Submit your post

Subscribe

Follow Us

तहखाना

कुंडी न खड़काएं राजन, सीधा अंदर आएं राजन

आरामकुर्सी

अबुल कलाम आज़ाद की ये स्पीच हर मुसलमान को सुननी चाहिए

1947 में दी गई ये स्पीच आपको अंदर तक हिला देगी. अबुल कलाम ने 22 फ़रवरी को ही इस दुनिया से विदा ली थी.

आरामकुर्सी

नेहरू अगर ये झूठ न बोलते तो भारत-चीन युद्ध रुक जाता

एक बड़ी बात, जो नेहरू ने छिपाए रखी...

आरामकुर्सी

ये 9 बातें साबित करती हैं कि शिवाजी राज्य चाहते थे 'हिंदू राज्य' नहीं!

सामाजिक कार्यकर्ता गोविंद पानसरे की बरसी पर जान रहे हैं शिवाजी की असली विरासत उनकी किताब 'शिवाजी कोण होता' से.

आरामकुर्सी

कॉमेडियन आईएस जौहर का वो बोल्ड इंटरव्यू जिसे पढ़ करण जौहर भी नर्वस हो जाएं!

उन्हें दर्शकों ने एक मामूली एक्टर समझा लेकिन उनके जितने ओपन विचारों वाले और टैलेंटेड आर्टिस्ट गिनती के हुए हैं.

आरामकुर्सी

'एम्बेसडर गाड़ी हमेशा गर्भवती दिखती थी'

ये पतली, स्टाइलिश, चमकदार या कामोत्तेजक दिखने वाली नहीं थी...

आरामकुर्सी

'शरारत' वाली नानी के पास सच में मैजिकल पावर हैं

कुछ लोगों ने फरीदा जलाल के मरने की अफवाह फैला दी, हमें उनके साथ जुड़ा अपना बचपन याद आ गया.

आरामकुर्सी

क्या था जज अल्तमस कबीर का आखिरी घंटे में दिया गया 'ऐतिहासिक' फैसला

नीट परीक्षा का जिन्न जस्टिस कबीर से भी जुड़ा है.

आरामकुर्सी

नॉर्थ कोरिया से ज्यादा खतरनाक हैं चीन के ये राजनैतिक कत्ल

जी जिनपिंग ने चीन को ले लिया है अपने कब्जे में.

आरामकुर्सी

पहला भारतीय नेता, जिसने सदन से वॉक आउट किया था

गोपाल कृष्ण गोखले. गांधी और जिन्ना, दोनों के राजनीतिक गुरु. बर्थडे स्पेशल. तीन किस्से.

Loading…

दिव्या भारती की मौत कैसे हुई?

खिड़की पर बैठी दिव्या ने लिविंग रूम की तरफ मुड़कर देखा. और अपना एक हाथ खिड़की की चौखट को मजबूती से पकड़ने के लिए बढ़ाया.

ये KRK कौन है. हमेशा सुर्खियों में क्यों रहता है?

केआरके इंटरनेट एज का ऐसा प्रॉडक्ट हैं, जो हर दिन कुछ ऐसा नया गंधाता करना रचना चाहता है.

चाय बनाने को 'जैसे पापात्माओं को नर्क में उबाला जा रहा हो' कौन सी कहानी में कहा है?

बहुत समय पहले से बहुत समय बाद की बात है. इलाहाबाद में थे. जेब में थे रुपये 20. खरीदी हंस...

सर आजकल मुझे अजीब सा फील होता है क्या करूं?

खुड्डी पर बैठा था. ऊपर से हेलिकॉप्टर निकला. मुझे लगा. बाबा ने बांस गहरे बोए होते तो ऊंचे उगते.

ऑफिस के ड्युअल फेस लोगों के साथ कैसे मैनेज करें?

पर ध्यान रहे. आप इस केस को कैसे हैंडल कर रहे हैं, ये दफ्तर में किसी को पता न चले.

ललिता ने पूछा सौरभ से सवाल. मगर अधूरा. अब क्या करें

कुछ तो करना ही होगा गुरु. अधूरा भी तो एक तरह से पूरा है. जानो माजरा भीतर.

ऐसा क्या करें कि हम भी जेएनयू के कन्हैया लाल की तरह फेमस हो जाएं?

कोई भी जो किसी की तरह बना, कभी फेमस नहीं हो पाया. फेमस वही हुआ, जो अपनी तरह बना. सचिन गावस्कर नहीं बने. विराट सचिन नहीं बने. मोदी अटल नहीं बने और केजरीवाल अन्ना नहीं बने.

तुम लोग मुझे मुल्ले लगते हो या अव्वल दर्जे के वामपंथी जो इंडिया को इस्लामिक मुल्क बनाना चाहते हो

हम क्या हैं. ये पूछा आपने. वही जो आप हैं. नाम देखिए आप अपना. मैक मोहन. बस एक नाम. सुंदर सा. प्यारा सा. मोहन की जगह मोहम्मद भी होता तो भी ये हर्फ यूं ही हरारत देते...

एक राइटर होने की शर्तें?

शर्तें तो रेंट एंग्रीमेंट में होती हैं. जिन्हें तीन बार पढ़ते हैं. या फिर किसी ऐप या सॉफ्टवेयर को डाउनलोड करने में, जिसकी शर्तों को सुरसुराता छोड़कर हम बस आई एग्री वाले खांचे पर क्लिक मार देते हैं.

मुझे कानूनी कार्रवाई करनी है. क्या करूं.

करने को तो बहुत कुछ है. हाथ हैं. बहुत लंबे. आपके नहीं. कानून के. बाकी क्लिक करो. सब पता चल जाएगा.

23 औरतों के बलात्कार की वो चीखें, जो भारत को कभी सोने नहीं देंगी..

छह मर चुकी हैं, 17 न्याय का इंतजार कर रही हैं. उन्होंने बताई है अपनी कहानी, पढ़कर हम तहस नहस हो जाते हैं.

जयललिता की ताकत, रुतबे और इंतकाम की कहानी कहते हैं ये 25 फोटो

बर्थडे पर याद कर रहे हैं इस बेहद पावरफुल नेता को.

भारत में ये मुसलमान मूर्ति बनाकर एक देवी की पूजा करते हैं

सुंदरबन की रानी बॉनबीबी बाघ और इंसान के बीच आखरी दीवार हैं.

मार्क जकरबर्ग का फेसबुक मैनिफेस्टो भारत की पत्रकारिता को बदल देगा

मार्क जकरबर्ग ने जारी किया मैनिफेस्टो जो हर चीज के बारे में बात करता है.

गंभीर साहित्य पढ़ने वालों, क्या लुगदी साहित्य लिखने में मेहनत नहीं लगती?

हिंदी साहित्य के कितने ही लेखक ऐसे हैं जो आपके पास से गुजर जाए तो भी आपको पता न चले.

कभी दूसरों की टट्टी साफ़ कर के देखिए, ऐसा लगता है

'हर दलित सफाई कर्मचारी नहीं है. लेकिन हर सफाई कर्मचारी दलित है.'

तो थर्ड जेंडर वाले पेशाब करने कहां जाएं?

जो भीड़ औरत को नंगा कर परेड कराने में नहीं झिझकती, उसे हिजड़ों से कितना डर लगता है.

हेल्थ मिनिस्ट्री वालों, मां-बाप को भी सेक्स एजुकेशन की सख्त जरूरत है

सुना है अब बच्चों को सेक्स, हस्तमैथुन और समलैंगिकता के बारे में बताया जाएगा.

चीटिंग रोकने के लिए लड़कों के प्राइवेट पार्ट छुएंगे?

नियम सख्त होने चाहिए, अमानवीय नहीं.