Submit your post

Follow Us

सात साल पहले केजरीवाल ने वो बात कही थी जो आज वो ख़ुद नहीं सुनना चाहते

दिल्ली सीएम अरविंद केजरीवाल और सोशल मीडिया का पुराना नाता है. लेकिन दिल्ली से हिंसा का नाता नया जुड़ा है. हिंसा जो 23 फरवरी, 2020 को शुरू हुई. दिन रविवार. दिल्ली के जाफराबाद में नागरिकता क़ानून में बदलाव को लेकर विरोध प्रदर्शन चल रहा था. इसी बीच जाफराबाद से हिंसा की ख़बरें आने लगीं. जाफराबाद से शुरू होकर हिंसा नॉर्थ ईस्ट दिल्ली के लगभग 10 इलाकों तक पहुंच गई. दिल्ली पुलिस के एक जवान समेत 11 लोगों की मौत हो गई. दिल्ली पुलिस ने कई ज़िलों में धारा 144 लगा दी. वेलकम मेट्रो स्टेशन समेत नॉर्थ ईस्ट दिल्ली में आने वाले कई मेट्रो स्टेशन बंद कर दिए गए. नॉर्थ ईस्ट दिल्ली के चार इलाकों में कर्फ्यू लगा दिया गया है और पुलिस को शूट ऐट साइट के आदेश दिये गए हैं.

अब इन्हीं सबके बीच सात साल पुराना एक ट्वीट चर्चा में आ गया है. अरविंद केजरीवाल का ट्वीट. तब अरविंद दिल्ली के सीएम नहीं थे. शीला दीक्षित सीएम थीं. साल था 2013. लगातार बलात्कार की घटनाओं की वजह से दिल्ली को ‘रेप कैपिटल’ कहा जाने लगा था. 2012 में निर्भया कांड की वजह से दुनिया भर में दिल्ली बदनाम हुई थी. आज की ही तरह दिल्ली वालों में डर का माहौल था.जब भी ऐसी कोई घटना आती शीला दीक्षित कहतीं, ‘दिल्ली की पुलिस हमारे कंट्रोल में नहीं है, हम क्या कर सकते हैं?’ शीला दीक्षित का कहना था कि दिल्ली पूर्ण राज्य नहीं है और दिल्ली की पुलिस जब दिल्ली सरकार के हाथ में नहीं है तो क़ानून व्यवस्था की जवाबदेही दिल्ली सरकार की नहीं है.

उसी वक़्त में अरविंद केजरीवाल ने एक ट्वीट किया था. लिखा कि शीला दीक्षित हर रेप के बाद एक ही बात कहती हैं ‘मैं क्या कर सकती हूं? दिल्ली पुलिस मेरे कंट्रोल में नहीं है’ क्या हमें ऐसा लाचार सीएम चाहिए?

# लेकिन अब यही ट्वीट गले की हड्डी बना

अब ये ट्वीट सीएम केजरीवाल के लिए सिर दर्द बन गया है. इस ट्वीट को सोशल मीडिया पर दबा के वायरल किया जा रहा है. कहा जा रहा है कि केजरीवाल तब तो शीला दीक्षित को लगातार कोसते रहते थे. कहते थे कि सीएम लाचार है. लेकिन अब केजरीवाल भी यही तर्क देते हैं. कहते हैं कि एक बार बस हमें दिल्ली पुलिस दिला दो, फिर देखना.

# दोस्त दोस्त न रहा

सोशल मीडिया पर इस ट्वीट को लेकर खिंचाई की शुरुआत केजरीवाल के अपने ही लोगों ने की. उनके सहयोगी रहे कुमार विश्वास ने बिना किसी कमेंट के इस ट्वीट को री-ट्वीट कर दिया.

जनता जैसे गेंद लपकने के लिए तैयार बैठी ही थी. सवाल शुरू हो गए कि अब सीएम केजरीवाल भी वही तर्क क्यों दे रहे हैं जिसके वो ख़िलाफ़ रहा करते थे.

# केजरीवाल ने क्या कहा?

सीएम अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली हिंसा पर 25 फरवरी को मीडिया को संबोधित किया. जनता से शांति बनाए रखने की अपील की. कहा कि जो भी मामला है उसे शांति से बैठकर हल किया जा सकता है, हिंसा से नहीं. केजरीवाली ने कहा, “एक हेड कॉन्स्टेबल की मौत हो गई और कुछ पुलिस वाले घायल हुए हैं. इसके अलावा और सिविलियंस की मौत हुई है. ये सब लोग हमारे ही लोग थे. दिल्ली के ही थे.और अगर इसी तरह से चलता रहा तो कल को किसी का भी नंबर आ सकता है.”


वीडियो देखें:

शाहीन बाग के बाद जाफराबाद में महिलाएं धरने पर बैठी और ‘जय भीम’ के नारे लगाने लगीं

लगातार लल्लनटॉप खबरों की सप्लाई के लिए फेसबुक पर लाइक करें

न्यू मॉन्क

दुनिया के पहले स्टेनोग्राफर के पांच किस्से

अनंत चतुर्दशी और गणेश विसर्जन के अवसर पर पढ़िए गणपति से जुड़ी कुछ रोचक बातें.

यज्ञ में नहीं बुलाया गया तो शिव ने भस्म करवा दिया मंडप

शिव से बोलीं पार्वती- 'आप श्रेष्ठ हो, फिर भी होती है अनदेखी'.

नाम रखने की खातिर प्रकट होते ही रोने लगे थे शिव!

शिव के सात नाम हैं. उनका रहस्य जानो, सीधे पुराणों के हवाले से.

ब्रह्मा की हरकतों से इतने परेशान हुए शिव कि उनका सिर धड़ से अलग कर दिया

बड़े काम की जानकारी, सीधे ब्रह्मदारण्यक उपनिषद से.

एक बार सत्यवादी राजा हरिश्चंद्र ने भी झूठ बोला था

राजा हरिश्चंद्र सत्य का पर्याय हैं. तभी तो कहा जाता है- सत्यवादी राजा हरिश्चंद्र. पर एक बार हरिश्चंद्र ने भी झूठ कहा था. क्यों कहा था?

जटायु के पापा का सूर्य से क्या रिश्ता था?

अगर पूरी रामायण पढ़े हो तो पता होगा. नहीं पता तो यहां पढ़ो.

ब्रह्मा की पूजा से जुड़ा सबसे बड़ा झूठ, बेटी से नहीं की थी शादी

कहते हैं कि बेटी सरस्वती से विवाह कर लिया था ब्रह्मा ने. इसीलिए उनकी पूजा नहीं होती. न मंदिर बनते हैं. सच ये है.

उपनिषद् का वो ज्ञान, जिसे हासिल करने में राहुल गांधी को भी टाइम लगेगा

जानिए उपनिषद् की पांच मजेदार बातें.

औरतों को कमजोर मानता था महिषासुर, मारा गया

उसने वरदान मांगा कि देव, दानव और मानव में से कोई हमें मार न पाए, पर गलती कर गया.

राम-सीता की शादी के लिए नहीं हुआ था कोई स्वयंवर

न स्वयंवर हुआ था, न उसमें रावण आया था: रामायण का एक कम जाना हुआ सच.