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चाय बनाने की विधि को “जैसे पापात्माओं को नर्क में उबाला जा रहा हो” कहकर डिस्क्राइब कौन सी हिंदी कहानी (शायद हंस में सालों पहले छपी) में किया गया है, आपको याद है क्या सरजी? हमें यह बहुत दिनों से परेशान किए है और याद नहीं आ रहा है. सोचा आपसे पूछें आपको याद हो तो.


ये तो भइया हमको बिलकुल नहीं पता. कहानी तो हम भी खूब पढ़ते थे अपनी अर्ली जवानी में. उसी लोभ में बीएससी के बाद हिंदी से एमए कर लिया. मगर ये लाइन तो नहीं याद आ रही. गूगल हमने भी किया. आपने भी किया होगा. वहां भी नहीं मिली. किसी और बड़े जानकार से पूछें. कहानी पर जिसका जबर काम हो. या फिर हंस के दफ्तर में जाकर ट्राई कर सकते हैं. गौरीनाथ जी और संजीव जी से पूछ सकते हैं. उन्होंने हंस को बहुत समय दिया.

हंस की वैसे आपने कमाल चलाई. हम आज यहां बैठे आपको ये जवाब लिख रहे हैं. इसमें हंस का भी रोल है. बहुत समय पहले से बहुत समय बाद की बात है. इलाहाबाद में थे. जेब में थे रुपये 20. खरीदी हंस. पढ़ी कहानी पीली छतरी वाली लड़की. और दिमाग सटक गया. हिंदी में कहानी ऐसे भी हो सकती है. जूजू घूमने लगा तब से. उसी सनक में पहले हिंदी साहित्य में आए और फिर पत्रकारिता में. ऐसे भी हो सकती वाला सुरूर. जिनका नतीजा लल्लनटॉप. और हां. कहानी के इस वनलाइनर का सोर्स पता चले तो हमें जरूर बताना.

 

आशीष दैत्य edited question ago
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