Submit your post

Subscribe

Follow Us

मिस्टर बीन को किस्मत ने धक्का देकर बॉन्ड बना दिया

 

अगर तुम कहो कि मिस्टर बीन को नहीं जानते, तो अपने लिए सज़ा चुन लो. अगर मैं कहूं कि नहीं जानता. तो मुझे बीच चौराहे पर…मूंगफली खिला देना. हरी चटनी के साथ. हमेशा मार काट ही सज़ा नहीं होती यार. कभी कुछ पाजिटिव भी सोचना चाहिए. तो मिस्टर बीन बनने वाले रोवन ऐटकिंसन का आज हैप्पी बड्डे है. ‘योर चाइल्डहुड वॉज़ ऑसम’ वाला कोट सिर्फ उनके साथ जाता है जिन्होंने मिस्टर बीन देखा है.

सब बीन की ही बांसुरी बजा रहे होंगे आज इसलिए हम बात ही नहीं करेंगे उस मुद्दे पर. हम बतियाएंगे जॉनी इंग्लिश के बारे में. सीक्रेट बात बता रहे हैं कान इधर लाओ. रोवन जेम्स बॉन्ड के बहुब्बड़े फैन हैं. जब उनको इस फिल्म का ऑफर मिला तो फूल के कुप्पा हो गए. फिर जेम्स बॉन्ड के रोल की छीछालेदर जैसे पीटी वो इतिहास है.

जेम्स बॉन्ड के उलट जॉनी इंग्लिश का किरदार कॉमिक है. फिल्मों में इसे राग दरबारी किताब की तरह रख सकते हैं. जैसे इस किताब का हर वाक्य अपने आप में एक पंच है. वैसे ही जॉनी इंग्लिश फिल्म का हर सीन एपिक है. वो 2003 में आई थी. दूसरा पार्ट आया 2011 में. दोनों के सबसे खास मजेदार सीन दिखाते हैं.

1.

ये वाला पहली फिल्म से है. क्योंकि शुरुआत देखनी बहुत जरूरी है.  दफ्तर का पहला दिन. फुल्ल एटीट्यूड में जासूस की एंट्री. फेंका ओवर कोट खिड़की से नीचे. बॉस की सेक्रेट्री ज्ञान देने की नाकाम कोशिश करती है जॉनी जासूस को. पेपर साइन करने के लिए जो पेन दिया वो तीन रुपए वाला यूज एंड थ्रो था. तो जासूस ने उसको बिना यूज किए ही थ्रो कर दिया. जो नया हाईटेक पेन उठाया उसमें स्याही की जगह कुछ ऐसा था कि मामला बिगाड़ गया. फिर देखो क्या हुआ.

2.

जॉनी इंग्लिश की ताकत भी जेम्स बॉन्ड की तरह उसके गैजेट्स ही हैं. धांसू सी गाड़ी. जो आवाज सुनकर चल देती है. मारक घड़ी और कैमरा. लेकिन सबसे खास हैं इनकी बंदूकें. जो हमेशा सही निशाने पर मार करती हैं. न मानो तो देख लो.

3.

2011 में जब जॉनी ड्यूटी पर लौटा तो फुल तैयारी के साथ. दूर देश में एकदम भंकस ट्रेनिंग हुई थी. इसके विलेन को तोड़ने में ये ट्रेनिंग बड़ी काम आई. वो लास्ट सीन में दिखता है. लेकिन पहले सीन में दिखती है धुंआधार ट्रेनिंग.

4.

MI की मैडम पामेला से पहली मुलाकात. पामेला को अपनी नौकरी की तरह ही प्यारी है उनकी बिलरिया.  बिल्ली खिड़की पर बैठी धूप ले रही थी. मौज में आकर जॉनी भैया उसको गिरा दिए. फिर देखो.

5.

खिलौने के शौकीन जॉनी भैया. लेकिन कंट्रोल जल्दी लूज कर देते हैं. मतलब वहां गैजेट्स की खदान में ये नहीं कि हाथ पांव बचाकर निकलें. हर जगह उलझते कूदते गलती से मिस्टेक हो जाती है. लेकिन वन्स अगेन. मिस्टेक शब्द डिक्सनरी में नहीं है.

6.

मिशन पर रवाना होने का वक्त आया. जासूस आदमी को हर किस्म का इल्म हासिल रहता है यार. वो भैंस की सवारी से लेकर फाइटर प्लेन तक उड़ा सकता है. ये तो सिर्फ हेलीकाप्टर था. बस थोड़ी दिक्कत ये थी कि कौन सा बटन किस काम आता है, ये नहीं पता था.

7.

जेम्स बॉन्ड जैसा फील तब तक नहीं आता जब तक वैसा एक्शन न हो. खाली गोली बारूद थोड़े मजा देते हैं. जॉनी इंग्लिश की ट्रेनिंग कैसे काम आती है, इस सीन में देखो.

8.

आज कुर्सी का दंगल देख ही रहे होगे. अपने देश में इलेक्शन का माहौल चल रहा है. सबकी नजर सिर्फ कुर्सी पर है. सोचो कुर्सी ऐसी हाईटेक होती तब तो मार मच जाती. है कि नहीं?


ये भी पढ़ें:

खाली समय में ट्रक चलाते हैं अपने ‘मिस्टर बीन’!

 

लगातार लल्लनटॉप खबरों की सप्लाई के लिए फेसबुक पर लाइक करें

पोस्टमॉर्टम हाउस

फिल्म रिव्यू: अनारकली ऑफ़ आरा

'रंडी हो, रंडी से कम हो या फिर बीवी हो, हाथ पूछकर लगाना.'

डेडपूल-2 का ये नंगा सीन अब सब देखेंगे, पहलाज निहलानी खुद दिखा रहे हैं

सुपर-हीरो के निर्वस्त्र ढुंगे के बचाव में कितनी प्यारी बातें की हैं उन्होंने.

गद्दी हथियाने का ये खूनी किस्सा आपको किसी की याद दिलाएगा

फिल्म डायरेक्टर सुधीर मिश्रा ने इंडिया टुडे कॉन्क्लेव के लिए 12 मिनट की एक शॉर्ट फिल्म 'लाइफ सपोर्ट' बनाई है.

फ़िल्म रिव्यू : ट्रैप्ड

अपने ही कमरे में 25 दिन के लिए कैद लड़के की कहानी.

होली के बाद ऐसे रंगे रहते हैं, हमारे शहर के अखबार

देश जब जेएनयू मुद्दे पर गर्म होता है, तो वहां खबर छपती है, 'जमीनी विवाद में भतीजे ने चाचा का सिर फोड़ा.

आज़ादी पर एक नई फिल्मः जिस-जिस को क्रांति करनी है, देख लो

चे गुवेरा की टीशर्ट पहनकर मैक-डी जाने वालों के लिए.

मूवी रिव्यू: लोगन एक्स-मेन सीरीज की सबसे महान फिल्म है

ये फिल्म अंतरी बुखार की तरह आपको कंपकंपाएगी, हफ़्तों तक पीछा नहीं छोड़ेगी.

35 साल बाद सुभाष नागरे ने पिस्तौल उठाई है, रामू बैक इन फॉर्म

सरकार-3 का नया ट्रेलर आ गया है.

बजरंगबली घुस गए मस्ज़िद में, झुका दिया सर

वायरल वीडियो.

फ़िल्म रिव्यू: रंगून

विशाल भारद्वाज की नई फ़िल्म.

वायरल केंद्र

धोनी के ये वीडियो वायरल किये जायें जिसे दुनिया का हर क्रिकेटर देखे

फैलाया जा रहा है कि धोनी ने चीटिंग की थी.

मां बाप सुलाकर चले जाते हैं, तब ये नन्हे शैतान जागते हैं

बच्चों के कमरे का CCTV फुटेज वायरल हो रहा है.

कोहली और धोनी को बेईमान ठहराने के लिए ये वीडियो वायरल हो रहे हैं

कोहली ने ऑस्ट्रेलिया की चीटिंग को सभी के सामने लाकर रख दिया था.

वो ख़ूनी लकीर जो भारत-पाकिस्तान को आज तक दहलाती है

इंडिया टुडे कॉन्क्लेव के लिए राम माधवानी ने बनाई है शॉर्ट फिल्म 'This Bloody Line'.

लो, किसी फेसबुकिये ने 'मिस्टर बीन' को फिर मार दिया

हट तेरा भला हो इंटरनेट. एक बार पहले भी मार चुके हैं.

संस्कृत के शब्द के बूते अमेरिका में जीती ये लड़की

प्रतियोगिता अमेरिका के ओकलाहोमा में हो रही थी.

एक बाघ को इंसानों ने जेसीबी के नीचे दबाकर मार डाला

ऐसे ही चलता रहा तो आने वाली पीढ़ी बस इनका नाम और फोटो ही देख पाएगी.

सीएम बनने के बाद योगी आदित्यनाथ को पहली ही बात में ये नहीं कहना था

लगता है इस बार यूपी बोर्ड में हिंदी का प्रश्नपत्र बहुत टफ आने वाला है.

मनोज तिवारी ने उस महिला से तब उतनी बेहूदा बात नहीं कही थी जितनी अब कही है

कुछ लोग अपने कहे पर शर्मसार होते हैं. कुछ मनोज तिवारी होते हैं.