Submit your post

Follow Us

बलोचिस्तान में पनपा अलगाववादी संगठन, जो पाकिस्तान के लिए सिरदर्द बन गया है

साल 1948. तारीख़ 27 मार्च. शाम के वक़्त ऑल इंडिया रेडियो का न्यूज़ बुलेटिन प्रसारित होता था. उस रोज़ के बुलेटिन में स्टेट्स डिपार्टमेंट के सचिव वीपी मेनन के प्रेस कॉन्फ़्रेंस की ख़बर चली. वीपी मेनन को आज़ाद भारत के एकीकरण का शिल्पकार माना जाता है. बकौल बुलेटिन, मेनन ने मीडिया के सामने कहा था कि कलात के राजा भारत में विलय के लिए दबाव डाल रहे हैं, लेकिन भारत का इससे कोई लेना-देना नहीं है. अगले दिन गृहमंत्री सरदार पटेल ने इसका सीधा खंडन कर दिया. पटेल गृह मंत्रालय के साथ-साथ स्टेट्स मिनिस्ट्री का काम भी देख रहे थे. उन्होंने कहा कि कलात के राजा की तरफ़ से ऐसा कोई प्रस्ताव नहीं आया है. 30 मार्च को प्रधानमंत्री नेहरू ने ये कह दिया कि ऑल इंडिया रेडियो में चली ख़बर ग़लत है,  वीपी मेनन ने ऐसा कोई बयान नहीं दिया है.

भारत सरकार ने एक तरह से बलोचिस्तान से पल्ला झाड़ लिया था. जब भारत में नेता एक-दूसरे की बात काटने में व्यस्त थे, तब तक पाकिस्तान ने खेल कर दिया था. कलात, बलूचिस्तान एजेंसी का सबसे बड़ा प्रांत था. भारत-पाक के बंटवारे के साढ़े सात महीने बाद तक ये इलाक़ा स्वतंत्र रहा. जिस दिन वीपी मेनन के प्रेस कॉन्फ़्रेंस की ख़बर आई, उसी दिन मोहम्मद अली जिन्ना के आदेश पर पाकिस्तान आर्मी ने कलात पर हमला कर दिया. कलात के राजा मीर अहमदयार ख़ान को उठाकर कराची लाया गया. वहां उनसे ज़बरदस्ती विलय के काग़ज़ात पर दस्तख़त करा लिया गया.

Vp Menon
वीपी मेनन

73 साल से बलोच में आज़ादी की मांग

ज़्यादातर बलोच नागरिक इस विलय को गैरकानूनी मांगते हैं. पिछले 73 सालों से वहां लगातार आज़ादी की मांग उठती रही है. पाकिस्तान सरकार उस आंदोलन को हिंसा के दम पर कुचल देती है. हिंसा के समय पाकिस्तान बच्चों, बूढ़ों और महिलाओं को भी नहीं बख़्शता है. साल 2007 में पाकिस्तान के मानवाधिकार आयोग ने सुप्रीम कोर्ट में बलोचिस्तान के 148 लोगों की लिस्ट दाखिल की थी. ये लोग अचानक से गायब हो गए थे और उनके बारे में किसी को कुछ पता नहीं था. उन्हें गायब करने का आरोप पाकिस्तान सरकार पर लगता है.

बलोचिस्तान क्षेत्रफल के हिसाब से पाकिस्तान का सबसे बड़ा प्रांत है. बलोचिस्तान की सीमा ईरान और अफ़ग़ानिस्तान से मिलती है. सामरिक दृष्टि से भी ये इलाका पाकिस्तान के लिए बेहद खास है. उसके तीन नौसैनिक अड्डे बलोचिस्तान में है. वहीं उसका चगाई परमाणु परीक्षण स्थल भी है. इसके अलावा, बलोचिस्तान में तांबा, सोना और यूरेनियम का भंडार है. वहां संसाधन की कोई कमी नहीं है, लेकिन उसका लाभ स्थानीय लोगों को नहीं मिलता. बलोच लोगों की भागीदारी कम है. उन तक शिक्षा की भी पहुंच नहीं है.

बलोचिस्तान लिबरेशन आर्मी

मानवाधिकार उल्लंघन, दमन और हिंसा के बीच बग़ावत जन्म लेती है. इसी बुनियाद पर बना एक अलगाववादी संगठन है – बलोचिस्तान लिबरेशन आर्मी. शॉर्ट में बोलें तो BLA. इनका कहना है कि आज़ाद बलोचिस्तान चाहिए. वो भी बस उतना नहीं, जितना पाकिस्तान के पास है, बल्कि पूरा ग्रेटर बलोचिस्तान, जिसे पहले हिंदुस्तान के मुगलों और फारस के सफ़ाविद एम्पायर ने बांटा. फिर इसे बांटा ईरान-ब्रिटेन ने. थोड़ा हिस्सा ईरान गया. थोड़ा गया अफ़गानिस्तान. और थोड़ा हिस्सा आया पाकिस्तान के पास. कई सारे बलोचिस्तानी लोगों की तरह BLA भी ऐतिहासिक बलोचिस्तान को एक करके उसे अलग स्टेट बनाना चाहता है.

BLA पश्चिमी पाकिस्तान में बेस्ड है. ये पाकिस्तान से सटे अफ़गान इलाकों में भी सक्रिय है. पिछले 20 साल से सक्रिय ये संगठन अब तक दर्ज़नों हमले कर चुका है. पाकिस्तान, अमेरिका, ब्रिटेन और यूरोपियन यूनियन BLA को आतंकवादी संगठन घोषित कर चुके हैं.

पाकिस्तान ने अप्रैल 2006 में BLA पर प्रतिबंध लगा दिया. तब पाकिस्तान के राष्ट्रपति हुआ करते थे परवेज़ मुशर्रफ़. BLA ने साल 2005 में मुशर्रफ़ को मारने की कोशिश की. वे कामयाब तो नहीं हुए, लेकिन सरकार के निशाने पर आ गए. BLA पर पाकिस्तान में कई बड़े हमलों का इल्ज़ाम है. बलोचिस्तान के जिस घर में जिन्ना ने अपनी ज़िंदगी के अंतिम बरस बिताए थे, उसे पाकिस्तान सरकार ने संजोकर रखा था. जून 2013 में BLA ने रॉकेट हमला कर उस घर को उड़ा दिया. जून 2020 में पाकिस्तान स्टॉक एक्सचेंज पर हमले में भी BLA का हाथ था.

Bla
बलोचिस्तान लिबरेशन आर्मी.

अब यहां पर एक दिलचस्प वाकये की बारी. ये कहानी जनवरी 2009 की है. लंदन की एक अदालत में BLA के दो बड़े नेताओं पर मुकदमा चल रहा था. इस केस में पाकिस्तान से एक गवाह वीडियो कॉल के ज़रिए शामिल हुआ. बतौर समर्थक. उसने अदालत में बयान दिया, वो हैरान करने वाला था. बयान क्या था?

मी लॉर्ड, अगर मैं बलोचिस्तान का रहने वाला होता, तो मैं भी हिंसा का रास्ता इख़्तियार करने पर आमादा होता. बलोचिस्तान सबसे गरीब प्रांत है पाकिस्तान का. सेना ने वहां कई नागरिकों को अगवा किया. कईयों की हत्या की. करीब 75 हज़ार लोगों को बेघर कर दिया. चुनावों में धांधली की. अदालतों को कंट्रोल किया. जनरल परवेज़ मुशर्रफ़ ने अपनी सत्ता का दुरुपयोग किया. बलोचिस्तान में सैकड़ों लोग लापता कर दिए गए. ग़ैरक़ानूनी तरीके से हत्याएं की गईं. बलोचिस्तान के साथ यूं बरता गया मानो ये पाकिस्तान का हिस्सा न होकर इसका ग़ुलाम हो.

वो गवाह कौन था? इमरान ख़ान. जो इस समय पाकिस्तान के माननीय प्रधानमंत्री हैं. सत्ता के शिखर पर पहुंचने के बाद उनके सुर बदल गए. उनकी नज़र में BLA एक समय स्वतंत्रता सेनानी थे, लेकिन आज आतंकवादी हैं. बलोचिस्तान की हालत वैसी की वैसी ही है.

आज BLA, बलोचिस्तान की चर्चा क्यों?

दरअसल, BLA का नाम एक और हमले में सामने आया है. इसी साल ग्वादर में पाकिस्तान के संस्थापक जिन्ना की आदमकद मूर्ति स्थापित की गई थी. 27 सितंबर को इस मूर्ति को बम लगाकर उड़ा दिया गया. इस हमले की ज़िम्मेदारी BLA ने ली है. जिस इलाके में मूर्ति लगी थी, उसे सेफ़ ज़ोन माना जाता है. BLA के लोग टूरिस्ट की वेशभूषा में वहां घुसे थे और अपना काम कर फरार हो गए. अभी तक किसी की गिरफ़्तारी की रिपोर्ट नहीं आई है. हालांकि, आशंका जताई जा रही है कि पाकिस्तान इस हमले का बदला बेगुनाह बलोच नागरिकों पर हमला करके लेगा. जोकि उसका पुराना और पसंदीदा शगल रहा है.

वैसे इस मामले में पाकिस्तान को ज़्यादा गुस्सा करने की ज़रूरत नहीं है. जिन्ना ने इस्लाम के नाम पर नए देश की मांग रखी थी. वो इसमें सफ़ल भी हुए. जानकारों की मानें तो इस्लाम में बुतपरस्ती को नकारा गया है. धर्म के नाम पर अलग देश बनाने वाले जिन्ना की आत्मा अपनी मूर्ति देखकर खुश होगी या दुखी? ये सोचने वाली बात है. आप भी सोचिएगा.


सिर्फ दो साल चला ऑल इंडिया होम लीग मूवमेंट, देश की आज़ादी के लिए क्या कर गया?

लगातार लल्लनटॉप खबरों की सप्लाई के लिए फेसबुक पर लाइक करें

कौन हो तुम

'द्रविड़ ने बहुत नाजुक शब्दों से मुझे धराशायी कर दिया था'

'द्रविड़ ने बहुत नाजुक शब्दों से मुझे धराशायी कर दिया था'

रामचंद्र गुहा की किताब 'क्रिकेट का कॉमनवेल्थ' के कुछ अंश.

पहले स्पाइडरमैन टोबी मैग्वायर की कहानी, जिनका सबसे हिट रोल उनके लिए शाप बन गया

पहले स्पाइडरमैन टोबी मैग्वायर की कहानी, जिनका सबसे हिट रोल उनके लिए शाप बन गया

शुद्ध और असली स्पाइडरमैन टोबी मैग्वायर करियर ग्राफ़ बाद में गिरता ही चला गया.

10 साल पहले भी शाहरुख़ का समीर वानखेड़े से सामना हुआ था, समीर ने ठोका था तगड़ा जुर्माना

10 साल पहले भी शाहरुख़ का समीर वानखेड़े से सामना हुआ था, समीर ने ठोका था तगड़ा जुर्माना

जगह थी मुंबई एयरपोर्ट. अब दस साल बाद फिर से दोनों का नाम एक साथ सुर्ख़ियों में है.

'स्क्विड गेम' के प्लेयर नंबर 199 'अली' की कहानी, जिनके इंडियन होने ने सीरीज़ में एक्स्ट्रा मज़ा दिया

'स्क्विड गेम' के प्लेयर नंबर 199 'अली' की कहानी, जिनके इंडियन होने ने सीरीज़ में एक्स्ट्रा मज़ा दिया

अली का रोल करने वाले इंडियन एक्टर अनुपम त्रिपाठी का सलमान-शाहरुख़ कनेक्शन क्या है?

IPL का कित्ता ज्ञान है, ये क़्विज़ खेलकर चेक कल्लो!

IPL का कित्ता ज्ञान है, ये क़्विज़ खेलकर चेक कल्लो!

ईमानदारी से स्कोर भी बताते जाना. हम इंतज़ार करेंगे.

'मनी हाइस्ट' वाले प्रोफेसर की पूरी कहानी, जिनकी पत्नी ने कहा था, 'कभी फेमस नहीं हो पाओगे'

'मनी हाइस्ट' वाले प्रोफेसर की पूरी कहानी, जिनकी पत्नी ने कहा था, 'कभी फेमस नहीं हो पाओगे'

अलवारो मोर्टे ने वेटर तक का काम किया हुआ है. और एक वक्त तो ऐसा था कि बकौल उनके कैंसर से जान जाने वाली थी.

एक्टर शरत सक्सेना की कहानी, जिन्होंने 71 साल की उम्र में ज़बरदस्त बॉडी बनाकर सबको चौंका दिया

एक्टर शरत सक्सेना की कहानी, जिन्होंने 71 साल की उम्र में ज़बरदस्त बॉडी बनाकर सबको चौंका दिया

हीरो बनने आए शरत सक्सेना कैसे गुंडे का चमचा बनने पर मजबूर हुए?

'भीगे होंठ तेरे' वाले कुणाल गांजावाला आजकल कहाँ हैं?

'भीगे होंठ तेरे' वाले कुणाल गांजावाला आजकल कहाँ हैं?

एक वक़्त इंडस्ट्री में टॉप पर थे कुणाल और उनके गाने पार्टियों की जान हुआ करते थे.

राज कुंद्रा की पूरी कहानी, 18 की उम्र में शॉल बेचने से शुरुआत करने वाले राज यहां तक कैसे पहुंचे?

राज कुंद्रा की पूरी कहानी, 18 की उम्र में शॉल बेचने से शुरुआत करने वाले राज यहां तक कैसे पहुंचे?

IPL स्कैंडल, मॉडल्स के आरोप, अंडरवर्ल्ड कनेक्शंस के आरोप, एक्स वाइफ के इल्ज़ाम सब हैं इस कहानी में.

रिचर्ड ब्रैनसन: जिन्होंने पहले अंतरिक्ष के दर्शन करके जेफ बेजोस का मजा खराब कर दिया

रिचर्ड ब्रैनसन: जिन्होंने पहले अंतरिक्ष के दर्शन करके जेफ बेजोस का मजा खराब कर दिया

रिचर्ड ब्रेन्सन की कहानी, जहां भी गए तहलका मचा दिया.