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नहीं सर, मुझे तो नहीं पता. आप ही कुछ बताइए न. मुझे तो बस इत्ता पता है कि हिमालय सबसे हसीन और जवान पर्वत है. धरती की 10 सबसे ऊंची चोटियों में से 9 इस पर हैं. सिंधु, जिसके नाम पर हम हिंदुस्तान कहलाए, इसी की कोख से निकलती है. और वह मां गंगा भी जिसके बुलाने पर मोदी बनारस जाते हैं. ब्रह्मपुत्रा भी, जिसकी धार पर एक दिन मैं पक्का से तैरने जाऊंगा. और एक बात. रहस्य तो नहीं. क्योंकि मेरे आपके पुरखों ने इसका पता लगा लिया. मौजू है तो बता रहा हूं. ये बहुत से भी बहुत समय पहले की बात है. यही कोई लगभग 7 करोड़ साल पहले की. जमीन का एक टुकड़ा था. उसका नाम था इंडो ऑस्ट्रेलियन प्लेट. वो खिसकने लगा. राइट साइड को. उसने यूरेसियन प्लेट को मारी टक्कर. आज कल की तरह जोर से नहीं. हौले हौले से. इसके चक्कर में क्या हुआ कि 2 करोड़ साल के अंदर बीच का समंदर जिसका नाम टेथिस था, निपट गया. जो बचा, वह दाएं बाएं कट लिया. प्लेट फिर भी आगे खिसकती रही. बल्कि अभी जब आप ये जवाब पढ़ रहे हैं, तब भी खिसक रही है. टेथिस का पानी निकला और जमीन उठने लगी. उठती गई, उठती गई, उठती गई. फिर इत्ता उठ गई कि उसे ठंड लगने लगी. मतलब ऊपर तो बहुत हवा चलती है न. फिर खूब बर्फ हो गई. सब बोले, अहो, कितना सफेद है. बर्फ का घर हो जैसे. हिमालय हो जैसे. और हां, आज भी उठ रहा है ऊंचा हिमालय. 67 मिलीमीटर ऊंचा हो जाता है हर साल.
विकास टिनटिन edited question ago
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