडियाः ‘बिदेसिया’ की तरह डायरेक्टर महबूब खान की ये फिल्म भी ग्रामीण भारत के कैरेक्टर्स पर केंद्रित थी. एक मां जो अपने और बच्चों के सरवाइवल के लिए हिम्मत की मिसाल बनती है. ‘मदर इंडिया’ में नरगिस दत्त लीड रोल में थीं. सुनील दत्त और राजेंद्र कुमार ने उनके बेटों के रोल किए थे. इसे 60 साल बाद भी भारत की महान फिल्मों में गिना जाता है. इसे 8.1 की रेटिंग मिली.

#3. दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे: शाहरुख खान, काजोल और अमरीश पुरी जैसे स्टार्स की इस फिल्म की लोकप्रियता बहुत ज्यादा है. डायरेक्टर आदित्य चोपड़ा की 1995 में रिलीज हुई ये फिल्म मुंबई के मराठा मंदिर में 20 साल तक लगी रही. ‘डीडीएलजे’ को 8.2 की रेटिंग मिली है.

#4. पीके: आमिर खान की फिल्में हिंदुस्तान में सबसे ज्यादा कमाई करने का रिकॉर्ड बनाती हैं. उनकी लेटेस्ट फिल्म ‘दंगल’ ने चीन में अभी 1000 करोड़ रुपए से ज्यादा की कमाई कर ली है. 2014 में जब आमिर और अनुष्का स्टारर ‘पीके’ आई थी तो न सिर्फ जोरदार बिजनेस किया बल्कि बहुत अधिक सराही गई. आईएमडीबी पर ये फिल्म 8.2 की रेटिंग पर बनी हुई है.

#5. सुल्तानः अब बात सलमान खान की फिल्म ‘सुल्तान’ की. पिछले साल रिलीज हुई रेस्लिंग बेस्ड इस फिल्म को लोगों ने बहुत पसंद किया था. आईएमडीबी पर ‘सुल्तान’ को 7.2 की रेटिंग मिली है. अब उनकी नई फिल्म ‘ट्यूबलाइट’ भी आने वाली है.

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