Submit your post

Follow Us

बैट्समेन या बॉलर? लॉकडाउन के बाद किसके लिए वापसी होगी मुश्किल?

पिछले लगभग डेढ़ महीने के फ्रेम में मैदान पर क्रिकेट नहीं दिखा है. इंडिया-साउथ अफ्रीका सीरीज़ बीच में ही रद्द कर दी गई. पीएसएल के फाइनल को टाल दिया गया. साथ ही कई दुनियाभर के कई बड़े इवेंट रद्द हो गए हैं. लॉकडाउन पीरियड में दुनियाभर के क्रिकेटर घरों में बंद हैं. ऐसे में कोई क्रिकेट में कमबैक का ऐलान कर रहा है, तो कोई पुरानी मेमॉरी को शेयर कर रहा है.

लेकिन इस बीच एक ऐसी बहस भी छिड़ी है, जो बिल्कुल सही है. ये बहस क्रिकेटर्स की फिटनेस को लेकर. पूरी दुनिया के स्पोर्ट्स पर्सन इतने लंबे समय तक मैदान या ट्रेनिंग से दूर रहने के बाद अब कैसे वापसी करेंगे. ये बड़ा सवाल है.

दुनियाभर के कई क्रिकेटर ने मैदान पर वापसी को मुश्किल बताया है. क्रिकेट के लिहाज़ से किसी ने कहा है कि वापसी करना बल्लेबाज़ों के लिए मुश्किल है, तो किसी की नज़र में ये गेंदबाज़ों के लिए आफत बनेगा.

Rohit Shami
रोहित शर्मा और मोहम्मद शमी. फोटो: Twitter

रोहित ने अपनी टीम के साथी मोहम्मद शमी के साथ हालिया बातचीत में कहा-

”बल्लेबाज़ों को अपने स्वीटस्पॉट को हासिल करने में लगभग एक से डेढ़ महीने का वक्त लगेगा. बल्लेबाज़ का हैंड और आई कॉर्डिनेशन भी बहुत ज़रूरी चीज़ है. ये परफेक्ट होना बहुत ज़रूरी है, क्योंकि आपको एक 140kph के आसपास के गेंदबाज़ को खेलना होता है.”

ऐसे में लॉकडाउन के बाद किसके लिए वापसी ज़्यादा मुश्किल होगी. ये जानने की कोशिश की हमने क्रिकेटर पूनम यादव, डीडीसीए के पूर्व फिज़ियो बद्री और फिज़ियो शिवानी पाल से.

वुमेन्स टीम की स्टार स्पिनर पूनम यादव ने कहा कि मैदान पर वापसी करना सभी खिलाड़ियों के लिए थोड़ा मुश्किल रहेगा. उन्होंने कहा,

”मेरी नज़र में हर किसी को अपना काम मुश्किल लगता है. लेकिन मैदान पर वापसी करना एक गेंदबाज़ और बल्लेबाज़ दोनों के लिए मुश्किल रहेगा. अगर सभी प्लेयर्स अपने ट्रेनर से मिले प्रोग्राम के लिहाज़ से तैयारी करेंगे, तो चीज़ें आसान रहेंगी.”

पूनम ने बताया कि वुमेन्स टीम के ट्रेनर ने टीम की खिलाड़ियों को एक प्रोग्राम तैयार करके दिया है, जिस पर टीम की सभी खिलाड़ी काम कर रही हैं. पूनम ने कहा,

”टीम की ट्रेनर ने हमें पूरा शेड्यूल दिया है एक-एक हफ्ते हमें किस प्रोग्राम पर काम करना है. साथ ही साथ हमें डाइट भी फॉलो करनी है. इसके साथ ही हमें मानसिक तौर पर भी फिट रहने के लिए भी कहा गया है.”

 

पूनम ने बताया कि हर खिलाड़ी को उनके पास मौजूद स्पेस के हिसाब से ट्रेनिंग प्रोग्राम दिया गया है. उन्होंने कहा कि हर खिलाड़ी को अलग तरह की ट्रेनिंग की ज़रूरत होती है. उन्होंने कहा,

”जैसे कि एक लेग स्पिनर को पैर, कलाई, उंगलियों में जान चाहिए होती है, तो वो उसकी ट्रेनिंग करता है. कंधे मजबूत करने की एक्सरसाइज़ करता है. ऐसे ही किसी प्लेयर को पैरों में स्ट्रेंथ चाहिए, किसी को हाथों में.”

हालांकि उन्होंने इस बात को भी माना कि घर पर कितनी भी तैयारी की जाए, लेकिन मैच खेलने के लिए या मैच फिट होने के लिए जिस फील की ज़रूरत होती है, वो मैदान पर ट्रेनिंग करके ही आती है.

Poonam
पूनम यादव. फोटो: Poonam Insta

साथ ही पूनम ने ये भी कहा कि देश में जितने भी प्रोफेशनल प्लेयर्स हैं, उन्हें वापस गेम फॉर्म में आने में ज़्यादा समय नहीं लगेगा. जबकि जूनियर प्लेयर्स को टाइम लगेगा. पूनम ने कहा,

”जूनियर टीम को टाइम लगता है, जबकि प्रोफेशनल प्लेयर जल्दी वापसी कर सकते हैं. अगर हमें एक महीने का कैम्प मिलता है तो हम मैच के लिए तैयार हो जाएंगे.”

फिज़ियो बद्री और शिवानी पाल ने क्या कहा

पूनम के अलावा ‘दी लल्लनटॉप’ टीम ने डीडीसीए के पूर्व फिज़ियो ब्रदी से भी बात की. उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों को ट्रेनर से मिले डिज़ाइन्ड प्रोग्राम पर काम करना होगा. अगर खिलाड़ी उसे सही तरीके से फॉलो करते हैं, तो फिर वापसी ज़्यादा मुश्किल नहीं होगी. हालांकि साथ में उन्होंने ये भी बताया कि वापसी करना किन खिलाड़ियों के लिए मुश्किल होगा. बद्री ने कहा,

”मेरे हिसाब से फिटनेस प्वॉइंट ऑफ व्यू से फास्ट बोलर और ऑल-राउंडर्स के लिए वापसी करना मुश्किल होगा, क्योंकि उनके ऊपर वर्कलोड बहुत ज्यादा होता है. जिन खिलाड़ियों पर वर्कलोड ज़्यादा होता है, उनके लिए वापसी भी थोड़ी मुश्किल होगी.”

ब्रदी के अलावा यूपी वुमेन्स टीम की फिज़ियो शिवानी लाल ने कहा कि बल्लेबाज़ और मीडियम पेसर्स, दोनों को ही लॉकडाउन के बाद ज़्यादा मेहनत करनी होगी. शिवानी ने कहा,

”लॉकडाउन के बाद क्रिकेटर्स के लिए कमबैक आसान नहीं होंगी, क्योंकि चीज़ें बहुत ज़्यादा बदल जाएंगी. वैसे तो फिज़ियो कोशिश कर रहे हैं कि ज़ूम ऐप के जरिए खिलाड़ियों को जो एक्सरसाइज़ दी है, उनका फॉलोअप कर सकें.”

Indian Team
टीम इंडिया. फोटो: BCCI

हालांकि उन्होंने साथ ही ये भी कहा कि ज़ूम के जरिये उस तरह की ट्रेनिंग नहीं हो सकती, जो ग्राउंड पर या मैदान पर होती है. उन्होंने कहा,

”ज़ूम पर या वीडियो से पूरी तरह से चीज़ें साफ नही होतीं. लेकिन फिर भी इससे चीज़ें बहुत ज़्यादा प्रभावित नहीं होंगी. ऐसे में सबसे ज्यादा बल्लेबाज़ों के साथ-साथ मीडियम पेसर्स के लिए कमबैक काफी मुश्किल होगा.”

शिवानी ने इस बातचीत में आगे कहा खिलाड़ी लॉकडाउन में एरोबिक्स तो कर सकते हैं. लेकिन कार्डियो करना बहुत मुश्किल है. उन्होंने कहा,

”हम खिलाड़ियों को वेट्स के साथ शोल्डर की एक्सरसाइज़ करवाते हैं. ऐसे में कोर एक्सरसाइज़ तो घर में कर सकते हैं. लेकिन जो प्लेयर जिम जाने का यूज़ टू हो तो उसकी कोर फिटनेस चली जाएगी. उसे रनिंग में दिक्कत होगी, बैक-पेन होगा. ये दिक्कत बल्लेबाज़ और मीडियम पेसर दोनों के साथ होगी.”

Jasprit Bumrah Practice
प्रैक्टिस करते Jasprit Bumrah

शिवानी ने साथ ही कहा कि बल्लेबाज़ों के लिए खास ट्रेनिंग होती है. उन्होंने कहा,

”बैट्समेन को लंबे समय क्रीज़ पर खड़ा होना होता है. तो उन्हें हम मसल्स की ट्रेनिंग करवाते हैं, साथ ही शोल्डर की ट्रेनिंग करवाते हैं. क्योंकि गेंदबाज़ लगातार 10 ओवर नहीं फेंकता. लेकिन बल्लेबाज़ जब तक आउट नहीं होता, तब तक वो टिका रहता है. ऐसे में बल्लेबाज़ के लिए कमबैक करना बिल्कुल मुश्किल हो जाएगा. और उसे लॉन्ग टर्म में बाकियों के मुकाबले ज़्यादा ट्रेनिंग करनी होगी.”

हालांकि उन्होंने साथ ही सीनियर टीम के खिलाड़ियों के फिर से मैच फिट होने या नॉर्मल रुटीन में आने के लिए एक से डेढ़ महीने के समय की बात कही.


रोहित शर्मा की जिस खिलाड़ी ने नींद उड़ाई थी, वो क्या सोचते थे भारत के इस बल्लेबाज़ के लिए? 

लगातार लल्लनटॉप खबरों की सप्लाई के लिए फेसबुक पर लाइक करें

कौन हो तुम

'हिटमैन' रोहित शर्मा को आप कितना जानते हैं, ये क्विज़ खेलकर बताइए

आज 33 साल के हो गए हैं रोहित शर्मा.

क्विज़: खून में दौड़ती है देशभक्ति? तो जलियांवाला बाग के 10 सवालों के जवाब दो

जलियांवाला बाग कांड के बारे में अपनी जानकारी आप भी चेक कर लीजिए.

मधुबाला को खटका लगा हुआ था इस हीरोइन को दिलीप कुमार के साथ देखकर

एक्ट्रेस निम्मी के गुज़र जाने पर उनको याद करते हुए उनकी ज़िंदगी के कुछ किस्से

90000 डॉलर का कर्ज़ा उतारकर प्राइवेट जेट खरीद लिया था इस 'गैंबलर' ने

उस अमेरिकी सिंगर की अजीब दास्तां, जो बात करने के बजाए गाने में ज़्यादा कंफर्टेबल महसूस करता था

YES Bank शुरू करने वाले राणा कपूर कौन हैं, जिन्होंने नोटबंदी को 'मास्टरस्ट्रोक' बताया था

यस बैंक डूब रहा है.

सात साल पहले केजरीवाल ने वो बात कही थी जो आज वो ख़ुद नहीं सुनना चाहते

बरसों पुरानी इस बात की वजह से सोशल मीडिया पर घेर लिए गए हैं.

क्या भारत सरकार से पूछे बिना पाकिस्तान चली गई इंडियन कबड्डी टीम?

अब ढेरों खेल-तमाशा हो रहा है.

बजट का कितना ज्ञान है, ये क्विज़ खेलकर चेक कर लो!

कितना नंबर पाया, बताते हुए जाना. #Budget2020

संविधान के कितने बड़े जानकार हैं आप?

ये क्विज़ जीत लिया तो आप जीनियस हुए.

क्रिकेट के पक्के वाले फैन हो तो इस क्विज़ को जीतकर बताओ

कित्ता नंबर मिला, सच-सच बताना.