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कौन है लॉरेंस बिश्नोई, जिसने सलमान खान को जान से मारने की धमकी दी है

फेसबुक पर लॉरेंस बिश्नोई नाम की एक आईडी है. वक्त-वक्त पर उस आईडी से अपडेट होता रहता है. अभी तक इस आईडी पर पंजाब, हरियाणा और राजस्थान की पुलिस ही नजर रखती थी. लेकिन 5 जनवरी 2018 के बाद से इस फेसबुक प्रोफाइल पर शायद ही कोई ऐसा मीडिया समूह होगा, जिसने एक निगाह नहीं मारी होगी. वजह साफ है. लॉरेस बिश्नोई जेल में है, लेकिन उसने सलमान खान को जान से मारने की धमकी दी है. इसके बाद से ही टीवी, अखबार और मीडिया के दूसरे सभी प्लेटफॉर्म पर उसकी ही चर्चा है.

इस शख्स का फेसबुक प्रोफाइल भी बेहद मजेदार है. फेसबुक प्रोफाइल के इंट्रो में लॉरेंस ने लिखा है-

जिया तो अपने सर पर जाता है, गैंरों के कंधे पर तो जनाजे उठते हैं.

फेसबुक पर काम के बारे में उसने लिखा है-

डिफरेंट स्टाइल में समाज सेवा.

उसका समाज सेवा का जो डिफरेंट स्टाइल है, वही उसे समाजसेवी से अपराधी बना देता है.

लॉरेंस ने कॉलेज की राजनीति के जरिए अपराध जगत में कदम रखा था.

कहने को तो लॉरेंस विश्नोई स्टूडेंट ऑर्गनाइजेशन ऑफ पंजाब यूनिवर्सिटी नाम का एक संगठन चलाता है. लेकिन पंजाब, हरियाणा और राजस्थान में लॉरेंस विश्नोई एक आतंक का नाम है. पंजाब के फाजिल्का के अबोहर के रहने वाले लॉरेंस के पिता लविंद्र कुमार पंजाब पुलिस में कॉन्सटेबल रह चुके हैं. उसके पास पुश्तैनी जमीन के नाम पर करीब सात करोड़ रुपये की प्रॉपर्टी है. शुरुआती दिनों से ही लॉरेंस को शान-ओ-शौकत का चस्का था. उसने अबोहर के ही एक कॉन्वेंट स्कूल से 10वीं की पढ़ाई की है. आगे की पढ़ाई के लिए ये चंडीगढ़ के डीएवी स्कूल में चला गया और वहां से 12वीं पास की. इसके बाद उसने चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी में एडमिशन लिया. पढ़ाई के दौरान ही उसने अपना छात्र संगठन सोपू बनाया और उसके बैनर तले स्टूडेंट यूनियन के अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ा. उसके सामने चुनावी मैदान में उदय सह और डग का ग्रुप था, जिससे लॉरेंस चुनाव हार गया. इस हार के बाद चंडीगढ़ के सेक्टर 11 में फरवरी 2011 में एक दिन लॉरेंस और उसके विरोधी गुट का आमना-सामना हो गया. इस दौरान लॉरेंस ने उदय सह के ग्रुप पर फायरिंग कर दी. ये पहली बार था, जब लॉरेंस ने फायरिंग की थी. दूसरी तरफ से भी फायरिंग हुई. पुलिस ने जब केस दर्ज किया, तो उसमें लॉरेंस का भी नाम था. ये पहला मुकदमा था, जो लॉरेंस के नाम पर दर्ज हुआ था. इसके बाद से लेकर अब तक लॉरेंस पर करीब 50 मुकदमे दर्ज हो चुके हैं, जिनमें से 30 में वो बरी हो चुका है.

लॉरेंस पर तीन राज्यों में 50 से अधिक मुकदमे दर्ज हैं, जिनमें से 30 में वो बरी हो चुका है.

इस फायरिंग से पहले भी लॉरेंस का नाम पंजाब के कई गैंगेस्टर के साथ जुड़ता रहा था. 2006 में पंजाब के सुखना में डिंपी नाम के एक शख्स की हत्या हुई थी. उस वक्त इस केस में रॉकी का नाम सामने आया था. लॉरेंस रॉकी का करीबी था, लेकिन केस में उसका नाम नहीं आया. 2011 में फिरोजपुर में एक फाइनेंसर के साथ लूट हुई थी, जिसमें लॉरेंस का नाम तो सामने आया, लेकिन उसपर केस दर्ज नहीं हो सका था. उसके बाद जब उसने फरवरी 2011 में अपने साथी छात्रनेता के ऊपर हमला किया, तो उसपर हत्या की कोशिश का मामला दर्ज हुआ. जेल जाने के बाद वो जमानत पर रिहा हो गया था. इसके बाद फिर उसे .5 बोर की पिस्टल और कारतूस के साथ गिरफ्तार किया गया. इसके बाद 12 अगस्त 2012 को लॉरेंस के खिलााफ सेक्टर 34 थाने में हत्या की कोशिश, दंगा करने और कई और धाराओं में केस दर्ज किया गया था.

लॉरेंस बिश्नोई खुद को शहीद भगत सिंह का अनुयायी बताता है. उसकी पूरी फेसबुक प्रोफाइल भगत सिंह से भरी पड़ी है.

लॉरेंस हत्या, लूट, रंगदारी वसूलने जैसे अपराध करता रहा, जेल जाता रहा और जमानत पर रिहा होता रहा. 17 जनवरी 2015 को जब पंजाब की खरड़ पुलिस उसे कोर्ट में पेशी के लिए लेकर जा रही थी, तो वो पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया था. दरअसल उसके मामा के दो बेटों की दिसंबर 2014 में हत्या हो गई थी. ये हत्या गैंगस्टर रम्मी मशाना और हरियाणा जेल में बंद बठिंडा के हरगोबिंद सिंह ने करवाई थी. लॉरेंस इन दोनों की हत्या करना चाहता था, इसलिए वो जेल से भाग गया. खरड़, दिल्ली होते हुए वो नेपाल गया, जहां उसने 60 लाख रुपये के विदेशी हथियार और बुलेट प्रूफ जैकेट खरीदी. अभी वो रम्मी मशाना की तलाश कर ही रहा था कि वो 4 मार्च 2015 को फाजिल्का पुलिस के हत्थे चढ़ गया. गिरफ्तारी हुई तो पुलिस ने राहत की सांस ली, क्योंकि अगर लॉरेंस बाहर रहता तो उसे गैंगस्टर मशाना और हरगोबिंद सिंह की हत्या करनी थी.

लॉरेंस विश्नोई के पास से जेल में कई बार फोन बरामद हो चुका है.

वापस जेल लौटने के बाद लॉरेंस विश्ननोई ने अपनी ताकत और बढ़ा ली. फरीदकोट जेल में बंद रहने के दौरान वो फोन का इस्तेमाल करने लगा. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक उसके पास करीब 40 सिम कार्ड आ गए, जिसके जरिए वो पंजाब, हरियाणा और राजस्थान में अवैध वसूली, रंदगारी और लोगों को जान से मारने की धमकी देने के साथ ही हत्या की सुपारी भी लेने लगा. उसके पास विदेशी सिम कार्ड भी आ गए, जिनके जरिए वो वॉट्सऐप से मैसेज भेजने लगा. फरीदकोट जेल से ही मार्च 2017 में राजस्थान के जोधपुर के डॉक्टर चांडक और एक ट्रैवलर को मारने के लिए 50 लाख की सुपारी ली. उसने फोन के जरिए ही डॉक्टर की बीएमडब्ल्यू कार में आग लगवा दी. इसके बाद जोधपुर पुलिस 30 अप्रैल 2017 को लॉरेंस को प्रोडक्शन रिमांड पर जोधपुर ले गई. जोधपुर में आने के बाद भी लॉरेंस ने मोबाइल के जरिए वसूली और धमरी का खेल जारी रखा. परेशान जोधपुर प्रशासन ने उसे 23 जून को अजमेर की घूघरा घाटी हाई सिक्योरिटी जेल में भेज दिया.

अजमेर जेल जाने के बाद लॉरेंस बिश्नोई की मुलाकात वहां आनंदपाल गैंग से हुई. इसके बाद से लॉरेंस की ताकत और बढ़ गई.

अजमेर की जेल राजस्थान में काले पानी की सजा मानी जाती है, जहां पर पूरे राज्य के कुख्यात अपराधी बंद हैं. अपराधियों के लिए जेल इतनी सख्त मानी जाती है कि कुख्यात आनंदपाल इस जेल से पेशी पर जाने के दौरान फरार हो गया था. इसी जेल में राजस्थान के कुख्यात आनंदपाल के गैंग के भी शूटर थे. इस जेल में आने पर लॉरेंस की मुलाकात आनंदपाल के भाई से हुई. आनंदपाल के एनकाउंटर में मारे जाने के बाद आनंदपाल का गुट कमजोर पड़ गया था. लॉरेंस ने इस गुट को अपनी ताकत दी. जिस अजमेर जेल में जाने से अपराधी खौफ खाते थे, लॉरेंस वहां भी पूरी मौज में रहा. अजमेर जेल में आने के साथ ही उसके पास मोबाइल उपलब्ध हो गए. पुलिस को इस बात का पहले से अंदेशा था, इसलिए उसने लॉरेंस के नंबरों को सर्विलांस पर लगा रखा था. पुलिस कमिश्नर अशोक राठौड़ के कहने पर अजमेर एसपी से जेल में दबिश दी और लॉरेंस के पास से दो सिम कार्ड बरामद किए. लेकिन लॉरेंस के पास फिर सिम कार्ड और मोबाइल पहुंच गए. इस बात की पुष्टि तब हुई, जब लॉरेंस ने जेल से ही फोन करके आनंदपाल के सियासी विरोधी रहे सीकर के पूर्व सरपंच सरदार राव की अपने मोहाली के शूटर रविंदर काली को भेजकर 27 अगस्त 2017 को हत्या करवा दी. इतना ही नहीं जोधपुर में अपनी धाक जमाने के लिए लॉरेंस ने 17 सितंबर को सरेआम अपने शूटर हरेंद्र जाट और रविंदर काली से जोधपुर के कारोबारी वासुदेव इसरानी की हत्या करवा दी. इसके बाद तो आनंदपाल गैंग के लोग भी उसे अपना सरगना मानने लगे. हालांकि पुलिस लॉरेंस के गुर्गों को गिरफ्तार करने में कामयाब रही, लेकिन लॉरेंस ने फिर से नए लोग इकट्ठा कर लिए. जेल से जो भी जमानत पर बाहर जाता, वो लॉरेंस का आदमी बन जाता और उसके लिए काम करने लगता.

आनंदपाल राजस्थान का सबसे बड़ा गैंगेस्टर माना जाता था. इसके एनकाउंटर के बाद लॉरेंस बिश्नोई ने जेल से ही उसके गैंग की कमान संभाल ली है.

जेल में बैठकर अपनी आपराधिक सत्ता चला रहा लॉरेंस विश्नोई पुराने मामले की सुनवाई के दौरान 5 जनवरी को राजस्थान के जोधपुर में पेशी पर पहुंचा था. पेशी से लौटने के दौरान पुलिस की जीप में मीडिया के लोगों ने उससे जुड़े मुकदमों पर सवाल किया. इस दौरान उसने कहा कि उसपर लगे सभी मुकदमे गलत हैं और पुलिस उसे फंसा रही है. इस दौरान लॉरेंस ने कहा-

‘पुलिस का क्या है. जो हाथ आ जाता है उस पर आरोप लगा देती है… आज मुझ पर आरोप लगाया है, कल कोई और पकड़ा जाएगा तो उस पर आरोप लगा देंगे. मैं तो एक स्टूडेंट हूं. मेरा आपराधिक मामलों से कोई लेना देना नहीं है. अपराध क्या होता है? यह तो जब सलमान खान को यही मारूंगा तो पता चलेगा’.

उसकी बातचीत सुनिए-

हत्या, लूट, रंगदारी, अवैध वसूली और जान से मारने की कोशिश के 50 से भी अधिक मुकदमों में नाम आने वाले लॉरेंस विश्नोई ने अब सुपर स्टार सलमान खान को मारने की धमकी दी है. इसके बाद से जोधपुर में और खास तौर पर सलमान खान की सुरक्षा बढ़ा दी गई है.

सलमान खान की जोधपुर कोर्ट में पेशी होती रहती है. लॉरेंस ने जोधपुर में ही सलमान खान को मारने की धमकी दी है.

राजस्थान के जानकारों का मानना कि लॉरेंस विश्नोई ने काले हिरण के शिकार को लेकर सलमान खान को मारने की धमकी दी है. इसके पीछे एक वजह भी है. राजस्थान का विश्नोई समाज काले हिरण की पूजा करता है. सलमान खान पर काले हिरण को मारने के जो आरोप लगे हैं, उनका मुकदमा भी विश्नोई समाज ही लड़ रहा है. जोधपुर की अदालत में ये मामला चल रहा है और सलमान खान को पेशी पर यहां आना पड़ता है. लॉरेंस खुद विश्नोई समाज से आता है. अजमेर की जेल में आने के बाद उसे राजस्थान के सबसे बड़े गैंगेस्टर माने जाने वाले आनंदपाल के गुट का भी साथ मिल गया है. ऐसे में सलमान खान को दी गई धमकी राजस्थान पुलिस किसी भी सूरत में हल्के में नहीं लेगी.


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