बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी 2020-21 का चौथा टेस्ट ब्रिसबेन में होना है. कम से कम पहले से तय शेड्यूल तो यही बताता है. लेकिन इस टेस्ट पर अब तक चीजें साफ नहीं हो पाई हैं. रिपोर्ट्स हैं कि इंडियन क्रिकेटर्स इस टेस्ट के लिए ब्रिसबेन नहीं जाना चाहती. अभी तक यह ख़बरें बस मीडिया की अटकलें लग रही थीं लेकिन अब इस मसले पर BCCI का रुख साफ होता दिख रहा है. इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक BCCI ने बीते गुरुवार, 7 जनवरी को क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया को चिट्ठी लिखी है. इस चिट्ठी के जरिए BCCI ब्रिसबेन के क्वारंटीन प्रोटोकॉल्स में छूट चाहता है. दावा है कि BCCI के एक टॉप एग्जिक्यूटिव ने CA के हेड अर्ल एडिंग्स को सहमति पत्र (MOU) की याद दिलाते हुए चिट्ठी लिखी है. गौरतलब है कि MOU में इस बात का कोई ज़िक्र नहीं था कि टीम को दो अलग-अलग शहरों में दो कड़े क्वारंटीन का पालन करना होगा.
# BCCI का लेटर
ब्रिसबेन टेस्ट 15 जनवरी से शुरू होगा. यहां के क्वारंटीन नियमों के मुताबिक प्लेयर्स अपने होटल के कमरों से बाहर नहीं निकल पाएंगे. इतनी कड़ाई के चलते ही प्लेयर्स ब्रिसबेन जाने के इच्छुक नहीं हैं. इस मसले पर एक सीनियर BCCI ऑफिशल ने पीटीआई से कहा,
'बातचीत चल रही है. लेकिन आज BCCI ने कड़े क्वारंटीन नियमों में छूट के लिए एक फॉर्मल लेटर लिख दिया है. MOU में इस बात का कोई ज़िक्र नहीं था कि दो कड़े क्वारंटीन होंगे. भारत पहले ही सिडनी में एक कड़े क्वारंटीन से गुजर चुका है.'
इस ऑफिशल ने यह भी बताया कि BCCI ने CA से कैसी छूट मांगी है. उन्होंने कहा,
'BCCI की मांग साधारण है. प्लेयर्स IPL की तरह होटल के बायो बबल में एक-दूसरे से मेल-जोल रखना चाहते हैं. वे होटल के अंदर साथ भोजन करना चाहते हैं और टीम मीटिंग्स भी साथ ही करना चाहते हैं. यह कोई बड़ी मांग नहीं है.'
क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया की बात करें तो उन्होंने पहले ही कहा है कि प्लेयर्स अपने कमरों के बाहर मेल-जोल कर सकते हैं. लेकिन सिर्फ अपने फ्लोर के प्लेयर्स के साथ. अलग-अलग फ्लोर के प्लेयर्स एक-दूसरे से नहीं मिल सकते. अगर क्वींसलैंड की सरकार नहीं मानती, तो चौथा टेस्ट उन्हीं तारीखों पर सिडनी में खेला जा सकता है. लेकिन यह अभी दूर की कौड़ी है.