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IIT, NIT से पास होकर इंजीनियरों की क्वॉलिटी सुधार रहे सैकड़ों टीचर सड़कों पर क्यों हैं?

देश के 12 राज्यों के तमाम इंजीनियरिंग संस्थानों में पढ़ा रहे 1,554 टीचर्स की नौकरी 30 सितंबर को एक झटके में छूट सकती है. केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी टेक्निकल एजुकेशन क्वालिटी इंप्रूवमेंट प्रोग्राम (TEQIP) के तहत इन्हें कॉट्रेक्ट बेसिस पर नौकरी दी गई थी. फिलहाल इनका भविष्य अधर में है.

क्या है मामला?

दरअसल, केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय (MHRD) ने वर्ल्ड बैंक के साथ मिलकर अप्रैल 2017 से एक प्रोजेक्ट शुरू किया था. प्रोजेक्ट का नाम है TEQIP ( Technical Education Quality Improvement Programme).

 MoU, जिसे राज्य सरकारों और MHRD के साथ साइन किया गया.
MoU, जिसे राज्य सरकारों और MHRD के साथ साइन किया गया.

कम आय वाले राज्यों पर विशेष ध्यान देते हुए यह प्रोजेक्ट शुरू किया गया. केंद्र के साथ बिहार, छत्तीसगढ़, झारखंड, मध्य प्रदेश, ओडिशा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, जम्मू कश्मीर, उत्तराखंड, अरुणाचल प्रदेश, असम, मणिपुर, सिक्किम, त्रिपुरा समेत कई राज्यों ने एमओयू यानी सहमति पत्र साइन किए थे.

चिन्हित राज्यों में पहले से मौजूद इंजीनियरिंग संस्थानों में तकनीकी शिक्षा की क्वालिटी सुधारने के लिए TEQIP कार्यक्रम के तीन चरण शुरू किए गए थे. योजना के तीसरे चरण में, अप्रैल 2017 में 10 चिन्हित राज्यों और दो केंद्र शासित प्रदेशों में 53 इंजीनियरिंग कॉलेजों में 1,554 टीचर्स की नियुक्ति की गई थी.

ये असिस्टेंट प्रोफेसर देश के प्रमुख संस्थानों- भारतीय विज्ञान संस्थान (IISc), भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों (IITs) और राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थानों (NITs) से ग्रेजुएट अथवा पोस्ट ग्रेजुएट हैं. इन्हें तीन साल के लिए कॉन्ट्रैक्ट बेसिस पर नियुक्त किया गया. इन 1,554 शिक्षकों का कार्यकाल इस साल सितंबर में समाप्त होने जा रहा है,  MHRD ने अब तक कॉन्ट्रैक्ट रिन्यू करने पर कोई निर्णय नहीं लिया है.

शिक्षक दिवस के दिन विरोध में सड़क पर उतरे शिक्षकों के इस टेंट को अगले दिन प्रशासन ने हटवा दिया था.
शिक्षक दिवस के दिन विरोध में सड़कों पर उतरे टीचर्स के इस टेंट को अगले दिन प्रशासन ने हटवा दिया.

हमारी बात उज्जैन इंजीनियरिंग कॉलेज, मध्य प्रदेश में पढ़ा रहे अंशुल अवस्थी से हुई. अंशुल ने IIT Delhi से M.Tech. की पढ़ाई की है. उन्होंने कहा,

जिस वक्त हमने इस नौकरी को जॉइन किया था, हमने कभी नहीं सोचा था कि हमें सड़क पर आना पड़ेगा. क्वालिटी इंप्रूवमेंट लगातार चलने वाली प्रक्रिया है. यह दो साल या समय में बांधकर नहीं तय की जा सकती है. आपने हमें यहां भेजा, हमने अपनी जिम्मेदारी निभाई. हमारी मोदी जी से, शिक्षा मंत्री जी से विनती है कि हमारे बारे में सोचें. हम जिन आईआईटी, एनआईटी से पढ़कर आए हैं, वो भी ये देखते होंगे तो उन्हें दुख होता होगा. 

 उज्जैन इंजीनियरिंग कॉलेज में कैंपस के बाहर ऑनलाइन क्लास लेते विरोध में उतरे TEQIP शिक्षक.
उज्जैन इंजीनियरिंग कॉलेज में कैंपस के बाहर ऑनलाइन क्लास लेते विरोध में उतरे TEQIP शिक्षक.

TEQIP प्रोग्राम के तहत नियुक्त टीचर बीते कई दिनों से लगातार प्रोटेस्ट कर रहे हैं. वह विरोध स्वरूप कैंपस के बाहर टेंट लगाकर क्लास लेने की बात कर रहे हैं. ऐसे ही एक टीचर पराग अग्रवाल से हमारी बात हुई. पराग भी उज्जैन इंजीनियरिंग कॉलेज में वर्किंग हैं. उनका कहना है,

आप हमारे द्वारा पढ़ाए गए स्टूडेंट्स का GATE क्वालिफिकेशन स्टेट्स देख लें. यह लगातार बढ़ा है. इसकी सराहना नीति आयोग, खुद MHRD और कॉलेज अथॉरटी करती आ रही हैं. हमने हर विभाग में लैब डेवलप करवाया है. हम तो स्टूडेंट्स को सिखाते हैं कि IITs और NITs में कैसे काम कर सकते हैं. वहां रोजगार और आगे बढ़ने के कितने अवसर हैं, लेकिन जब वहीं से पढ़े टीचर सरकार की नीतियों के कारण बेरोजगारी के दरवाजे पर खड़ें हों तो क्या सिखाया जाए?

इस मामले में राज्य सरकारें भी किसी समाधान के साथ सामने नहीं आ रही हैं. उन्होंने मंत्रालय को पत्र लिखा है. और अब इंतज़ार में बैठे हैं. प्रोफेसरों का कहना है कि उन्होंने विभिन्न कॉलेजों में उच्चस्तरीय मशीनें और लैब का बंदोबस्त कराया. वो सबकुछ अभी व्यवस्थित हो ही रहा था कि उनकी नौकरी पर बन आई है.

इस पूरे मुद्दे पर हमने TEQIP के संबधित अधिकारियों से बात करने की कोशिश की. उनकी वेबसाइट पर मौजूद सभी नंबरों, इमेल और फीडबैक सेक्शन में अपने सवाल रखे. कमाल ये कि लगातार रिंग जाने के बाद भी ना तो कोई फोन उठा और ना ही खबर लिखे जाने तक ईमेल का ही कोई जवाब आया. इस खबर को लेकर ज़रूरी अपडेट या संबधित अधिकारियों के रिस्पॉन्स पर हम आपको जरूर अवगत कराएंगे.


रंगरूट. दी लल्लनटॉप की एक नई पहल. जहां पर बात होगी नौजवानों की. उनकी पढ़ाई-लिखाई और कॉलेज-यूनिवर्सिटी कैंपस से जुड़े मुद्दों की. हम बात करेंगे नौकरियों, प्लेसमेंट और करियर की. अगर आपके पास भी ऐसा कोई मुद्दा है तो उसे भेजिए हमारे पास. हमारा पता है  YUVA.LALLANTOP@GMAIL.COM


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