Submit your post

रोजाना लल्लनटॉप न्यूज चिट्ठी पाने के लिए अपना ईमेल आईडी बताएं !

Follow Us

ये लड़की शरीर के बाल शेव न करने का कैंपेन चला रही है

बाल हटवाना खूबसूरती की निशानी क्यों है?

फिटनेस ब्लॉगर मॉर्गन मीकेनस इंस्टाग्राम पर खूब एक्टिव हैं. और पिछले कुछ दिनों से बड़े ही अनोखे तरीके से लोगों को नैचुरल ब्यूटी का मतलब समझा रही हैं. मॉर्गन लोगों को पैर और कांख के बाल न हटाने की के लिए प्रेरित कर रही हैं.

वो चाहती हैं कि इन्होंने जैसे नैचुरल खूबसूरती को अपनाया है. वैसे ही दूसरे लोग भी अपनाएं. मॉर्गन ने पिछले एक साल से अपने शरीर के बालों को शेव नहीं किया है. मॉर्गन के बॉयफ्रेंड का भी मानना है कि वो उन्हें इसी तरह खूबसूरत लगती हैं.

मॉर्गन अपने इंस्टग्राम पर लिखती हैं कि नैचुरल ब्यूटी को मानना अच्छा होता है. आप जैसे हो वैसे ही रहना चाहिए. मेरे लिए खूबसूरती का मतलब ये है कि किसी के कहने से पहले ये मान लूं कि मैं खूबसूरत हूं. आप जैसे भी हो, वैसे ही खूबसूरत होते हो.

अपने यूट्यूब वीडियो में मॉर्गन शेव न करने की वजह भी बताती हैं:

# जब मैं 11-12 साल की थीं तो जिम जाती थी. वहां किसी ने मुझे हेयरी लेग्स के लिए टोका था. हेयर शेव न करने का एक कारण ये भी है.

# हेयर शेव या वैक्स करने में बहुत समय लगता है.

# शेव और वैक्स के बाद जब बॉडी के बाल निकलते हैं तो वो बेहद चुभते हैं.

मॉर्गन बताती हैं कि वो एक चाइल्ड केयर सेंटर में काम करती थीं. जब वो बच्चों को स्वीमिंग के लिए ले जाती थीं तो लोग बेहद क्रूर प्रतिक्रिया देते थे. किसी ने मॉर्गन को कहा कि तुम मर्द की तरह दिखती हो.

मॉर्गन ने अपनी ये तस्वीरें इंस्टाग्राम पर डाली हैं

hairylegs

hairylegs

मॉर्गन

वीडियो भी देखें कि मॉर्गन क्या कहती हैं:


ये भी पढ़ें:

लड़कियां अपना टॉप क्यों ऊपर खींचें, कांख क्यों ढंकें?

पीरियड: ‘शर्म करो, इस शब्द को जोर से मत कहो’

आदमी सेक्स के लिए लड़की बेचने जा रहा था, एयर होस्टेस ने ताड़ लिया

दुनिया देखे, ये होता है ‘औरतों की तरह’ कपड़े पहनना

लल्लनटॉप न्यूज चिट्ठी पाने के लिए अपना ईमेल आईडी बताएं !

लगातार लल्लनटॉप खबरों की सप्लाई के लिए फेसबुक पर लाइक करें

आरामकुर्सी

हिंदुस्तान से निकली मुसलमानों की वो क़ौम, जो पाकिस्तान में जुल्म की शिकार है

दरबदर क़ौमें : रोहिंग्या पर हो रहे ज़ुल्म के खिलाफ आवाज़ उठाने वालों को इस क़ौम पर हुए ज़ुल्म को भी नहीं भूलना चाहिए.

जिस पर दाऊद से मिले होने का आरोप लगा, उसी पुलिसवाले ने दाऊद के भाई को दबोच लिया है

1989 से 2006 के बीच 17 साल में इस एक पुलिस अधिकारी ने 113 एनकाउंटर किए.

कुर्द : मुसलमानों की इस क़ौम ने जब भी अलग देश की मांग की, तब मारे गए

दरबदर क़ौमें-2 : रोहिंग्या के अलावा सताई हुई क़ौम. इस क़ौम का इराक़ में कत्लेआम हुआ, टर्की में हमले हुए. सीरिया से भगाए गए.

शबाना आज़मी का प्यार क्यों सबके प्यार से मुख्तलिफ है!

इतनी सिने तारिकाओं की भीड़ में शबाना को कैसे पहचानें, उन्‍हें कैसे खोजें, कहां पाएं?

मुसलमानों की वो क़ौम, जिसे मुसलमान ही क़त्ल कर दे रहे हैं

रोहिंग्या मुस्लिम की बात करने वालों को इन क़ौमों का दर्द भी महसूस करना चाहिए.

पीएम मोदी के जन्मदिन का ये तोहफा देश को बड़ा महंगा पड़ा है

सरदार सरोवर बांध की वजह से पांच लाख लोगों को घर छोड़ना पड़ सकता है.

वो 7 सांसद, जो 2014 में चुनाव जीते, लेकिन कार्यकाल पूरा न कर सके

इस लिस्ट में पांच सांसद बीजेपी के हैं. जानिए कब और कैसे हुई इनकी मौत.

उस इंसान की कहानी, जिसके आगे मोदी हाथ जोड़ के नमन करते हैं

भाजपा की विचारधारा की शुरुआत इनकी ही बातों से हुई थी.

कबाड़ी का काम करते हैं नरेंद्र मोदी के भाई, भाभी मांजती हैं बर्तन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पूरा परिवार उनकी ऊंची अहमियत से दूर गरीबी में अनजान सी जिंदगी जी रहे हैं.

अमरा राम : राजस्थान का वो विधायक जो पुलिस की गोली से बचने ऊंट पर चढ़कर भागा था

यहां लोग कहते हैं कि सीकर में मोदी से ज्यादा कोई पॉपुलर कोई है, तो वो है अमरा राम.

सौरभ से सवाल

दिव्या भारती की मौत कैसे हुई?

खिड़की पर बैठी दिव्या ने लिविंग रूम की तरफ मुड़कर देखा. और अपना एक हाथ खिड़की की चौखट को मजबूती से पकड़ने के लिए बढ़ाया.

ये KRK कौन है. हमेशा सुर्खियों में क्यों रहता है?

केआरके इंटरनेट एज का ऐसा प्रॉडक्ट हैं, जो हर दिन कुछ ऐसा नया गंधाता करना रचना चाहता है.

चाय बनाने को 'जैसे पापात्माओं को नर्क में उबाला जा रहा हो' कौन सी कहानी में कहा है?

बहुत समय पहले से बहुत समय बाद की बात है. इलाहाबाद में थे. जेब में थे रुपये 20. खरीदी हंस...

सर आजकल मुझे अजीब सा फील होता है क्या करूं?

खुड्डी पर बैठा था. ऊपर से हेलिकॉप्टर निकला. मुझे लगा. बाबा ने बांस गहरे बोए होते तो ऊंचे उगते.

ऑफिस के ड्युअल फेस लोगों के साथ कैसे मैनेज करें?

पर ध्यान रहे. आप इस केस को कैसे हैंडल कर रहे हैं, ये दफ्तर में किसी को पता न चले.

ललिता ने पूछा सौरभ से सवाल. मगर अधूरा. अब क्या करें

कुछ तो करना ही होगा गुरु. अधूरा भी तो एक तरह से पूरा है. जानो माजरा भीतर.

ऐसा क्या करें कि हम भी जेएनयू के कन्हैया लाल की तरह फेमस हो जाएं?

कोई भी जो किसी की तरह बना, कभी फेमस नहीं हो पाया. फेमस वही हुआ, जो अपनी तरह बना. सचिन गावस्कर नहीं बने. विराट सचिन नहीं बने. मोदी अटल नहीं बने और केजरीवाल अन्ना नहीं बने.

तुम लोग मुझे मुल्ले लगते हो या अव्वल दर्जे के वामपंथी जो इंडिया को इस्लामिक मुल्क बनाना चाहते हो

हम क्या हैं. ये पूछा आपने. वही जो आप हैं. नाम देखिए आप अपना.

एक राइटर होने की शर्तें?

शर्तें तो रेंट एंग्रीमेंट में होती हैं. जिन्हें तीन बार पढ़ते हैं. या फिर किसी ऐप या सॉफ्टवेयर को डाउनलोड करने में, जिसकी शर्तों को सुरसुराता छोड़कर हम बस आई एग्री वाले खांचे पर क्लिक मार देते हैं.

मुझे कानूनी कार्रवाई करनी है. क्या करूं.

करने को तो बहुत कुछ है. हाथ हैं. बहुत लंबे. आपके नहीं. कानून के. बाकी क्लिक करो. सब पता चल जाएगा.