घर में कुत्ते पालने का शौक तमाम लोगों को होता है. शहर हो या गांव, सब जगह. इसके पीछे सेक्योरिटी एक वजह है. लोग इसलिए भी कुत्ता रखते हैं क्योंकि वो जल्दी घुल-मिल जाते हैं. लेकिन है तो वो कुत्ता ही. एक जानवर. जो बोल नहीं सकता, अपनी बात समझा नहीं सकता. आप खिसिया के चार लाठी मार भी दो तो कुछ रोकर रह जाएगा. पर कुछ तो जरूर होता होगा तभी तो वो कुछ नहीं करता अपने मालिक के साथ. K9 एक स्कूल है. कुत्तों का स्कूल. जहां कुत्ते की ट्रेनिंग तो होगी ही. उसके साथ उसके मालिक की भी. ताकी दोनों एक-दूसरे को बेहतर समझ सकें. इसके अलावा भी कई तरह की सुविधाएं K9 स्कूल में मौजूद हैं. जैसे कि, जिम, स्विमिंग पूल, प्ले एरिया, मेडिकल, स्पा, सॉना.

स्कूल के CEO अदनान खान के मुताबिक अगर आपका कुत्ता आक्रामक हो जाए, तो इसमें 70 % दोष आपके व्यवहार का होता है. और इसलिए इंसानों को अपने बिहेवियर में बदलाव लाने की जरूरत होती है. जिससे कुत्ते भी उसके हिसाब से ही रियेक्ट करते हैं.

स्कूल में एक और सुविधा है. अक्सर घर में जानवर होने के चलते फैमिली के किसी एक मेंबर को उसकी देख-रेख करने के लिए रुकना पड़ता है. जब आफ छुट्टी पर हो तो आब आपको अपने प्यारे पेट की चिंता करने की जरूरत नहीं. K9 में आप अपने डॉग को बेफिक्र होकर छोड़ सकते हैं. यहां पर उसके खाने-पीने से लेकर सूसू-पॉटी सब का ख्याल रखने के लिए लोग हैं. मतलब बिल्कुल होम वाली फीलिंग आएगी डॉगी को. और हां अगर आप अपने पेट्स के लिए कुछ खरीदना चाहते हैं तो वो भी K9 स्कूल से खरीद सकते हैं.