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धोखाधड़ी के कौन से केस में फंसे हैं फिल्म 'द एक्सीडेंटल पीएम' के प्रोड्यूसर-डायरेक्टर?

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एक शेर है. ‘अपने गिरेबान में झांका करो कभी-कभी, किसी दूजे की गर्द झाड़ देना बहुत आसां है..!’ या फिर कबीर को तो पढ़ा-सुना ही होगा.

बुरा जो देखन मैं चला, बुरा न मिलिया कोय।

जो दिल खोजा आपना, मुझसे बुरा न कोय।।

फिल्म द एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर के जरिए पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह पर सवाल खड़े करने वाले लोग अब खुद सवालों के घेरे में आ गए हैं. फिल्म के प्रोड्यूसर-डायरेक्टर पर एक के बाद एक धोखाधड़ी के मामले सामने आते जा रहे हैं. एक न्यूज़ रिपोर्ट के मुताबिक फिल्म के डायरेक्टर विजय रत्नाकर गुट्टे पर भारत ही नहीं, ब्रिटेन में भी टैक्स चोरी के आरोप हैं. फिल्म के एक निर्माता सुनील बोहरा भी धोखाधड़ी करने के आरोपी हैं. क्या हैं इनपर लगे आरोप, कैसे की उन्होंने धोखाधड़ी और क्यों इस फिल्म पर पूरे देश में बवाल मचा है, इसे आसान भाषा में समझने की कोशिश करते हैं.

फिल्म में क्या है?

फिल्म द एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर का ट्रेलर आते ही विवाद शुरू हो गया है. फोटो. इंडिया टुडे.
फिल्म द एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर का ट्रेलर आते ही विवाद शुरू हो गया है. फोटो. इंडिया टुडे.

फिल्म ‘द एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर’ पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह पर बनी है. फिल्म मनमोहन सिंह के मीडिया सलाहकार रहे संजय बारू की किताब ‘द एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर’ पर आधारित है. फिल्म का ट्रेलर रिलीज़ होते ही इस पर राजनीतिक बवंडर मच गया है. फिल्म के ट्रेलर से मनमोहन सिंह की छवि एक केयरटेकर पीएम की तरह बनती दिख रही है. मतलब ये कि सारी सत्ता उस वक्त की कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के हाथ में थी. मनमोहन सिंह बस उनके आदेशों का पालन भर करते थे. इसी के बाद से भाजपा और कांग्रेस में जुबानी जंग तेज हो गई है. बीजेपी इस फिल्म के जरिए गांधी-नेहरू परिवार पर निशाना साध रही है. दूसरी ओर, कांग्रेस इस फिल्म को गांधी-नेहरू परिवार को बदनाम करने की साजिश करार दे रही है.

फिल्म डायरेक्टर विजय रत्नाकर, जिन पर GST चोरी के आरोप 

फिल्म के निर्देशक विजय रत्नाकर गुट्टे पर जालसाजी के आरोप हैं. फोटो. फेसबुक.
फिल्म के निर्देशक विजय रत्नाकर गुट्टे पर जालसाजी के आरोप हैं. फोटो. फेसबुक.

इस फिल्म के डायरेक्टर हैं विजय रत्नाकर गुट्टे. वो वीआरजी डिजिटल कॉरपोरेशन के नाम की एक कंपनी चलाते हैं. अगस्त, 2018 में उनको गिरफ्तार कर लिया गया था. वजह ये थी कि उनपर 34 करोड़ रुपए की जीएसटी की धोखाधड़ी का आरोप था. आरोप था कि वे जुलाई 2017 से फ़र्ज़ी बिलों के जरिए जीएसटी का क्लेम ले रहे थे. इस मामले में विजय रत्नाकर गुट्टे जमानत पर बाहर हैं. मगर जीएसटी की खुफिया इकाई मामले की लगातार जांच कर रही है. जांच के दौरान इस धोखाधड़ी का एक सिरा ब्रिटेन से जुड़ा पाया गया. असल में विजय रत्नाकर गुट्टे ने अपनी फिल्म की शूटिंग ब्रिटेन में भी की है. और ब्रिटेन के नियमों के तहत वहां भी टैक्स छूट के लिए आवेदन किया था. आरोप हैं कि इस आवेदन में भी फर्जी कागजात का सहारा लिया गया है.

ब्रिटेन में भी गड़बड़झाला के आरोप

जीएसटी खुफिया इकाई (डीजी-जीएसटीआई) ने मुंबई की अदालत में जांच की प्रोग्रेस रिपोर्ट सबमिट की है. इसी रिपोर्ट में कहा गया है कि विजय रत्नाकर गुट्टे ने ब्रिटेन में भी धोखाधड़ी की है. ‘इंडियन एक्सप्रेस’ की एक रिपोर्ट के मुताबिक विजय गुट्टे ने अपनी फिल्म के जरिए ब्रिटेन में टैक्स छूट हासिल करने के लिए ब्रिटिश फिल्म इंस्टीट्यूट यानी BFI के साथ धोखाधड़ी की है. BFI वैसे ही काम करता है, जैसे भारत में फिल्म सेंसर बोर्ड. ब्रिटेन की सरकार उन फिल्मों को टैक्स में 25 फीसदी छूट देती है, जो ब्रिटिश फिल्म यानी ब्रिटेन में बनने वाली फिल्म के तौर पर चुनी जाती हैं. फिल्म बनाने पर जो खर्च आया हो उसका 10 फीसदी ब्रिटेन में खर्च किया गया हो, तब ये छूट मिलती है. आरोप हैं कि विजय गुट्टे की वीआरजी डिजिटल कॉर्पोरेशन, बॉम्बे कास्टिंग टेलेंट मैनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड यानी BCTMPL और हॉरिजन आउटसोर्स सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड जैसी कंपनियों ने ‘द एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर’ में निवेश की रकम को बढ़ा-चढ़ाकर दिखाया और बताया कि पैसे ब्रिटेन में भी खर्च किए गए हैं. ये सब इसलिए किया गया,  जिससे ब्रिटेन में टैक्स छूट का लाभ मिल सके. BCTMPL बोहरा ब्रदर्स की कंपनी है. और ये बोहरा ब्रदर्स इस फिल्म के निर्माता भी हैं.

GST में कौन सी गड़बड़ी की है विजय रत्नाकर गुट्टे ने?

विजय रत्नाकर गुट्टे की कंपनी वीआरजी डिजिटल कॉर्पोरेशन प्राइवेट लिमिटेड पर 34.37 करोड़ रुपए के 149 फर्जी बिल हासिल करने के आरोप हैं. ये फर्जी बिल यानी फेक इनवाइस एनिमेशन और मैनपावर के लिए हॉरिजॉन आउटसोर्स सल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड से लिए गए. हॉरिजन कंपनी पर 170 करोड़ रुपए की जीएसटी धोखाधड़ी का पहले से ही एक आरोप है. इसकी जांच जीएसटी की खुफिया इकाई कर रही है. विजय रत्नाकर गुट्टे की कंपनी पर 28 करोड़ रुपए के फर्जी वाउचर पेश करके इनपुट टैक्स क्रेडिट का झूठा दावा पेश करने का भी आरोप है. इन्हीं आरोपों के बाद विजय गुट्टे को सीजीएसटी एक्ट की धारा 132 (1) (सी) के तहत गिरफ्तार किया गया था. ये धारा उन लोगों के खिलाफ इस्तेमाल की जाती है, जो लोग बिना कोई सर्विस या माल दिए इनपुट टैक्स क्रेडिट यानी सामने वाली कंपनी को बिना कुछ दिए जीएसटी रिटर्न हासिल कर लेते हैं. जांच एजेंसी के मुताबिक ऐसा करके विजय रत्नाकर गुट्टे और उनकी कंपनी ने धोखाधड़ी की और सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचाया है. विजय रत्नाकर गुट्टे को जीएसटी इंटेलिजेंस ने मुंबई में गिरफ्तार किया था. इससे पहले बीते साल मई में डीजी-जीएसटीआई ने जीएसटी संबंधी कथित धोखाधड़ी के लिए हॉरिजन आउटसोर्स सोल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर को गिरफ्तार किया था. विजय रत्नाकर गुट्टे ‘इमोशनल अत्याचार’ ‘टाइम बारा वेट’ और ‘बदमाशियां’ जैसी फिल्में बना चुके हैं. ‘द एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर’ निर्देशक के रूप में उनकी पहली फिल्म है. फिल्म 11 जनवरी को रिलीज होगी.

विजय के पिता भी हैं बड़े खिलाड़ी?

फिल्म के डायरेक्टर विजय रत्नाकर गुट्टे के पिता रत्नाकर गुट्टे पर भी धोखाधड़ी के आरोप हैं. फोटो. फेसबुक.
फिल्म के डायरेक्टर विजय रत्नाकर गुट्टे के पिता रत्नाकर गुट्टे पर भी धोखाधड़ी के आरोप हैं. फोटो. फेसबुक.

विजय के पिता रत्नाकर गुट्टे चीनी मिल चलाते हैं. वो गंगाखेड़ शुगर एंड एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड के चेयरमैन हैं. रत्नाकर गु्ट्टे बैंकों के साथ धोखाधड़ी के आरोपों से घिरे हैं. आरोप हैं कि रत्नाकर गुट्टे ने पब्लिक सेक्टर के पांच, आंध्रा बैंक, यूको बैंक, यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ इंडिया, सिंडीकेट बैंक और एक प्राइवेट बैंक रत्नाकर बैंक से करीब 328 करोड़ रुपए का लोन लिया. ये लोन गन्ना किसानों के कागजात पर लिया गया. एबीपी न्यूज मांझा की एक रिपोर्ट के मुताबिक रत्नाकर गुट्टे ने 8 कंपनियों के जरिए बैंकों के साथ करीब 5,500 करोड़ रुपए का फ्रॉड किया है. रत्नाकर गुट्टे ने 22 फर्जी या शेल कंपनियां बनाकर बैंकों और 26 हज़ार किसानों के साथ धोखाधड़ी की है. आरोप हैं कि अकेले उनकी चीनी मिल ने हार्वेट एंड ट्रांसपोर्ट नाम की स्कीम चलाकर साल 2015 में 600 से ज़्यादा किसानों के नाम पर लोन लिया. अब कर्ज वसूलने के लिए बैंक संबंधित किसानों को परेशान कर रहे हैं. महाराष्ट्र विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष धनंजय मुंडे तो उनको महाराष्ट्र का नीरव मोदी कहते हैं.

फिल्म के निर्माता पर क्या आरोप हैं?

फिल्म के एक निर्माता सुनील बोहरा पर धोखाधड़ी का केस हो चुका है. फोटो. फेसबुक.
फिल्म के एक निर्माता सुनील बोहरा पर धोखाधड़ी का केस हो चुका है. फोटो. फेसबुक.

अगस्त 2018 में ही फिल्म के निर्माता सुनील बोहरा के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया गया. एक फिल्म निर्माता हैं राहुल मित्रा. राहुल मित्रा ने सुनील बोहरा और डायरेक्टर तिग्मांशु धूलिया के साथ मिलकर साल 2012 में एक फिल्म बनाई थी. नाम था ‘साहेब बीवी और गैंगस्टर’. राहुल मित्रा के मुताबिक उनका, सुनील बोहरा और तिग्मांशु धूलिया के साथ फिल्म को रिलीज करने और उसका डिस्ट्रीब्यूशन करने का समझौता हुआ. मगर सुनील बोहरा ने इस समझौते का पालन नहीं किया. और फिल्म साहेब बीवी और गैंगस्टर को यूटीवी के हाथों बेच दिया. तकनीकी भाषा में इसे रिफंडेबल एडवांस डील कहते हैं. मतलब ये कि फिल्म चलने पर  उसका डिस्ट्रीब्यूशन करने वाली कंपनी के साथ निर्माता को भी मुनाफे का हिस्सा मिल जाता है. रिलीज होने के बाद साहेब बीवी और गैंगस्टर सफल रही. सुनील बोहरा को फिल्म के डिजिटल और म्यूजिक राइट्स बेचने में हुए लाभ के साथ-साथ फिल्म की कमाई का बड़ा मुनाफा मिला. इसी तरह, साल 2015 में बोहरा ने फेमस एंटरटेनमेंट कंपनी शेमारू को भी अपने जाल में फंसाने की कोशिश की थी. आरोप हैं कि सुनील बोहरा ने कंपनी से एडवांस पैसा ले लिया और चंपत हो गए. राहुल मित्रा के वकील ने शेमारु कंपनी के लोगों से सुनील बोहरा की कारस्तानी बताई तो कंपनी के होश उड़ गए. इसके बाद शेमारू ने भी मुंबई पुलिस में सुनील के खिलाफ धोखाधड़ी और जालसाजी की रिपोर्ट दर्ज कराई. बाद में, राहुल मित्रा ने फिल्म प्रोड्यूसर संगठन ‘वेस्टर्न इंडिया फिल्म प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन’ में सुनील के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई. यहां कुछ सालों के विचार-विमर्श के बाद सुनील बोहरा को राहुल मित्रा के 2 करोड़ रुपए और ब्याज का भुगतान करने को कहा गया. मगर सुनील बोहरा ने कोई पैसा नहीं दिया. हारकर राहुल मित्रा ने 2018 में दिल्ली पुलिस में मामला दर्ज कराया. सुनील बोहरा पर फिल्म तनु वेड्स मनु को लेकर भी धोखाधड़ी के आरोप लग चुके हैं.

कौन हैं सुनील बोहरा?

सुनील बोहरा ‘तनु वेड्स मनु’ और ‘गैंग्स ऑफ वासेपुर’ जैसी फिल्में प्रोड्यूस कर चुके हैं. जोधपुर के मूल निवासी सुनील बोहरा बॉलीवुड में 1947 से सक्रिय बोहरा ब्रदर्स बैनर की तीसरी पीढ़ी से हैं. उनके दादा श्रीराम बोहरा ने आजादी के वक्त इस बैनर की स्थापना की थी. उन्होंने ‘थीफ ऑफ बगदाद’, ‘हरक्यूलिस’ जैसी फिल्में बनाईं. सुनील के पिता सुरेंद्र बोहरा ने ‘साजन का घर’, कालिया और कैदी जैसी फिल्मों को बनाया. सुनील बोहरा इंटरनेशनल फिल्म तृष्णा को प्रोड्यूस कर चुके हैं. उन्होंने साहब-बीवी और गैंगस्टर, लव डॉट कॉम, नॉट ए लव स्टोरी’ जैसी फिल्में बनाई हैं. वे टीवी सीरियल मोहल्ला मोहब्बत वाला, सीता-गीता आदि को प्रोड्यूस कर चुके हैं.

क्या ब्रिटेन का पैसा लगा है फिल्म में?

द एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर के निर्माताओं का लंदन से भी कनेक्शन है. सांकेतिक तस्वीर. रायटर्स.
द एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर के निर्माताओं का लंदन से भी कनेक्शन है. सांकेतिक तस्वीर. रायटर्स.

फिल्म द एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर के एक निर्माता जतिंदर कुमार भारद्वाज हैं. इनकी एक कंपनी है रुद्रा प्रोडक्शन लिमिटेड. ये कंपनी लंदन के बर्कशायर में रजिस्टर्ड है. जतिंदर कुमार भारद्वाज ब्रिटिश नागरिक हैं. रुद्रा प्रोडक्शन लिमिटेड का गठन 19 अक्टूबर 2017 को हुआ था. इस कंपनी का रजिस्टर्ड ऑफिस बर्कशायर के न्यूबरी में है. चौंकाने वाली बात ये है कि इस कंपनी में शुरुआत में सिर्फ जतिंदर कुमार भारद्वाज डायरेक्टर थे. कंपनी के गठन के दो महीने बाद 22 दिसंबर 2017 को इस कंपनी में के दूसरे डायरेक्टर बन गए. मगर 10 महीने बाद 8 अक्टूबर 2018 को सुनील बोहरा ने ये कंपनी छोड़ दी. सनील बोहरा ने संजय बारू की किताब द एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर के फिल्म राइट्स साल 2016 में खरीदे थे. सुनील बोहरा और जतिंदर कुमार भारद्वाज एक दूसरी कंपनी श्रीराम बोहरा ग्रैंडसन फिल्म्स लिमिटेड में भी साथ-साथ डायरेक्टर थे. इसमें भी सुनील बोहरा उसी तारीख में डायरेक्टर बनाए जाते हैं. और फिर 10 महीने बाद 8 अक्टूबर 2018 को इस्तीफा दे देते हैं. ब्रिटिश नागरिक जतिंदर कुमार भारद्वाज तगड़े कारोबारी हैं. लंदन में इस वक्त इनका नाम दो अन्य कंपनियों से भी जुड़ा है. पहली कंपनी है, स्काईव्यू रियलिटी लिमिटेड और दूसरी, टीडीआई टेक्नोलॉजी लिमिटेड. इसके अलावा 8 कंपनियां ऐसी हैं, जो भारद्वाज पहले चलाते थे. इस वक्त ये कंपनियां बंद हो चुकी हैं.

धवल गडा कौन हैं?

धवल गडा. फोटो. ट्विटर.
धवल गडा. फोटो. ट्विटर.

फिल्म के एक निर्माता धवल गडा हैं. ये फिल्म प्रोड्यूसर जयंतीलाल गडा के बेटे हैं. जयंतीलाल गडा ने साल 1987 में पापुलर इंटरटेनमेंट नेटवर्क यानी पेन इंडिया लिमिटेड का गठन किया. फिल्म का मुख्य काम फिल्में प्रोड्यूस करना और उनका डिस्ट्रीब्यूशन करना है. जयंतीलाल गडा ने अपनी शुरुआत वीडियो कैसेट लाइब्रेरी से की. बाद में वीडियो कैसेट के जरिए वो फिल्मों की ओर मुड़ गए. कंपनी अब तक कहानी, शिवाय जैसी फिल्में बना चुकी है. कंपनी ने नमस्ते इंगलैंड और हेलीकॉप्टर ईला जैसी फिल्में भी बनाई हैं.


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