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जब दिल्ली में एक प्रोग्राम में बेहोश हो गए थे जगदीप धनखड़, इस्तीफा देने से 4 दिन पहले की बात है

17 जुलाई को Jagdeep Dhankhar दिल्ली में एक कार्यक्रम में शामिल हुए थे. जब वे अपनी पत्नी और दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना के साथ एक बगीचे में घूम रहे थे, तो अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई और वे बेहोश हो गए.

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जगदीप धनखड़ हाल ही में एक कार्यक्रम के दौरान बेहोश हो गए थे (फोटो: इंडिया टुडे)

उपराष्ट्रपति के पद से इस्तीफा देने वाले जगदीप धनखड़ (Jagdeep Dhankhar Resignation) की ‘सेहत वाली बात’ किसी के गले नहीं उतर रही है. संसद के मॉनसून सत्र के पहले दिन वह जिस तरह से पूरे दिन एक्टिव रहे. मीटिंग्स में हिस्सा लिया, उससे इस बात पर भरोसा करना मुश्किल है कि स्वास्थ्य का हवाला देकर वह इस्तीफा दे सकते हैं. लेकिन इसी बीच इंडिया टुडे के सूत्रों के जरिए यह बात सामने आई है कि पिछले दिनों दिल्ली में एक कार्यक्रम के दौरान धनखड़ बेहोश हो गए थे. ये बहुत पुरानी नहीं बल्कि उनके इस्तीफा देने से 4 दिन पहले की बात है. 

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इंडिया टुडे की रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से बताया गया कि बीती 17 जुलाई को जगदीप धनखड़ दिल्ली में एक कार्यक्रम में शामिल हुए थे. जब धनखड़ अपनी पत्नी और दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना के साथ एक बगीचे में घूम रहे थे, तो अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई और वे बेहोश हो गए. इसके बाद उन्हें कार्यक्रम से बाहर ले जाया गया. 

बता दें कि इसी साल मार्च में  सीने में तकलीफ के बाद धनखड़ को एम्स में भर्ती कराया गया था. यहां उनकी एंजियोप्लास्टी हुई थी. यह एक ऐसी सर्जिकल प्रक्रिया होती है, जिसमें दिल की मांसपेशियों तक ब्लड सप्लाई करने वाली रक्त वाहिकाओं को खोला जाता है. मेडिकल भाषा में इन रक्त वाहिकाओं को कोरोनरी आर्टरीज़ कहते हैं.

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हालांकि, इसके बाद धनखड़ दफ्तर में वापस भी लौटे और कई सत्रों की अध्यक्षता भी की. इसके अलावा भी तमाम कार्यक्रमों में उनकी आवाजाही जारी रही. सोमवार को भी उनकी गतिविधियों से किसी को शक नहीं हुआ कि वह स्वास्थ्य का हवाला देकर पद छोड़ देंगे.  

धनखड़ ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को संबोधित अपने इस्तीफे में कहा, 

स्वास्थ्य देखभाल को प्राथमिकता देने और चिकित्सा सलाह का पालन करने के लिए मैं संविधान के अनुच्छेद 67 (ए) के अनुसार, तत्काल प्रभाव से भारत के उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफा देता हूं.

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इंडिया टुडे की सीनियर रिपोर्टर मौसमी सिंह के मुताबिक, मानसून सत्र के पहले दिन जगदीप धनखड़ पूरी तरह से एक्टिव थे. संसद में उन्होंने कई मीटिंग भी अटेंड की. 21 जुलाई की शाम 6 बजे उन्होंने विपक्ष के सांसदों से मुलाकात भी की. इस दौरान उन्होंने खराब स्वास्थ्य का कोई जिक्र नहीं किया था लेकिन 3 घंटे बाद ही उनका इस्तीफा आ गया.

जगदीप धनखड़ के फैसले पर इसलिए भी लोग हैरान हैं क्योंकि उनके आगे के कई कार्यक्रम भी प्रस्तावित थे. 23 जुलाई को उन्हें जयपुर जाना था. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और मुख्य सचेतक जयराम रमेश ने बताया कि उन्होंने 21 जुलाई की शाम 7:30 बजे धनखड़ से टेलीफोन पर बात की थी. तब धनखड़ अपने परिवार के साथ थे और उन्होंने कहा कि वह कल उनसे बात करेंगे. 

वीडियो: उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने दिया इस्तीफा, पत्र में क्या लिखा?

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