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भाषण देने का मन नहीं. वर्ना कहते. न हिंदू बनेगा, न मुसलमान बनेगा. इंसान की औलाद है, इंसान बनेगा. हम क्या हैं. ये पूछा आपने. वही जो आप हैं. नाम देखिए आप अपना. मैक मोहन. बस एक नाम. सुंदर सा. प्यारा सा. मोहन की जगह मोहम्मद भी होता तो भी ये हर्फ यूं ही हरारत देते. किसी का होना. बस होना भी. बहुत अच्छा होता है. यकीन न हो तो अपने मां-बाप से पूछिए. जो अपनी औलादों को बस देखकर ही हरियाये रहते हैं. इस देश में रहने वाला हर व्यक्ति, उसका मजहब चाहे जो भी हो. इस देश की औलाद है. यूं कब तक फतवे देते रहेंगे आप उनके लिए. मुल्ला बनने के लिए बहुत मेहनत करनी पड़ती है दोस्त. तमाम धार्मिक किताबें पढ़नी होती हैं. पढ़ते हम भी हैं. धरम भी और उसके तले दुनिया भर में जो करम हो रहे हैं वे भी. मगर हम लोगों का मिजाज कर्मकांड वाला नहीं है. अव्वल दर्जे के वामपंथी कैसे होते हैं. या वामपंथी कैसे होते हैं. इसे लेकर आपकी जो समझ है. उस पर मुझे शक है. ये अकल न्यूज टीवी की यूरिया से बढ़ी है. ज्यादातर की. उन्होंने वामपंथियों के बारे में राय बना रखी है. हमारे हिसाब से अव्वल दर्जे का वामपंथी वो होता है, जो धर्म में यकीन नहीं रखता. मौजूदा समाज व्यवस्था को मार्क्स की दी हुई थ्योरी के हिसाब से निरखता है. मजदूरों के साथ साम्य रखता है. सरल जीवन जीता है. और कमजोर तबके के लोगों के लिए संघर्ष करता है. इस संघर्ष से वह जो हासिल करता है, उसका कचरा भी करता है. जैसे शासन काल के आखिरी दिनों में बंगाल में किया. नंदीग्राम और सिंगूर हम भी नहीं भूले हैं साथी. या फिर अभी जो केरल में चल रहा है, उस पर भी नजर है. और हम इस देश को इस्लामिक स्टेट क्यों बनाएंगे. हमारे आपके पुरखे देश को पहले ही पंथ निरपेक्ष घोषित कर चुके हैं. और देखिए. क्या खूब तरक्की कर रहा है. देखना है तो पड़ोसियों को भी देख ही लीजिए. नॉर्थ में नेपाल और वेस्ट में पाकिस्तान. एक हिंदू राष्ट्र था, दूसरा मुस्लिम बहुल डेमोक्रेसी है, लेकिन कंजर्वेटिव है. दोनों जगह मारकाट बुरा हाल है. धत्ते तेरे की मची हुई है. अपन तो ऐसे ही भले. इंडिया सर ये चीज धुरंधर दिल है दलिद्दर पेट समंदर... और इसकी तलछटी में सबके लिए गुंजाइश है. हम चाहते हैं कि ये मुल्क मुल्क बना रहे. जहां कोई डर के साथ न जिए. जहां किसी के साथ उसके धर्म या राज्य या जाति के नाम पर भेदभाव न हो. जहां किसी को लिंग के चलते नीचा न देखना पड़े.  
चंचल शुभी edited question ago
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